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दबंगों ने घर में घुसकर की मारपीट और लूटपाट

August 21, 2026

दबंगों ने घर में घुसकर की मारपीट और लूटपाट

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UTTAR pRADESH

पुलिस पर कार्रवाई न करने और पीड़ित का ही चालान करने का आरोप

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)

लखीमपुर खीरी।थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम लखनापुर से पुलिस की लापरवाही और दबंगों के हौसले बुलंद होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के निवासी रामजीवन पुत्र बलभद्र ने सीओ,पुलिस अधीक्षक,आईजी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के ही दबंगों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, लूटपाट करने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा पीड़ित परिवार के सदस्य का ही शांतिभंग में चालान कर दिया।
शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत 24 जून को हुई थी जब पीड़ित का पुत्र साकेत सरकारी नलकूप पर नहाने गया था। वहां विपक्षी रामकिशोर के छोटे पुत्र के साथ मामूली कहासुनी होने पर दबंगों ने साकेत के कपड़े उतारकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इसके बाद 25 जून की शाम को जब साकेत बकरी चराने गया, तो विपक्षी श्यामू, मुकेश और हिमांशु ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित का कहना है कि जब वह अपने बेटे को बचाने घर पहुंचा, तो विपक्षियों ने अपने अन्य साथियों (धर्मेश, रामजीवन, रामकिशोर, दुर्गेश, मायाराम, तिलकराम आदि) और महिलाओं के साथ मिलकर पीड़ित के घर को घेर लिया। दबंगों ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और पीड़ित, उसकी पत्नी व भतीजे विनय कुमार को बेरहमी से पीटा। हमले में विनय कुमार की पसली और हाथ की हड्डी टूट गई। मारपीट के दौरान दबंगों ने घर में रखा सैमसंग का टैबलेट, 20,000 हजार रूपये नगद और पीड़ित की पत्नी के कान के कुंडल सहित अन्य कीमती सामान लूट लिया और पूरे परिवार को जान से मारने व गांव से उजाड़ने की धमकी देकर भाग गए।
पुलिस पर मिलीभगत और एकतरफा कार्रवाई का आरोप

पीड़ित रामजीवन का आरोप है कि घटना के बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।पीड़ित का आरोप है कि घटना की लिखित सूचना कई बार थाना फरधान में दी गई, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उल्टा विपक्षी पक्ष के प्रभाव में आकर पुलिस पीड़ित परिवार पर ही समझौते का दबाव बना रही है। आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित के परिवार के सदस्य साकेत कुमार के खिलाफ शन्ति भंग के तहत एकतरफा चालान की कार्रवाई कर दी, जिसे बाद में जमानत पर रिहा कराया गया।
थाना पुलिस की इस कथित निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये से पीड़ित परिवार अत्यंत भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रहा है।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, लूटे गए सामान की बरामदगी कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

राया में दूध टैंकर पकड़ा, जांच में स्टार्च और कम फैट मिला

मथुरा, 21 अगस्त। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने राया रेलवे फाटक पर दूध से भरे टैंकर का निरीक्षण किया। टैंकर में करीब 2000 लीटर दूध भरा था। त्वरित जांच में दूध में स्टार्च की मौजूदगी और फैट की मात्रा कम पाए जाने पर दूध का नमूना जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।

सहायक आयुक्त खाद्य डा. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन में खाद्य सचलदल ने राया रेलवे फाटक पर दूध टैंकर संख्या यूपी 86 एटी 0875 की जांच की। चालक हेमनेस कुमार ने बताया कि दूध गोपाल डेयरी, सिकंदराराऊ (हाथरस) से लाया गया है। निरीक्षण के दौरान चालक दूध के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।

दूध की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर राया स्थित डेयरी पर टैंकर में भंडारित दूध की त्वरित जांच की गई। जांच में दूध में स्टार्च मिलने तथा फैट कम होने के प्रमाण मिले। इसके बाद दूध का नमूना संग्रहित कर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया, जबकि शेष करीब 2000 लीटर दूध को जनहित में मौके पर नष्ट करा दिया गया। नष्ट किए गए दूध की अनुमानित कीमत करीब 1.20 लाख रुपये बताई गई है।

विभाग के अनुसार प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित के खिलाफ नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र सिंह और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे।

