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चेतावनी या षडयंत्र

June 11, 2026

चेतावनी या षडयंत्र

Article Posted on 11.06.2026 Time 07.36 PM by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News
Leader of opposition Rahul Gandhi

लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी

सर्वेश कुमार सिंह

लोकसभा में नेता विरोधी दल राहुल गांधी ने 03 जून को दिल्ली में एक विस्मयकारी और रहस्यमय बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत में भयंकर “आर्थिक सुनामी” आने वाली है। इसके साथ ही कहा कि “एक साल के भीतर मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे”। उनकी पहली बात राजनीतिक दल के आकलन के रूप में देखी जा सकती है। किंतु दूसरी बात “विस्मय और रहस्य” पैदा करती है। इससे भी ज्यादा ये किसी “गहरे षडयंत्र” की ओर इशारा करती है। क्योंकि उन्होंने अपने भाषण में ये नहीं कहा कि एक साल में भाजपा सरकार गिर जाएगी, बल्कि ये कहा कि “मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे”। इसका आशय तो ये है कि बीजेपी सरकार रहेगी,लेकिन मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। यही बात षडयंत्र की ओर इशारा करती है। क्या मोदी जी के खिलाफ कोई साजिश रची गई है। जिसकी जानकारी राहुल गांधी को है। राहुल गांधी ने अपने इसी भाषण में देश में “इमरजेंसी” लगने की भी आशंका व्यक्त की है। उन्होंने ये भी कहा कि इंटेलीजेंस के बड़े लोग उन्हें रिपोर्ट दे रहे है। आखिर वे रिपोर्ट क्या है? देश जानना चाहता है।

दरअसल भारत में कई राजनीतिक दल ऐसे है जो लगातार पराजय से हताश और निराश है। ये दल राजनैतिक सफलता की लालसा में कुछ भी करने और किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। ऐसी ही पार्टी है कांग्रेस। ये अब मोदी जी और भाजपा से राजनीतिक मुकाबला नहीं कर पा रही है। जब कोई दल या व्यक्ति स्थापित सिद्धांतों और मानदंडों का पालन करके सफलता अर्जित नहीं कर पाता है तो वह षडयंत्र का सहारा लेता है। मोदी जी के “एक साल के भीतर प्रधानमंत्री नहीं रहने की बात”  किसी ऐसे ही षडयंत्र का हिस्सा तो नहीं? प्रश्न गंभीर और चिंतनीय है। न केवल भारत सरकार और भाजपा के लिए बल्कि इस देश के करोड़ों देशवासियों के लिए भी।

राहुल गांधी बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में “आदिवासी कांग्रेस” के सम्मेलन को जब संबोधित कर रहे थे, तो उन्होंने आर्थिक सुनामी की आशंका के साथ ये भी कहा कि देश का सिस्टम कोलैप्स कर चुका है। प्रोटेक्शन सिस्टम खत्म हो गया है। इलेक्शन कमीशन, अधिकारी सब डरे हुए है। इंस्टीट्यूशनल रिवॉल्ट हो रहा है। ये सब बातें कह कर वे न केवल दुनिया के सामने भारत की छवि धूमिल कर रहे हैं, बल्कि पश्चिम एशिया के अभूतपूर्व संकट के दौरान भारत को कमजोर बता कर राष्ट्रीय संकट खड़ा कर रहे है। भारत इस समय गंभीर ऊर्जा आपूर्ति की चुनौती का सामना कर रहा है। इसके लिए नए नए आपूर्तिकर्ता देशों की तलाश जारी है। तब भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था दर्शाया जाना जरूरी है। नेता विरोधी दल होने के बावजूद राहुल गांधी ये भूल गए कि वर्तमान ऊर्जा संकट और अर्थव्यवस्था को स्थिर तथा अधिक मजबूत बनाने की चुनौती भारत की है न कि भाजपा की। इसे कांग्रेस और भाजपा के रूप में नहीं बल्कि देश के रूप में देखने की जरूरत है। यदि दुनिया में ये संदेश जायेगा कि भारत का सिस्टम कोलैप्स कर गया है, भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है, तो कौन सा देश तेल गैस हमें देगा? यह संकट किसी राजनीतिक दल या किसी नेता विशेष का नहीं बल्कि, भारत के 140 करोड़ देशवासियों का होगा।

दरअसल राष्ट्र की मुख्यधारा और राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करना राहुल गांधी की आदत बन गई है। गत वर्ष जुलाई में जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “इंडिया की इकॉनमी एक डेड इकॉनमी”  है, तो पूरे देश में अमेरिका और ट्रंप के खिलाफ गुस्सा था। उस समय भी 31 जुलाई 2025 को राहुल गांधी ने एक्स (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखकर ट्रंप की बात का समर्थन किया था। उन्होंने लिखा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा सब जानते है कि भारत की अर्थव्यवस्था मृत हो चुकी है”। हालांकि उनके इस बयान की देशभर में निंदा हुई और कांग्रेस की किरकिरी हुई। मगर ये राहुल गांधी है जो न समझने को तैयार है और न ही राजनीतिक परिपक्वता लाने को। खैर नुकसान उनके बयानों से कुछ अंश में देश का तो होता ही है, बल्कि उनकी पार्टी का ज्यादा होता है।

कांग्रेस को अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए अपने इस बड़बोले नेता पर लगाम कसनी चाहिए। लेकिन फिर वहीं प्रश्न आखिर घंटी बांधेगा कौन ?

लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।

3/11 ऑफिसर्स कॉलोनी, कैसरबाग लखनऊ 226001

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Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

रिश्वत न देने पर लेखपाल ने जीवित पत्नी की जगह दूसरी महिला को बनाया वारिस

लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर जालसाजी का आरोप

लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भ्रष्टाचार और जालसाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्राम रकेहटी में एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत न मिलने पर एक मृतक की असली पत्नी को छोड़कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरी अज्ञात महिला को वारिस बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।रिश्वत न देने पर किया फर्जीवाड़ानिघासन थाना कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरी नगर पंचायत की रहने वाली पीड़िता नेमा देवी पत्नी दिवंगत श्रीराम ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति की मृत्यु 20 अक्टूबर 2023 को हो चुकी है। पति के नाम ग्राम रकेहटी में विभिन्न गाटा संख्याओं (गाटा सं0 2043, 2046, 2047, 2049) पर कृषि भूमि दर्ज है। पति की मृत्यु के बाद नेमा देवी इस जमीन की वरासत अपने और अपने पुत्रों के नाम कराना चाहती थीं।पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने वरासत के लिए हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला से संपर्क किया, तो लेखपाल ने 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की। पीड़िता ने जब अपनी गरीबी का हवाला दिया, तो लेखपाल ने साफ कह दिया कि “लाखों रुपये की जमीन पाओगी, बिना रुपयों के वरासत नहीं होगी। पैसा नहीं दिया तो किसी दूसरे के नाम वरासत कर देंगे।”दूसरी महिला को बना दिया ‘मृतक की पत्नी’रिश्वत की रकम न मिलने पर हल्का लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने कथित तौर पर मिलीभगत की। उन्होंने फर्जी और कूटरचित (जाली) दस्तावेजों को आधार बनाकर रेशमा देवी नाम की एक अन्य महिला (निवासी ग्राम भैरमपुर, थाना सिंगाही) को मृतक श्रीराम की पत्नी दर्शा दिया। इसके बाद कागजातों में हेरफेर कर रेशमा देवी और राकेश कुमार को सह-खातेदार के रूप में दर्ज कर वरासत कर दी। पीड़िता का कहना है कि इस फर्जी महिला का उनके दिवंगत पति या परिवार से कोई संबंध नहीं है।शिकायत करने पर घर आकर दी जान से मारने की धमकीजब पीड़िता को इस धोखाधड़ी की भनक लगी और उन्होंने लेखपाल से बात की, तो लेखपाल ने उन्हें भद्दी गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद जब मामले की शिकायत तहसीलदार से की गई, तो आरोपी भड़क गए। आरोप है कि लेखपाल उमेश शुक्ला और राजस्व निरीक्षक चेतराम राना ने पीड़िता के घर आकर उन्हें गालियां दीं और धमकी दी कि “यदि आगे कहीं भी शिकायत की, तो घर में आग लगाकर पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।” इस धमकी के बाद से पीड़िता का पूरा परिवार गहरे खौफ और दहशत में है।पीड़िता नेमा देवी ने 14 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक महोदय से गुहार लगाते हुए इस पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

Lakhimpur Kheri पुलिस दुर्व्यवहार से आहत भाजपा मंडल महामंत्री ने दिया इस्तीफा

भाजपा मंडल महामंत्री ने पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगा दिया इस्तीफा,निघासन कोतवाली प्रभारी पर गंभीर आरोप

