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डीरेग्युलेशन 2.0: केंद्र की टास्क फोर्स ने की समीक्षा

July 18, 2026

डीरेग्युलेशन 2.0: केंद्र की टास्क फोर्स ने की समीक्षा

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए नियमों को और आसान बनाने पर जोर*

_*अनुमोदन प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाएं, राज्य में बढ़ाएं ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल*_

लखनऊ, 17 जुलाई: उत्तर प्रदेश में व्यापारिक माहौल को और अधिक पारदर्शी, सरल और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी सिलसिले में लखनऊ के लोक भवन में ‘कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0’ (नियमों व प्रक्रियाओं को आसान बनाने) को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक *मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल* की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में *भारत सरकार के एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा* के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान कागजी औपचारिकताओं को कम करने और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को जमीनी स्तर पर और आसान बनाने के लिए राज्य में चल रहे सुधारों की गहन समीक्षा की गई।”

बैठक में नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा कारोबार सुगमता के पूरे इकोसिस्टम को सरल बनाने के उद्देश्य से चल रहे सुधारों की प्रगति का आकलन किया गया। इस दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यटन, ऊर्जा, अग्निशमन, शहरी विकास, पर्यावरण, श्रम एवं औद्योगिक विकास सहित 23 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रक्रियागत बाधाओं को समाप्त करने, अनुमोदन प्रणाली को सरल बनाने तथा उद्योगों और नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल ने कहा, “डीरेग्युलेशन 2.0 के तहत चिन्हित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तेजी से कार्य करना होगा। प्रत्येक विभाग अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाए, अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त करे और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाए। कारोबार सुगमता केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव निवेशकों और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में भी स्पष्ट दिखाई देना चाहिए।”

गौरतलब है कि कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन के प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश ने सभी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। राज्य ने अनुमोदन संबंधी बाधाओं को दूर कर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।

बैठक के दौरान विभिन्न विभागों ने डीरेग्युलेशन 2.0 के अंतर्गत किए गए सुधारों की प्रगति प्रस्तुत की तथा शेष प्रस्तावित सुधारों के लिए समय-सीमा साझा की। यह पहल राज्य में पूर्व में लागू किए गए व्यापक कम्प्लायंस रिडक्शन कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत भूमि प्रशासन, भवन निर्माण स्वीकृतियां, श्रम कानून, उपयोगिता सेवाओं और अन्य नियामकीय प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार किए गए। इन सुधारों से अनुपालनों में उल्लेखनीय कमी आई है, प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण बढ़ा है तथा निवेशकों के लिए सुविधा तंत्र और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
लोक भवन में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति श्री अमृत अभिजात, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन श्री शनमुग सुंदरम, निदेशक, यूपीनेडा श्री रवीन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

इस बैठक के उपरान्त इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 पर उद्योग संघों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव श्री भारत हरबंसलाल खेरा ने की। बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के अपर सचिव श्री राहुल शर्मा सहित एमएसएमई मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), नीति आयोग, इन्वेस्ट यूपी तथा प्रमुख औद्योगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में एसोचैम (ASSOCHAM), फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII), पीएचडी चैंबर, आईआईए (IIA), लघु उद्योग भारती तथा डिक्की (DICCI) के प्रतिनिधियों ने उद्योग जगत की ओर से सुझाव साझा किए। उन्होंने नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनुपालनों के बोझ को कम करने तथा उत्तर प्रदेश में उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित करने पर अपने विचार रखे।

बैठक में भारत सरकार की कम्प्लायंस रिडक्शन एवं डीरेग्युलेशन 2.0 टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित प्रमुख सुधार क्षेत्रों की समीक्षा की गई। इनमें अग्नि सुरक्षा स्वीकृतियां, विद्युत वितरण, भूमि प्रबंधन तथा तकनीक आधारित सरल नियामकीय व्यवस्था के माध्यम से औद्योगिक उपयोग के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे विषय शामिल रहे। प्रतिभागियों ने उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध, सहयोगात्मक और प्रभावी सुधारों को आगे बढ़ाने पर बल दिया, जिससे कारोबार सुगमता और अधिक सशक्त हो सके।

बैठक में एमएसएमई मंत्रालय के निदेशक श्री अंकित अग्रवाल, डीपीआईआईटी के उप सचिव श्री राजेश कुमार सिन्हा, नीति आयोग की यंग प्रोफेशनल सुश्री दीक्षा बिस्वास, इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री विजय किरण आनंद तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुश्री प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस परामर्श बैठक ने केंद्र और राज्य सरकार की पारदर्शी, दक्ष और निवेशक-अनुकूल नियामकीय व्यवस्था विकसित करने की साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

