Web News

www.upwebnews.com

Lucknow: RSS का पथ संचलन, नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

June 4, 2026

Lucknow: RSS का पथ संचलन, नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

लखनऊ, 4 जून 2026 (विसके) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम प्रशिक्षण के अन्तर्गत आज शिक्षार्थियों द्वारा एक भव्य पथ संचलन का आयोजन हुआ। यह प्रशिक्षण वर्ग 22 मई से सरस्वती कुंज, निराला नगर, लखनऊ में संचालित हो रहा है, जिसमें काशी, कानपुर, गोरक्ष एवं अवध प्रांतों के कुल 289 कार्यकर्ता प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
अधिक ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष चतुर्थी, विक्रम संवत् 2083 पर सायं 6 बजे प्रारम्भ हुआ पथ संचलन सरस्वती कुंज, निराला नगर से निकलकर आठ नम्बर चौराहा, विवेकानन्दपुरी, महानगर, आईटी मेट्रो स्टेशन (अयोध्या मार्ग), आईटी चौराहा तथा श्री रामकृष्ण मठ के सामने से होते हुए पुनः वर्ग स्थल पर सम्पन्न हुआ।

पथ संचलन के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। संघ के घोष वाद्य की मधुर स्वर-रचनाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन शक्ति, देशभक्ति एवं सामूहिकता का प्रभावी प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वत रंजन जी, प्रशिक्षण वर्ग के सर्वाधिकारी सरदार स्वर्ण सिंह जी, वर्ग कार्यवाह डॉ. देवेन्द्र अस्थाना, वर्ग पालक मिथिलेश नारायण जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी तथा क्षेत्र शारीरिक शिक्षण प्रमुख अखिलेश जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष चंद्र जी सहित अन्य प्रमुख अधिकारी महानगर-10, अयोध्या मार्ग स्थल पर उपस्थित रहे और पथ संचलन का अवलोकन किया।

June 3, 2026

नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी से भेंट की

Posted Date:- Jun 03, 2026

नई दिल्ली, 03 जून 2026, नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामीछाने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की।

प्रधानमंत्री ने बैठक पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वह श्री रबी लामिछाने के साझा और समृद्ध भविष्य के लिए संयुक्‍त रूप से कार्य करने की इच्छा का स्वागत करते हैं और पूरी तरह से उसका समर्थन करते हैं।

श्री मोदी ने कहा कि नेपाल ‘पड़ोसी पहले’ नीति के अंतर्गत एक प्राथमिकता प्राप्त साझेदार है। प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि भारत दोनों देशों के बीच विशेष और बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए नई सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष श्री रबी लामिछाने से मिलकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। मैं उनके इस संकल्प का स्वागत करता हूं और एक साझा और समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर काम करने की उनकी इच्छा से पूरी तरह सहमत हूं।

नेपाल हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति के तहत एक प्राथमिकता वाला भागीदार है और हम दोनों देशों के बीच विशेष और बहुआयामी संबंधों को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए नई सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।”

नयाँ दिल्ली, 03 June 2026, नेपालको सत्तारुढ दल स्वतन्त्र पार्टीका अध्यक्ष रवि लमिचानेले प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदीलाई भेटे। प्रधानमन्त्री मोदीले बैठकमा खुशी व्यक्त गर्दै साझा र समृद्ध भविष्यका लागि संयुक्त रूपमा काम गर्ने श्री रबी लमिचानको इच्छालाई स्वागत र पूर्ण समर्थन गर्ने बताए। श्री मोदीले ‘छिमेकी पहिले’ नीतिअन्तर्गत नेपाल प्राथमिकताको साझेदार भएको बताए। दुई देशबिचको विशेष र बहुआयामिक सम्बन्धलाई नयाँ उचाइमा लैजान भारत नयाँ सरकारसँग सहकार्य गर्न तत्पर रहेको प्रधानमन्त्रीले पुष्टि गरे। एक्सको पोस्टमा प्रधानमन्त्रीले लेखेका छन्ः नेपालको राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीका अध्यक्ष श्री रबी लमिचानेलाई भेट्न पाउँदा निकै खुसी लाग्यो। म उनीहरूको संकल्पलाई स्वागत गर्दछु र साझा र समृद्ध भविष्यको लागि तत्पर छु।

Oncology: Next-generation nanomedicine can silence key cancer drivers

Posted Date:- Jun 03, 2026, Wednesday

Pune 03 June 2026, Scientists from Pune have reported a gene-silencing strategy that can drive effective tumor inhibition in breast cancer, highlighting its potential as next-generation precision nanomedicine.

