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अहमदाबाद की पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 8 की मृत्यु

July 18, 2026

अहमदाबाद की पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, 8 की मृत्यु

Breaking News UP Web News

Posted on 18.07.2026 Time 08.29 PM Saturday, Ahmedabad Blast

अहमदाबाद, 18 July 2026, वस्त्राल में स्थित एक पटाखा फैक्टरी में भीषण धमाके के बाद लगी आग से 8 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं।

दुर्घटना पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने दुख व्यक्त किया है।

मंदिर विरोधियों को संत सम्मेलन से जवाब देगी विहिप

Ram Mandir Ayodhya

राम मंदिर अयोध्या

Posted on 18.07.2026 Time 07.46 PM Saturday, Ayodhya News, Shri Ram Mandir, Vishva Hindu Parishad VHP

त्रियुग नारायण तिवारी अयोध्या

अयोध्या 18 जुलाई 2026, राम विरोधियों की पोल खोलने के लिए विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कमर कस ली है इसके लिए आगामी 23 जुलाई को मणिरामदास की छावनी के चार धाम मंदिर में एक विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है इस आयोजन की सफलता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अयोध्या के साधु संतों के हर मठ पर पहुंच रहे हैं और राम विरोधियों द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट , हिंदू और सनातनियों के खिलाफ किया जा रहे दुष्प्रचार के बाबत विस्तृत जानकारी दे रहे हैं तथा उन्हें संत सम्मेलन में आने का न्योता भी दे रहे हैं ।यह संत सम्मेलन उसी तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है जैसा की राम मंदिर आंदोलन के समय संतो को चार धाम मंदिर में आमंत्रित करके संतों का मार्गदर्शन प्राप्त किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि इस सम्मेलन में संतों द्वारा कई बड़े-बड़े निर्णय भी किए जाने वाले हैं तथा यह संत सम्मेलन भविष्य में पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। राम मंदिर के खिलाफ की जा रही साजिश और सनातन , हिंदू धर्म तथा राम मंदिर को बदनाम करने वालो की पोल भी खोली जाएगी ।सूत्रों ने यह भी बताया कि दिल्ली में हो रही विश्व हिंदू परिषद की बैठक काफी अहम बैठक मानी जा रही है जिसमें अनेक निर्णय भी किया जा सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन को स्थाई महासचिव बनाया जा सकता है इसी के साथ ही ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी को काम आवंटित किए जाएंगे तथा यह पद का आवंटन रोटेशन में किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों अयोध्या में हुई साजिश को लेकर बड़े पैमाने पर रणनीति तैयार कर रहे है सूत्रों का दावा है कि अयोध्या के सुप्रसिद्ध विद्वान संत महंत मिथिलेश नंदनी शरण तथा अयोध्या राजघराने के सुप्रसिद्ध साहित्यकार यतीद्र मोहन मित्र को ट्रस्ट में स्थान मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है ।मालूम हो कि अयोध्या में कैंसर हॉस्पिटल के लिए राजा अयोध्या द्वारा अपनी जमीन से 6 एकड़ भूमि कैंसर हॉस्पिटल के लिए दान देने की घोषणा कर रखी है ।अयोध्या में अन्य कई अवसरों पर राज परिवार द्वारा मंदिर आंदोलन में सहयोग प्रदान किया जा चुका है। सूत्र ने यह यह भी बताया है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राम मंदिर को जोड़कर अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा ।इसमें कई न्यूज़ चैनल और समाचार पत्रों का भी उल्लेख किया जाएगा। अयोध्या के साधु संत अयोध्या की बदनामी को लेकर काफी चिंतित हैं और वह राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर एक बड़ा आंदोलन राम विरोधियों की पोल खोलो अभियान के रूप में चलाने की रणनीति तैयार कर चुके हैं।

डीरेग्युलेशन 2.0: केंद्र की टास्क फोर्स ने की समीक्षा

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नियमों को और आसान बनाने पर जोर*

_*अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाएं, राज्य में बढ़ाएं ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल*_

