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वंदेमातरम् फाउंडेशन ने चलाया ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान

June 5, 2026

वंदेमातरम् फाउंडेशन ने चलाया ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर बांटे कपड़े के थैले

लखीमपुर खीरी। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर नगर की सब्जी मंडी में वंदेमातरम् फाउंडेशन द्वारा ‘जागे त्यागे पालीथीन’ अभियान चलाया गया। इस मुहिम के तहत संस्था के सदस्यों ने सब्जी मंडी आने वाले ग्राहकों से पॉलिथीन का बहिष्कार करने और घर से कपड़े का थैला लेकर चलने की भावपूर्ण अपील की। इस दौरान जो लोग बिना थैले के मंडी आए थे, उन्हें संस्था की ओर से कपड़े के थैले मुफ्त वितरित किए गए।

मोबाइल याद रहता है तो थैला क्यों नहीं-ब्रजेश मिश्रा

अभियान के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता ब्रजेश मिश्रा ने लोगों से तीखा मगर विनम्र सवाल करते हुए कहा, “जब हम घर से निकलते हैं तो मोबाइल ले जाना नहीं भूलते, फिर कपड़े का थैला क्यों भूल जाते हैं?” उन्होंने कहा कि हमारा एक छोटा सा प्रयास शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बना सकता है। पॉलिथीन नालियों को चोक करती है, जिससे जलभराव होता है और सड़कें खराब होती हैं।

पर्यावरण हित में पॉलिथीन को कहें ना: डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी

संस्था के अध्यक्ष व प्रख्यात कवि डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी ‘गंवार लखीमपुरी’ ने नागरिकों से अपील की कि पर्यावरण संरक्षण के हित में पॉलिथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दें और केवल कपड़े के थैलों में ही सामान लें। वहीं, संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. वी.बी. धुरिया के विशेष सहयोग से आम जनता को कपड़े के थैले बांटे गए।

बेजुबान पशुओं की जान ले रही पॉलिथीन: डॉ. आलोक मिश्रा

संस्था के उपाध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने पॉलिथीन के घातक परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग पॉलिथीन में सब्जी लाते हैं और उसे इधर-उधर फेंक देते हैं। इसे खाकर हमारी गौवंश (गाय व अन्य पशु) बीमार हो रहे हैं और असमय मौत का शिकार हो रहे हैं।

पूर्वजों की आदतें अपनाने की जरूरत:पूर्णिमा मिश्रा

सुआगाढा प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका और संस्था सदस्य श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि हमें अपने पूर्वजों की तरह जूट और कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की आदत डालनी होगी, अन्यथा आने वाली पीढ़ियां हमारे इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए हमें कभी माफ नहीं करेंगी।लगा गगन भेदी नारा मंडी में मौजूद सभी लोगों और संस्था के सदस्यों ने एक स्वर में नारा लगाया “जो पर्यावरण से करते हैं प्यार, पॉलिथीन को करें इंकार, लेकर चलें थैला, न करें नगर को मैला।”इस सराहनीय मुहिम में कवि डॉ. सत्येंद्र द्विवेदी ‘गंवार लखीमपुरी’, ब्रजेश मिश्रा, डॉ. वी.बी. धुरिया, श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा, मनोज गुप्ता, राजेश शुक्ला सहित नगर के कई गणमान्य नागरिक और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।

Lakhimpur Kheri: महज 3 फीट जमीन के विवाद में 8 वर्षीय मासूम की निर्मम हत्या

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Posted on 05.06.2026 Time 05.47 PM

बचाने आई मां पर भी चाकू से ताबड़तोड़ हमला, चचेरे भाइयों पर आरोप

निघासन खीरी 05 जून 2026, ।ऊत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिला अंतर्गत निघासन कोतवाली क्षेत्र के तारानगर गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां महज चंद फीट जमीन की रंजिश के चलते दो सगे संबंधियों (चचेरे देवर) ने घर में घुसकर चारपाई पर सो रहे 8 साल के मासूम बच्चे की चाकू से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दौरान जब मां ने अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और गांव में भारी दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, तारानगर निवासी रामप्रसाद का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता है, जिसके कारण परिवार पहले से ही काफी तंगहाली और मुश्किलों का सामना कर रहा था। गुरुवार रात रामप्रसाद की पत्नी ज्ञानवती (ज्ञान देवी) अपने 8 वर्षीय पुत्र रवि कुमार के साथ छप्परनुमा घर में मच्छरदानी लगाकर सो रही थीं।रात करीब 1:45 से 2:00 बजे के बीच आहट होने पर ज्ञानवती की आंख खुली। उन्होंने देखा कि उनके पति के चचेरे भाई सियाराम और हरेराम चारपाई के पास खड़े हैं। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती या शोर मचाती, आरोपी सियाराम ने ज्ञानवती को दबोच लिया। इसी दौरान दूसरे आरोपी हरेराम ने मच्छरदानी के भीतर सो रहे मासूम रवि की गर्दन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए।