Advances in cancer nanomedicine are increasingly shifting toward precision strategies that directly silence disease-driving genes while minimizing systemic toxicity.

Scientists from from the Agharkar Research Institute (ARI), Pune, an autonomous institute under the Department of Science and Technology (DST), Government of India,  have presemted an innovative biodegradable nanocarrier platform engineered for targeted gene therapy in breast cancer.

The research, recently published in Advanced Healthcare Materials, provides new insights into targeted gene silencing of key survival pathways in breast cancer, enabling efficient tumor targeting and suppression, and offering a promising strategy for developing more effective and safer nanomedicine-based therapies.

The system is built on biodegradable mesoporous silica nanoparticles—well known for their high loading capacity and tunable surface chemistry—which enable efficient delivery of small interfering RNA (siRNA) molecules. By functionalizing the nanocarrier with a protamine biopolymer and an MUC1-specific aptamer, the researchers achieved precise tumor targeting, leveraging the overexpression of MUC1 receptors on breast cancer cells. This targeting strategy significantly enhances cellular uptake while reducing off-target effects, a key limitation in conventional therapies.

Fig: MUC1-Targeted Silica Nanocarrier (MPPM) Engineered biodegradable mesoporous silica nanohybrids target the MUC1 receptor overexpressed in breast cancer

A major highlight of the study by the team costsing of Niladri Haldar, Rajkumar Samanta, Surajit Patra, Devyani Sengar, Sachin Jadhav, and Virendra Gajbhiye is the dual gene-silencing approach. The nanocarrier simultaneously delivers siRNAs against two critical anti-apoptotic genes, MCL-1 and Survivin—both known to promote tumor survival and resistance to therapy. Once inside the tumor microenvironment, the glutathione-responsive design triggers controlled release of the therapeutic payload, ensuring efficient intracellular delivery and activity.

Biological evaluations in MCF-7 breast cancer models demonstrated robust gene knockdown, resulting in increased apoptosis and substantial tumor growth inhibition. Importantly, in vivo studies in Severe Combined Immunodeficiency (SCID) mice showed that the nanocarrier accumulates effectively at tumor sites and exhibits minimal systemic toxicity, as evidenced by favorable histological outcomes. These findings align with growing evidence that aptamer-guided nanocarriers can significantly improve tumor specificity and therapeutic efficacy.

Overall, this work highlights a powerful convergence of targeted delivery, stimuli-responsive release, and combinatorial gene silencing. By integrating these features into a single biodegradable platform, the study provides a compelling framework for next-generation RNAi-based cancer therapies. Such approaches could play a critical role in advancing precision oncology, offering more effective and safer alternatives to traditional chemotherapy.

The research was conducted by scientists from the Nanobioscience Group at the Agharkar Research Institute, Pune, India.

दिल्ली के होटल में आग से 21 की मृत्यु, 37 घायल

Breaking News UP Web News

नई दिल्ली, 03 जून 2026 (Delhi News)। राजधानी के मालवीय नगर के एक होटल में आग लगने से 21 लोगों की मृत्यु हो गई है। इनमें 17 लोग विदेशी नागरिक हैं। जबकि 37 लोग गंगांभीर रूप से घायल हैं।

जानकारी के अनुसार हौजरानी क्षेत्र के होटल और रेस्टोरेंट फ्लोरिश स्टे में आज सुबह 8 बजे आग लग गई। आग होटल के बेसमेंट में बने रेस्टोरेंट में लगी ।

