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मिड-डे मील में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, प्रधानाध्यापिका तत्काल प्रभाव से निलंबित

August 5, 2026

मिड-डे मील में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, प्रधानाध्यापिका तत्काल प्रभाव से निलंबित

सीतापुर, 5 अगस्त 2026:उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्कूली बच्चों के भोजन और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विकास खंड महमूदाबाद के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय छँगापुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती कल्पना वर्मा को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी महमूदाबाद द्वारा 5 अगस्त 2026 को सौंपे गए औचक निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में पाया गया कि विद्यालय में:मध्याह्न भोजन में परोसी जाने वाली सब्जी की गुणवत्ता अक्सर खराब रहती थी।छात्रों को मैन्यू के अनुसार निर्धारित पूरी मात्रा में दूध का वितरण नहीं किया जा रहा था।बच्चों को व्यवस्थित तरीके से बैठाकर भोजन ग्रहण कराने में लापरवाही बरती जा रही थी।
सरकारी आदेश के अनुसार, प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को अपने शासकीय दायित्वों का ठीक से निर्वहन न करने, विभागीय आदेशों व निर्देशों की अवहेलना करने, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। यह कार्रवाई ‘उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली 1999’ के तहत की गई है।इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (पहला)पुष्पराज सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे आरोपी कर्मचारी को आरोप पत्र जारी कर, साक्ष्यों के साथ 1 माह के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट कार्यालय को सौंपें।
निलंबन के दौरान श्रीमती कल्पना वर्मा को वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों के तहत केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।इस अवधि के दौरान उनका संबद्धीकरण प्राथमिक विद्यालय नदवा, विकास खंड महमूदाबाद तय किया गया है, जहां उन्हें अपनी दैनिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण को लेकर कॉलेजों में जागरूकता, प्रधानाचार्यों से की गई चर्चा

सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए सीएचसी व पीएचसी में निशुल्क लगवाएं एचपीवी टीका

लखीमपुर-खीरी। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ संतोष गुप्ता के दिशा-निर्देश मे चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न इंटर कॉलेजों में पहुंचकर प्रधानाचार्यों से परिचर्चा की। इसी क्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटर कॉलेज तथा किसान समाज इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्यों के साथ एचपीवी टीकाकरण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ अमित बाजपेई व स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। किशोरियों को समय पर एचपीवी का टीका लगवाने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि छात्राओं के अभिभावकों को भी एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। इस दौरान सहमति पत्र भी वितरित किए गए तथा अभिभावकों से अपने बच्चों को टीका लगवाना अथवा नही लगवाने के संबंध में सहमति देने के लिए कहा गया बताया गया कि 14 से 15 वर्ष की उम्र की किशोरियों को यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित केंद्रों एवं टीकाकरण सत्रों पर व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान के अधीक्षक डॉ. अमित बाजपेई सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि सभी अभिभावक यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट की उपलब्धता न होने पर लिखित सहमति ली जाएगी, जिसे बाद में पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आयु सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड अथवा स्कूल आईडी कार्ड मान्य होंगे। टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से अधिकाधिक बीमा कराने की अपील

लखीमपुर खीरी, दिनांक 5 अगस्त, 2026।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026-27 के खरीफ एवं रबी मौसम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को प्रदेश में प्रभावी रूप से संचालित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक चयनित बीमा कंपनियों के माध्यम से ही वर्ष 2026-27 में भी योजनाओं का संचालन किया जाएगा तथा सभी जनपदों में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी, खीरी ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे खरीफ 2026 की अधिसूचित फसलों का समय से बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम एवं अन्य अधिसूचित जोखिमों से होने वाली संभावित क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करें।जनपद हेतु यूनिवर्सल सैमपू लिमिटेड कंपनी अधिकृत की गई है ।
खरीफ फ़सलो हेतु 2% प्रीमियम , रबी फ़सलो हेतु 1.5 % प्रीमियम ब वाणिज्यिक फ़सलो हेतु 5% प्रीमियम की राशि कृषकों द्वारा देय की जाएगी , अवशेष धनराशि सरकार द्वारा देय होगी ।

कृषकों की सुविधा एवं अधिकाधिक किसानों को योजना का लाभ हेतु ऋणी किसानों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 तथा गैर-ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है।

जनपद के किसान अपने निकटतम बैंक, जन सेवा केंद्र (CSC), नामित बीमा कंपनी से संपर्क कर समय रहते अपना फसल बीमा अवश्य कराएं। बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि अभिलेख एवं बोई गई फसल का विवरण साथ रखें।

जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने समस्त विकास खंड स्तरीय कृषि अधिकारियों एवं बीमा कंपनी को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक कृषक फसल बीमा योजना से आच्छादित होकर प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकें।

चिलबिला में रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO –9919606061-

प्रतापगढ़ , नगर कोतवाली क्षेत्र के चिलबिला स्थित आदर्श ढाबा के पीछे रेलवे ट्रैक पर बुधवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी प्रतापगढ़ व नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल अज्ञात युवक की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को वेतन रोकने की चेतावनी

मुख्यमंत्री की शिकायतों को गंभीरता से लें, नहीं तो रुकेगा वेतन: डीएम

*सीएम डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर डीएम नाराज, अधिकारियों से मांगा जवाब*

*सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारें, नहीं तो होगी जवाबदेही तय: डीएम*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिला पंचायत राज, समाज कल्याण, सहकारिता, चकबंदी, विद्युत एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का समय पर अवलोकन तक नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 85 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग का अधिकारी अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर लंबित एवं ऑनलाइन प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का शत-प्रतिशत फीडबैक लिया जाए तथा कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में न पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या पर केवल एल-1 स्तर के अधिकारी ही हस्ताक्षर करेंगे। यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग की रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा सेतु निर्माण की रैंकिंग ‘डी’ होने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए रैंकिंग में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारियों को नामित किया जाए और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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