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एटा में लखनऊ हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों की पड़ताल

June 24, 2026

एटा में लखनऊ हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों की पड़ताल

35 से अधिक में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास नहीं, तंग गलियों में संचालन

एटा 24 जून उप्रससे। लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद जनपद में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की गई। इस पड़ताल में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं। कस्बे और आसपास संचालित अधिकांश कोचिंग संस्थान तथा लाइब्रेरी बिना सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 35 से अधिक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी संचालित हैं। इनमें से अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तक उपलब्ध नहीं हैं। कई जगहों पर छात्रों के प्रवेश और निकास के लिए केवल एक संकरा रास्ता है, जबकि आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई वैकल्पिक निकास द्वार नहीं बनाया गया है।
इधर अलीगंज तहसील क्षेत्र में जांच के दौरान मोहल्ला काजी, मोहल्ला छेदा लाल गौड़, लोहारी दरवाजा, किला रोड, सराय अड्डा और मोहल्ला राधाकृष्ण सहित विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कोचिंग और लाइब्रेरी की हकीकत सामने आई। कई संस्थान बहुमंजिला भवनों में चल रहे हैं, जहां एक समय में बड़ी संख्या में छात्र अध्ययन करते हैं। ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी आपदा आने पर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता है। कई संस्थानों में बिजली के तार अव्यवस्थित पाए गए। ओवरलोडेड कनेक्शन और असुरक्षित विद्युत उपकरण संभावित दुर्घटना की आशंका को और बढ़ा रहे हैं।

कस्बे के निवासी दीपक बाबू का कहना है कि प्रशासनिक निरीक्षण के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की प्रभावी जांच नहीं होने के कारण संस्थान बिना आवश्यक व्यवस्थाओं के संचालित हो रहे हैं। लखनऊ की घटना के बाद छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि शिक्षा के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को लागू नहीं कराया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

वर्जन
उप जिलाधिकारी अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। सभी संबंधित संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन करने, अग्निशमन यंत्र लगाने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा जल्द ही जांच अभियान चलाकर नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मथुरा में समीक्षा बैठक, हाईराइज भवनों के निरीक्षण के निर्देश

मथुरा। जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी फायर स्टेशन प्रभारियों एवं यूपी-112 के प्रभारी ने भाग लिया।
बैठक के दौरान फायर स्टेशनवार उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों, संचार प्रणालियों तथा इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तहसीलवार प्रशिक्षित अग्नि सचेतकों की सूची तैयार करें तथा पिछले तीन वर्षों में जारी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का अद्यतन विवरण उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा जनपद के सभी जी+3 व्यावसायिक भवनों एवं हाईराइज इमारतों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस विवरण में भवन स्वामियों की जानकारी, संभावित फुटफॉल तथा वेंटिलेशन व्यवस्था को शामिल किया जाएगा।
बैठक में सभी फायर स्टेशन प्रभारियों को संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया कि अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

Hathras बंबे में बहता मिला युवती का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

हाथरस।सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव बंजारे नगला दौलतपुर के निकट बुधवार दोपहर करीब एक बजे बंबे में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।बताया गया कि गांव के कुछ बच्चे बंबे में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में बह रहे एक शव पर पड़ी। बच्चों ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी, जिसके बाद घटना की सूचना तत्काल पुलिस और डायल-112 को दी गई।सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी शिवकुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बंबे से बाहर निकलवाया। मृतका की उम्र लगभग 22 वर्ष बताई जा रही है। वह पीले रंग का सूट-सलवार पहने हुए थी।पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा युवती की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

June 23, 2026

फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Time 10.02 PM, Lucknow CM Yogi Adityanath

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री

जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री

आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा

लखनऊ, 23 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए।

बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

15 वर्षों की सेवाओं के बाद मंडलीय अध्यक्ष पद से डॉ. अखिलेश यादव का त्यागपत्र

मथुरा। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के आगरा मंडल के मंडलीय अध्यक्ष डॉ. अखिलेश यादव, प्रधानाचार्य राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दघेंटा, बलदेव (मथुरा) ने पदोन्नति के उपरांत नैतिक आधार पर अपने संघीय पद से त्यागपत्र दे दिया है।
डॉ. अखिलेश यादव ने लगभग 15 वर्षों तक मंडलीय अध्यक्ष के रूप में संगठन की सेवा करने के बाद अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष  सुनील कुमार भड़ाना एवं प्रदेश महामंत्री रवि भूषण को प्रेषित किया। उन्होंने त्यागपत्र के माध्यम से संगठन के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि “संगठन हमसे नहीं, हम संगठन से हैं।”
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों के लिए समर्पण तथा शोषण के विरुद्ध संघर्ष आगे भी निरंतर जारी रहेगा। त्यागपत्र भेजने से पूर्व उन्होंने मंडलीय मंत्री  चंद्रवीर सिंह को भी अपने निर्णय से अवगत कराया।
गौरतलब है कि 23 जून 2026 को मथुरा में राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश का प्रांतीय चिंतन शिविर आयोजित होने जा रहा है। शिविर में प्रदेश के सभी जिलों से जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, मंडल अध्यक्ष एवं मंडल मंत्री भाग लेकर संगठन के विभिन्न विषयों पर चिंतन और मंथन करेंगे।
डॉ. अखिलेश यादव का यह निर्णय संगठनात्मक नैतिकता एवं आदर्श नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है, जिसकी शिक्षक समाज में व्यापक चर्चा हो रही है।
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