Police के अनुसार विदेशी 17 लोगों में मृतक लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के रहने वाले थे।
पुलिस ने बताया कि 40 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया। आग की जानकारी मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया।साथ ही आसपास के लोग भी दौड़ पड़े। उन्होंने होटल के कमरों के शीशे तोड़कर लोगों को निकाला। अगर तफरी में कई लोग होटल की खिड़की से कूद गए।

May 31, 2026

Budhha: भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के अवशेष मंगोलिया में स्थापित

भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया में स्थापित किए गए

गंडांटेगचेनलिंग  मठ में “वेसेल्स ऑफ लाइट” प्रदर्शनी का उद्घाटन

Posted on- May 31, 2026,

उलानबातर, 31 मई 2026, भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के पवित्र अवशेषों को बुद्ध पूर्णिमा (बैसाखी) 2026 के अवसर पर मंगोलिया के उलानबातर स्थित गंडांटेगचेनलिंग मठ में विधिपूर्वक स्थापित किया गया।

31 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाली दस दिवसीय प्रदर्शनी के लिए भारत से लाए गए पवित्र अवशेषों को हजारों भक्तों और संघ के सदस्यों ने अत्यंत श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सर्वे, मंगोलिया सरकार के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, प्रख्यात बौद्ध नेताओं, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के प्रतिनिधियों, श्रीलंका के महाबोधि सोसाइटी और बौद्ध जगत के विभिन्न विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।

इस प्रदर्शनी की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री उखनागिन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान की थी। यह पहल भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में निहित भारत और मंगोलिया के बीच साझा किए गए गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने इस अवसर को ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ये पवित्र अवशेष ज्ञान के जीवंत प्रकाश का प्रतीक हैं, जो शांति, करुणा और सद्भाव का सार्वभौमिक संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सांची के पवित्र स्तूपों में सदियों से संरक्षित अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष भारत की सबसे अनमोल सभ्यतागत धरोहरों में से हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंगोलिया में इनका प्रदर्शन दोनों देशों के बीच विश्वास, आदर और मित्रता का एक गहरा प्रतीक है।

भारत-मंगोलिया की अटूट साझेदारी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को याद किया कि भारत और मंगोलिया सदियों से बौद्ध धर्म के माध्यम से जुड़े हुए “आध्यात्मिक पड़ोसी” हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रदर्शनी ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हो रही है जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सुर्वे ने भगवान बुद्ध की शांति, सद्भाव, सामाजिक न्याय और तर्कसंगत चिंतन की शिक्षाओं की शाश्वत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया, रणनीतिक साझेदार और आध्यात्मिक भाई-बहन के रूप में, पवित्र कंजूर पांडुलिपियों के उपहार, वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन, एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन, बौद्ध पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और नालंदा विश्वविद्यालय और गंडांटेगचेनलिंग मठ के बीच अकादमिक सहयोग जैसी पहल के माध्यम से बौद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं।

राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष इससे पहले केवल एक बार 2024 में थाईलैंड गए थे, इसलिए मंगोलिया में यह प्रदर्शनी एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोटोकॉल और सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा प्राप्त ये अवशेष भारतीय वायु सेना के विशेष IL-76 (गजराज) विमान से मंगोलिया पहुंचे थे।

Sacred Relics of Major Disciples of Lord Buddha Inauguration of “Vessels of Light” Exhibition at Gandantegchenling Monastery in Mongolia

Posted on – May 31, 2026,

Ulaanbaatar, 31 May 2026 As a significant achievement in Indo-Mongolian cultural and spiritual relations, the sacred relics of two major disciples of Lord Buddha, Arhat Sariputra and Arhat Mahamoggalana, were ceremoniously installed at Gandantegchenling Monastery in Ulaanbaatar, Mongolia on the occasion of Buddha Purnima (Baisakhi) 2026. The holy relics brought from India for the ten-day exhibition running from 31 May to 10 June 2026 were received with utmost reverence by thousands of devotees and members of the Sangha. The exhibition was inaugurated by the Hon’ble Governor of Assam, Shri Laxman Prasad Acharya, Ambassador of India to Mongolia,

« Newer PostsOlder Posts »