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प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

June 16, 2026

प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की

Posted Date:- Jun 14, 2026

नीस (पेरिस), प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 14 जून 2026 को नीस के विला केर्लियोस में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस वर्ष की शुरुआत में भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक थी।

दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया तथा रक्षा प्लेटफॉर्मों और उन्नत तकनीकों के सह-डिज़ाइन, सह-विकास और सह-उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हुए इसे और अधिक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया और मानव अंतरिक्ष उड़ान तथा अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में, उन्होंने कहा कि भारत का शांति अधिनियम छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों सहित सहयोग के लिए नए अवसर पैदा करता है।

‘हॉराइजन 2047 रोडमैप’ के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए, दोनों नेताओं ने आर्थिक विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार, टैलेंट मोबिलिटी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के लिए ठोस विचार भी साझा किए। इस संदर्भ में, उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि का उल्लेख किया और इसे पांच वर्षों में दोगुना करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र लागू करने का आह्वान किया, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। नेताओं ने लघु एवं मध्यम उद्यम, विमानन और रेलवे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। उन्होंने कानपुर में एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्र’ स्थापित करने के समझौते का स्वागत किया। आर्थिक सुरक्षा पर संवाद शुरू करने का स्वागत करते हुए, दोनों नेताओं ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के मामले में आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

द्विपक्षीय संबंधों में नवाचार और प्रौद्योगिकी की अहम भूमिका को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस साझेदारी को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए “नवाचार रोडमैप 2030” को अपनाया। दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की और इस उद्देश्य के लिए एक संयुक्त भारत-फ्रांस एआई वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के नेताओं द्वारा नीस में संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन और प्रधानमंत्री की पेरिस में ‘विवाटेक’ में आगामी भागीदारी ने डीप-टेक, सेमीकंडक्टर, एग्री-टेक, मेड-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत किया है। दोनों नेताओं ने फ्रांस में यूपीआई के बढ़ते उपयोग और दोनों देशों के नवाचार इकोसिस्टम के संस्थानों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर की सराहना की।

दोनों नेताओं ने लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने फ्रांसीसी हवाई अड्डों पर भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांज़िट की सुविधा को शीघ्र लागू करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच प्रतिभाओं व छात्रों के आदान-प्रदान को बढ़ाने और शैक्षणिक योग्यताओं को पारस्परिक मान्यता देने के दायरे को बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति के तहत फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर सहित संग्रहालयों और सांस्कृतिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति सहित वैश्विक महत्व के मामलों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने एवियन में आगामी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उत्सुकता व्यक्त की और शिखर सम्मेलन से पहले भारत को महत्वपूर्ण चर्चाओं में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति मैक्रों को धन्यवाद दिया।

दोनों नेताओं ने दोहराया कि भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी दोनों देशों के लोगों के लिए अवसर पैदा करने और अंतर्राष्ट्रीय शांति, स्थिरता व समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मैक्रों ने फ्रांसीसी कलाकारों श्री थिबॉल्ट डे ला लांस और श्री थियोफिल डे बाशर द्वारा भारत के जयपुर में 10-दिवसीय कला आवास कार्यक्रम के दौरान निर्मित कलाकृतियों का भी अवलोकन किया। कलाकारों ने भारतीय विरासत और सौंदर्य-बोध से प्रेरणा ली, जिसके परिणामस्वरूप ऐसी कलाकृतियां बनीं जो भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संगम को दर्शाती हैं।

वार्ता के बाद, राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में दोपहर भोज का आयोजन किया।

