Web News

www.upwebnews.com

भाजपा पश्चिम के नए अध्यक्ष नवाब सिंह नागर

June 25, 2026

भाजपा पश्चिम के नए अध्यक्ष नवाब सिंह नागर

लखनऊ,

क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय

UP BJP News भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित

LOGO BJP

Posted on 25.06.2026 Thursday Time 02.10 PM , Bharatiya Janata Party Uttar Pradesh

लखनऊ, 25 जून 2026 (उप्र समाचार सेवा)। लंबी प्रतीक्षा के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश टीम आज घोषित हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम की घोषणा की है। आधे से अधिक नए पदाधिकारी बनाए गए है। जबकि कई प्रमुख चेहरों को टीम से बाहर कर दिया गया है। अवध में विजय बहादुर पाठक, संतोष सिंह को उपाध्यक्ष पद पर और ब्रज में संघ के प्रचारक रहे दिनेश कुमार को उपाध्यक्ष पद पर पुन जगह नहीं मिली। चारों क्षेत्रों में नए अध्यक्ष बनाए गए है। महामंत्री अनूप गुप्ता को भी जगह नहीं मिली है। राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के स्थान पर नीरज सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

पंकज चौधरी — प्रदेश अध्यक्ष
सुरेश राणा — उपाध्यक्ष
सत्यपाल सैनी — उपाध्यक्ष
ब्रज बहादुर — उपाध्यक्ष
धर्मेंद्र सिंह — उपाध्यक्ष
मोहित बेनीवाल — उपाध्यक्ष
देवेश कोरी — उपाध्यक्ष
प्रियंका रावत — उपाध्यक्ष
दर्विुर्विजय शाक्य — उपाध्यक्ष
रमेश सिंह — उपाध्यक्ष
नीरज सिंह — उपाध्यक्ष
अर्चना मिश्रा — उपाध्यक्ष
पूजा पाल — उपाध्यक्ष
शंकर गिरी — उपाध्यक्ष
कामेश्वर सिंह — उपाध्यक्ष
कृतिका अग्रवाल — उपाध्यक्ष
सुरेश मौर्य — उपाध्यक्ष
राजेश यादव — उपाध्यक्ष
कृष्ण बिहारी राय — उपाध्यक्ष
आलोक गुप्ता — उपाध्यक्ष
रामप्रताप सिंह चौहान — महामंत्री
गीता शाक्य — महामंत्री
अभिजात मिश्रा — महामंत्री
उपेंद्र रावत — महामंत्री
संजय राय — महामंत्री
शंकर लोधी — महामंत्री
दिलीप पटेल — महामंत्री
राजेश चौधरी — महामंत्री
विजय शिवहरे — मंत्री
बसंत त्यागी — मंत्री
शिवभूषण सिंह — मंत्री
सहजानंद राय — मंत्री
अंकुर शर्मा — मंत्री
अनिल यादव — मंत्री
अवधेश श्रीवास्तव — मंत्री
विजय राजभर — मंत्री
प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा — मंत्री
किरण लोधी निषाद — मंत्री
राकेश बिंद — मंत्री
संचिता सिंह चौहान (लुनिया) — मंत्री
रजनी पांडेय — मंत्री
राहुल वाल्मीकि — मंत्री
महामेधा नागर — मंत्री
दीपमाला संतोषी — मंत्री
सुहासिनी जायसवाल — मंत्री
यतेंद्र शर्मा — मंत्री
आकांक्षा सोनकर — मंत्री

क्षेत्रीय अध्यक्ष
पश्चिम — नबाब सिंह नागर
ब्रज — पूरन लाल लोधी
कानपुर राम किशोर साहू
अवध — अवधेश द्विवेदी
काशी — अशोक चौरसिया
गोरखपुर — विनोद राय

कार्यालय मंत्री
भारत दीक्षित — कार्यालय मंत्री
अतुल अवस्थी — कार्यालय सह-मंत्री
लक्ष्मण सिंह — कार्यालय सह-मंत्री

