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सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

August 8, 2026

सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना’ में चयनित बुनकर सम्मानित 

Posted on 07.08.2026
लखनऊ : 07 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश के हथकरघा उद्योग से जुड़े हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों ने अपने कौशल एवं परिश्रम से भारत की विरासत को नई ऊचाइयों तक पहुंचाया है। प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों एवं बुनकरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ केवल एक दिवस नहीं, बल्कि भारत के स्वाधीनता आन्दोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। 07 अगस्त, 1905 को भारत के स्वाधीनता आन्दोलन को नई दिशा मिली थी। इसी दिन आजादी के आन्दोलन में स्वदेशी की भावना ने पदार्पण किया था। स्वदेशी के मंत्र ने भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के संकल्प को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सन्त कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अन्तर्गत राज्य स्तर पर चयनित बुनकरों को सम्मानित किया तथा मुख्यमंत्री हथकरघा एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ओ0डी0ओ0पी0 उत्पादों तथा हथकरघा उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष हथकरघा उत्पादों के प्रमुख क्रेताओं एवं संस्थागत भागीदारों-हैण्डलूम प्रमोशन एक्सपोर्ट काउंसिल चेन्नई, तनैरा बेंगलुरु, कारिगो डी0टी0डी0सी0, इन्टरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा फूल कानपुर के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ने खादी, स्वदेशी तथा हथकरघा को आजादी के आन्दोलन का सबसे बड़ा शस्त्र बनाया था। स्वदेशी उत्पाद को नया जीवन देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 07 अगस्त की तिथि को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। यह दिवस वर्ष 2015 से देश में प्रत्येक वर्ष मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय हथकरघा से जुड़े देश के लाखों उद्यमियों, व्यवसायियों तथा हस्तशिल्पियांं का सम्मान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वदेशी हमारी विरासत है। हमारे हस्तशिल्पी एवं हथकरघा उद्यमी बड़ी मेहनत एवं परिश्रम से अपना कार्य करते हैं। प्रदेश के 2.5 लाख परिवारों के 14-15 लाख लोग हथकरघा उद्योग से जुड़े हैं। पावरलूम को जोड़ देने पर यह संख्या बढ़कर लगभग 30 लाख हो जाती है। यह उद्योग 30 लाख लोगों की आजीविका तथा स्वावलम्बन का आधार है। इसके माध्यम से वह आत्मनिर्भरता के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों व बुनकरों को प्रत्येक सुविधा सम्मानपूर्वक प्रदान कर रही है। लगभग 40,000 बुनकरों को मुख्यमंत्री हथकरघा उद्योग विकास योजना, झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना तथा विद्युत दर रियायत जैसी योजनाओं के माध्यम से 109 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करयी गई है। आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में हम तब टिक पाएंगे, जब आज की मांग के अनुरूप डिजाइन तथा वस्त्र तैयार करेंगे। आज यहां लगायी गयी प्रदर्शनी बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशल को प्रदर्शित करने का मंच व उत्पादों की ब्राण्डिंग का आधार है। यह मंच उत्पादों को बाजार से जोड़ने का माध्यम व लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा तथा बरेली आदि जनपदों के हस्तशिल्पी व कारीगर अपने उत्पादों के माध्यम से देश-दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। लखनऊ की चिकनकारी का काम अत्यन्त उत्कृष्ट है। व्यापारी और हस्तशिल्पी के बीच में विश्वास का रिश्ता होता है। बाराबंकी, अम्बेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, वाराणसी, भदोही, मीरजापुर आदि जनपदों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। भदोही का कालीन उद्योग वर्ष 2017 से पूर्व मृतप्राय हो गया था। आज वहां से सैकड़ों करोड़ रुपए का निर्यात हो रहा है। भदोही की कालीन दुनिया के बाजार में छा गई है। देश की नई संसद में जब कालीन बिछाने की बात आयी, तो प्रधानमंत्री जी ने भदोही की कालीन को प्राथमिकता दी। कालीन के माध्यम से संसद में उत्तर प्रदेश के कारीगरों का सम्मान हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम जब स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देंगे तथा उन्हें प्रोत्साहित करेंगे, तो देश का पैसा देश में ही लगेगा। हस्तशिल्पियों के चेहरे पर खुशहाली तथा जीवन में समृद्धि आएगी। यह पूरे देश की समृद्धि का कारण बनेगा। प्रदेश सरकार इस दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से भदोही में कालीन एक्सपो सेन्टर बनाया गया है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेन्टर स्थापित हो चुका है, इससे वहां के उत्पाद को वैश्विक मान्यता मिलेगी। प्रदेश सरकार सिल्क क्लस्टर्स को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उत्पादों को टेक्नोलॉजी, डिजाइन, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट तथा बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों तथा बुनकरों के साथ सदैव खड़ी है। राज्य सरकार द्वारा वाराणसी के फैसिलिटेशन सेन्टर से जुड़े विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है। गत वर्ष लगभग 450 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप प्रदान की गई। उन्हें डिजाइनिंग, टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती प्रदान करने के लिए लखनऊ तथा हरदोई के बीच 1,000 एकड़ क्षेत्रफल में पी0एम0 मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। वस्त्र उद्योग कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनके चेहरे पर खुशहाली आती है। वह अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग देश व प्रदेश के विकास में कर पाते हैं। इस प्रयास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। प्रदेश के पांच स्थानों पर सन्त कबीरदास के नाम पर टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे बुनकरों व हस्तशिल्पियों को नया प्लेटफार्म उपलब्ध होगा। यह कार्य 2017 से पूर्व हो जाने चाहिए थे, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में विज़न व सकारात्मक सोच का अभाव था। प्रत्येक कार्य को केवल वोट बैंक की दृष्टि से देखने पर गरीबों, कारीगरों तथा हस्तशिल्पियों का सम्मान पिछड़ जाता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बिजली तथा सड़क आदि का अभाव था। प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था के कारण बेटी, व्यापारी, हस्तशिल्पी तथा कारीगर सुरक्षित नहीं थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा ऐसा क्षेत्र है, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। वर्ष 2017 के पश्चात हमने परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहित किया। ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के माध्यम से उत्पादों की ब्राण्डिंग की गई। प्रधानमंत्री जी जब किसी देश के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के राष्ट्राध्यक्ष को उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पाद को प्रदान करते हैं। यह हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। हथकरघा प्रदेश में सबसे बड़ा कुटीर उद्योग है। सभी एम0एस0एम0ई0 उत्पादों का रजिस्ट्रेशन करने के साथ ही प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हथकरघा विभाग हस्तशिल्पियों और कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग आदि से जोड़े। प्रदेश सरकार ने हस्तशिल्पियों व कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और पी0एम0 विश्वकर्मा योजना के माध्यम से टूलकिट तथा ट्रेनिंग प्रदान करने की व्यवस्था की है। इस क्षेत्र में कुछ नया करने वाले लोगों को आज यहां संत कबीर हथकरघा पुरस्कार योजना से सम्मानित किया गया है। दीपावली, होली तथा ईद आदि त्योहारों पर हमें प्रदेश के कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पाद को अपने सगे-सम्बन्धियों को गिफ्ट के रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। इन उपहारों में भदोही की कालीन, फिरोजाबाद की मूर्ति, मुरादाबाद की पीतल की वस्तु तथा मेरठ का खेल का सामान आदि हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मेरठ स्पोर्ट्स आइटम का केन्द्र बिन्दु बना है। वर्ष 2017 से पूर्व पहले यह उद्योग दम तोड़ रहा था। भट्टियों में पारम्परिक ईंधन प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता था। आज प्रदेश सरकार वहां पी0एन0जी0 पाइप लाइन पहुंचा दी है। बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उत्पादों को टेक्नोलॉजी तथा पैकेजिंग आदि से जोड़ा गया है। उन्हें निर्यात हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में हथकरघा से जुड़े उत्पाद को खरीदने की व्यवस्था बनाई है। विभाग तत्काल इस पर कार्यवाही आगे बढ़ाए। अस्पतालों तथा गेस्टहाउस में स्थानीय हस्तशिल्पियों तथा कारीगरों द्वारा निर्मित बेडशीट तथा तौलिए आदि के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों की ब्राण्डिंग का अवसर मिलेगा।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी बुनकर परम्परा तथा स्वदेशी अवधारणा को सम्मान प्रदान करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हथकरघा उद्योग को निरन्तर प्रोत्साहित कर रही है। हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को शासन की योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। उत्पादों को ब्राण्डिंग, तकनीक, पैकेजिंग तथा मार्केट आदि से जोड़ा जा रहा है। उत्सवों और त्योहारों आदि पर हमें प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उद्योग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई तथा मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा हथकरघा दिवस पर दिये गए संदेश का प्रसारण किया गया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक श्रीमती जयदेवी, श्री नीरज बोरा, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग श्री के0 विजयेन्द्र पांडियन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

