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अजीत नगर में धूमधाम से हुआ शिव-पार्वती विवाह, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

August 25, 2026

अजीत नगर में धूमधाम से हुआ शिव-पार्वती विवाह, भजनों पर झूमे श्रद्धालु

-शिव विवाह प्रसंग सुंनती महिलाये
हाथरस। सावन माह के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर सासनी के मोहल्ला अजीत नगर मे स्थित नागेश्वर  महादेव मंदिर पर शिव-पार्वती विवाह संगीतमय प्रसंग का भव्य आयोजन किया गया। उदयवीर म्यूजिकल ग्रुप द्वारा प्रस्तुत धार्मिक कार्यक्रम में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की मनमोहक झांकी सजाई गई। विवाह समारोह देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने शिव-पार्वती विवाह से जुड़े भजनों और धार्मिक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
आयोजित कार्रक्रम में भजनों की धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे, तथा मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के जयकारों से गुंजायमान हो गया। वहीं मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र में शांति की कामना की। कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। आयोजन में बच्चू कौशिक, सचिन कौशिक, दीपक कौशिक, श्रीनिवास कौशिक, पवन कौशिक, हरवीर सिंह तोमर, गोपाल ठाकुर और लड्डू ठाकुर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार पर शिव-पार्वती विवाह का आयोजन श्रद्धालुओं में धार्मिक आस्था और भक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम तक महादेव मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा।

26वीं यूपी इंटर स्कूल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में लखनऊ का भी बोलबाला

लखनऊ की बेटी खदिजा बिलाल किदवई ने स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में लखनऊ का नाम किया रोशन।

– Shooting Champs Academy की निशानेबाज और Mount Carmel College की  5 वी class की छात्रा ने Top-22 में बनाई जगह।

– नेशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई

लखनऊ। 26वीं यूपी इंटर स्कूल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में लखनऊ की होनहार निशानेबाज खदिजा बिलाल किदवई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Top-22 में स्थान हासिल कर नेशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है।

नोएडा के रामाज्ञा स्पोर्ट्स एकेडमी में 20 से 23 अगस्त तक आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 1,500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच खदिजा ने बेहतरीन एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर 22वां स्थान हासिल किया।

—- Shooting Champs Academy के निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन-

Shooting Champs Academy, Lucknow के खिलाड़ियों ने इस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर अकादमी और लखनऊ का गौरव बढ़ाया।

अकादमी की Babli Kumari ने Air Rifle में 383/400 का शानदार स्कोर बनाया, जबकि Khadijah Bilal Kidwai ने Air Pistol में 350/400 अंक हासिल किए।
अन्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में Aranya Tripathi ने 380/400, Bhargavi Rai ने 351/400 और Rishabh Chauhan ने 561/600 का स्कोर हासिल किया।

अकादमी ने Ridhima Yadav , Bhaskar Nath Pandey, Jayditya Pratap Singh, Divyansh Singh, Shubh Prajapati और Avika Chaurasia के भी सराहनीय प्रदर्शन की प्रशंसा की।

—– मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम

इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां उनके निरंतर अभ्यास, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। खिलाड़ियों को इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट मानवेंद्र प्रसाद सर , राहुल चौरसिया सर, विजय सर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है।

—– Mount Carmel College की छात्रा हैं खदिजा

खदिजा बिलाल किदवई Mount Carmel College, Lucknow की 5 वी class की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ शूटिंग में उनकी यह उपलब्धि स्कूल, परिवार, अकादमी और पूरे लखनऊ के लिए गर्व का विषय है।

—- अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाएंगी हुनर

स्टेट चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद खदिजा अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपने हुनर का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। उनके परिवार, कोच और शुभचिंतकों को उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ, Shooting Champs Academy,  Mount Carmel College और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

Shooting Champs Academy ने सभी युवा निशानेबाजों को उनकी शानदार उपलब्धियों पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बागपत में मिलावटी मावा पर बड़ी कार्रवाई, 210 किलो मावा नष्ट, 43 किलो पाउडर सीज

बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। टटीरी टोल प्लाजा पर दिल्ली जा रही कैंटर से 210 किलो संदिग्ध मावा पकड़कर मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, जबकि बिजवाड़ा गांव में भट्टी से 43 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर सीज किया गया। टीम ने कुल 5 नमूने जांच के लिए भेजे हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य डीपी सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में 24 अगस्त की आधी रात और 25 अगस्त को छापेमारी की गई। टटीरी टोल पर एक संदिग्ध गाड़ी को रोका गया, जिसमें रामकुमार, ओमबीर, नीतू और रवि का मावा अस्वच्छ हालात में दिल्ली ले जाया जा रहा था। शक के आधार पर 4 नमूने लेकर 210 किलो मावा (कीमत 56,700 रुपये) नष्ट कराया गया।
दूसरी कार्रवाई बड़ौत के ग्राम बिजवाड़ा में नौशाद की मावा भट्टी पर हुई, जहां से 43 किलो मिल्क पाउडर (कीमत 12,900 रुपये) सीज किया गया। तीसरी गाड़ी को रोकने पर चालक महताब और भट्टी संचालक मीर हसन, सचल दल से अभद्रता कर गाड़ी लेकर फरार हो गए। उनके खिलाफ थाना बागपत में मुकदमा दर्ज कराया गया है। टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी यज्ञदत्त आर्य व निधि रानी मौजूद रहीं।
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विश्व बंधु शास्त्री

राना बेनी माधव की जयंती पर रायबरेली में विरासत, विकास और अंत्योदय का संगम

प्रणय विक्रम सिंह

*अवध मा राना भयो मरदाना…*
रायबरेली 24 अगस्त 2026, कुछ नाम इतिहास के पन्नों पर लिखे जाते हैं और कुछ लोक की आत्मा में। ‘अवध केसरी’ राना बेनी माधव बख्श सिंह ऐसा ही नाम हैं, जिन्हें बैसवारे की माटी ने अपने स्वाभिमान में, लोक ने अपने गीतों में और पीढ़ियों ने अपनी स्मृतियों में सहेज रखा है।

1857 में जब मेरठ से उठी स्वाधीनता की चिंगारी अवध पहुंची, तब राना ऐसे सेनानायक बनकर सामने आए, जिनके लिए सत्ता से बड़ा स्वाभिमान और जीवन से बड़ी मातृभूमि थी। अंग्रेजी सत्ता के अपार सैन्य बल और संसाधनों के सामने उनके पास अपनी माटी के प्रति अगाध प्रेम और पराधीनता के विरुद्ध संघर्ष का अदम्य संकल्प था।

उन्होंने समझौते और समर्पण के बजाय संघर्ष चुना तथा अपना सामर्थ्य और संसाधन मातृभूमि की स्वतंत्रता के यज्ञ में अर्पित कर दिए। उनके लिए यह राजसत्ता की नहीं, भारत की अस्मिता और अपने जन के स्वाभिमान की लड़ाई थी।

इसीलिए उनका शौर्य इतिहास के अभिलेखों तक सीमित नहीं रहा, लोकगीतों और जनस्मृतियों में उतर गया। बैसवारे ने उन्हें केवल अपना राजा नहीं, अपने स्वाभिमान का प्रतीक माना। पीढ़ियां बदलती रहीं, लेकिन उनकी वीरगाथा चौपालों और लोककंठ में जीवित रही।
राना बेनी माधव का जीवन शस्त्र और साधना, शौर्य और स्वाभिमान, संघर्ष और समर्पण का अद्भुत संगम था। मातृभूमि उनके लिए भूगोल नहीं, आराधना थी और यही भाव उन्हें इतिहास से आगे बढ़ाकर लोकमानस में अमर कर गया।

‘अवध केसरी’ राना बेनी माधव बख्श सिंह ने जिस माटी की अस्मिता के लिए अपना सर्वस्व दांव पर लगाया और जिस जन के स्वाभिमान के लिए विदेशी सत्ता से लोहा लिया, उनकी 222वीं जयंती पर क्रांतिभूमि रायबरेली ने उसी गौरवशाली विरासत को कृतज्ञता से स्मरण किया।