लखनऊ से चौसा आम यूके भेजा गया, उद्यान मंत्री ने की खेप रवाना

APEDA के प्रयास और भारत-यूके CETA के प्रभावी होने से उत्तर प्रदेश के आम को मिला ग्लोबल बाजार

योगी सरकार में चौसा आम की पहली खेप यूके रवाना, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया फ्लैग ऑफ

भारत-यूके CETA से यूपी के 99 प्रतिशत कृषि उत्पादों को जीरो ड्यूटी का लाभ, किसानों को मिलेगा अधिक मूल्य

लखनऊ, 17 जुलाई, 2026 ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कृषि उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के प्रयास से तथा भारत-यूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (India-UK CETA) के प्रभावी होने के उपरांत उत्तर प्रदेश से यूनाइटेड किंगडम के लिए ताजे चौसा आमों की पहली निर्यात खेप का फ्लैग ऑफ उद्यान निदेशालय, सप्रू मार्ग, लखनऊ से किया गया।

उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने सेरेमनी में हरी झंडी दिखाकर 1,200 किलोग्राम ताजे चौसा आमों की खेप को यूके के लिए रवाना किया। यह खेप PSPG Consultancy Services Pvt. Ltd. द्वारा निर्यात की जा रही है। यह CETA लागू होने के बाद प्रदेश से यूके के लिए भेजी जा रही ताजे आमों की पहली खेप है।

मंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि हमारे राज्य की उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाकर उसका मूल्य संवर्धन किया जाना ही हमारा उद्देश्य है। इसी उद्देश्य से आज उद्यान विभाग द्वारा यूनाइटेड किंगडम को आम निर्यात के लिए फ्लैग ऑफ किया गया है। यह पहली पहल नहीं है। जब से योगी सरकार बनी है, तब से प्रत्येक वर्ष उत्तरोत्तर हमारी उपज को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बहुत से देशों में हमारा आम ही नहीं, अन्य औद्यानिक उपज भी जा रही है।

उद्यान मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद दिया और कहा कि निर्यात प्रोत्साहन के उद्देश्य से जेवर में एक ऐसा एयरपोर्ट निर्मित हो चुका है जो सीधे पूरा का पूरा जहाज हमारी उपज को भरकर दुनिया के बाजारों तक पहुंचा सकेगा, जिससे हमारा भाड़ा कम होगा और बचत अधिक होगी। जेवर एयरपोर्ट राज्य के किसानों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने बताया कि उद्यान मंत्री के रूप मे डोमेस्टिक एक्सपोर्टर्स को गांव-गांव में तैयार किया है। पहले बड़े शहरों में ही एक्सपोर्टर मिलते थे, आज हमारे 825 ब्लॉकों में लगभग हर ब्लॉक में एक एक्सपोर्टर मिल जाएगा। निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग में औद्यानिक निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों को मार्ग प्रशस्त करता है कि किस उपज को दुनिया के किस बाजार तक पहुंचाया जा सकता है और कितना मूल्य संवर्धन होगा। जितनी भी सरप्लस उपज हमारे राज्य के उपभोग से अधिक होती है, उसे दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने के ठोस प्रयास योगी सरकार में किए गए हैं, जिससे हमारा निर्यात उत्तरोत्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्वयं दो टन दशहरी आम लेकर मास्को गए थे, तब से आज तक एयरपोर्ट का कोई जहाज ऐसा नहीं जिस पर हमारा दशहरी न जा रहा हो। दुबई में तो रेगुलर हमारा आम जाता है।

इस समझौते के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम ने भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात मूल्य का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकांश उत्पादों को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्रदान की है, जिससे भारतीय कृषि, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी तथा किसानों, एफपीओ, कृषि उद्यमियों और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख बागवानी एवं आम उत्पादक राज्यों में से एक है तथा राज्य के चौसा एवं दशहरी आम अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री बीएल मीणा, निदेशक उद्यान श्री बीपी राम, एपीडा के अधिकारी, उत्तर प्रदेश बागवानी निर्यात प्रोत्साहन बोर्ड के अधिकारी, निर्यातक, पैकहाउस संचालक सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं कृषक उपस्थित रहे।

शामली व कैराना की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासकः मुख्यमंत्री

*मुख्यमंत्री ने शामली, थानाभवन व कैराना विधानसभा क्षेत्रों की 581 करोड़ रुपये से अधिक की 89 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास*