लखनऊ, 17 जुलाई: उत्तर प्रदेश में व्यापारिक माहौल को और अधिक पारदर्शी, सरल और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी सिलसिले में लखनऊ के लोक भवन में ‘कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0’ (नियमों व प्रक्रियाओं को आसान बनाने) को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक *मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल* की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में *भारत सरकार के एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा* के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान कागजी औपचारिकताओं को कम करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर और आसान बनाने के लिए राज्य में चल रहे सुधारों की गहन समीक्षा की गई।”

बैठक में नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा कारोबार सुगमता के पूरे इकोसिस्टम को सरल बनाने के उद्देश्य से चल रहे सुधारों की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यटन, ऊर्जा, अग्निशमन, शहरी विकास, पर्यावरण, श्रम एवं औद्योगिक विकास सहित 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रक्रियागत बाधाओं को समाप्त करने, अनुमोदन प्रणाली को सरल बनाने तथा उद्योगों और नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने कहा, “डीरेग्युलेशन 2.0 के तहत चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तेजी से कार्य करना होगा। प्रत्येक विभाग अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाए, अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त करे और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाए। कारोबार सुगमता केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव निवेशकों और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में भी स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।”

गौरतलब है कि कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश ने सभी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। राज्य ने अनुमोदन संबंधी बाधाओं को दूर कर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों ने डीरेग्युलेशन 2.0 के अंतर्गत किए गए सुधारों की प्रगति प्रस्तुत की तथा शेष प्रस्तावित सुधारों के लिए समय-सीमा साझा की। यह पहल राज्य में पूर्व में लागू किए गए व्यापक कम्प्लायंस रिडक्शन कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत भूमि प्रशासन, भवन निर्माण स्वीकृतियां, श्रम कानून, उपयोगिता सेवाओं और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए गए। इन सुधारों से अनुपालनों में उल्लेखनीय कमी आई है, प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण बढ़ा है तथा निवेशकों के लिए सुविधा तंत्र और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
लोक भवन में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन श्री शनमुग सुंदरम, निदेशक, यूपीनेडा श्री रवीन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

इस बैठक के उपरान्त इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 पर उद्योग संघों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा ने की। बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अपर सचिव श्री राहुल शर्मा सहित एमएसएमई मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), नीति आयोग, इन्वेस्ट यूपी तथा प्रमुख औद्योगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में एसोचैम (ASSOCHAM), फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII), पीएचडी चैंबर, आईआईए (IIA), लघु उद्योग भारती तथा डिक्की (DICCI) के प्रतिनिधियों ने उद्योग जगत की ओर से सुझाव साझा किए। उन्होंने नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित करने पर अपने विचार रखे।

बैठक में भारत सरकार की कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित प्रमुख सुधार क्षेत्रों की समीक्षा की गई। इनमें अग्नि सुरक्षा स्वीकृतियां, विद्युत वितरण, भूमि प्रबंधन तथा तकनीक आधारित सरल नियामकीय व्यवस्था के माध्यम से औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे विषय शामिल रहे। प्रतिभागियों ने उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध, सहयोगात्मक और प्रभावी सुधारों को आगे बढ़ाने पर बल दिया, जिससे कारोबार सुगमता और अधिक सशक्त हो सके।

बैठक में एमएसएमई मंत्रालय के निदेशक श्री अंकित अग्रवाल, डीपीआईआईटी के उप सचिव श्री राजेश कुमार सिन्हा, नीति आयोग की यंग प्रोफेशनल सुश्री दीक्षा बिस्वास, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विजय किरण आनंद तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुश्री प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस परामर्श बैठक ने केंद्र और राज्य सरकार की पारदर्शी, दक्ष और निवेशक-अनुकूल नियामकीय व्यवस्था विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