राष्ट्रीय गौरव: पीएम मोदी को 12 वर्ष में विश्व के 39 सर्वोच्च सम्मान

Posted on 16.06.2026 Time 06.30 PM Tuesday, Narendra Modiनई दिल्ली 16 जून 2026, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कई देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। ये सभी सम्मान पीएम मोदी के नेतृत्व और दूरदृष्टि का प्रतिबिंब हैं जिसने वैश्विक मंच पर भारत के उदय को मजबूत किया है। यह दुनिया भर के देशों के साथ भारत के बढ़ते संबंधों को भी दर्शाता है।आइए, एक नजर डालते हैं पिछले 7 वर्षों में पीएम मोदी को दिए गए पुरस्कारों पर।

विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कार:

1.अप्रैल 2016 में सऊदी अरब की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘किंग अब्दुलअजीज सैश‘ से सम्मानित किया गया था। किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से पीएम मोदी को सम्मानित किया।

2. उसी वर्ष, प्रधानमंत्री मोदी को अफगानिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘अमीर अमानुल्लाह खान पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

3. वर्ष 2018 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिलिस्तीन की ऐतिहासिक यात्रा की, तो उन्हें ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाने वाला फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है।

4. प्रधानमंत्री मोदी को 2019 में ‘ऑर्डर ऑफ जायद‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह संयुक्त अरब अमीरात का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।

5. रूस ने 2019 में प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने यह सम्मान जुलाई 2024 में अपनी मॉस्को यात्रा के दौरान प्राप्त किया।

6. 2019 में मालदीव ने विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाने वाला अपना सर्वोच्च सम्मान ‘निशान इज्जुद्दीन‘ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्मानित किया।

7. पीएम मोदी को 2019 में ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां‘ अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बहरीन द्वारा प्रदान किया गया था।

8. 2020 में पीएम मोदी को यूनाइटेड स्टेट आर्म्ड फोर्सेस अवार्ड ‘लीजन ऑफ मेरिट‘ से सम्मानित किया गया, जो उत्कृष्ट सेवाओं और उपलब्धियों के प्रदर्शन में असाधारण मेधावी आचरण के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा दिया जाता है।

9. भूटान ने दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी को, सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो’ से सम्मानित किया। पीएम मोदी ने मार्च 2024 में, भूटान यात्रा के दौरान यह पुरस्कार ग्रहण किया।

10. 2023 में पापुआ न्यू गिनी की यात्रा के दौरान पीएम मोदी को पलाऊ गणराज्य के राष्ट्रपति सुरंगेल एस व्हिप्स जूनियर द्वारा एबाक्ल अवॉर्ड (Ebakl Award) से सम्मानित किया गया।

11. पीएम नरेन्द्र मोदी को उनके वैश्विक नेतृत्व के लिए फिजी के सर्वोच्च सम्मान, कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी से भी सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार फिजी के प्रधानमंत्री सित्विनी राबुका द्वारा प्रदान किया गया।

12. पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर-जनरल सर बॉब डाडे ने पीएम मोदी को ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू से सम्मानित किया। यह पापुआ न्यू गिनी का सर्वोच्च सम्मान है।

13. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने जून 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिस्र के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ नाइल’ से सम्मानित किया।

14. 13 जुलाई 2023 को पीएम मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा फ्रांस के सर्वोच्च पुरस्कार ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया।

15. 25 अगस्त 2023 को ग्रीस की राष्ट्रपति कतेरीना सकेलारोपोलू ने पीएम मोदी को ‘द ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया।

16. डोमिनिका ने पीएम मोदी को ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया। यह सम्मान पीएम मोदी को नवंबर 2024 में उनकी गुयाना यात्रा के दौरान डोमिनिका की राष्ट्रपति सिल्वेनी बर्टन द्वारा प्रदान किया गया।

17. नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नवंबर 2024 में उनकी यात्रा के दौरान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू द्वारा प्रदान किया गया।

18. गुयाना ने पीएम मोदी को नवंबर 2024 में उनकी यात्रा के दौरान ‘ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली ने प्रदान किया।

19. बारबाडोस की पीएम मिया अमोर मोटली ने नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री की गुयाना यात्रा के दौरान पीएम मोदी को ‘ऑनररी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस अवॉर्ड’ से सम्मानित करने के अपने सरकार के निर्णय की घोषणा की।

