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Firozabad आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक से टकराई बस, दो की मौत, 20 से अधिक घायल

June 26, 2026

Firozabad आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ट्रक से टकराई बस, दो की मौत, 20 से अधिक घायल

UP News , Firozabad Posted on 26.06.2026 Friday Time 06.22 PM
फिरोजाबाद, 26 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर थाना नगला खंगर क्षेत्र अन्तर्गत शुक्रवार को गोरखपुर से चंडीगढ़ जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस में सवार दो लोगों की मौत हो गई। जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
हादसा आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर नगला खंगर थाना क्षेत्र की सीमा में किलोमीटर संख्या 63 के समीप हुआ। यहां एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। ट्रक लोहे की रॉड लेकर कानपुर से जयपुर जा रहा था। बस में लगभग 55 सवारियां थी। हादसा होते ही सवारियों में चीख पुकार मच गई। गाड़ी में सवार यात्रियों ने घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस के साथ यूपीडा की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस व यूपीडा की टीम ने तत्काल बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। जिनमें करीब 20 से ज्यादा यात्री घायल थे। पुलिस ने तत्काल घायल यात्रियों को इलाज के लिए शिकोहाबाद के संयुक्त अस्पताल और कुछ गंभीर घायलों को सैफई मेडिकल कॉलेज भिजवाया। सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान चालक सहित दो लोगों की मौत हो गय। बस गोरखपुर से चंडीगढ़ जा रही थी। मृतकों की पहचान पंजाब निवासी बस चालक गुरी और दलजीत के रूप में हुई है। हादसे का कारण चालक को नींद की झपकी आना और ओवर स्पीड माना जा रहा है। हालांकि पुलिस घटना की जांच के साथ ही मृतकों व घायलों की पहचान कर रही है।
सीओ सिरसागंज चंचल त्यागी ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर एक स्लीपर बस सामने चल रहे ट्रक से टकरा गई है। हादसे में बस चालक सहित 2 लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

ग्राम पंचायतों के अधिकार का प्रश्न: ब्रजवीर दहिया

प्रिय प्रधान साथियों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं समस्त पंचायत प्रतिनिधियों,
आज मैं आप सबसे किसी राजनीतिक दल, जाति या व्यक्तिगत स्वार्थ के आधार पर नहीं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र को बचाने की अपील करने आया हूँ।
हम सभी की अपनी-अपनी राजनीतिक विचारधाराएं हो सकती हैं। हम अलग-अलग दलों में आस्था रख सकते हैं। लेकिन सबसे पहले हम गांव के निवासी हैं, किसान हैं, और पंचायत प्रतिनिधि हैं। हमारी पहली जिम्मेदारी गांव, पंचायत और लोकतंत्र के प्रति है।
ऑल इंडिया पंचायती राज संगठन लंबे समय से समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग करता रहा है। हमें आशंका थी कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रधानों को प्रशासक तो बना दिया जाएगा, लेकिन पंचायतों की वास्तविक शक्तियों को सीमित कर दिया जाएगा। दुर्भाग्य से आज वही होता दिखाई दे रहा है।
यदि गांव के चुने हुए प्रतिनिधियों को अधिकार नहीं मिलेंगे, यदि निर्णय लेने की शक्ति प्रशासन के हाथों में केंद्रित होती जाएगी, तो यह केवल प्रधानों का नहीं, बल्कि ग्रामीण लोकतंत्र और संविधान की भावना का भी प्रश्न है। 73वें संविधान संशोधन का उद्देश्य सत्ता का विकेंद्रीकरण था, न कि उसका केंद्रीकरण।
आज लोकतंत्र को आपकी आवश्यकता है। आज गांवों की आवाज को एकजुट होकर उठाने की आवश्यकता है।
आइए, हम सब राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर पंचायतों के अधिकारों, ग्रामीण लोकतंत्र की मजबूती और समय पर पंचायत चुनाव की मांग के लिए एकजुट हों।
लोकतंत्र बचाइए — पंचायत बचाइए।
यदि अधिकार नहीं, तो चुनाव कराइए।
— ब्रजवीर दहिया
राष्ट्रीय अध्यक्ष
ऑल इंडिया पंचायती राज संगठन

सीबीआई ने 30 हजार की रिश्वत लेते पीएनबी मैनेजर किया रंगे हाथ गिरफ्तार

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Posted on 26.06.2026 Time 06.01 PM

आगरा, 26 जून 2026, आगरा के थाना पिनाहट क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की भदरौली शाखा में शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक प्रवीण यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार शाखा प्रबंधक पर 19 लोन फाइलों को मंजूरी देने के एवज में ₹52 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप है।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने पहली किस्त के रूप में ₹30 हजार दिए। जैसे ही प्रवीण यादव ने राशि स्वीकार की, पहले से मौजूद सीबीआई टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारियों ने बैंक परिसर में कई घंटे तक जांच की। इस दौरान लोन से संबंधित फाइलों, बैंक अभिलेखों और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच टीम ने कई अहम रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए और बैंक प्रबंधन से भी आवश्यक जानकारी जुटाई।