July 17, 2026

संघ ने सौ वर्ष में सांस्कृतिक पुनर्जागरण किया: राधाकृष्णनन

RSS

#RSS News New Delhi Posted on 17.07.2026, Time 10.35 PM Friday

नई दिल्ली, 17 जुलाई 2026, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने आज कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS का सफर संगठित स्वैच्छिक कार्यों की शक्ति और निस्वार्थ सेवा के चिरस्थायी मूल्यों का प्रमाण है। नई दिल्ली में श्याम जाजू और अनुपम त्रिवेदी की पुस्तक ‘आरएसएस@100: सेवा, एकता और बलिदान की एक शताब्दी’ का विमोचन करते हुए उन्होंने यह बात कही।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने निःस्वार्थ सेवा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से एकता और राष्ट्रीय चेतना के आदर्शों को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की एक शताब्दी की यात्रा दर्शाती है कि स्थायी राष्ट्रीय प्रगति केवल सरकारी संस्थानों के माध्यम से ही नहीं बल्कि नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन और स्वैच्छिक सेवा के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि संघ का सफर भारत की सांस्कृतिक जड़ों, विरासत और परंपराओं को पुनर्जीवित करने, मजबूत करने और पुनर्निर्माण करने का रहा है।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आरएसएस ने हर प्रतिकूल परिस्थिति में राष्ट्रीय हितों, सेवा और लोकतंत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री सिंह ने कहा कि संघ किसी व्यक्ति का मूल्यांकन उसके धर्म से नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति उसके समर्पण से करता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि संघ ने हमेशा ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना से काम किया है।

#CPRadhakrishnan #Rajnathsingh #ShyamJaju

Vice President C.P. Radhakrishnan today said that the journey of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) stands as a testament to the power of organized voluntary action and the enduring value of service before self. The Vice President said this while releasing a book titled, ‘RSS@100: A Century of Service, Unity and Sacrifice,’ authoured by Shyam Jaju and Anupam Trivedi, in New Delhi. Addressing the gathering, the Vice President said that the RSS has strengthened the ideals of service, unity and national consciousness, inspiring generations through selfless service and nation-building. He highlighted that the organisation’s century-long journey demonstrates that lasting national progress is achieved not only through institutions of government, but also through active citizenship and voluntary service.

Appreciating the authors for capturing the ethos of RSS, the Vice President said that the Sangh’s journey has been one of reviving, reinforcing and rebuilding India’s cultural roots, heritage and traditions. Quoting from the book, Mr Radhakrishnan described the Shakha as a workshop of the soul where the raw energy of youth is chiselled into national character. He further added that the essence of a Swayamsevak lies in enhancing the dignity of every responsibility entrusted to an individual by performing it with dedication and excellence.

Addressing the gathering, Defence Minister Rajnath Singh said that the RSS has played a crucial role in safeguarding national interests, service, and democracy in every adverse circumstance. Mr Singh noted that the Sangh evaluates an individual not by his religion, but by his dedication to the nation. The Defence Minister further emphasized that the RSS has always worked with the spirit of ‘Nation First, Always First’, and noted that this commitment has made it the world’s largest and economically self-reliant voluntary organization.

Delhi Assembly Speaker Vijender Gupta, Indira Gandhi National Centre for the Arts Ram Bahadur Rai, RSS Kshetra Sanghchalak Pawan Jindal, co-authors Shyam Jaju and Anupam Trivedi, Managing Director of Prabhat Prakashan Prabhat Kumar and other distinguished guests were present during the occasion.

PM Modi Chandigarh Visit: 4700 करोड़ की योजनाओं की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना सहित 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया

चंडीगढ़ में आज स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है; प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां इन परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए मुझे खुशी हो रही है

प्रधानमंत्री ने कहा: स्वच्छता एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक जीवन शैली है

प्रधानमंत्री ने कहा: जब कोविड-19 महामारी आई, तो भारत मदद मांगने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया को मदद देने वाला देश था

प्रधानमंत्री ने कहा: भारत में स्वास्थ्य सेवा अब विशेषाधिकार की जगह एक अधिकार बन रही है

Posted Date:- Jul 17, 2026

चंडीगढ़, 17 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज चंडीगढ़ में 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना शामिल हैं। राष्ट्र की प्रगति के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में शहर की अनूठी स्थिति को रेखांकित करते हुए, उन्होंने बेहतर जीवन शैली और सुगम जीवन सुनिश्चित करने के लिए इसकी प्रतिष्ठा पर बल दिया। क्षेत्र पर मां चंडी की दिव्य कृपा को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इसके निरंतर, सुनियोजित विकास के लिए सत्तारूढ़ प्रशासन की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने कहा, “चंडीगढ़ का विकास हमेशा से हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।”

