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एटा में बंदर के हमले से छत से गिरे युवक की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत

August 22, 2026

एटा में बंदर के हमले से छत से गिरे युवक की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत

एटा 22 अगस्त उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मरथरा में आज शनिवार को सुबह 8 बजे एक व्यक्ति की छत से गिरकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बंदर के झपटने के बाद व्यक्ति छत से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई।

कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मरथरा गांव में हबीब (40) पुत्र शौकत अली अपनी छत पर सो रहे थे। सुबह अचानक एक बंदर ने उन पर झपट्टा मारा, जिससे बचने की कोशिश में वह छत से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल हबीब को परिजन तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गए।

परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में उन्हें तत्काल इलाज नहीं मिला और डॉक्टर भी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उनकी जान चली गई।

भतीजे राहुल खां ने बताया कि उनके चाचा जब अस्पताल लाए गए थे, तब वह बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक कोई इलाज नहीं मिला। डॉक्टरों से इलाज के लिए कहा, लेकिन वे आपस में बातचीत करते रहे और कहा कि बड़े डॉक्टर साहब आकर देखेंगे। एक से डेढ़ घंटे इंतजार के बाद हबीब की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टर उन्हें आईसीयू ले जाने लगे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। इस मामले पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चीनी की किल्लत की अफवाहों पर न दें ध्यान, जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध: डीएम

Posted on 22/08/2026
Time 12:30 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

डीएम दीपक मीणा ने कहा, जरूरत के मुताबिक खुले बाजार से खरीदें चीनी

जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई, थोक व्यापारियों को स्टॉक ऑनलाइन घोषित करने के निर्देश

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । जिले में चीनी की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने आमजन से ध्यान न देने की अपील की है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

डीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खुले बाजार से चीनी खरीदें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों के आधार पर अधिक मात्रा में खरीदारी और भंडारण करने से बचें। उन्होंने कहा कि चीनी की उपलब्धता और बाजार में आपूर्ति की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

जिला प्रशासन ने जनपद के सभी थोक चीनी व्यापारियों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के फूड स्टॉक पोर्टल पर अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की स्थिति तत्काल घोषित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही व्यापारियों से कहा गया है कि वे स्टॉक संबंधी जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि बाजार में उपलब्ध चीनी की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके।

प्रशासन की ओर से थोक व्यापारियों के चीनी स्टॉक की आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत स्टॉक रखने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अधिकृत माध्यमों से जरूर करें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाहों के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई बस्ती में अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण से रास्ता ठप, कैंसर मरीज को अस्पताल ले जाने में हो रही भारी किल्लत

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी।शहर के कोतवाली सदर अंतर्गत नई बस्ती मोहल्ले में दबंगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण और मानक विहीन अवैध निर्माण के कारण स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले की मुख्य गली पर अवैध रूप से दुकानें बढ़ाने, कपड़े की गाठें और गाड़ियां खड़ी करने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से एक गंभीर रूप से बीमार कैंसर पीड़ित मरीज को इलाज के लिए समय पर अस्पताल ले जाने में परिजनों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के आदेश भी बेअसर, नहीं हुई कोई कार्रवाई

पीड़ित दीपक ग्रोवर पुत्र गुलशन कुमार (निवासी मकान संख्या 679, नई बस्ती, लखीमपुर) ने जिला प्रशासन को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर 4 नवंबर 2025 को उपजिलाधिकारी सदर और उसके बाद 11 मार्च 2026 को जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में अधीनस्थों को उचित कार्रवाई के लिए आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।