20. दिसंबर 2024 में, पीएम मोदी को कुवैत के महामहिम अमीर, शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल सबा द्वारा ‘मुबारक अल-कबीर ऑर्डर’ से सम्मानित किया गया।

21. मार्च 2025 में पीएम मोदी की मॉरीशस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति धरमबीर गोकुल ने पीएम मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन‘ से सम्मानित किया।

22अप्रैल 2025 में पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पीएम मोदी को श्रीलंका के सर्वोच्च सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण‘ अवार्ड से सम्मानित किया।

23) पीएम मोदी को जून 2025 में उनकी साइप्रस यात्रा के दौरान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III‘ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस द्वारा प्रदान किया गया।

24) पीएम मोदी को जुलाई 2025 के दौरे पर ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

25) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में अपनी यात्रा के दौरान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

26) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में ब्राजील दौरे पर, ‘द ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति लूला ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया।

27) पीएम मोदी को जुलाई 2025 में उनकी नामीबिया यात्रा के दौरान ‘The Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान पीएम मोदी को प्रेसिडेंट Dr. Netumbo Nandi-Ndaitwah ने प्रदान किया।

28) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित किया गया। यह इथियोपिया का सबसे बड़ा सम्मान है। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान यह सम्मान उन्हें इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली द्वारा प्रदान किया गया।

29) दिसंबर 2025 में मस्कट की अपनी यात्रा के दौरान, पीएम नरेन्द्र मोदी को ओमान के सुल्तान ने ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ का प्रथम श्रेणी सम्मान प्रदान किया।

30) फरवरी 2026 में इजराइल यात्रा के दौरान, पीएम मोदी को ‘मेडल ऑफ द नेसेट‘ से सम्मानित किया गया।

31)पीएम मोदी मई 2026 को यूरोप दौरे के दूसरे चरण में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग पहुंचे, जहां पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी को प्राप्त यह 31वां वैश्विक सम्मान है।

32)ओस्लो यात्रा के दौरान, पीएम नरेन्द्र मोदी को नॉर्वे के प्रतिष्ठित सम्मान, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च स्तर का सम्मान है। यह पीएम मोदी को प्राप्त 32वां वैश्विक सम्मान है।

33)जून 2026 में स्लोवाकिया की अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने पीएम मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया।

सर्वोच्च नागरिक सम्मानों के अलावा, पीएम मोदी को दुनिया भर के प्रतिष्ठित संगठनों द्वारा कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है।

1. सियोल शांति पुरस्कार : यह सियोल पीस प्राइज कल्चरल फाउंडेशन द्वारा उन व्यक्तियों को द्विवार्षिक रूप से सम्मानित किया जाता है जिन्होंने मानव जाति के सदभाव, राष्ट्रों के बीच सुलह और विश्व शांति में योगदान के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

2. संयुक्त राष्ट्र चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड : यह संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान है। 2018 में संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक मंच पर साहसिक पर्यावरण नेतृत्व के लिए पीएम मोदी सम्मानित किया।

3. 2019 में प्रथम फिलिप कोटलर प्रेसिडेंशियल अवार्ड से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष किसी राष्ट्र के नेता को दिया जाता है। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि पीएम मोदी को उनके “राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट नेतृत्व” के लिए चुना गया।

4. पीएम मोदी को स्वच्छ भारत अभियान के लिए 2019 में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ‘ग्लोबल गोलकीपर‘ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने यह पुरस्कार उन भारतीयों को समर्पित किया जिन्होंने स्वच्छ भारत अभियान को ‘जन-आंदोलन’ में बदल दिया और अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

5. 2021 में कैम्ब्रिज एनर्जी रिसर्च एसोसिएट्स CERA द्वारा ग्लोबल एनर्जी एंड एनवायरनमेंट लीडरशिप अवार्ड पीएम मोदी को दिया गया था। यह पुरस्कार वैश्विक ऊर्जा और पर्यावरण के भविष्य के प्रति नेतृत्व की प्रतिबद्धता को मान्यता देता है।