क्षत्रिय महासभा ने की यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग

13 सितंबर को मुजफ्फरपुर में होगी महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी
  1. लखनऊ , 07 August अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों को वापस लेने की मांग की है। महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए। इस संबंध में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी 13 सितंबर को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित होटल परमवीर सभागार में आयोजित होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने कार्यक्रम की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, लेकिन आज देश में हर राजनीतिक दल के निशाने पर अगड़ा समाज, खासकर क्षत्रिय वर्ग है। उन्होंने इस सिलसिले में 20 सितंबर को आगरा में होने वाले शक्ति सम्मेलन की भी जानकारी दी और कहा कि यह सनातन संस्कृति को बचाने हेतु ऐतिहासिक खुला अधिवेशन शक्ति सम्मेलन होगा। इस दौरान खाड़ी से पहाड़ी तक सामूहिक एकता का अभियान चलेगा।
बैठक में मुख्य मुद्दे आरक्षण सिर्फ गरीबों को मिले, यूजीसी के प्रस्तावित नियम वापस हो, 50 वर्ष आयु वाले गरीबों को आयुष्मान कार्ड सुविधा मिले, ईडब्ल्यूएस में सुधार तथा एससी, एसटी ऐक्ट के दुरुपयोग पर रोक पर चर्चा हुई। राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि पद और कद का उपयोग तभी है जब हम लक्ष्य पर निकलें। प्रधानमंत्री मोदी भी आत्मनिर्भर बनने की सलाह देते हैं। अब देशवासियों को आत्मनिर्भर कैसे बनाया जाए, इस पर मंथन होगा। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय संगठन मंत्री पंकज सिंह, पप्पू सिंह, मदन प्रसाद सिंह, सुनील कुमार सिंह ने सभी पदाधिकारियों से 13 सितम्बर को वीरों की धरती, बिहार पधारने की अपील की है।

कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस मुस्तैद, चौकी प्रभारी सत्येंद्र वर्मा और अम्बेश्वर दत्त ने संभाली कमान

एपी सिंह
लखीमपुर खीरी। सावन के पावन महीने में चल रही कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस टीमें दिन-रात सड़कों पर तैनात हैं।
नकहा चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल मुख्य मार्गों पर 24 घंटे लगातार पेट्रोलिंग कर रहा है। चौकी प्रभारी खुद पुलिस फोर्स के साथ मुस्तैद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान पुलिसकर्मी कांवड़ियों से सीधे बातचीत कर उनका हाल-चाल जान रहे हैं और उन्हें सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।पुलिस टीम ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे सड़क के किनारे सुरक्षित स्थानों पर ही रुककर आराम करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। चौकी प्रभारी सत्येंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति या असुविधा होने पर श्रद्धालु तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।

