विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत’ विषय पर चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का लखनऊ में शुभारंभ
‘संवाद के बिना समाधान संभव नहीं’: राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने चिंतन शिविर की भूमिका पर दिया जोर
लखनऊ, 18 जुलाई 2026
युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत (MY Bharat) के माध्यम से लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत” विषय पर चिंतन शिविर का शुभारंभ किया। दो दिवसीय यह चिंतन शिविर अपनी श्रृंखला का चौथा आयोजन है, जिसमें विभाग, MY Bharat, MY Bharat राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), जिला युवा अधिकारी, क्षेत्रीय निदेशक एवं केंद्रीय क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य सशक्त एवं भविष्य के लिए तैयार युवा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना है, जिससे भारत की विकास यात्रा को गति मिल सके। संरचित चर्चाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान एवं सहयोगात्मक नीति निर्माण के माध्यम से यह शिविर जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ करने तथा युवा विकास के लिए एक कार्यान्वयन योग्य रोडमैप तैयार करने का प्रयास करता है।
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री गिरीश चंद्र यादव, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव श्री शिव रतन तथा MY Bharat एवं NSS के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य संबोधन में डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में चिंतन शिविर आयोजित करने का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे अधिकारियों के बीच संवाद, सहयोग एवं साझा सीख की संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा, “चिंतन का अर्थ विचारों का संग्रह है। हमने यह शिविर संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया है, क्योंकि संवाद के बिना स्पष्टता नहीं हो सकती और स्पष्टता के बिना प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।”
डॉ. मांडविया ने MY Bharat को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना बताते हुए कहा कि यह मंच ऐसे सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण के लिए स्थापित किया गया है, जो विकसित भारत @2047 के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री के समाज के प्रत्येक वर्ग से एक लाख युवा नेताओं को विकसित करने के विज़न का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि MY Bharat युवाओं को नेतृत्व, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने जिला युवा अधिकारियों एवं NSS पदाधिकारियों से कर्तव्य भाव एवं सेवा की भावना के साथ पंच प्रण के अनुरूप कार्य करने का आह्वान किया तथा स्वयं को युवा सशक्तिकरण का माध्यम मानने की अपील की। उन्होंने कहा, “अपने कार्य को केवल रोजगार न समझें। आपकी जिम्मेदारी देश के युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाना है। जब हम अधिकारी नहीं बल्कि सेवाप्रदाता बनकर कार्य करते हैं, तो परिणाम अधिक प्रभावी होते हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने जमीनी स्तर पर अधिक व्यापक पहुंच बनाने का आह्वान करते हुए अधिकारियों से 15 अगस्त तक चल रहे MY Bharat पंजीकरण अभियान को विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं स्थानीय समुदायों तक पहुंचाकर तेज़ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “MY Bharat को प्रत्येक युवा तक पहुंचाइए। प्रत्येक पात्र युवा को इस मंच से जोड़िए और अपने समर्पण एवं जमीनी सहभागिता के माध्यम से इस पंजीकरण अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दीजिए।”
डॉ. मांडविया ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) के विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि अब इसके राष्ट्रीय संस्करण के साथ-साथ राज्य स्तरीय संस्करण भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे विकसित भारत @2047 की यात्रा में अधिक संख्या में युवा नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