अन्य पद
दिनेश प्रताप सिंह — मुख्य प्रवक्ता
मनीष दीक्षित — प्रदेश मीडिया संयोजक
हिमांशुराज पंडित — प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक
मोर्चा अध्यक्ष
युवा मोर्चा — रोहित मिश्रा
पिछड़ा मोर्चा —प्रकाश पाल
किसान मोर्चा — देवेन्द्र सिंह
अनुसूचित मोर्चा — अशोक रावत
महिला मोर्चा — सरोज कुशवाह
अनुसूचित जनजाति मोर्चा — श्री विद्याभूषण गोंड

June 24, 2026

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर भी प्रशासन हरकत में नहीं आया !

Breaking News UP Web News

Posted on 24.06.2026 Time 08.54 PM, Dehradun, Nainital High Court

19 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामला, मसूरी रोप वे प्रोजेक्ट आने पर रजिस्ट्री कराने से मुकरा विक्रेता।
– भूपत सिंह बिष्ट द्वारा
देहरादून, 24 जून 2026, उत्तराखंड में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद भी पुलिस अपनी एफआईआर सक्रिय नहीं हो पायी है।
विगत तीन जून को नैनीताल हाईकोर्ट से निर्णय पारित होने के बावजूद धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर पर थाना राजपुर पुलिस अभी तक हरकत में नहीं आई है।
मामला पुरकुल में मसूरी रोड स्थित करोड़ों की भूमि विक्रय से जुड़ा है। यहाँ से मसूरी के लिए रोप वे परियोजना का कार्य गतिमान होने से ज़मीन के भाव में भारी उछाल आ गया है और विक्रेता पुराने तय सौदों से पीछे हट रहे हैं।
उत्तराखंड के युवा उद्यमी के साथ ठगी और शोषण का यह अनूठा मामला है।
युवा उद्यमी बिक्रम राणा द्वारा राजपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद पुलिस प्रशासन और सरकार द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर हताश हैं। सीएम और पीएम पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाने के बाद फिर से आर्थिक दबाव के चलते वे आत्मघात की बात करते हैं।
उल्लेखनीय है कि बिक्रम राणा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व गढ़वाल सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के सगे भांजे और युवा उद्यमी पर्यटन और भूमि व्यवसाय से जुड़े हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा स्पष्ट निर्णय के बावजूद पुलिस प्राथमिकी को अंजाम तक पहुंचाने की फिक्रमंद नहीं दिख रही और टालमटोल निरंतर जारी है।
मामले के अनुसार राजकुमार यादव एवं अन्य के विरुद्ध देहरादून के राजपुर थाने में 14 सितम्बर 2025 को आईपीसी की धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) संख्या 181/2025 दर्ज कराई गई थी।
मसूरी रोड स्थित पुरकुल गांव में जमीन की खरीद फरोख्त के इस मामले में राजकुमार यादव, हरीश यादव, राजीव वाड्रा, संजय सिंह, श्रीमती मेघा भारद्वाज, बिज्जू, विनोद कुमार और नीरजा सिंह प्रतिवादी बनाए गए थे। इन पर आरोप है कि 19 करोड़ 81 लाख अपने खाते में जमा कराने के बाद ये सभी बिक्रम राणा के पक्ष में जमीन का बैनामा नहीं करा रहे हैं।
प्रतिवादियों ने साईं इंफ्रा प्रोडक्ट्स प्रा. लि. की पुरकुल स्थित भूमि का विक्रय का सौदा बिक्रम राणा के साथ किया। प्रतिवादियों ने बिक्रम राणा से 19.81 करोड़ रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवाए और इसके बाद उनकी नीयत में खोट आ गया।
धोखाधड़ी का यह मामला सुप्रीम कोर्ट और नैनीताल हाईकोर्ट में सुना जा चुका है।
राजपुर थाना देहरादून में एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रतिवादियों ने अग्रिम जमानत ले ली, और प्राथमिकी निरस्त करवाने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में रिट अपील दायर की थी।
नैनीताल हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई और तथ्यों की पड़ताल के बाद अपील खारिज कर दी और वादियों पर दो लाख व पचास हजार का अर्थ दंड लगाकर अग्रिम जमानत निरस्त कर दी।
अब पुलिस को तुरंत हरकत में आकर अभियुक्तों की गिरफ्तारी, बैंक खातों व भूमि विक्रय पर अंकुश लगाना है।
प्रेस वार्ता में बिक्रम राणा ने बताया कि पुलिस अभियुक्तों को अनावश्यक छूट दे रही है ताकि सब कुछ कोर्ट के बाहर सुलटाया जा सके।
बिक्रम राणा का मानना है कि नैनीताल हाईकोर्ट के निर्णय को पूरा एक पखवाड़ा बीत चुका है किंतु पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है तथा राज्य के बाहर के लोगों के साथ मिलकर रियायत बरती जा रही है, लेकिन अपने प्रदेश के लोगों के साथ बढ़ते ढगी के मामलों में कोई हमदर्दी का उदाहरण अथवा न्याय होता नहीं दिख रहा है।
दूसरे प्रदेशों से आकर अपराधी प्रवृत्ति के लोग उत्तराखंड में धड़ल्ले से गोरखधंधे कर रहे हैं, वे यहां के मूल निवासियों और युवाओं के साथ ठगी, धोखाधड़ी और छल कर रहे हैं, किंतु नैनीताल हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्णय के बावजूद पुलिस अपनी दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ा पा रही है।
– भूपत सिंह बिष्ट