कैंसर और दिल के मरीज को चार पहिया वाहन से ले जाना नामुमकिन

पीड़ित दीपक ग्रोवर ने बताया कि उनके छोटे भाई के मुंह में कैंसर है, जिसका इलाज कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ से चल रहा है। इसके साथ ही पीड़ित को स्वयं पीलिया है और उनके पिता भी हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित हैं। बीमारी की इस गंभीर स्थिति में मरीजों को समय-समय पर लखनऊ ले जाना पड़ता है। गली में विपक्षी दानिश एण्ड सन्स, समीउल्ला शफीउल्ला एण्ड सन्स, एम०डी० होजरी शाने आलम, शान्ती होजरी और आरिफ बेग आदि द्वारा किए गए अवैध कब्जे के कारण कोई भी चार पहिया वाहन गली के अंदर नहीं आ पाता है। मरीज को पैदल या बेहद मुश्किल से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे उसकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। जब भी इस अतिक्रमण को हटाने का अनुरोध किया जाता है, तो विपक्षी फौजदारी और विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं।

आग लगने पर मचेगी बड़ी तबाही, फायर ब्रिगेड आने का रास्ता नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से कपड़ों के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये का कपड़ा और होजरी का सामान यहां दुकानों में रखा रहता है। गली इतनी संकरी कर दी गई है कि यदि कभी कोई आकस्मिक आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ी का अंदर आना पूरी तरह असंभव है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी या जान-माल की भारी तबाही हो सकती है।पीड़ित परिवार और मोहल्ले वासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से जनहित में इस गली को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर गुहार लगाई है।

एटा में स्कूल से लौट रही 5 वर्षीय छात्रा की स्कूल बस से कुचलकर मौत, बस चालक फरार

एटा 22 अगस्त उप्रससे। जनपद के अवागढ़ थाना क्षेत्र में आज शनिवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल बस की चपेट में आने से पांच वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब बच्ची स्कूल से पढ़कर घर के पास बस से उतर रही थी। बस से उतरते समय वह अचानक पहिए की चपेट में आ गई और टायर के नीचे दब गई। मासूम का खून से लथपथ शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस बस को कब्जे में लेकर मामले का जांच शुरू कर दी है।

नगला गलुआ निवासी विवेक मजदूर हैं। पत्नी रूबी गृहणी है। विवेक के तीन बच्चे पिटू (9) जो दिव्यांग है। दूसरे नंबर पर 5 साल की बेटी डिंपल और तीन महीने की छोटी बेटी है। डिम्पल निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती थी। आज शनिवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल छुट्टी होने पर वह बस से घर लौट रही थी। घर के पास पहुंचने पर वह बस से उतरी और घर की ओर जाने लगी। इसी दौरान बस चालक ने बस आगे बढाई। बस के सामने से गुजर रही डिंपल बस के चपेट में आ गई। बस का पहिया उसके उपर चढ़ गया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते करीब 60-70 ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

घटना की सूचना मिलते ही चौकी वसुंधरा प्रभारी शिवा जादौन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस भेज दिया। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बस को कब्जे में ले लिया गया है और चालक मौके से फरार है। हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अवागढ़ थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फरार चालक की तालश की जा रही है।

बलिया में गंगा नदी ने मचाई तभी शहर का निचला हिस्से घुसा बाढ़ के पानी, बाढ़ पीढ़ियों की बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 22/08/2026
बलिया  ।  गंगा नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया गंगा नदी खतरा बिंदु को 57.61 से बढ़कर 58.75 तक पहुंच गई है गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद शहर के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी आने से लोगो के घरों में घुस गया है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसाने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ है बाढ़ पीड़ित अपने सामन को घरों के उपर सायकिल, और घर का पूरा सामान (छत) पर रखकर किसी तरह से समय काट रहे है यहां आने जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी आने से बाढ़ पीड़ित और मासूम बच्चे बाढ़ के पानी से होकर जाने को मजबूर है।यहां किसी तरह का जिला प्रशासन के द्वारा कोई सुविधा नहीं दी गई है जिसके चलते बाढ़ पीड़ित अपने सामानों को सुरक्षित जगह पहुंचा सकें।यहां पर कोई नाव की व्यवस्था तक नही है वही लोगों ने क्या कुछ कहा आइए सुनाते है।

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