शिविर को संबोधित करते हुए श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि MY Bharat दो करोड़ से अधिक पंजीकरणों के साथ देश का सबसे बड़ा युवा मंच बन चुका है, जो राष्ट्र निर्माण के प्रति युवाओं की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर ने संवाद आधारित सुशासन को संस्थागत स्वरूप प्रदान किया है, जिससे विभिन्न राज्यों के अधिकारियों को अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा करने, क्रियान्वयन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा करने तथा व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “संवाद के बिना समाधान संभव नहीं है। सबसे अच्छे समाधान जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हमारे अधिकारियों के अनुभवों से निकलते हैं।”
राज्य मंत्री ने केंद्र एवं राज्यों के समन्वय से जमीनी स्तर पर युवाओं की सहभागिता को और सशक्त बनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसने युवा स्वयंसेवकों में राष्ट्रीय एकता एवं सेवा भावना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “यदि हम सभी एक ही दृष्टि के साथ कार्य करें, तो विकसित भारत के संकल्प को अवश्य पूरा करेंगे। मंत्रालय प्रत्येक अधिकारी को युवाओं से जुड़ी पहलों को अंतिम छोर तक पहुंचाने में निरंतर सहयोग देता रहेगा।”
सभा को संबोधित करते हुए श्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि चिंतन शिविर केवल एक प्रशासनिक अभ्यास नहीं, बल्कि युवाओं के माध्यम से राष्ट्र के भविष्य को आकार देने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने MY Bharat को नवाचार, राष्ट्रभक्ति एवं युवा नेतृत्व का आंदोलन बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, “जब युवा जागृत होते हैं, तो केवल योजनाएं और संस्थाएं ही नहीं बदलतीं, बल्कि पूरा राष्ट्र बदल जाता है।” उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत, विकासखंड एवं शैक्षणिक संस्थान को युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने का आह्वान किया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता एवं महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सफल जमीनी पहलों को अन्य राज्यों में भी अपनाने की अपील की।
अधिकारियों का स्वागत करते हुए डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने चौथे चिंतन शिविर को विभागीय विचार-विमर्श को अधिक परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि विभाग MY Bharat एवं NSS के बीच अभिसरण को सुदृढ़ कर रहा है, संस्थागत व्यवस्थाओं को बेहतर बना रहा है तथा केवल पंजीकरण तक सीमित न रहकर सार्थक युवा सहभागिता को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा, “केवल पंजीकरण हमारा लक्ष्य नहीं है। हमारा वास्तविक उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, अनुभवात्मक अधिगम एवं सार्थक युवा सहभागिता के लिए मजबूत मंच तैयार करना है।”
उद्घाटन सत्र के बाद चिंतन शिविर “संवाद से समाधान” विषय पर आधारित विचार-विमर्श के साथ आगे बढ़ा, जिसमें प्रतिभागियों ने युवा सहभागिता को सुदृढ़ करने, संस्थागत समन्वय को बेहतर बनाने तथा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर संरचित चर्चा की। तकनीकी सत्रों में MY Bharat पोर्टल, डिजिटल युवा ऑनबोर्डिंग एवं सहभागिता, MY Bharat–NSS निधि प्रवाह प्रणाली, अंतरविभागीय अभिसरण तथा वार्षिक कार्ययोजना 2026–27 पर प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही अधिकारियों ने अपने क्षेत्रीय अनुभव साझा किए और क्रियान्वयन योग्य समाधानों पर विचार-विमर्श किया। अनुभवात्मक अधिगम, स्वयंसेवक लामबंदी, युवा क्लबों एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन से संबंधित श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश द्वारा प्रस्तुत की गईं, जिससे प्रतिभागियों को सफल मॉडलों को समझने तथा उन्हें अन्य राज्यों में लागू करने का अवसर मिला।
प्रथम दिवस का समापन प्रमुख विचारों के संकलन एवं विषयवार कार्य समूहों के गठन के साथ हुआ, जो चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रस्तुत किए जाने वाले सुझावों को और परिष्कृत करेंगे। इन चर्चाओं ने सहयोगात्मक एवं परिणामोन्मुख सुशासन की संस्कृति को सुदृढ़ करने तथा “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत” के विज़न को साकार करने हेतु MY Bharat पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने की विभाग की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।
‘विकसित युवा से विकसित भारत’ के रोडमैप के साथ लखनऊ में चौथे एवं अंतिम चिंतन शिविर का समापन
लखनऊ, 19 जुलाई 2026 युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का चौथा क्षेत्रीय चिंतन शिविर आज लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संपन्न हुआ। इसके साथ ही “विकसित युवा बनाएगा विकसित भारत (Viksit Yuva for Viksit Bharat)” विषय पर आयोजित देशव्यापी क्षेत्रीय विचार-विमर्श श्रृंखला का समापन हुआ।