*10 साल पहले आतंक व भय का प्रतीक था शामली, अब यहां गन्ने की मिठास और एक्सप्रेसवे की ‘त्रिवेणी’ हैः सीएम योगी*

*2017 के पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में 4 बजे से काम करने वाली सरकार: सीएम योगी*

*कांवड़ यात्रा में अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं, उपद्रव का प्रयास करने वाले को कान पकड़कर बाहर कर देंः मुख्यमंत्री*

*2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 मिलें संचालित: सीएम*

*शामली, 17 जुलाई।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिन्ना के उपासक लोग डेमोग्राफी बदल रहे थे और इसीलिए कैराना व कांधला से पलायन हो रहा था। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को चेताया कि जिन्ना के अनुयायियों को जब भी मौका मिलेगा, वे आपको क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटेंगे। विकास कार्यों में लूट-खसोट करेंगे। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएंगे। इनसे लगातार सतर्क रहना है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कैराना, शामली व थानाभवन विधानसभा क्षेत्र की 581 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण व शिलान्यास की गई योजनाओं का विवरण देते हुए गत 10 वर्ष में शामली, थानाभवन व कैराना में आए सकारात्मक बदलाव की भी चर्चा की।

*कैराना व शामली का आध्यात्मिकता, संस्कृति व आजादी में योगदान*
सीएम योगी ने कहा कि 5000 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के धर्मयुद्ध में जाने से पहले लीलाधारी प्रभु श्रीकृष्ण ने हनुमान टीले में आकर विश्राम किया था और यहां के पवित्र जल को ग्रहण किया था। शामली व कैराना ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलों को हिला दिया था। कैराना घराने से पं. भीमसेन जोशी ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को नई ऊंचाई दी।

*10 साल पहले आतंक और भय का प्रतीक था शामली*
सीएम ने कहा कि 10 साल पहले लोग पूछते थे कि आतंक-भय का प्रतीक शामली जनपद कहां है। शामली, कैराना-कांधला से पलायन होता था, यहां गुंडागर्दी होती थी। कोई सुरक्षित नहीं था। शरारत के तहत डेमोग्राफी को बदलने की साजिश हो रही थी। अब यहां के गन्ने की मिठास प्रसिद्ध है। पीएम मोदी जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार शामली की गति को प्रगति में बदल रही है।

*एक्सप्रेसवे का ‘संगम’ बन चुका है शामली*
मुख्यमंत्री ने कहा कि शामली अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, शामली-अंबाला एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का ‘संगम’ बन चुका है। यहां की युवा पीढ़ी की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया गया तो आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुरक्षा का यह बेहतर माहौल शामली को एनसीआर के सबसे धनी व समृद्ध जनपदों में खड़ा कर देगा। शामली वाले 10 साल पहले बिजली के लिए तरसते थे, लेकिन आज शामली 400 केवीए विद्युत स्टेशन के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति का माध्यम बना है। 10 साल पहले मेडिकल सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन, कोरोना महामारी में दिल्ली व आसपास के लोग इलाज कराने शामली के हॉस्पिटलों में पहुंचे।

*2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद हुईं, आज 122 चल रहीं*
सीएम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों चौधरी जयंत सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राणा के कार्यों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में चौधरी चरण सिंह के बाद चीनी मिलों की स्थिति में सुधार व पुनरोद्धार का बीड़ा 2017 में सुरेश राणा ने उठाया था। 2007 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकारों में 29 चीनी मिलें बंद हुईं। 21 मिलें औने-पौने दाम पर बेची गईं। 2017 में सुरेश राणा ने मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली तो मैंने पूछा कि अब मिलें बिकेंगी तो नहीं, तब उन्होंने कहा था कि इन मिलों को वापस लेकर चलाएंगे। आज 122 चीनी मिलें चल रही हैं और किसानों को समय से भुगतान हो रहा है। अब गन्ना किसानों को 400 रुपये कुंतल दाम मिल रहा है। यूपी चीनी, गन्ना व एथेनॉल उत्पादन में नंबर एक है। यह प्रगति किसानों की समृद्धि का कारक बनी है।

*शामली व कैराना को देखकर लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ*
सीएम योगी ने कहा कि विकास का विकल्प नहीं हो सकता। हम किसानों के उपासक हैं, जिन्होंने गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया। हमने भी चीनी मिलों के माध्यम से उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान करा के दिखा दिया। शामली की खुशहाली और थानाभवन-कैराना का विकास देख लगता है कि सार्वजनिक जीवन में आना सफल हुआ है। पिछली बार मैंने यहां के स्कूलों का दौरा किया था। यूपी-सीबीएसई बोर्ड की मेरिट सूची में शामली के बच्चों का नाम देखा तो उन्हें लखनऊ बुलाया। वे बच्चे भी बता रहे थे कि अब डर नहीं लगता, क्योंकि अपराधी जानता है कि हिमाकत की तो जेल या जहन्नुम में ही जगह मिलेगी।