6. मई 2026 में इटली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रोम स्थित FAO मुख्यालय में आयोजित समारोह में FAO एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने यह सम्मान मेहनती किसानों, पशुपालन और फिशरीज सेक्टर्स से जुड़े लोगों तथा कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया।

June 15, 2026

भाजपा केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, देश बनाने की राजनीति करती है- रक्षा मंत्री

आगरा, 14 जून। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को यहां कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल सरकार बनाने के लिए राजनीति नहीं करती, हम लोग देश बनाने के लिए राजनीति करते हैं, हम जाति की नहीं बल्कि इंसाफ और इंसानियत की राजनीति करने वाले लोग हैं। कोई किसी भी जाति का होगा, चाहे कोई किसी धर्म का, आयुष्मान भारत कार्ड सभी को दिया है, उद्योग, फैक्ट्री लगती है तो उसमें सभी को रोजगार मिलता है। सरकार हर व्यक्ति का जीवन बेहतर कर रही है, गांव-गांव तक जल की व्यवस्था की है, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी को घर मिले हैं, भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति का काम नहीं करती है।
रक्षा मंत्री तहसील शमशाबाद में महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप हिंदुस्तान में अद्वितीय संघर्ष के प्रतीक हैं, जो किसी भी कीमत पर अपने मान सम्मान और मूल्यों के साथ समझौता नहीं कर सकते थे। महाराणा प्रताप के पूरे जीवन से शिक्षा मिलती है कि आजादी की कोई कीमत नहीं हुआ करती, देश और लोगों के आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। उसी सोच के साथ हमने पिछले 12 वर्षों में भारत के गौरव को बढ़ाने के लिए कार्य किया है। विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बड़ी है, पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत बोलता था, भारत को जितनी गंभीरता दी जानी चाहिए, उतनी गंभीरता नहीं दी जाती थी, आज हमारा भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ बोलता है उसे पूरा विश्व सुनता है। वर्ष 2014 के पहले आए दिन आतंकवाद की घटनाएं हुआ करती थी, कांग्रेस के नेता कहते थे कभी-कभी एक-दो इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं।

पाकिस्तान की आतंकवादी घटनाओं से प्रधानमंत्री मोदी ने सिंधु नदी समझौता को सस्पेंड कर दिया है। हमारे देश का पानी पाकिस्तान नहीं जा सकता है, उन्होंने कहा कि अशांति, आतंकवाद फैलाने वालों को हमेशा के लिए शांत करना भी हम जानते हैं। बारह साल पहले कोई सोच नहीं सकता था कि देश को कभी नक्सलवाद से मुक्ति मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जो नेता आम जनता का सम्मान नहीं करते उन्हें जनता का समर्थन खोते हुए भी आपने देखा होगा, लेकिन मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री को दुनिया के 32 देश का जो सर्वोच्च सम्मान मिला है, यह देश की 140 करोड़ जनता का यह सम्मान है। वर्ष 2014 के पहले दुनिया के दूसरे देश का कोई भी व्यक्ति पैसा लगाने इन्वेस्ट को तैयार नहीं था लेकिन आज भारत में दुनिया के सभी इन्वेस्टर इन्वेस्ट कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की। रक्षा मंत्री के मुख्य मंच पर पहुंचने पर पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.मंजू भदौरिया तथा अन्य गणमान्य जन द्वारा स्मृति चिह्न, गदा आदि भेंट कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, सांसदद्वय राजकुमार चाहर, नवीन जैन, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, होमगार्ड व नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायकगण डॉ. धर्मपाल सिंह, डॉ. जीएस धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटे लाल वर्मा, भगवान सिंह कुशवाह, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पोनियां मौजूद रहे।