रायबरेली में आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राना के अप्रतिम शौर्य और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए उनके स्वाभिमान और संघर्ष के संस्कारों को अंत्योदय, सामाजिक न्याय और विकास के वर्तमान संकल्प से जोड़ा।

समय बदला, परिस्थितियां बदलीं और शासन की भूमिका भी बदली, किंतु जनसम्मान का मूल भाव नहीं बदला। लोकतांत्रिक भारत में उस स्वाभिमान की सार्थक अभिव्यक्ति यही है कि विकास की पंक्ति में कोई अंतिम न रहे, शासन की योजनाओं से कोई वंचित न रहे और अभाव किसी व्यक्ति के सम्मानपूर्ण जीवन में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹21 करोड़ से अधिक की लागत से नवनिर्मित ‘राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार’ का लोकार्पण कर उनकी गौरवशाली विरासत को स्थायी स्वरूप दिया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों का सम्मान तथा ‘अवध केसरी स्मारिका’ एवं विशेष आवरण का विमोचन इस भाव को और गहरा कर गया कि स्वतंत्रता केवल हमें मिला अधिकार नहीं, पूर्वजों के त्याग से प्राप्त उत्तराधिकार है।

यह केवल इतिहास को सहेजने का उपक्रम नहीं, स्वतंत्र वर्तमान पर बलिदानी अतीत के ऋण की स्वीकारोक्ति भी थी। यह सभागार आने वाली पीढ़ियों को राना की शौर्यगाथा से जोड़ेगा और बलिदानी परिवारों का सम्मान सदैव स्मरण कराएगा कि राष्ट्र अपने लिए सर्वस्व अर्पित करने वालों को कभी विस्मृत नहीं करता।

लेकिन राना की स्मृति को प्रणाम करने के साथ उनकी धरती के वर्तमान को संवारने का संकल्प इस आयोजन को विशेष अर्थ देता है। मुख्यमंत्री ने रायबरेली, बछरावां एवं हरचंदपुर विधान सभा क्षेत्रों में ₹879 करोड़ से अधिक लागत की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। यहां विकास केवल निर्माण कार्यों का हिसाब नहीं था, बल्कि उस विचार की अभिव्यक्ति था जिसमें विरासत आत्मविश्वास देती है और विकास उस आत्मविश्वास को भविष्य देता है।

विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को DBT के माध्यम से ₹19 करोड़ का अंतरण, आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति-पत्र और चाबी का वितरण इसी विकास-दृष्टि को व्यक्ति के जीवन तक ले गया। किसी जरूरतमंद को उपचार का भरोसा, किसी युवा के हाथ में तकनीक, किसी परिवार को योजना का अधिकार, यही अंत्योदय का वह व्यावहारिक स्वरूप है, जिसमें शासन की सफलता सबसे ऊपर खड़े व्यक्ति की समृद्धि से नहीं, सबसे पीछे खड़े व्यक्ति तक पहुंची सुविधा से मापी जाती है।

इस पूरी तस्वीर का सबसे मार्मिक पक्ष सपेरा समुदाय एवं अन्य वर्गों के 60 से अधिक आवास विहीन परिवारों को आवासीय पट्टों का आवंटन रहा। सामाजिक और आर्थिक हाशिए पर जीवन बिताते किसी परिवार के हाथ में अपनी भूमि का अधिकार पहुंचना केवल प्रशासनिक आवंटन नहीं है, यह सामाजिक न्याय को जमीन देना, अंत्योदय को अधिकार में बदलना और जीवन को स्वाभिमान से जोड़ना है। जिसके पास अपनी कही जा सकने वाली जमीन न हो, उसके लिए भूमि का छोटा-सा टुकड़ा भी केवल संपत्ति नहीं होता.. वह पहचान है, स्थायित्व है, आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा है। कल इसी भूमि पर घर बनेगा, आंगन में बच्चे खेलेंगे, चौखट पर दीप जलेगा और वर्षों से ठिकाने की तलाश में रहा परिवार पूरे अधिकार से कह सकेगा कि यह हमारी जमीन है, यह हमारा घर है।

