
लगभग 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण
उप्रससे अजय बरया
ललितपुर- जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देश के क्रम में स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता प्रशिक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से बचाव एवं राहत कार्य करने के लिए प्रशिक्षित करना तथा विद्यालयों को आपदा के प्रति सुरक्षित एवं तैयार बनाना रहा।
इसी क्रम में सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में एवं सरस्वती मंदिर महाविद्यालय में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में लगभग 600 छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ ने प्रतिभाग किया।
प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को भूकंप, आगजनी सहित विभिन्न प्रकार की आपदाओं के समय क्या करें और क्या न करें, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक बचाव एवं आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही दामिनी एवं सचेत ऐप के उपयोग तथा विभिन्न माध्यमों से मौसम एवं आपदा संबंधी चेतावनियों की जानकारी प्राप्त करने के बारे में भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति को प्रशिक्षित करते हुए विद्यालय आपदा प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने, आपदा की स्थिति में जिम्मेदारियां निर्धारित करने तथा छात्र-छात्राओं की विशेष टीम गठित कर उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। फायर सेफ्टी एवं अन्य आपदा सुरक्षा उपायों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को सीपीआर (CPR) की उपयोगिता एवं आपात स्थिति में इसके सही तरीके से प्रयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई, ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में प्राथमिक सहायता प्रदान की जा सके।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आपदा विशेषज्ञ श्रीमती आरती सिंह ने आपदा प्रबंधन एवं विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। साथ ही तहसील में समस्त लेखपाल को राहत पोर्टल तथा ग्राम आपदा प्रबंधन समिति ग्राम आपदा प्रबंधन कार्य योजना आपदा प्रबंधन कार्य योजना बनाए जाने हेतु जानकारी दी गई जिसमें तहसील से श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव तहसीलदार मडावरा सहित संबंधित तहसील का समस्त स्टाफ/लेखपाल कार्यक्रम में उपस्थित रहा।
अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय सही जानकारी, पूर्व तैयारी और प्रशिक्षित टीम के माध्यम से जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में नियमित रूप से आपदा प्रबंधन संबंधी प्रशिक्षण एवं मॉक ड्रिल कराए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