June 11, 2026

G 7 की बैठक में शामिल होंगे मोदी, 13 से 19 तक विदेश यात्रा पर

Narendra Modi Prime Minister

News Posted on 11.06.2026, Time 06.03 PM, Thursday, PM Narendra Modi

नई दिल्ली 11 जून 2026, फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13-14 जून, 2026 को नीस तथा 16-19 जून, 2026 को एवियन और पेरिस में फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके अलावा, वह 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाकिया की भी यात्रा करेंगे। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसे इसी वर्ष स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया है। नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख इनोवेशन स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाएगा। इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के दौरान आयोजित किया जा रहा यह प्रमुख कार्यक्रम दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और वाइब्रेंट इनोवेशन पार्टनरशिप को और मजबूती प्रदान करता है।

यात्रा के दूसरे चरण में, स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाक गणराज्य की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा अप्रैल 2025 में माननीय राष्ट्रपति जी की स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा और फरवरी 2026 में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री फिको के साथ बातचीत करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ट्रेड, इन्वेस्टमेंट तथा ऑटोमोबाइल और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16-17 जून, 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भाग लेंगे। समिट के दौरान वह G7 नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। वह समिट के उन सत्रों में भाग लेंगे, जिनका विषय है – नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्स्थापित करना; सभी के लिए संतुलित, साझा और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ को पुनर्जीवित करना; तथा AI के सुरक्षित, तेज और प्रभावी रोलआउट को सुनिश्चित करना। समिट से इतर प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून, 2026 को आगे की द्विपक्षीय बैठकों के लिए पेरिस जाएंगे। वह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट VivaTech Summit में भी भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी संभावना है।

प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी। G7 समिट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति ग्लोबल साउथ की एक प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाती है। भारत इनोवेट्स और VivaTech Summit, दोनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के ग्लोबल हब के रूप में भारत को प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी तथा भारतीय, फ्रांसीसी और यूरोपीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम्स के बीच नई साझेदारियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। यह यात्रा यूरोपियन यूनियन के साथ अपनी व्यापक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।

June 10, 2026

भारत को वैभवशाली बनाना ही संघ का ध्येय: रामदत्त चक्रधर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

Posted on 10.06.2026 Time 09.34 PM Wednesday, Rashtriya Swayamsevak Sangh, RSS News

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह

लखनऊ, 10 जून 2026, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का समापन समारोह बुधवार अधिक ज्येष्ठ कृष्ण दशमी को सरस्वती कुंज, निराला नगर में सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर और प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा का उद्बोधन हुआ।

2026 : चार ऐतिहासिक वर्षगाँठों का संगम

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि, 2026 का वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष है क्योंकि आज पूर्व धर्म व संस्कृति के लिये अंग्रेजों से युद्ध करने वाले बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म वर्षगांठ है। गुरु तेगबहादुर जी के शहादत की 350वीं वर्षगांठ, वंदेमातरम की 150वीं वर्षगांठ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वीं वर्षगांठ का वर्ष है। 1925 में डॉ. हेडगेवार जी ने अकेले संघ शुरु करने का निर्णय लिया और आज कई लाख स्वयंसेवक, संघ के पास हैं। मोहिते के बाड़े से शुरू हुई शाखा की आज संख्या 83 हजार से अधिक हो गयी है।

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भारत हिन्दू राष्ट्र है : डॉ. हेडगेवार का दृष्टिकोण

सह सरकार्यवाह जी ने आगे कहा कि, संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक संघ के लिए जीता है। मैथिलीशरण गुप्त  ने कहा था कि भारत दुनिया का सिरमौर है। इसका ही विस्तार सबसे पहले हुआ। दुनिया का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ भारत ने विशिष्ट कार्य न किया हो। संघ की स्थापना के समय डॉ. हेडगेवार जी के हिन्दू संगठन के कार्य का लोग उपहास उड़ाते थे और इसे चुनौतीपूर्ण बताते थे। जब लोगों ने उपहासपूर्वक पूछा कि कौन कहता है कि भारत हिन्दू राष्ट्र है, तब डॉ. साहब ने कहा कि मैं, केशव बलिराम हेडगेवार, कहता हूँ कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है।

