मुख्यमंत्री की शिकायतों को गंभीरता से लें, नहीं तो रुकेगा वेतन: डीएम
*सीएम डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर डीएम नाराज, अधिकारियों से मांगा जवाब*
*सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारें, नहीं तो होगी जवाबदेही तय: डीएम*
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिला पंचायत राज, समाज कल्याण, सहकारिता, चकबंदी, विद्युत एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का समय पर अवलोकन तक नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 85 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग का अधिकारी अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर लंबित एवं ऑनलाइन प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का शत-प्रतिशत फीडबैक लिया जाए तथा कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में न पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या पर केवल एल-1 स्तर के अधिकारी ही हस्ताक्षर करेंगे। यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग की रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा सेतु निर्माण की रैंकिंग ‘डी’ होने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए रैंकिंग में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारियों को नामित किया जाए और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