*सैफई का सिंडिकेट अब युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता*
सीएम ने कहा कि शामली में तेज गति से प्रगति होगी। कैराना में पीएसी की भव्य बटालियन बन रही है। सैफई का नौकरी का सिंडिकेट अब शामली के युवाओं का अधिकार नहीं छीन सकता। शामली, मुजफ्फरनगर का नौजवान भी अब नौकरी पाता है। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष भी किया कि 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी-गोली चलाने वाले, कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित करने, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन को रोकने, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देने वाले, धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं।

*चौधरी चरण सिंह के सपनों को साकार कर रही डबल इंजन सरकार*
सीएम ने कहा कि भारत रत्न चौधरी चरण सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, किसानों, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा था, उसे डबल इंजन सरकार साकार कर रही है। एक तरफ किसान के चेहरे पर खुशहाली लाई जा रही है तो दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार व नौकरी है। हर गरीब को शासन की योजना का लाभ मिल रहा है। हर व्यापारी के निवेश को सुरक्षा मिल रही है।

*कांवड़ यात्रा में गलत व्यक्तियों को कान पकड़कर बाहर कर दें*
सीएम ने कांवड़ संघों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी श्रीराम के वंशज, श्रीकृष्ण के अनुयायी व भोले शंकर के भक्त हैं। राम की मर्यादा, कृष्ण की लीला व शंकर की समरसता/जीवंतता आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। अनुशासन व धैर्य जीवन की पूंजी है। अनुशासनहीनता करने वालों को सीएम ने चेताया कि छोटी बातों को लेकर हुड़दंग नहीं होना चाहिए। विरोधी लोग अनुशासनहीनता पर कांवड़ यात्रा को पहले की तरह बंद कराने के लिए दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। किसी गलत व्यक्ति ने हमारे बीच में आकर उपद्रव करने का प्रयास किया तो उसे कान पकड़कर बाहर करने की आवश्यकता है। अनुशासनहीनता कतई स्वीकार नहीं होगी। पर्वों की मर्यादा को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो परंपरा और अच्छे तरीके से बढ़ेगी।

*सीएम ने विधायकों के कार्यों की प्रशंसा की*
सीएम ने थाना भवन के विधायक अरशद अली और शामली के विधायक प्रसन्न चौधरी के खराब स्वास्थ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अरशद अली का सुबह फोन पर हालचाल लिया था, वह स्वास्थ्य के कारण अनुपस्थित हैं। वहीं पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद प्रसन्न चौधरी यहां मौजूद हैं। हमारे जनप्रतिनिधि निरंतर विकास के लिए प्रयास करते हैं। जनप्रतिनिधियों के प्रयास से ही कुछ ही दिनों में 750 किमी. लंबा गोरखपुर-शामली इकॉनमिक कॉरिडोर शामली को गोरखपुर व सिलीगुड़ी तक जोड़ देगा। इसकी दूरी लगभग 1100-1200 किमी की होगी। एक्सप्रेसवे के जरिए शामली से ही अंबाला व पानीपत की यात्रा कराएंगे। शामली चारों ओर से एक्सप्रेसवे हाईवे के महत्वपूर्ण पड़ाव का केंद्र होगा। आज दी जा रही योजनाएं शामली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

*प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स*
सीएम ने कहा कि शामली अब एनसीआर का हिस्सा हो गया है। प्रदेश का पहला एकीकृत निजी टेक्सटाइल्स यहां बनने जा रहा है, जिससे 8000 युवाओं को नौकरी/रोजगार प्राप्त होगा। आमजन का समर्थन ही हमारी ताकत है और हम इसका इस्तेमाल करके ही कार्य कर रहे हैं। शामली अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। जनता के आशीर्वाद से शामली की तकदीर और तस्वीर बदल रही है।

*पहले 12 बजे तक सोने वाली और अब भोर में चार बजे से काम करने वाली सरकार*
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सरकार में सोने वाले लोग थे। वे 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे और 5 बजे जिम चले जाते थे। उनके पास जनता के लिए फुर्सत नहीं थी। यह माफिया के सामने नाक रगड़ते और दंगाइयों को घर में बुलाकर सम्मानित करते थे, लेकिन यूपी अब बदल चुका है। यूपी की यात्रा अब सुबह चार बजे से प्रारंभ होती है। चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ हर वर्ग का हित करने वाली सरकार है।

