Web News

www.upwebnews.com

प्रधानमंत्री की जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान एवियन में जर्मनी गणराज्य के चांसलर से मुलाकात

June 18, 2026

प्रधानमंत्री की जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान एवियन में जर्मनी गणराज्य के चांसलर से मुलाकात

Posted Date:- Jun 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान जर्मनी गणराज्य के चांसलर श्री फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात की। इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात है।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सम्‍बंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में आई नई गति पर संतोष व्यक्त किया। साझेदारी में यह गति चांसलर की भारत यात्रा की सफलता और इस वर्ष की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के सफल समापन से और भी सुदृढ़ हुई है। 2026 में भारत और जर्मनी राजनयिक सम्‍बंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रतिरक्षा तथा सुरक्षा, हरित और सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा तथा गतिशीलता सहित विभिन्न सेक्‍टरों में सहयोग को और सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पारगमन वीजा छूट के प्रचालनगत होने का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते का भी स्वागत किया।

चांसलर श्री मर्ज़ ने प्रधानमंत्री को इस वर्ष के अंत में जर्मनी में निर्धारित 8वीं भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श बैठक (आईजीसी) में आमंत्रित किया है।

प्रधानमंत्री ने जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति से मुलाकात की

Posted Date:- Jun 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। वर्ष 2026 में दोनों नेताओं के बीच यह तीसरी मुलाकात थी, जो भारत-यूएई की मजबूत और जीवंत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।

दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई 2026 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति तथा सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए संवाद, कूटनीति तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के महत्व को रेखांकित किया। दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट से निरंतर निर्बाध, सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार जारी रखने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को इस वर्ष के अंत में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री की यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री के साथ बैठक

Posted Date:- Jun 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री महामहिम सर कीर स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक की

दोनों नेताओं ने पिछले वर्ष हुई पारस्परिक यात्राओं के बाद से भारत-यूके संबंधों में आई मजबूत गति की समीक्षा की और ‘विजन 2035’ के सभी प्रमुख स्तंभों—व्यापार एवं आर्थिक विकास, रक्षा एवं सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई एवं ग्रीन एनर्जी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा शिक्षा एवं लोगों के आपसी संबंधों—में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के शीघ्र लागू होने की आशा व्यक्त की। उन्होंने मजबूत शिक्षा साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया और बेंगलुरु में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा अपना कैंपस स्थापित करने तथा मुंबई में यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल के कैंपस खोलने के लिए हाल ही में हुई प्रगति का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस वर्ष की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में यूके की सशक्त भागीदारी के लिए प्रधानमंत्री स्टार्मर का आभार व्यक्त किया और प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के तहत हुई निरंतर प्रगति का स्वागत किया, जिसमें इंडिया-यूके क्रिटिकल मिनरल्स ग्लोबल सप्लाई चेन ऑब्जर्वेटरी का हालिया शुभारंभ भी शामिल है।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।

G 7 के सत्र को पीएम मोदी ने संबोधित किया

प्रधानमंत्री ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में “नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करने” पर आयोजित सत्र को संबोधित किया

Posted Date:- Jun 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन में ‘नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना’ विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज की आपस में जुड़ी हुई दुनिया में, जहां ऊर्जा, भोजन, स्वास्थ्य, साइबर और आर्थिक सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हैं, मानवता की प्रगति और समृद्धि के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनाना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि अनिश्चितता से भरी इस दुनिया में, व्यापार और तकनीक का इस्तेमाल संकीर्ण हितों के लिए किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसे की कमी पैदा हो रही है। कोविड महामारी से मिले सबक का उल्लेख करते हुए, उन्होंने देशों से वैश्विक साझेदारियों में भरोसा और पारदर्शिता बढ़ाने पर ध्यान देने का आह्वान किया।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत के नजरिए के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा “मानवता सबसे पहले” के सिद्धांत का पालन किया है। यह सोच भारत की सभी कोशिशों के केंद्र में रही है, चाहे वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल बायो-फ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ या ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत काम करना हो। उन्होंने आगे कहा कि इसी समावेशी नजरिए की वजह से, चाहे वह श्रीलंका में चक्रवात हो, अफ़गानिस्तान में भूकंप, मोजाम्बिक में बाढ़ या जमैका में तूफान हो, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत सबसे पहले मदद के लिए आगे आया है।