बेटे को बचाने तड़पी मां, खुद भी हुईं घायल

आंखों के सामने तड़प रहे बेटे को बचाने के लिए जब मां ज्ञानवती ने पूरी ताकत से विरोध किया और हमलावरों से भिड़ गईं, तो आरोपियों ने उन पर भी रहम नहीं खाया। हमलावरों ने महिला की गर्दन और दाहिने हाथ पर चाकू से कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
ज्ञानवती के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े। खून से लथपथ मां-बेटे को आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से निघासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया जा रहा था, लेकिन घाव गहरे होने के कारण मासूम रवि ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सीएचसी के डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल मां ज्ञानवती का इलाज अस्पताल में जारी है।

डेढ़ से तीन फीट जमीन का था पुराना विवाद

घटना की सूचना मिलते ही निघासन कोतवाली पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से महज डेढ़ से तीन फीट जमीन के छोटे से हिस्से को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।

मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया है। निघासन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (कोतवाल) अवध राज सिंह सेंगर ने बताया कि मृत बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों (सियाराम और हरेराम) के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे तारानगर गांव में शोक, मातम और गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

बंगाल के चर्चित हत्याकांड का बलिया कनेक्शन, गैंगेस्टर कोर्ट में मोनू सिंह का सरेंडर

पत्नी बोली सीबीआई पर भरोसा।
रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 04/06/2026
बलिया, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी के पिए चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही है, इसके तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहरे जुड़ते जा रहे है। हर बीतते दिन के साथ यह हाई प्रोफाइल मामला एक नया मोड़ ले रहा है।अब इस पूरे हत्याकांड में बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शीतल दवनी गांव के रहने वाले ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू सिंह का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है। इसी बीच एक बड़ी खबर यह आ रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आए मोनू सिंह ने बलिया के गैंगेस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में नाम उछलने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस और जांच एजेंसीयां कई बार मोनू सिंह के गांव पहुंची थी। पुलिस ने मोनू के परिजन और ग्रामीणों से कड़ी पूछता की थी। खुद को चौतरफा घिरता देख मोनू सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उसने बंगाल की इस चर्चित हत्याकांड में खुद को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर गुहार लगाई थी।

मोनू सिंह के अधिवक्ता शार्दूल विक्रम सिंह ने बताया कि मोनू सिंह के खिलाफ पहले से ही उत्तर प्रदेश में एक मुकदमा दर्ज था, जिसमें कोर्ट से उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी के आधार पर मोनू सिंह ने स्वयं बलिया की गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया जहां तक पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड में ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू का नाम जुड़ने की बात है, तो इस बारे में फिलहाल हमारे पास कोई खास या आधिकारिक जानकारी नही है, बताया परिजनों के द्वारा पता चला है कि पुलिस कई बार मोनू सिंह के घर गयी थी।

मोनू सिंह के सरेंडर करने के बाद उसकी पत्नी महिमा सिंह मीडिया के सामने आई। महिमा ने पति के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बंगाल पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई पर बड़ा बयान है।महिमा सिंह ने कहा आज मेरे पति ने बलिया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंगाल हत्याकांड में मेरे पति का नाम क्यों और कैसे जुड़ा है, इस बारे में हमे कोई जानकारी नही है। लेकिन पुलिस और सीबीआई की टीम हमारे घर पर 3 से 4 बार आ चुकी है। जांच एजेंसियां हमारे घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गई है। बोली मुझे सीबीआई पर भरोसा है कि वह निष्पक्ष जांच करेगी। मेरे पति पूरी तरह निर्दोष है और हमे न्याय जरूर मिलेगा।

पश्चिम बंगाल के एक हाई प्रोफाइल हत्याकांड में नाम आने के बाद चर्चा में आए बलिया के शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मोनू ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने से पहले एक वीडियो संदेश अपने फेसबुक अकाउंट पर जारी किया। इस वीडियो में मोनू सिंह ने देश के शिर्ष नेतृत्व से न्याय की गुहार लगाई है और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

वीडियो में ज्ञानेंद्र सिंह मोनू ने कहा आदरणीय योगी जी मोदी जी और सीबीआई महोदय से मेरा निवेदन है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, मोनू का आरोप है कि उसे एक बड़ी साजिश के तहत फसाया जा रहा है।

मोनू सिंह ने अपने ही गांव के प्रभावशाली व्यक्ति मुकेश सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, मुकेश सिंह एक बेहद रसूखदार और पहुंच वाला व्यक्ति है। इसके खिलाफ बलिया गाजीपुर और लखनऊ में कम से कम 10 मुकदमे दर्ज है। मोनू ने आरोप लगाया कि बांसडीह थाने की पुलिस मुकेश सिंह को पूरा सहयोग करती है। अपराधीक इतिहास होने के बावजूद पुलिस ने उसे पिस्तौल का लाइसेंस और गनर तक मुहैया करा रखा है। आपसी विवाद के कारण मुकेश सिंह उसे हर मामले में घसीटना चाहता है। मोनू ने मुकेश पर धोखाधड़ी करने और गाजीपुर में डीएम द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कहीं।