June 23, 2026

फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं: मुख्यमंत्री

News Posted on 23.06.2026 Tuesday, Time 10.02 PM, Lucknow CM Yogi Adityanath

लखनऊ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए बड़ा सबक

हर जनपद में विशेष टीम गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए: मुख्यमंत्री

पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई; अभियान के नाम पर किसी नागरिक का उत्पीड़न न हो: मुख्यमंत्री

जो भवन जिस गतिविधि के लिए अनुमन्य, वहां वही गतिविधि होगी, बेसमेंट में कोचिंग/नर्सिंग होम स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री

आपातकालीन सेवाओं को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम: मुख्यमंत्री

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री ने की लखनऊ अग्नि दुर्घटना की बिंदुवार समीक्षा

लखनऊ, 23 जून: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के अलीगंज में बीते दिनों आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

मंगलवार को शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए।

बैठक में महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केंद्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

अमित शाह ने NAFED के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया

देश की एकता-अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को बलिदान दिवस पर शत्-शत् नमन

2014 में बंद होने के कगार पर खड़ा NAFED आज मोदी सरकार में ₹500 करोड़ के मुनाफे के साथ 74 लाख किसानों की सेवा कर रहा

बिचौलिए होंगे खत्म, किसान के पसीने की कमाई 48 घंटे में सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगी

अगले 2 वर्षों में दलहन का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदेगा NCCF और NAFED

किसानों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर के लिए NAFED की छात्रवृत्ति शुरू, मुनाफे का एक हिस्सा किसान परिवारों को दी जाएगी

Posted Date:- Jun 23, 2026

New Delhi, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और NAFED के अध्यक्ष जेठाभाई अहीर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि NAFED ने आज चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है, जिसमें NAFEX.in, दृष्टि, ईआरपी और NAFED कल्याण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि NAFEX.in सहित अन्य पहलें काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वर्ष 2014 में NAFED बंद होने की कगार पर था, लेकिन आज इन प्रयासों के कारण NAFED 30,000 करोड़ रुपये के टर्नओवर और 500 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ देश के 74 लाख से अधिक किसानों की सेवा कर रहा है। श्री शाह ने कहा कि जब NAFED गहरे आर्थिक संकट में था, तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने इसे पूरी पारदर्शिता के साथ चलाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आर्थिक सहायता प्रदान कर NAFED को एक बार फिर मजबूती से खड़ा कर दिया है।