रामापुर पुलिस ने हटवाया जाम, श्रद्धालुओं की राह हुई आसान

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शनिवार को रामापुर चौकी प्रभारी अम्बेश्वर दत्त त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र में विशेष गश्त की। यात्रा मार्ग का जायजा लेने के दौरान उन्होंने देखा कि सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से ट्रक खड़े थे, जिससे जाम की स्थिति बन रही थी।चौकी प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक चालकों से बातचीत की और वाहनों को तुरंत मौके से हटवाया। पुलिस की इस तत्परता से मार्ग पर लगने वाला संभावित जाम टल गया, जिससे कांवड़ियों और अन्य राहगीरों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। पुलिस प्रशासन की इस सजगता की श्रद्धालु और स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री ने किया जिला चिकित्सालय का निरीक्षण दिए जरूरी निर्देश

Posted on 08.08.2026 Time 06.24 PM, Basti News

बस्ती, 08 अगस्त 2026 (उप्र समाचार सेवा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी ने शनिवार को जनपद बस्ती के भ्रमण के दौरान स्टेशन रोड स्थित होटल बालाजी प्रकाश में अमर उजाला द्वारा आयोजित “आभार समर्पण एवं चिकित्सक सम्मान समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जनपद के चिकित्सकों को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया तथा उनके समर्पण, सेवा भावना और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

समारोह के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय बस्ती का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लेते हुए ड्रेसिंग रूम, इमरजेंसी ओपीडी तथा इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकीय उपकरणों, स्वच्छता व्यवस्था तथा अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री जी ने इमरजेंसी वार्ड में एसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने अस्पताल में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा परिसर की रंगाई-पुताई कराकर साफ-सफाई एवं बेहतर वातावरण बनाए रखने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरा जाए, जिससे मरीजों को समय से बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। साथ ही अस्पताल परिसर में मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच लगवाने के भी निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और अस्पताल में उपलब्ध सभी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन को समयबद्ध एवं सुगमता से मिले।
उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकों से सेवा भाव, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिलाअध्यक्ष विवेकानंद मिश्रा ,विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, जिलाधिकारी श्रीमती कृत्तिका ज्योत्स्ना,पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह,मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल,मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव निगम, पीडी आनंद कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी राजेश यादव, एसआईसी डॉ अनिल कुमार साहित संबंधित विभागीयअधिकारी व जन प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

जयंत कुमार मिश्रा संवाददाता

प्रतापगढ़ में दीवार गिरने से बुजुर्ग की मौत

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

छप्पर के नीचे सो रहे थे 70 वर्षीय नासिर अली, अचानक भरभराकर गिरी दीवार; मलबे में दबे, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

प्रतापगढ़। लालगंज क्षेत्र के मोंठिन गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग के ऊपर अचानक दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में बुजुर्ग मलबे के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मलबे से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, मोंठिन गांव निवासी नासिर अली (70) पुत्र महबूब अली रोज की तरह शनिवार सुबह घर के बाहर बने छप्पर के नीचे सो रहे थे। सुबह करीब 5 बजे अचानक एक दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों ने देखा कि बुजुर्ग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। इसके बाद लोगों ने तत्काल राहत-बचाव का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर नासिर अली को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।
परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया। हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए लालगंज ट्रामा सेंटर ले जाने की तैयारी की गई। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में असरही गांव के पास उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिजन जब उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत होने के कारण परिजन शव को वापस घर लेकर लौट आए।

खेती-किसानी कर परिवार का करते थे भरण-पोषण
मृतक नासिर अली खेती-किसानी का काम करते थे। बताया गया कि खेती के सहारे ही वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके तीन बेटे सब्बीर, सकील और अफसर हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। वहीं उनकी बेटी सारजहां का भी निकाह हो चुका है।

अचानक हुए इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बुजुर्ग की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार उनके घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम
एक बुजुर्ग की इस तरह अचानक मौत से पूरे मोंठिन गांव में शोक की लहर है। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।

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