सूत्रों के अनुसार, भदरौली शाखा में सोलर पैनल योजना से जुड़े ऋणों में कथित गड़बड़ी, हेराफेरी और लाखों रुपये के वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत भी सीबीआई को मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर गाजियाबाद से सीबीआई की एंटी करप्शन टीम बैंक पहुंची थी। जांच के दौरान बैंक के एक असिस्टेंट मैनेजर से भी कई घंटे तक पूछताछ की गई।

—-बैंक में मचा हड़कंप, पुलिस रही तैनात

सीबीआई की कार्रवाई के दौरान बैंक परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस भी मौके पर तैनात रही। बैंक के भीतर सीबीआई की अलग-अलग टीमें जांच में जुटी रहीं और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ करती रहीं। फिलहाल सीबीआई मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के आधार पर यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितताओं में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं।

Ayodhya: मंदिर ट्रस्ट से चंपतराय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की सूचना, आधिकारिक पुष्टि नहीं

Champatrai General Secretary Shri Ram Janmbhumi Teerth Kshetra Trust

Ayodhya Mandir Breaking News

Posted on 26.06.2026 Time 02.20 PM

अयोध्या, 26 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य ट्रस्ट डा अनिल मिश्रा के त्यागपत्र की सूचना है, लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों ने सूचना दी है कि दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को त्यागपत्र सौंप दिया है। मगर वहां से त्यागपत्र की की पुष्टि नहीं हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद के शीर्ष पदाधिकारियों की गत दिवस कारसेवक पुरम में हुई बैठक में त्यागपत्र पर चर्चा हुई। लेकिन प्रेस को कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद से ही त्यागपत्र की चर्चा शुरू हो गई। कल ही 8 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

 

चढ़ावा चोरी पर एफआईआर 

Editorial

Editorial 26.06.2026 By Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर बने भव्य दिव्य मंदिर से चढ़ावा चोरी की घटना अत्यंत कष्टकारी और स्तब्ध करने वाली है। ये बात कल्पना से भी बाहर है कि कोई सनातन समाज का व्यक्ति ही सपने आराध्य को अर्पित श्रद्धालुओं के अर्पण को चुरा लेगा। लेकिन ऐसा हुआ, ये दुर्भाग्यपूर्ण और समस्त हिन्दू समाज को लज्जित करने वाला है। मामले में गुरुवार (25 जून) को एफआईआर दर्ज हो गई है। सभी 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अयोध्या कोतवाली में दर्ज एफआईआर में चोरी, संगठित अपराध, धोखाधड़ी की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। मामले की जांच विशेष जांच दल ने की थी। इसकी अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की। एसआईटी का गठन 13 जून को हुआ और 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत हो गई। एसआईटी का गठन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर प्रदेश सरकार ने किया था।

यह प्रकरण 7 जून को चर्चा में आया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे से 7 करोड़ की चोरी हुई है। हालांकि मंदिर ट्रस्ट को पहले ही गड़बड़ का शक हो गया था और आंतरिक जांच की शुरुआत कर दी गई थी। यह बात ही अखिलेश यादव तक पहुंची और उन्होंने इसमें धनराशि का उल्लेख अपनी तरफ से कर दिया। उन्हें एक मौका मिल गया कि वे संघ, विहिप और राममंदिर आंदोलन को बदनाम कर सके तथा 2027 के चुनाव में इस मुद्दे को भुना सकें। वे बार बार प्रभुश्रीराम के दान चोरी की बात कर रहे है अब भगवान श्रीराम में उनकी अगाध श्रद्धा उमड़ रही है, लेकिन मंदिर बनने से लेकर आजतक प्रभु के दर्शन को नहीं गए। खैर वे राजनीतिज्ञ है और राजनीतिक नफा नुकसान की दृष्टि से ही मुद्दों को देखेंगे।

अब मामला एफआईआर तक पहुंच गया है। एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट भी शीघ्र आ जाएगी। लेकिन मुख्य प्रश्न ये है कि मंदिर की व्यवस्था में फिर कोई सेंधमारी न हो, ये प्रबंध कैसे हों। इसका एक उपाय तो श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी) ने बताया है। उनका सुझाव है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंध की व्यवस्था के लिए किसी अधिकारी को विशेष कार्याधिकारी या मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया जाय। दूसरा सुझाव विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार ने दिया है। उनका कहना है कि मंदिर का प्रबंध केवल आस्था से नहीं हो सकता। इसके लिए एक विस्तृत एस ओ पी की जरूरत है। एक विशेष मानक संचालन प्रणाली बनानी होगी। इसके लिए अनुभवी लोगों का सहयोग लेना होगा। इन दोनों सुझावों पर निर्णय अंतिम रूप से ट्रस्ट की कार्यकारिणी को लेना है। हिंदू समाज की चिंता सब ये है कि कोई भी उपाय किया जाए। कोई भी व्यवस्था हो, वह त्रुटिरहित और आस्था को संरक्षण देनी वाली हो। फिर कोई ऐसा समाचार नहीं मिले जो श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचा सके। इसी से जुड़ा प्रश्न विश्व हिंदू परिषद और मंदिर आंदोलन की साख को बचाने का भी है। पांच सौ साल के संघर्ष का तेज और 40 साल के आंदोलन की प्रतिष्ठा भी बची रहनी चाहिए। अगर ये धूमिल हुई तो शेष दो धर्म स्थल काशी और मथुरा की आकांक्षा प्रभावित हो सकती है।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

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