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राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित

August 12, 2026

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित

संसद

नई दिल्ली, 12 अगस्त 26, संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में और संशोधन करना है। यह विधेयक राज्य सरकारों को सहकारी विकास में लगी किसी भी संस्था को निगम से निधि प्रदान करने की भी अनुमति देता है। निगम किसी भी सहकारी समिति या सहकारी विकास में लगी संस्था को सीधे ऋण और अनुदान भी प्रदान कर सकता है।

चर्चा का उत्तर देते हुए श्री मोहोल ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से देश भर के करोड़ों किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम- एन.सी.डी.सी की स्थापना देश में सहकारी क्षेत्र के संगठित और सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। श्री मोहोल ने कहा कि 1963 में एन.सी.डी.सी की स्थापना से लेकर 2014 तक, पिछली सरकार ने केवल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि, 2014 से लेकर पिछले 12 वर्षों में वित्तीय सहायता बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये हो गई है।

श्री मोहोल ने कहा कि आज देश में आठ लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे लगभग 3 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें लगभग 25 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। श्री मोहोल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन प्रदान करने के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। श्री मोहोल ने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 17 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 163 से अधिक प्रमुख पहलें की गई हैं।

भाजपा के डॉ. रामराव वाडकुटे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप लाखों लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से सशक्त बनाया गया है।

विधेयक का समर्थन करते हुए, वाईएसआरसीपी के गोल्ला बाबूराव ने कहा कि एन.सी.डी.सी का विस्तार एक स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से डेयरी और मत्स्य पालन सहित कई क्षेत्रों को अधिक पूंजी और आधुनिक अवसंरचना मिलेगी।

जनता दल (यूनाइटेड) के संजय कुमार झा ने विधेयक का समर्थन किया। श्री झा ने कहा कि विधेयक से न केवल उत्पादों को बल्कि भंडारण और मूल्य श्रृंखला को भी समर्थन मिलेगा।

तेलुगु देशम पार्टी के विजय चिंतकयाला और शिवसेना की ज्योति वाघमारे ने भी विधेयक के समर्थन में बात की।

सरकार हर मुद्दे पर बयान देने को तैयार: अमित शाह

AMIT SHAH

New Delhi News, 12 August 26, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के मुद्दे सहित किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और संसद में सदस्यों की ओर से उठाए गए सभी सवालों का जवाब देगी। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में श्री शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दोपहर दो बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दे सकता है, ताकि आज दोपहर तीन बजे चर्चा शुरू हो सके।

श्री शाह ने कहा कि चर्चा शुरू होने पर वह सदन में मौजूद रहेंगे और सभी सदस्यों की बातें सुनेंगे। उन्होंने कहा कि चर्चा पूरी होने के बाद वह कल दोपहर तीन बजे चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

श्री शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार नीट परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के प्रदर्शन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मुद्दे पर चर्चा संसदीय प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। श्री शाह ने आरोप लगाया कि विपक्ष सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।

August 8, 2026

हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें युवा: मोदी

नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान- आई.आई.टी. दिल्ली के विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने निर्णयों में राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखें और स्वयं से यह प्रश्न करें कि उनके कार्यों से देश को किस प्रकार लाभ हो सकता है और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकती है। श्री मोदी ने ये बातें आई.आई.टी. दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अपने समय की विशिष्ट चुनौतियों का सामना करती है और अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने कहा कि स्नातक विद्यार्थियों द्वारा अगले 30 से 35 वर्षों में किए जाने वाले कार्य का देश के विकसित भारत के मार्ग पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नए क्षेत्र उभर रहे हैं, जो युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष और ड्रोन जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य कर रहा है। श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता की यह पहल विकसित भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार का काम करेगी।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया के युग में उत्पन्न होने वाले विकर्षणों के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वेतन, नौकरी या कार्यक्षेत्र के आधार पर दूसरों से अपनी तुलना करने से बचना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि जीवन कोई लीडरबोर्ड नहीं है और किसी की यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि स्वयं से प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे हर दिन पिछले दिन से बेहतर बनने के लिए प्रयासरत रहें।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ने भारत के शिक्षा तंत्र को शिक्षार्थी-केंद्रित, अनुसंधान-आधारित और भविष्य के लिए तैयार बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के संस्थानों में नया आत्मविश्वास जगाया है। उन्‍होंने कहा कि देश के कैंपस न केवल स्नातक, बल्कि नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और राष्ट्र निर्माता भी तैयार करने में सक्षम हैं।
आई.आई.टी. दिल्ली के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी भी समारोह में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आई.आई.टी. दिल्ली में ‘परम प्रज्ञा’ नामक एक उच्च दक्षता की कंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन भी किया।