गैंगस्टर मोनू ने वीडियो में साफ तौर पर कहा कि वह अब भागते-भागते थक चुका है और कानून के सामने हाजिर होना चाहता है लेकिन उसे उत्तर प्रदेश पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है क्योंकि इन्होंने हर जगह अपने लोगों को लगा रखा है जो मेरा एनकाउंटर करना चाहते हैं ताकि यह मामला यहीं दब जाए और सच मुकेश सिंह तक न पहुंच सके।

मोनू सिंह ने अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ बताया। उसने कहा मैं भी एक आरएसएस का बेटा हूं। मेरे बारे में भी पता किया जाए मेरे ऊपर जो भी कैस दिखाया जा रहा है, अगर सीबीआई उनकी निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा। उसने यह स्वीकार किया कि उसका एकमात्र कसूर यह था कि उसने मुकेश सिंह के कहने पर गाजीपुर में सिर्फ एक गाड़ी छोडी थी और वह आगे की जांच में पूरी तरह सहयोग करने को तैयार है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से स्थानीय पुलिस प्रशासन और सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद जांच एजेंसियां क्या रुख अपनाती है। फिलहाल मोनू सिंह ने गैंगस्टर कोर्ट बलिया में आत्मसमर्पण कर दिया है।

पश्चिम बंगाल के चर्चित हत्याकांड मामले में बंगाल की सियासत के साथ-साथ अब यूपी के पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।बलिया के एक छोटे से गांव से जुड़े इस तार ने जांच एजेंसियों को भी चकरा दिया है।अब देखना यह होगा कि गैंगेस्टर कोर्ट में सरेंडर के बाद क्या पश्चिम बंगाल पुलिस या सीबीआई मोनू सिंह को रिमांड पर लेने के लिए बलिया कोर्ट का रुख करती है या नहीं।

बिजनौर : जिला सैनिक बंधु की बैठक में डीएम ने दिए समस्याओं के निराकरण के निर्देश

बिजनौर 04 जून, 2026:-जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सैनिक बन्धु की बैठक आयोजित हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निदान के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है और उनकी सभी शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए सैनिक बंधु बैठक के रूप में जो प्लेटफार्म दिया है, जिला प्रशासन इसका भरपूर लाभ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों एवं उनके परिवारों के हितों का संरक्षण प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी पूर्व सैनिक शिकायतकर्ताओं की शिकायत को बहुत ही ध्यानपूर्वक सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के लिए कहा गया। बैठक में पूर्व सैनिकों द्वारा सड़क, भूमि विवाद, शस्त्र लाइसेंस, अवैध अतिक्रमण आदि के संबंध में शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गईं। उन्होंने प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन उनकी शिकायतों के समाधान के लिये गंभीर है और सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समयपूर्वक तत्पर के साथ निस्तारण कराया जाएगा।
बैठक के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन अनिल गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं पूर्व सैनिक बन्धु मौजूद थे।

एटा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने ली रिजर्व पुलिस लाईन में शुक्रवार परेड की सलामी

एटा 05 जून उप्रससे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 इलामारन द्वारा पुलिस लाइन में शुक्रवार परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने परेड में सम्मलित सभी पुलिस कर्मियों के टर्नआउट को चेक करते हुए सभी अधिकारी/कर्मचारीगणों को ड्यूटी के दौरान उच्च कोटि की निर्धारित वर्दी पहनने व जनता से मधुर व्यवहार स्थापित करने के लिए निर्देशित किया।

शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए लगवाई गई दौड़

निरीक्षण के पश्चात सभी पुलिस कर्मियों को शारीरिक व मानसिक रुप से फिट रहने हेतु दौड़ लगवाई गई। परेड के दौरान अनुशासन व एकरुपता के लिए टोलीवार ड्रिल कराई गई। परेड के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पीआरवी-112 के वाहनों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रत्येक वाहनों के लाईट, हूटर व पीए सिस्टम आदि की गहनता से चेकिंग की तथा पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण/सुरक्षा उपकरणों के सम्बंध में जानकारी लेते हुए उनकी चेकिंग की। रिस्पॉन्स टाइम सही रखने के लिए सख्त हिदायत दी। इसके उपरांत मेंस, कैंटीन, बैरक, पुलिस आवासीय परिसर का निरीक्षण कर परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक, साफ़ सफाई आदि का जायजा भी लिया। सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ साथ उनके रहने खाने-पीने एवं अन्य समास्याओं के सम्बन्ध में जानकारी कर समस्या का निराकरण करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया।

“विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर पुलिस लाइन में किया गया वृक्षारोपण

“विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर ने पुलिस लाइन परिसर में वृक्षारोपण किया। इस दौरान उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से खाली जगह पर वृक्ष लगाने की अपील करते हुए कहा कि वृक्ष हमारे पर्यावरण को संतुलित करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
परेड के दौरान क्षेत्राधिकारी सदर/लाइन संकल्पदीप कुशवाह, प्रतिसार निरीक्षक किशन लाल गौतम सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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