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मुड़िया पूनो मेला आज से, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत को सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

July 25, 2026

मुड़िया पूनो मेला आज से, 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत को सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

470वें राजकीय मेले के लिए 9 सुपर जोन, 22 जोन और 64 सेक्टर बनाए गए, 690 सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से होगी निगरानी
मथुरा। विश्व प्रसिद्ध 470वें राजकीय मुड़िया पूनो मेला-2026 का शुभारंभ गुरुवार से हो रहा है। 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस मेले में देश-विदेश से करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेले को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और दुर्घटना मुक्त संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था लागू की है।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 22 जोन और 64 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन व सेक्टर में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर और 54 ‘गिर्राज मोबाइल’ टीमें लगातार गश्त करेंगी। वहीं मानसी गंगा, राधाकुंड सहित अन्य जलाशयों पर पीएसी, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की विशेष तैनाती रहेगी।

मथुरा में रोडवेज बस ने रौंदे मजदूर दंपती, दोनों की मौके पर मौत; पांच वर्षीय नातिन गंभीर

मथुरा। थाना हाईवे क्षेत्र के नवादा चौराहे पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार रोडवेज बस ने सड़क पार कर रहे मजदूर दंपती को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद पांच वर्षीय नातिन गंभीर रूप से घायल हो गई।

जानकारी के अनुसार, फरह थाना क्षेत्र के गांव बेरी निवासी मूलचंद अपनी पत्नी मंजू और पांच वर्षीय नातिन के साथ सड़क पार कर रहे थे। तभी आगरा की ओर से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मूलचंद और मंजू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई।

हादसे के बाद आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गंभीर रूप से घायल बच्ची को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतक दंपती के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

मातृ वंदना योजना में लापरवाही पर 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस

हाथरस। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण न कराने पर जनपद की 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि इन कार्यकर्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में एक भी पात्र लाभार्थी का पंजीकरण नहीं कराया है।उन्होंने बताया कि प्रथम गर्भावस्था पर पात्र महिला को दो किस्तों में 5,000 रुपये तथा दूसरी गर्भावस्था में बालिका के जन्म पर 6,000 रुपये की सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि 31 जुलाई तक पात्र महिलाओं का पंजीकरण नहीं कराया गया तो संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जाएगी।जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पात्र गर्भवती महिलाओं से अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर योजना में पंजीकरण कराने की अपील की है। वहीं सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही बरतने वाली कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए 30 जुलाई तक पत्रावली उपलब्ध कराई जाए।

कलेक्ट्रेट मार्च से पहले सपा नेताओं को पुलिस ने रोका, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर सौंपा ज्ञापन

फोटो –राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी नगर  को सौंपते वरिष्ठ नेता धीरज पांडेय तथा अन्य

हाथरस। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट मार्च से पहले पुलिस ने अलीगढ़ रोड पर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में सपा प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन क्षेत्राधिकारी नगर (सीओ सिटी) को सौंप दिया।सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा, वरिष्ठ नेता धीरज पांडेय तथा अन्य कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें बीएलएस स्कूल के सामने रोक लिया। सूचना मिलने पर जिला कार्यालय और आसपास पहले से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ देर के लिए मौके पर जाम जैसी स्थिति भी बनी।सपा नेताओं ने पुलिस को बताया कि वे पार्टी कार्यालय जा रहे हैं, जिसके बाद उन्हें कार्यालय जाने की अनुमति दी गई। कार्यालय में बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने बाहर ही सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए देश में सामान्य स्थिति बहाल करने की अपील की गई। जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी कार्यालय तक पहुंचने से रोका गया तथा सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा कि पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी।इस दौरान धीरज पांडेय, मुहर सिंह, अनूप यादव, मौहर सिंह, मलिक यादव, सत्येंद्र यादव, नरेश दिवाकर, अशोक गोला, रमेशचंद, ललित चौधरी, चमन बाबू, अकील कुरैशी, राशिद खान, मानवेंद्र कुशवाहा, शहवाज कुरैशी, अरमान कुरैशी, मनीष कुशवाहा, रिंकू सेंगर, मुस्ताक अली, हुकम सिंह, लवकैश, रवेंद्र कुमार प्रजापति, ब्रह्मदेव कश्यप, मानवेंद्र यादव, शेर सिंह, नुसरत अली सहित बड़ी संख्या में सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भगवान विष्णु योगनिद्रा में, चातुर्मास का शुभारंभ:पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी

फोटो -पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी

हाथरस। श्री सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर चार माह के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ चातुर्मास का शुभारंभ होता है, जिसे साधना, संयम, जप-तप और भक्ति का सर्वोत्तम काल माना गया है।उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 24 जुलाई 2026 को सुबह 9:12 बजे प्रारंभ होकर 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई (शनिवार) को रखा जाएगा, जबकि व्रत का पारण द्वादशी तिथि में नियमानुसार किया जाएगा।पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से पापों का क्षय होता है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। पूजा में भगवान विष्णु का जल, गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक कर पीला चंदन, पीले पुष्प, तुलसी दल, फल और नारियल अर्पित किए जाते हैं। घी का दीपक जलाकर आरती करने तथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करने का विशेष महत्व है।उन्होंने बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ होता है, जो सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास तक चलता है। इस अवधि में दान, जप, तप, व्रत, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना गया है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागृत होते हैं और चातुर्मास का समापन होता है।उन्होंने श्रद्धालुओं से देवशयनी एकादशी का व्रत श्रद्धा एवं विधि-विधान से करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पर्व केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का पावन अवसर है।

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