ब्रिक्स बैठक में संस्कृति का भोपाल घोषणापत्र जारी

भोपाल, 08 अगस्त 2026, भारत की ब्रिक्‍स अध्यक्षता में आज मध्‍य प्रदेश के भोपाल में 11वीं ब्रिक्‍स संस्कृति मंत्रियों की बैठक हुई। बैठक में ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाया गया। इसका उद्देश्‍य ब्रिक्‍स सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मज़बूत करना है। बैठक में 10 ब्रिक्‍स सदस्य और चार सहयोगी देशों सहित कुल 14 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कलाकारों के लिए और ज़्यादा मौके बनाने पर भी ध्यान दिया। बैठक में कलाकारों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करने के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और उसे बहाल करना भी एक अहम मुद्दा था।

भारत ने ब्रिक्‍स देशों के कलाकारों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पेशेवर नेटवर्क को बढ़ावा देने के लिए एक पायलट योजना ‘स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री’ शुरू करने की घोषणा की। बैठक में कलाकारों के अधिकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में कॉपीराइट वाले कामों के सही इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भोपाल ने सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक व्यावहारिक और भविष्य की सोच वाला ढांचा तैयार किया है। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए पारंपरिक ज्ञान, भाषाओं, लोक संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर बल दिया। श्री शेखावत ने कहा कि मध्य प्रदेश की संस्कृति और विरासत पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि इन सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा आवश्यक: अमित शाह

नई दिल्ली, 08 अगस्त 2026, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर बल दिया है। आज मुंबई में आयोजित ‘सहकार नव-क्रांति’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि डिजिटल लेनदेन में धोखाधड़ी बढ़ रही है और बैंकिंग सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत फोरेंसिक सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने साइबर और वित्तीय अपराधों से निपटने में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
गृह मंत्री ने एक सुरक्षा संचालन केंद्र का भी शुभारंभ किया, जो शहरी सहकारी बैंकों को चौबीसों घंटे साइबर निगरानी और सुरक्षा सहायता प्रदान करेगा। श्री अमित शाह ने मुंबई के फोर्ट क्षेत्र में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के नए कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। इन पहलों का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और भारत के शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तेजी लाना है।

गृह और सहकारिता मंत्री ने देश के सभी सहकारी बैंकों से राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम में शामिल होने का आग्रह किया है। यह निगम देश के सहकारी बैंकों का एक छत्र संगठन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगठन अपनी सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाकर शहरी बैंकिंग क्षेत्र में परिवर्तन लाएगा।

श्री अमित शाह ने कहा कि समृद्धि प्राप्त करने के लिए केवल पूंजी बाजार ही पर्याप्त नहीं होगा। स्वरोजगार की एक समानांतर प्रणाली भी विकसित की जानी चाहिए, और इस संबंध में शहरी सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं है, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। श्री अमित शाह ने कहा कि संगठन का मुख्यालय जल्द ही दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा, क्योंकि महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और कर्नाटक मिलकर भारत के 70 प्रतिशत शहरी सहकारी बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

श्री अमित शाह की उपस्थिति में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने ‘बैंक इन ए बॉक्स’ पहल, सुरक्षा संचालन केंद्र और कई संबंधित सेवाओं का शुभारंभ किया। श्री अमित शाह ने एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और कार्यक्रम में छह सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

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