सत्र को संबोधित करते हुए युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रेरित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी युवा अधिकारियों की है। उन्होंने कहा, “आप जमीनी स्तर पर कार्य करते हैं, इसलिए चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझते हैं, सही प्रश्न पूछते हैं और व्यावहारिक समाधान खोजते हैं। यही प्रतिबद्धता प्रत्येक प्रस्तुति में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।”
उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर प्रस्तुतियों ने जमीनी स्तर पर उनकी प्रतिबद्धता और स्थानीय चुनौतियों की व्यावहारिक समझ को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा, “यह केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। युवाओं को अपने करियर के निर्माण के साथ-साथ देश को आगे बढ़ाने के बारे में भी सोचना चाहिए। वे भारत का भविष्य लिखेंगे और आप सभी के पास युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनने का अवसर है।”
राज्य मंत्री ने चिंतन शिविर के दौरान प्रस्तुत किए गए विचारों की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों के समर्पण और कठिन परिश्रम को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि MY Bharat, Experiential Learning Programme (ELP), Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से नीतिगत परिणाम अधिक बेहतर होते हैं।
युवा कार्यक्रम विभाग के संयुक्त सचिव श्री शिव रतन ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों की MY Bharat के साथ साझेदारी में बढ़ती रुचि इस मंच के युवा सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में उभरने का प्रमाण है। उन्होंने अधिकारियों से राज्य सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों तथा स्थानीय हितधारकों के साथ सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे विभाग की पहुँच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा, “हर राज्य की अपनी चुनौतियाँ होती हैं और प्रत्येक चुनौती के लिए राज्य-विशिष्ट समाधान आवश्यक है। हमारा ध्यान स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान विकसित करते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करने पर होना चाहिए, साथ ही विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप भी बने रहना चाहिए।”
अधिकारियों को संबोधित करते हुए MY Bharat की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने पूरे चिंतन शिविर के दौरान अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की तथा उन्हें युवा सहभागिता के लिए नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि MY Bharat की सफलता युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता के सार्थक अवसर प्रदान करने में निहित है, साथ ही विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का प्रभावी दस्तावेजीकरण एवं विस्तार सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
दूसरे दिन की शुरुआत Prime Minister Internship Scheme (PMIS) तथा Fit India पर तकनीकी सत्रों से हुई, जिनका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना था। समापन दिवस का प्रमुख आकर्षण विभाग के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर कार्य समूहों द्वारा तैयार विषयगत कार्ययोजनाओं और केस स्टडी का प्रस्तुतीकरण रहा। समूहों ने नशा मुक्त भारत, फिट इंडिया, जेंडर सेंसिटाइजेशन, युवा नेतृत्व एवं स्वयंसेवा, एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम्स, सामुदायिक जनसहभागिता तथा MY Bharat एवं MY Bharat NSS के संस्थागत सुदृढ़ीकरण पर अपनी अनुशंसाएँ प्रस्तुत कीं।
दो दिवसीय चिंतन शिविर का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि विभाग ने MY Bharat को युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त मंच के रूप में और अधिक मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके लिए जमीनी स्तर पर व्यापक पहुँच, संस्थागत समन्वय तथा सहयोगात्मक सुशासन को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। विचार-विमर्श में समुदाय के साथ गहन सहभागिता, व्यवहार परिवर्तन संचार, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय हितधारकों के साथ मजबूत साझेदारी, प्रौद्योगिकी आधारित कार्यक्रम क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय अधिकारियों की निरंतर क्षमता वृद्धि के महत्व को रेखांकित किया गया। अधिकारियों ने प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य-विशिष्ट रणनीतियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के नियमित आदान-प्रदान तथा मंत्रालय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच सतत संवाद की आवश्यकता पर भी बल दिया।