प्रधानमंत्री ने डेढ़ साल पहले लागू किए गए देश की न्याय व्यवस्था के ऐतिहासिक और व्यापक सुधार को याद करते हुए दंडात्मक औपनिवेशिक कानूनों से न्यायोचित ढांचे की ओर हुए बदलाव  के बारे में बताया। श्री मोदी ने कहा, “भारतीय न्याय संहिता का कार्यान्वयन चंडीगढ़ से ही शुरू हुआ।”

शहरी परिदृश्य के आधुनिकीकरण के लिए किए गए वित्तीय निवेशों के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्मार्ट यातायात प्रबंधन और डिजिटल शासन जैसी परिवर्तनकारी पहलों का उल्लेख किया। स्वास्थ्य, शिक्षा और अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन पर निवासियों को बधाई देते हुए, उन्होंने इन भविष्योन्मुखी उन्नयनों को गति देने वाले भारी पूंजी निवेश के बारे में बताया। श्री मोदी ने कहा, “शहर को उच्च तकनीक वाला बनाने के इस मिशन पर ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।”

क्षेत्रीय विकास के लिए समर्पित विस्तृत दैनिक कार्यक्रम का विवरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने हरियाणा के जींद में अपने पूर्व कार्यक्रम और पंजाब के जालंधर की आगामी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने अपने चंडीगढ़ को दोनों पड़ोसी राज्यों को निर्बाध रूप से जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण भौगोलिक और प्रशासनिक सेतु के रूप में प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने कहा, “हमारा चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब दोनों को प्रभावी ढंग से जोड़ता है।”

प्रधानमंत्री ने स्थानीय शहरी विकास के व्यापक क्षेत्रीय प्रभाव पर बल देते हुए कहा कि शहर में हुए सुधार किस प्रकार हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पड़ोसी क्षेत्रों की आबादी के जीवन स्तर को सीधे तौर पर बेहतर बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा वितरण में शहर की अपरिहार्य और केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला। श्री मोदी ने कहा, “चिकित्सा सेवाओं के लिए, चंडीगढ़ इस पूरे क्षेत्र का एक प्रमुख केंद्र है।”

स्थानीय चिकित्सा संस्थान में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक विस्तार की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री ने तंत्रिका विज्ञान केंद्र, मातृ एवं शिशु केंद्र और गहन चिकित्सा अस्पताल ब्लॉक सहित कई महत्वपूर्ण नई सुविधाओं की जानकारी साझा की। श्री मोदी ने कहा, “इन परियोजनाओं से लाखों लोगों को और भी बेहतर उपचार सुविधाएं मिलेंगी।”

प्रधानमंत्री ने 2015 में संस्थान के दीक्षांत समारोह में अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए, पिछले एक दशक में हासिल की गई असाधारण क्षमता निर्माण की सराहना की। उन्होंने इस प्रगति को निरंतर आगे बढ़ाने में लगे प्रशासनिक दल, शैक्षणिक कर्मचारियों और चिकित्सकों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा, “संस्थान की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मैं यहां के प्रोफेसरों और युवा डॉक्टरों की बहुत सराहना करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वच्छता मानकों के बीच सीधा सम्‍बंध बताते हुए स्वच्छ भारत मिशन के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ को याद किया। उन्होंने करोड़ों शौचालयों के निर्माण से लेकर खुले में शौच की प्रथा के उन्मूलन तक लागू किए गए व्यापक संरचनात्मक परिवर्तनों का विस्तृत विवरण दिया और स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए शहर के प्रयासों की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “विभिन्न पहलें शुरू की गईं ताकि स्वच्छता हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन जाए।”

प्रधानमंत्री ने असाधारण नागरिक समर्पण के लिए झाड़ू योद्धा के नाम से जाने जाने वाले स्थानीय सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू जी की जमीनी स्तर पर स्वच्छता आंदोलन शुरू करने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने इन प्रेरणादायक सामुदायिक प्रयासों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने के सरकार के निर्णय पर गर्व व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “नई जागरूकता पैदा करने के लिए, हमारी सरकार ने उन्हें इस वर्ष पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वच्छता को एक बार का आयोजन नहीं बल्कि निरंतर जीवनशैली का हिस्सा बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि आज के कार्यक्रम में विशेष ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान को शामिल किया गया है। उन्होंने इस पहल को अपनाने के लिए स्थानीय नागरिकों की सराहना की और रोग निवारण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “स्वच्छता अभियान देश भर में अनेक बीमारियों की रोकथाम में बेहद सहायक साबित हुए हैं।”