निघासन खीरी, 11 जून 2026, निघासन में राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री शिवकुमार पाल ने पुलिस उत्पीड़न और बदसलूकी से क्षुब्ध होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निघासन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और गंभीर धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
शिवकुमार पाल के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह की है। वे अपने गांव के एक भाजपा कार्यकर्ता के काम के सिलसिले में निघासन कोतवाली गए थे। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और उनके साथ अमर्यादित व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़ित भाजपा नेता ने बताया कि कोतवाली प्रभारी ने सत्ता और पद के अहंकार में आकर उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा जिला और प्रदेश स्तर पर जहां चाहो शिकायत कर दो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। इस बर्ताव से आहत होकर शिवकुमार पाल ने कहा कि वे पाल समाज (अति पिछड़ा वर्ग) से आते हैं और इस घटना से उनका सामाजिक व व्यक्तिगत अपमान हुआ है। इसी ग्लानि के कारण उन्होंने भाजपा मंडल महामंत्री पद से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया है।शिवकुमार पाल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। सत्ताधारी दल के पदाधिकारी के साथ पुलिस के इस तरह के व्यवहार के बाद क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी के द्वारा बताया गया कि स्वयं को भाजपा मंडल महामंत्री बताने वाले शिवकुमार पाल ने संबंधित प्रपत्र तत्काल देने की मांग की थी। मना किए जाने पर उन्होंने कथित तौर पर पद से इस्तीफा देकर पत्र वायरल करने की धमकी दी थाना प्रभारी का दावा है कि वायरल किए गए आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं।

अपनी ही बुलेरो चोरी कराने की साज़िश में भाजपा मंडल अध्यक्ष गया जेल

Posted on 11.06.2026, Time 06.34 PM

आगरा, 11 जून 2026, थाना कागारौल क्षेत्र में चर्चित बोलेरो चोरी कांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले में आरोपी बनाए गए जगनेर क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति ने बोलेरो वाहन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही कथित तौर पर पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि वाहन को योजनाबद्ध तरीके से चोरी कराया गया था।

पुलिस के अनुसार देवकी नंदन शर्मा ने अपनी बोलेरो पहले बेच दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस हासिल करने के उद्देश्य से चोरी की झूठी कहानी रची गई। आरोप है कि वाहन को गायब कराने के लिए नकली चाबी तैयार कराई गई और साजिश के तहत वाहन को पार कराया गया। इस मामले में उनके भाई को भी आरोपी बनाया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने टोल प्लाजा के रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परतें खुलती चली गईं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट किया है।
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने करीब 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है। चार्जशीट में साजिश, वाहन चोरी और अन्य संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया है।

आरोपी पक्ष ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि आरोप एक प्रमुख राजनीतिक दल के स्थानीय पदाधिकारी पर लगे हैं। अब आगे की सुनवाई में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।

G 7 की बैठक में शामिल होंगे मोदी, 13 से 19 तक विदेश यात्रा पर

Narendra Modi Prime Minister

News Posted on 11.06.2026, Time 06.03 PM, Thursday, PM Narendra Modi

नई दिल्ली 11 जून 2026, फ्रांस के राष्ट्रपति महामहिम श्री इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13-14 जून, 2026 को नीस तथा 16-19 जून, 2026 को एवियन और पेरिस में फ्रांस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इसके अलावा, वह 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाकिया की भी यात्रा करेंगे। यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे। दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे, जिसे इसी वर्ष स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया है। नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख इनोवेशन स्टार्टअप्स और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक मंच पर लाएगा। इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन के दौरान आयोजित किया जा रहा यह प्रमुख कार्यक्रम दोनों देशों के बीच मौजूद मजबूत और वाइब्रेंट इनोवेशन पार्टनरशिप को और मजबूती प्रदान करता है।

यात्रा के दूसरे चरण में, स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14-16 जून, 2026 तक स्लोवाक गणराज्य की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह यात्रा अप्रैल 2025 में माननीय राष्ट्रपति जी की स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा और फरवरी 2026 में ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री पीटर पेलेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है। पीएम मोदी, प्रधानमंत्री फिको के साथ बातचीत करेंगे और सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। यह यात्रा ट्रेड, इन्वेस्टमेंट तथा ऑटोमोबाइल और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी।

यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री 16-17 जून, 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित G7 समिट में भाग लेंगे। समिट के दौरान वह G7 नेताओं के साथ-साथ आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। वह समिट के उन सत्रों में भाग लेंगे, जिनका विषय है – नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्स्थापित करना; सभी के लिए संतुलित, साझा और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ को पुनर्जीवित करना; तथा AI के सुरक्षित, तेज और प्रभावी रोलआउट को सुनिश्चित करना। समिट से इतर प्रधानमंत्री कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून, 2026 को आगे की द्विपक्षीय बैठकों के लिए पेरिस जाएंगे। वह यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इवेंट VivaTech Summit में भी भाग लेंगे। प्रधानमंत्री के पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने की भी संभावना है।

प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा फ्रांस, स्लोवाकिया और G7 के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करेगी। G7 समिट में प्रधानमंत्री की उपस्थिति ग्लोबल साउथ की एक प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाती है। भारत इनोवेट्स और VivaTech Summit, दोनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के ग्लोबल हब के रूप में भारत को प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी तथा भारतीय, फ्रांसीसी और यूरोपीय टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम्स के बीच नई साझेदारियों को बढ़ावा देने की उम्मीद है। यह यात्रा यूरोपियन यूनियन के साथ अपनी व्यापक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी।

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