समापन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश को MY Bharat पंजीकरण की सर्वाधिक संख्या के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेश को अपनी युवा जनसंख्या के अनुपात में सर्वाधिक पंजीकरण प्रतिशत प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया, जो उत्कृष्ट जमीनी स्तर की जनसहभागिता और पहुँच को दर्शाता है। चिंतन शिविर से प्राप्त अनुशंसाएँ भविष्य में कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करेंगी तथा विकसित भारत @2047 की आधारशिला के रूप में विकसित युवा के निर्माण के प्रति युवा कार्यक्रम विभाग की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेंगी।
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Posted on 18.07.2026 Time 08.29 PM Saturday, Ahmedabad Blast
अहमदाबाद, 18 July 2026, वस्त्राल में स्थित एक पटाखा फैक्टरी में भीषण धमाके के बाद लगी आग से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं।
दुर्घटना पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने दुख व्यक्त किया है।
Posted on 18.07.2026 Time 07.46 PM Saturday, Ayodhya News, Shri Ram Mandir, Vishva Hindu Parishad VHP
त्रियुग नारायण तिवारी अयोध्या
अयोध्या 18 जुलाई 2026, राम विरोधियों की पोल खोलने के लिए विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमर कस ली है इसके लिए आगामी 23 जुलाई को मणिरामदास की छावनी के चार धाम मंदिर में एक विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है इस आयोजन की सफलता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अयोध्या के साधु संतों के हर मठ पर पहुंच रहे हैं और राम विरोधियों द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट , हिंदू और सनातनियों के खिलाफ किया जा रहे दुष्प्रचार के बाबत विस्तृत जानकारी दे रहे हैं तथा उन्हें संत सम्मेलन में आने का न्योता भी दे रहे हैं ।यह संत सम्मेलन उसी तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है जैसा की राम मंदिर आंदोलन के समय संतो को चार धाम मंदिर में आमंत्रित करके संतों का मार्गदर्शन प्राप्त किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि इस सम्मेलन में संतों द्वारा कई बड़े-बड़े निर्णय भी किए जाने वाले हैं तथा यह संत सम्मेलन भविष्य में पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। राम मंदिर के खिलाफ की जा रही साजिश और सनातन , हिंदू धर्म तथा राम मंदिर को बदनाम करने वालो की पोल भी खोली जाएगी ।सूत्रों ने यह भी बताया कि दिल्ली में हो रही विश्व हिंदू परिषद की बैठक काफी अहम बैठक मानी जा रही है जिसमें अनेक निर्णय भी किया जा सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन को स्थाई महासचिव बनाया जा सकता है इसी के साथ ही ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी को काम आवंटित किए जाएंगे तथा यह पद का आवंटन रोटेशन में किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों अयोध्या में हुई साजिश को लेकर बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार कर रहे है सूत्रों का दावा है कि अयोध्या के सुप्रसिद्ध विद्वान संत महंत मिथिलेश नंदनी शरण तथा अयोध्या राजघराने के सुप्रसिद्ध साहित्यकार यतीद्र मोहन मित्र को ट्रस्ट में स्थान मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है ।मालूम हो कि अयोध्या में कैंसर हॉस्पिटल के लिए राजा अयोध्या द्वारा अपनी जमीन से 6 एकड़ भूमि कैंसर हॉस्पिटल के लिए दान देने की घोषणा कर रखी है ।अयोध्या में अन्य कई अवसरों पर राज परिवार द्वारा मंदिर आंदोलन में सहयोग प्रदान किया जा चुका है। सूत्र ने यह यह भी बताया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर को जोड़कर अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा ।इसमें कई न्यूज़ चैनल और समाचार पत्रों का भी उल्लेख किया जाएगा। अयोध्या के साधु संत अयोध्या की बदनामी को लेकर काफी चिंतित हैं और वह राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर एक बड़ा आंदोलन राम विरोधियों की पोल खोलो अभियान के रूप में चलाने की रणनीति तैयार कर चुके हैं।