शाखा पद्धति और राष्ट्रसेवा की परम्परा

डॉ. हेडगेवार का निष्कर्ष था कि देश का समाज आत्मकेन्द्रित हो गया है। उन्होंने स्वार्थकेन्द्रित हिन्दू को समाज केन्द्रित बनाने का कार्य शाखा के माध्यम से किया। उन्होंने प्रतिदिन लगने वाली शाखा की पद्धति का निर्माण किया। संघ की यह शाखा चरित्रवान हिन्दू खड़े करने का कार्य करती है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि शेर का एक बच्चा भेड़-बकरियों के बीच पलते-पलते उन्हीं जैसा बन गया था। एक दिन जंगल के शेर ने उसकी गर्दन पकड़कर पूछा कि तुम इनके साथ कैसे रह रहे हो। फिर उसे पानी में उसका चेहरा दिखाकर दहाड़ लगवायी और उसका आत्मबोध कराया। देश के विभाजन के समय स्वयंसेवकों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना हजारों हिन्दुओं की रक्षा की। चीन युद्ध के समय स्वयंसेवकों ने सेना की सहायता की तथा रक्तदान किया। इसी कारण पंडित जवाहरलाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस की परेड में स्वयंसेवकों को सम्मिलित होने का अवसर दिया। कोरोना काल में भी स्वयंसेवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा की।

RSS swamsevak

संघ एक वैचारिक प्रवाह है

महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाया गया। तब संघ की ओर से कहा गया कि यदि इस घटना में संघ की संलिप्तता है तो उसे सिद्ध किया जाए। इस प्रतिबन्ध के विरोध में लाखों कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया और अंततः प्रतिबंध हटा लिया गया। इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध घोषित किए जाने के बाद आपातकाल लगाया गया और संघ पर पुनः प्रतिबंध लगा दिया गया। संघ के स्वयंसेवक 18 महीने तक जेलों में बंद रहे फिर बाद में वह प्रतिबंध हटा। संघ के 67 हजार स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह किया। आज Join RSS के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 38 हजार लोग संघ से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ एक वैचारिक प्रवाह है। इसलिए संघ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह राष्ट्र हिन्दू समाज का है। यदि हिन्दू मजबूत होगा तो राष्ट्र मजबूत होगा और यदि हिन्दू कमजोर होगा तो राष्ट्र भी कमजोर होगा। संघ ने हिन्दू समाज में आत्मबोध जगाने का कार्य किया है। इस देश के साधु-संत भारत को हिन्दू राष्ट्र मानते हैं।

तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री अन्नादुरई ने कहा था कि हिमालय पर चीन का हमला तमिलनाडु पर हमला है, जबकि वे संघ के घोर विरोधी थे। भारत में सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, डाक-तार विभाग, दूरदर्शन, थलसेना, नौसेना तथा वायुसेना के बोध-वाक्य भारतीय वाङ्मय से लिए गए हैं, न कि कुरान अथवा बाइबिल से।

Rashtriya Swayamsevak Sangh ghosh

हिन्दू समाज का संगठन ही राष्ट्रबल

चक्रधर जी ने कहा कि, भारत का विचार करना अर्थात हिन्दू की बात करना है। हिन्दू इस भूमि को मातृभूमि मानता है। इसकी आध्यात्मिक शक्ति तथा संस्कारों को अपना मानता है। संघ भी यही मानता है। देश केवल कल-कारखानों से नहीं, बल्कि सद्गुणों के संवर्धन से आगे बढ़ता है।