भारत की समावेशी और टिकाऊ विकास यात्रा के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि “सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय” (सभी का कल्याण और खुशी) के मंत्र ने वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल पहचान, तकनीक के जरिए लोगों के सशक्तिकरण और महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने में सराहनीय परिणाम दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को ‘दाता-प्राप्तकर्ता’ (डोनर-रिसीपेंट) वाली सोच से आगे बढ़कर एकजुटता और समान हिस्सेदारी की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान न करना अंतरराष्ट्रीय एकजुटता बनाने में सबसे बड़ी बाधा है और इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करने की जरूरत है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों में बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की

Posted Date:- Jun 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-कनाडा संबंधों में आई सकारात्मक गति का स्वागत किया और मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सफल भारत यात्रा के बाद हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

एक भविष्योन्मुखी रणनीतिक साझेदारी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, दोनों नेताओं ने भारतीय और कनाडाई अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक-दूसरे के पूरक होने की बात पर जोर दिया और वैश्विक ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में लचीली तथा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की, जिसमें एलएनजी, एलपीजी और कोकिंग कोल से जुड़े व्यावसायिक समझौतों में हुए घटनाक्रम शामिल हैं।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय दौरों के आदान-प्रदान में जारी सकारात्मक गति का स्वागत किया। उन्होंने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की हालिया कनाडा यात्रा का उल्लेख किया और वर्ष 2026 में ही आगे चलकर कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री के नेतृत्व में भारत आने वाले कनाडाई व्यापार प्रतिनिधिमंडल की प्रतीक्षा है ।

दोनों पक्षों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते(सीईपीए) की दिशा में जारी वार्ता में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और वर्ष 2026 में इन वार्ताओं को सफलतापूर्वक संपन्न करने के अपने साझा उद्देश्य को पुन: दोहराया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों सरकारों के बीच संस्थागत स्तर पर बढ़ते सहयोग का स्वागत किया, जिसमें संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समिति और कांसुलर डायलॉग की हालिया बैठकें शामिल हैं। उन्होंने रक्षा, वित्त और प्रवासन के क्षेत्रों में आगामी वार्ताओं के प्रति भी उत्सुकता जताई।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए, दोनों प्रधानमंत्रियों ने ‘जनरल सिक्योरिटी ऑफ इंफॉर्मेशन एग्रीमेंट'(जीएसओआईए) पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई। उन्होंने रक्षा संस्थानों के बीच हाल के आदान-प्रदान का भी स्वागत किया, जिसमें भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज की कनाडा यात्रा भी शामिल है।

दोनों नेताओं ने ‘कनाडा-भारत प्रतिभा एवं नवाचार रणनीति’ (कनाडा-इंडिया टैलेंट एंड इनोवेशन स्ट्रेटजी) के अंतर्गत जारी सहयोग की उल्लेख किया, जिसमें दोनों देशों के संस्थानों के बीच कौशल विकास, नवाचार साझेदारी और शैक्षिक सहयोग को मजबूत करने की पहल शामिल है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन’ (आईओआरए) का संवाद भागीदार बनने के लिए कनाडा को भारत के समर्थन का आश्वासन दिया।

दोनों नेताओं ने बातचीत, आदान-प्रदान और सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए एक मंच के रूप में ‘रायसीना अमेरिकाज’ की स्थापना की घोषणा की।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2026 में कनाडा आने के निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री कार्नी को धन्यवाद दिया। दोनों पक्ष इस यात्रा के लिए आपसी सहमति से सुविधाजनक तारीख तय करने की दिशा में राजनयिक माध्यम से संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए।

« Newer PostsOlder Posts »