प्रधानमंत्री ने देश की स्वास्थ्य सेवा क्षमता को लेकर अतीत में फैली वैश्विक चिंताओं का उल्‍लेख करते हुए कई बार संकट के दौरान व्याप्त संदेह की तुलना करते हुए ऐतिहासिक कोरोना महामारी के दौरान देश के सक्रिय नेतृत्व के बारे में बताया। उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि सहायता मांगने के बजाय, देश ने सहायता प्रदान की और अब जटिल चिकित्सा उपचारों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन गया है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ने भारत की क्षमता को पूरी तरह से बदल दिया और दुनिया के दृष्टिकोण में आमूलचूल परिवर्तन किया।”

इस क्रांतिकारी बदलाव का श्रेय बारह वर्षों के समर्पित नीतिगत क्रियान्वयन को देते हुए, प्रधानमंत्री ने चिकित्सा सुविधाएं सभी के लिए मुहैया कराने और सभी नागरिकों के लिए सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल सुनिश्चित करने के मूलभूत संकल्प को याद किया। श्री मोदी ने कहा, “पिछले बारह वर्षों में देश की सफलता इसी संकल्प का प्रत्यक्ष परिणाम है।”

प्रधानमंत्री ने चिकित्सा अवसंरचना के देशव्यापी आक्रामक विस्तार का विवरण देते हुए 2014 के बाद 15 नए एम्स की मंजूरी, सैकड़ों मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और विशिष्ट अस्पतालों की तेजी से बढ़ती संख्या के बारे में बताया। उन्होंने गर्व से चंडीगढ़ में होमी भाभा कैंसर अस्पताल के 2022 में उद्घाटन का उल्लेख किया, जो अब हजारों मरीजों की कुशलतापूर्वक सेवा कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हाल के वर्षों में, भारत ने अपनी स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का तेजी से और व्यापक रूप से विस्तार किया है।”

जमीनी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच पर बल देते हुए, प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की भूमिका का विस्तार से वर्णन किया। इसके तहत गहन चिकित्सा केंद्रों और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 17.5 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर वर्तमान में शहरी, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जांच और व्यापक स्वास्थ्य पैकेज प्रदान कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, “प्रत्येक गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के तेजी से विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में डिजिटल तकनीक के क्रांतिकारी एकीकरण के बारे में बताते हुए, विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए ई-संजीवनी मिशन की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब कठिन यात्रा किए बिना आसानी से शीर्ष स्तर के विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं। श्री मोदी ने कहा, “आज देश भर में 48 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।”

इन व्यापक चिकित्सा सुधारों के जीवनरक्षक प्रभाव को दर्शाते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि अब 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव अत्यंत सुरक्षित संस्थागत व्यवस्थाओं में होते हैं। उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए, जो मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की भारी गिरावट और देश भर में शिशु मृत्यु दर में भारी कमी को दर्शाते हैं। श्री मोदी ने कहा, “स्वास्थ्य सेवाओं के इस व्यापक विस्तार के कारण शिशु मृत्यु दर में भी भारी कमी आई है।”

प्रधानमंत्री ने चिकित्सा सम्‍बंधी प्रगति और सक्रिय स्वास्थ्य रणनीतियों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए, प्रशासन के निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर दोहरे ध्‍यानाकर्षण पर बल दिया। उन्होंने पोषण अभियान, मिशन इंद्रधनुष, योग प्रोत्साहन, एचपीवी टीकाकरण अभियान और यू-विन प्लेटफॉर्म जैसी समग्र पहलों को संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से विशाल आबादी को सक्रिय रूप से सुरक्षित रखने का श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा, “इन अनेक महत्वपूर्ण प्रयासों के कारण करोड़ों लोगों का जीवन निरंतर सुरक्षित हो रहा है।”