चरित्रवान समाज और राष्ट्रीय चेतना

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी कहते थे कि आँखों से स्वार्थ का पर्दा हटाकर देश के साथ चलने वाला नागरिक ही देश को महान बना सकते हैं । रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि गाँव-गाँव में चरित्रशील और संवेदनशील नायक होने चाहिए। डॉ. हेडगेवार ने भी यही कार्य करने के लिए गाँव-गाँव तक शाखा पहुँचाने का उपक्रम किया। स्वामी विवेकानन्द जी कहते हैं— “गर्व से कहो, हम हिन्दू हैं।” जब हिन्दू नाम सुनते ही आपको ऊर्जा का अनुभव हो, तब आप हिन्दू कहलाने के अधिकारी हैं। जब दुनिया के किसी भी अकेले हिन्दू का दुःख देखकर आप उसे अपना दुःख मान सकें, तब आप हिन्दू हैं। हिन्दू समाज को प्रलोभन देकर कुछ लोग योजनाबद्ध रूप से मतांतरण का कार्य कर रहे हैं, जो बंद होना चाहिए। देश के बारे में अच्छा विचार करने वाली सज्जन शक्ति के साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाना है।

परिवार, समरसता और सामाजिक एकता

आज देश में परिवार व्यवस्था का क्षरण हुआ है। बंगाल के गवर्नर लॉर्ड कर्जन ने जब आशुतोष मुखर्जी से विलायत जाने के लिए कहा, तब उन्होंने उत्तर दिया कि अपनी माता की अनुमति के बिना वे नहीं जा सकते। इस पर कर्जन ने कहा कि क्या आपकी माता हमसे अधिक शक्तिशाली हैं? उन्होंने उत्तर दिया— “हाँ।” माता की अनुमति मिलने के बाद ही वे विदेश गए। डॉ. राममनोहर लोहिया ने अपनी माता की सेवा को पीएच.डी. से अधिक महत्वपूर्ण बताया। छुआछूत समाज को तोड़ती है, क्योंकि हमारे देश में अनेक महान ऋषि अपने ज्ञान और अध्यात्म के कारण प्रसिद्ध हुए, न कि केवल अपने जन्म के कारण। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी कार्यपद्धति में “एक सह-सम्पत” के माध्यम से समाज की सभी जातियों को एक साथ खड़ा करने का कार्य किया है, जन्म के आधार पर नहीं। महात्मा गांधी वर्धा के संघ शिविर में बिना जाति-भेद के सभी स्वयंसेवकों को एक साथ हिन्दू के रूप में रहते देखकर अत्यंत प्रभावित हुए।

पर्यावरण संरक्षण और भारतीय जीवन-मूल्य

पर्यावरण की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पौधे ऑक्सीजन देकर हमारा जीवन सुरक्षित रखते हैं, इसलिए पर्यावरण की रक्षा अत्यंत आवश्यक है। विदेशी विद्वान भी पर्यावरण के विषय में भारत से सीखने की बात करते हैं। पर्यावरण-अनुकूल लखनऊ के भंडारे सराहनीय हैं। स्व के आचरण में अपना नववर्ष, अपना जन्मदिन, अपना भोजन तथा अपना विकास भारतीय जीवन-मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। हम सभी अत्यंत भाग्यशाली हैं कि हमें इस भूमि में जन्म मिला। रसखान ने भी अपनी रचनाओं में ब्रजभूमि में जन्म लेने की इच्छा व्यक्त की है। अन्त में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता बन्धु प्रशिक्षण के पश्चात अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जाकर संघ कार्य का विस्तार करें तथा नई ऊर्जा और उत्साह के साथ समाज जीवन में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

यह समारोह प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है – पद्मश्री रामसरन वर्मा जी

समापन समारोह के प्रमुख अतिथि नव-अन्वेषक एवं प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा जी ने कहा कि, यह एक प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं है बल्कि राष्ट्र निर्माण यज्ञ में आहुति का प्रकटीकरण है। यहाँ प्रशिक्षित सभी स्वयंसेवकों की कर्तव्य है कि जहांँ भी समाज में अलगाव हो वहाँ एकजुटता लाएंँ। उन्होंने आशा जतायी कि देश,धर्म और संस्कृति की रक्षा का जो दायित्व स्वयंसेवकों पर है उसका निर्वहन करेंगे।