वृंदावन में निर्माणाधीन मॉल की शटरिंग गिरी, तीन मजदूरों की मौत

Mathura News

Mathura Samachar

मथुरा। वृंदावन के रुक्मिणी विहार क्षेत्र में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन मॉल की चौथी मंजिल पर लेंटर डालने के दौरान शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है। मृतकों में एक नेपाल और दो पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताए गए हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया। इनमें दो लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायल मजदूर पश्चिम बंगाल का निवासी है, जिसे बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार ने बताया कि हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है और अब कोई व्यक्ति मलबे में फंसा नहीं है। मृतकों के परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। परिजनों से तहरीर प्राप्त होने के बाद मामले में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।

lakhimpur kheri सदर सीट पर कीर्ति शुक्ला की प्रबल दावेदारी

लखीमपुर खीरी सदर विधान सभा से भाजपा की टिकट के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर रही लोकप्रिय एडवोकेट कीर्ति शुक्ला

लखीमपुर खीरी।
जहां एक ओर सदर विधायक योगेश वर्मा विवादों से घिरे रहते है। आए दिन विवादों से घिरे रहने के चलते भारतीय जनता पार्टी में सदर सीट पर पार्टी की टिकट के लिए नए नए दावेदार अपनी दावेदारी करने लगे है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के टिकट के वैसे तो कई दावेदार है और नए नए दावेदार तैयार भी हो रहे है परन्तु जनता के बीच लोकप्रिय दावेदार के रूप में एडवोकेट कीर्ति शुक्ला का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। श्रीमती शुक्ला पेशे से वकील और समाजसेवी है। और काफी समय से गरीबों लाचारों और जरूरतमंदों की मदद करने के साथ साथ पार्टी की कर्मठ कार्यकर्ता व पार्टी के संगठन में पदाधिकारी भी है। श्रीमती शुक्ला लगभग रोज ही क्षेत्र के अलग अलग गांवों में जनता के बीच में जाकर जनता का दुख दर्द सुनना और उनका समाधान कराना ही उनकी प्राथमिकता रहती है। सदर विधान सभा क्षेत्र की जनता उनके मधुर स्वभाव व जनता के प्रति समर्पण से काफी प्रभावित है इसी कारण वो सदर विधान सभा क्षेत्र के आम जनमानस के साथ साथ हर वर्ग में वह लोकप्रिय है। सदर विधान सभा क्षेत्र की जनता का कहना है कि यदि भारतीय जनता पार्टी ने कीर्ति शुक्ला को सदर सीट से पार्टी प्रत्याशी बनाया तो पार्टी पहले से बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहले की अपेक्षा भारी वोटो के अंतर से इस बार जीत दर्ज करेगी। अपने कार्यों से लोगों के दिलों में पैठ बनाने के साथ साथ जनता के दिलों पर राज करने वाली कीर्ति शुक्ला अपनी छवि व कार्य करने अंदाज के साथ जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए जनता के बीच में रहकर निरंतर कार्य कर रही है।

जवाहर नवोदय विद्यालय का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों से जानी समस्याएं

पेयजल, भोजन, साफ-सफाई और विद्युत व्यवस्था का लिया जायजा; शिक्षकों को बच्चों से अभिभावकों जैसा व्यवहार करने के दिए निर्देश
सीतापुर, 21 अगस्त 2026। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर. ने शुक्रवार को विकासखंड ऐलिया के ग्राम हरधौरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा समस्याओं का जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद विभिन्न कक्षा-कक्षों में पहुंचकर विद्युत व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं को देखा। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण कर तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता परखी। रसोइयों को निर्देश दिए कि वे हमेशा निर्धारित यूनिफॉर्म में रहें तथा भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोईघर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
जिलाधिकारी ने भोजनालय (डाइनिंग हॉल) में पहुंचकर साफ-सफाई की व्यवस्था भी देखी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण कर शिक्षकों द्वारा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
बालिकाओं से भी की सीधे बातचीत
जिलाधिकारी ने बालिकाओं के कक्षा-कक्ष में पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बच्चों के साथ सहज वातावरण में संवाद करते हुए उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
शिक्षकों को अभिभावकों की तरह व्यवहार करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए कि सभी बच्चों के साथ अभिभावकों जैसा व्यवहार करें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें।
उन्होंने शिक्षकों से यह भी कहा कि वे बच्चों के साथ बैठकर स्वयं भोजन करें, ताकि भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिलती रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई शिक्षक दिए गए निर्देशों का सही ढंग से पालन नहीं करता है तो प्रधानाचार्य तत्काल पत्राचार के माध्यम से जिलाधिकारी और संबंधित उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता दिखाई दी। अब विद्यालय प्रशासन के सामने बच्चों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

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