तपेदिक के खिलाफ चलाए जा रहे सक्रिय राष्ट्रीय अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए, प्रधानमंत्री ने समुदाय-आधारित टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत समय पर जांच और उपचार पर दिए जा रहे विशेष बल के बारे में विस्तार से बताया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने पिछले दशक में संक्रमण में 21 प्रतिशत की कमी और 90 प्रतिशत से अधिक उपचार कवरेज की उपलब्धि की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, “जन की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति को अत्यधिक जागरूक बनाया जा रहा है।”

इस स्वास्थ्य सेवा क्रांति के प्राथमिक लाभार्थियों की पहचान करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार सबसे अधिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने समान चिकित्सा पहुंच के प्रति राष्ट्र के दृष्टिकोण में एक मौलिक दार्शनिक परिवर्तन पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “भारत में स्वास्थ्य सेवाएं अब विशेषाधिकार नहीं रहीं, बल्कि पूर्ण अधिकार बन रही हैं।”

चिकित्सा शिक्षा में ऐतिहासिक रूप से चली आ रही बाधाओं को दूर करते हुए, प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक सीटों की गंभीर कमी का उल्‍लेख किया, जिसने पहले युवा छात्रों की आकांक्षाओं को चकनाचूर कर दिया था। उन्होंने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, स्नातकोत्तर सीटों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है और हाल ही में स्थानीय संस्थान में एमबीबीएस कॉलेज को बहुप्रतीक्षित मंजूरी मिली है। श्री मोदी ने कहा, “यह व्यापक विस्तार प्रतिभाशाली युवाओं को शीर्ष संस्थानों में अध्ययन करने का अवसर देगा और देश को सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर प्रदान करेगा।”

प्रधानमंत्री ने शहर में मौजूद शिक्षा, इंजीनियरिंग और चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों के अनूठे संगम की प्रशंसा करते हुए, स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसके तीव्र विकास की भविष्यवाणी की। इस शैक्षणिक यात्रा को गति देने के लिए, उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कुरुक्षेत्र बॉयज़ हॉस्टल का उद्घाटन और नए शोधार्थियों के आवास की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि हमारे युवाओं को उन्नत अनुसंधान के लिए सर्वोत्तम प्रयोगशालाएं और बेहतर संकाय उपलब्ध हों।”

प्रधानमंत्री ने कठोर शैक्षणिक वातावरण को तकनीकी प्रगति से सीधे जोड़ते हुए एआई, सेमीकंडक्टर और डीप-टेक में प्रगति को गति देने के लिए एक मजबूत अनुसंधान तंत्र की परम आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए स्थानीय शिक्षकों और छात्रों पर अटूट विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, “जब अनुसंधान वातावरण वास्तव में मजबूत होगा तभी नवाचार में तेजी आएगी।”

प्रधानमंत्री ने सुदृढ़ अवसंरचना को आर्थिक समृद्धि का अंतिम खाका बताते हुए सरकार के नवीन समग्र विकास दृष्टिकोण का समर्थन किया। उन्होंने आईटी सिटी से कुराली तक छह लेन वाले नए राजमार्ग का उद्घाटन किया। इससे हवाई अड्डे की सड़क पर भीड़भाड़ कम होगी और क्षेत्रीय यात्रियों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु ‘पीआर सेवन स्पर’ की आधारशिला रखी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी रणनीतिक विकास कार्यों से उद्योग और व्यापार को अभूतपूर्व गति प्राप्त होगी।”

क्षेत्रीय संपर्क के विषय को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने जालंधर में एक साथ रेलवे परियोजनाओं के शुभारंभ और जींद को सोनीपत से जोड़ने वाली देश की पहली स्वच्छ ईंधन से चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन के ऐतिहासिक शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने सतत, हरित परिवहन में इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि पर जनता को बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, “स्वच्छ ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन देश के लिए एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।”

अपने सम्‍बोधन का समापन एक विकसित भारत के दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ करते हुए, प्रधानमंत्री ने भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों, परिवहन प्रणालियों और स्वास्थ्य सेवा संरचनाओं पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लोगों को आश्वासन दिया कि वर्तमान प्रशासन आने वाली पीढ़ियों की सेवा करने वाली स्थायी संस्थाओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। श्री मोदी ने कहा, “हमें ऐसे साहसिक निर्णय लेने होंगे जिनका अधिकतम लाभ हमारी आने वाली सभी पीढ़ियों तक सहजता से पहुंचे।”

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