289 स्वयंसेवकों ने प्राप्त किया 20 दिवसीय प्रशिक्षण

कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के अवध, कानपुर, काशी एवं गोरखपुर प्रांतों के विभिन्न जनपदों से आए 289 स्वयंसेवकों ने 20 दिनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। स्वयंसेवकों को शारीरिक, बौद्धिक ,व्यवस्थापन, सेवा, सम्पर्क, प्रचार एवं संगठनात्मक विषयों का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रभाव का विकास हो सके। प्रशिक्षण के दौरान 7 जून को आयोजित कुटुम्ब-सहभोज कार्यक्रम में वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षार्थियों के लगभग 200 परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह कार्यक्रम संघ के पंच परिवर्तन के अन्तर्गत चल रहे कुटुम्ब प्रबोधन कार्य की भावना को सशक्त करने वाला अवसर बना। परिवारों के बीच संवाद, परिचय एवं सहभागिता के माध्यम से पारस्परिक सम्बन्धों को और अधिक सुदृढ़ बनाया।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

आज के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रेम कुमार जी, क्षेत्र संघचालक कृष्ण मोहन जी, वर्ग के सर्वाधिकारी एवं अवध प्रान्त के प्रान्त संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, सह क्षेत्र कार्यवाह अनिल जी, वर्ग कार्यवाह एवं क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण जी, क्षेत्र के शारीरिक प्रमुख अखिलेश जी, संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर जी, क्षेत्र के सेवा प्रमुख युद्धवीर जी, राष्ट्रधर्म प्रकाशन समूह के निदेशक मनोज कान्त जी, क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख मनोज कुमार जी, क्षेत्र के प्रचार प्रमुख सुभाष चन्द्र जी, क्षेत्र के प्रचारक प्रमुख राजेन्द्र जी, प्रान्त प्रचारक कौशल जी, सह प्रांत संघचालक सुनीत खरे जी , सह विभाग संघचालक भुवनेश्वर जी, संयुक्त क्षेत्र ग्राम विकास प्रमुख वीरेन्द्र सिंह जी, अ.भा. सह संगठन मंत्री, विद्या भारती यतीन्द्र जी, क्षेत्र संगठन मंत्री विद्या भारती हेमचन्द्र जी, प्रान्त कार्यवाह प्रशान्त जी, सह प्रान्त कार्य़वाह संजय सिहं, सह प्रान्त कार्यवाह डॉ. अविनाश वर्मा जी, सह प्रांत प्रचारक संजय जी, वर्ग के कार्यवाह देवेन्द्र अस्थाना जी, सह वर्ग कार्यवाह राजबिहारी जी, क्षेत्र संगठन मंत्री मजदूर संघ अनुपम जी, क्षेत्र मुख्य मार्ग कार्य प्रमुख राजेन्द्र सक्सेना जी, प्रान्त के सम्पर्क प्रमुख गंगा सिंह जी, प्रान्त प्रचार प्रमुख अशोक दुबे जी, प्रान्त व्यवस्था प्रमुख रामनरेश जी, एमएलसी महेन्द्र सिंह जी, भाजपा नेता नीरज सिंह, अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी जी, सरदार निर्मल सिंह जी, पूर्व आईएस अवनीश अवस्थी जी, BBAU के वाइस चासंलर आर. के. मित्तल जी, डॉ. शकुन्तला विश्वविद्यालय के वाइस चासंलर संजय सिंह जी, कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एम. एल. भट्ट जी, लखनऊ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. जे. पी. सैनी जी, NBRI निदेशक अजीत शासने जी, IAS अनीता भटनागर जैन, पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई, भाषा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अजय तनेजा जी तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवक एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

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