इस अवसर पर जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटिक, विधायक प्रसन्न कुमार, विधान परिषद सदस्य मोहित बेनीवाल, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप चौधरी, पूर्व मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, क्षेत्रीय अध्य़क्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप आदि मौजूद रहे।

July 17, 2026

एटा: किसान के हत्यारे को आजीवन कारावास

एटा में किसान की गोली मारकर की हत्या में कोर्ट ने चार दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया

एटा 17 जुलाई उप्रससे। जिले में सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया था। किसान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है।

जनपद में वर्ष 2016 में रंजिशन किसान की हत्या के मामले में गांव के ही चार लोगों को जनपद न्यायाधीश राकेश धर दुबे के न्यायालय ने दोषी माना है। चारों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर चारों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर ने बताया कि ब्रजेश निवासी हुसैनपुर ककराला, थाना निधौली कलां एटा ने 23 अगस्त 2016 थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि शाम करीब 04:30 बजे उनका भाई प्रवेंद्र उर्फ पिंकी घर से रामनगर जा रहा था। तभी गांव के ही हरेंद्र, मनोज, भूपेंद्र उर्फ विनोद और पंचम सिंह उर्फ पंछी एक अन्य अज्ञात व्यक्ति असलाहों से लैस होकर दो बाइकों पर आए। एक राय होकर प्रवेंद्र पर जान से मारने के लिए फायरिंग कर दी। इससे प्रवेंद्र लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। आरोपी वहां से भाग गए। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल एटा लाया गया। यहां से गंभीर हालत को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने धारा 302, 147, 148, 149 में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचक ने चारों आरोपियों के न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। इसकी सुनवाई सत्र न्यायाधीश राकेश धर दुबे के न्यायालय में चल रही थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना और चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। डीजीसी के अनुसार पंचम सिंह उर्फ पंछी, भूपेंद्र सिंह, हरेंद्र व मनोज को धारा 302 में आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड, पंचम सिंह को आयुध अधिनियम में एक वर्ष सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। धारा 147, 148 में चारों को दोषमुक्त किया है।

Yogi Adityanath visit: बिजनौर को 1003 करोड़ की सौगात

Posted on 17.07.2026, Time 6.30 PM Friday, #Bijnore News, CM Yogi Adityanath Visit

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर को दी 1003 करोड़ रुपये से अधिक की 76 विकास परियोजनाओं की सौगात

बिजनौर, 17 जुलाई 2026 (उत्तर प्रदेश समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद बिजनौर के बिजनौर एवं चांदपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 1003 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 76 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र, प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड एवं टूलकिट वितरित किए। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, पौधरोपण किया तथा महिलाओं की गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन कराया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिजनौर महात्मा विदुर की पावन तपोभूमि है और यह जनपद अनेक महान विभूतियों की जन्मस्थली रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विरासत और विकास के समन्वय के साथ प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजनौर ने संघर्ष से विकास तक की सफल यात्रा तय की है और आज यह प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे जनपदों में शामिल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध बिजनौर के किसानों को प्रदेश सरकार समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को वर्षों तक भुगतान नहीं मिलता था, जबकि आज सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आज बिजनौर कानून व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। हाईवे, मेडिकल कॉलेज, पर्यटन विकास, एक्सप्रेस-वे और उद्योगों के विस्तार से जनपद तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नगीना के काष्ठ शिल्प, किसानों की मेहनत, युवाओं की ऊर्जा और व्यापारियों की उद्यमशीलता की सराहना की।


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगा एक्सप्रेस-वे को बिजनौर से हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर सड़क, पुल एवं फ्लाईओवर जैसी विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की कर्जमाफी, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, निःशुल्क राशन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रभावी निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ रहा है। बेल्जियम की अग्रिस्ट मासा सहित कई घरेलू एवं विदेशी कंपनियों ने जनपद में निवेश किया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने ‘विदुर प्रेरणा’ स्वदेशी ब्रांड की सफलता की भी सराहना की और इसे आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सशक्त उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज एवं छात्रावास का लोकार्पण होने से जनपद की बेटियों को नर्सिंग शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही पर्यटन, पेयजल, सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, सांसद चंदन चौहान, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह, विधायक सूचि चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।


इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, एमएलसी अशोक कटारिया, अशोक कुमार राणा, ओम कुमार, कुँवर सुशांत सिंह, विनोद राठी, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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