श्री शाह ने कहा कि आज NAFED उत्पादन और खरीद दोनों में काफी बढ़ोत्तरी कर चुका है। देश को दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए NCCF और NAFED को सीधे किसानों से दलहन का एक-एक दाना खरीदने की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ना है। इससे किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य मिलेगा, तो दलहन की खेती का रकबा अपने आप बढ़ेगा और देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हमने दलहन, मक्का तथा अन्य उत्पादों की सीधी खरीद के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है। अब इस इंफ्रास्ट्रक्चर को नीचे तक पहुंचाना है। श्री शाह ने कहा कि NAFED और NCCF को पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा, तभी परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि अगले दो वर्षों के भीतर सभी किसान इन दोनों संगठनों को सीधे दलहन बेच सकें और उन्हें भुगतान भी सीधे उनके खाते में मिले।

उन्होंने कहा कि आज NAFED केवल कृषि उत्पादों की खरीद तक सीमित नहीं रहा है। विगत तीन वर्षों में NAFED ने जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा कारोबार, जैव उर्वरक निर्माण, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में बहुत अच्छा कार्य किया है, जिससे NAFED की प्रासंगिकता भी बढ़ी है और मुनाफा भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जब सहकारिता मंत्रालय बना था, तब NAFED का टर्नओवर 20,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़ कर 30,000 करोड़ रुपये हो चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में यह टर्नओवर बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के पार हो जाएगा। श्री शाह ने कहा कि NAFED का शुद्ध मुनाफा 139 करोड़ रुपये से बढ़कर 405 करोड़ रुपये हो गया है और नेटवर्थ 358 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,050 करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि NAFED आज एक मजबूत, आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर संगठन के रूप में उभरा है। अब समय है कि NAFED और NCCF पूरी पारदर्शिता के साथ दलहन तथा अन्य फसलों का एक-एक दाना सीधे किसानों से खरीदें, बिचौलियों के पूरे तंत्र को समाप्त करें और मुनाफा जिन किसानों का हक है, वह उन तक अवश्य पहुंचाएं।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि NAFED ने अपने मुनाफे का 1% किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था किसानों के बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर बनाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने में सहयोग करेगी।

अपने संबोधन की शुरुआत में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री शाह ने कहा कि आज ही के दिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक प्रधान’ के सूत्र को चरितार्थ करने और देश को एकजुट रखने के लिए बलिदान दिया था। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी इस राष्ट्र के बड़े नेताओं में शुमार हैं। उन्होंने जीवन में कुछ भी प्रसिद्धि के लिए नहीं किया और जो किया उसके दूरगामी परिणाम इस देश के लिए शुभ साबित हुए। श्री शाह ने कहा कि भारत के विभाजन के समय अंग्रेजों से लड़ाई लड़ कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने सुनिश्चित किया था कि पश्चिम बंगाल भारत में रहे। इसी कारण आज पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग बना हुआ है। गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू किया गया, जिसकी वजह से कश्मीर का राष्ट्रध्वज और संविधान अलग था। श्री शाह ने कहा कि यह संकल्पना भारत की एकता और अखंडता के लिए बहुत खतरनाक थी। तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने एक आंदोलन छेड़ा कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं रहेंगे। इसके लिए उन्होंने दिल्ली से कश्मीर तक मार्च किया और कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है। कश्मीर जाने के लिए उन्होंने कोई परमिट लेने से इनकार कर दिया, जिसकी वजह से श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को गिरफ्तार कर लिया गया। कश्मीर की जेल में ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संहेदास्पद मृत्यु हो गई। श्री शाह ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तत्कालीन सरकार के उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। गृह मंत्री ने कहा कि आज श्यामा प्रसाद जी का सपना साकार हो चुका है। अनुच्छेद 370 समाप्त हो चुका है और उनकी बनाई पार्टी की सरकार गंगोत्री से लेकर बंगाल के गंगासागर तक है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति के प्रखर हिमायती थे।

« Newer PostsOlder Posts »