यहीं बैसवारे के मान ‘राना’ के संस्कार और वर्तमान शासन का संकल्प एक बिंदु पर मिलते दिखाई देते हैं।

राना ने अपनी माटी के स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया था, आज उसी माटी पर अंतिम व्यक्ति के स्वाभिमान की रक्षा सुशासन का धर्म है। तब संघर्ष विदेशी सत्ता से मुक्ति का था, आज संकल्प गरीबी, वंचना और अवसरों की असमानता से मुक्ति का है। तब मातृभूमि की अस्मिता की रक्षा के लिए शस्त्र उठे थे, आज शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और विकास के माध्यम से प्रत्येक नागरिक की गरिमा को सामर्थ्य देना समय का दायित्व है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रायबरेली का यह आयोजन इसी अर्थ में विशेष बन गया। राना की स्मृति को सम्मान मिला, उनकी धरती को विकास की सौगात मिली और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक अधिकार पहुंचा। सांस्कृतिक स्वाभिमान और सामाजिक न्याय यहां अलग-अलग धाराएं नहीं रहे, बल्कि लोक-कल्याण के एक ही संकल्प में समाहित दिखाई दिए।

महापुरुषों का वास्तविक अनुगमन उनके नाम के स्मरण से नहीं, उनके संस्कार को अपने समय के कर्तव्य में उतारने से होता है। राना का शौर्य हमें स्वाभिमान का संस्कार देता है, अंत्योदय उसी स्वाभिमान को अंतिम व्यक्ति के सम्मान से जोड़ता है और विकास उसे आने वाली पीढ़ियों के सामर्थ्य में बदलता है।

रायबरेली की उस धरती पर, जहां राना की वीरता आज भी लोककंठ में जीवित है, विरासत, विकास और अंत्योदय का यह संगम एक सुंदर निरंतरता रचता है।

दो शताब्दियों के अंतराल में समय और चुनौतियां भले बदल गई हों, लेकिन लोकमंगल का मूल मंत्र वही है… अपने जन का सम्मान, अपनी माटी का गौरव और राष्ट्र सर्वोपरि। यही राना की विरासत का अनुगमन है, यही विरासत से विकास, स्वाभिमान से सम्मान और अंत्योदय से राष्ट्रोदय की यात्रा है।

एटा में निजी क्लीनिक पर इंजेक्शन के बाद महिला की मौत, परिजनों ने क्लीनिक के बाहर किया हंगामा

एटा 24 अगस्त उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव कसेटी में आज सोमवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब हाथ की चोट का इलाज कराने निजी क्लीनिक पहुंची 45 वर्षीय महिला की इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने शव को मेडिकल कॉलेज से वापस लाकर निजी क्लीनिक के बाहर रखकर करीब आधा घंटा तक हंगामा किया।

धिरामई निवासी लाड़प्यारी पत्नी राजेंद्र करीब आठ दिन पहले गिर गई थीं। जिससे उनके हाथ में चोट लगी थी। आज दोपहर करीब दो बजे परिजन उन्हें कासगंज रोड स्थित गांव कसैटी के एक निजी क्लीनिक पर दवा दिलाने पहुंचे थे।

परिजनों ने बताया कि क्लीनिक पर महिला को इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतका के बेटे शीलेन्द्र का आरोप है कि उनकी मां को इंजेक्शन लगने के बाद ही अचानक परेशानी शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। बेटे ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

परिजन महिला के शव को मेडिकल कॉलेज से वापस लाकर निजी क्लीनिक पहुंचे। वहां शव को रखकर करीब आधा घंटा तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची कोतवाली देहात पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।

वर्जन
थाना कोतवाली देहात प्रभारी कृष्णकांत लोधी ने बताया कि महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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