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बलिया में नाबालिग के साथ पड़ोसी युवक ने किया दुष्कर्म

August 8, 2026

बलिया में नाबालिग के साथ पड़ोसी युवक ने किया दुष्कर्म

Uttar Pradesh Map

UTTAR pRADESH

Posted on 08.08.2026 Time 06.05 PM, Ballia News, UP News

बलिया, 08 अगस्त 2026, सुखपुरा थाना क्षेत्र में पड़ोसी युवक के द्वारा अपने  नाबालिग लड़की को बहला फुसला कर गांव से बाहर ले जाकर किया दुष्कर्म किया गया। लड़की ने अपने परिजनों से बताई आपबीती।

परिजनों की तहरीर पर पड़ोसी युवक पर मुकदमा हुआ दर्ज हुआ है। मौके से पड़ोसी युवक फरार हो गया है , पुलिस तलाश में जुटी।

Ballia, August 08, 2026: A minor girl was lured out of her village and raped by a neighbour in Sukhpura police station area. The girl reported the matter to her family. A case has been registered against the neighbour based on the family’s complaint. The neighbour has fled the spot and police are looking for him.

खोजी ए आईः वायरस बनाम बैक्टीरिया

Editorial 08.08.2026 BY SARVESH KUMAR SINGH

Editorial

सर्वेश कुमार सिंह

ए आई अब केवल सूचना देने, आपके प्रश्नों के उत्तर देने या किसी समाधान का रास्ता बताने तक का सीमित साधन नहीं रहा है, बल्कि इससे आगे यह मानव जीवन को प्रभावित करने वाला खोजी टूल बन गया है। खोज भी ऐसी जो भौतिक विज्ञान से आगे रसायन और जैव विज्ञान के क्षेत्र में है। यह केवल निर्जीव वस्तुओं की खोज नहीं है, बल्कि जैविक खोज तक पहुंच गई है। जो मानव जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखती है, दोनों तरह से सकारात्मक भी और नकारात्मक भी। यानि कि यह लाभ भी पहुंचाएगी और कभी गलत हाथों में गई तो भारी हानि भी करेगी।

ऐसी ही खोज हाल ही में अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और कैलीफोर्निया के आर्क इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने ए आई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से एक वायरस को तैयार किया है। यह वायरस ए आई द्वारा कृत्रिम जीनोम (जैनेटिक कोड) तैयार करने के बाद लैब में सिंथेटिक्स वायरस के रूप में बनाया गया। वायरस को इस प्रकार ट्रेंड किया गया कि वह रोग के कारण बैक्टीरिया पर हमला कर सके और उसे नष्ट कर दे। इस प्रयोग में वैज्ञानिकों को सफलता मिली है। इसे बैक्टीरियोफेज नाम दिया गया है। यह खतरनाक बैक्टारिया को खोजने और मारने में सक्षम है।

शोधकर्ताओं ने जेनरेटिव ए आई माडल ( ईवो-1 और ईवो-2) का इस्तेमाल करके 16 ऐसे नये सिंथेटिक वायरस बनाये हैं जो प्रकृति में पहले से मौजूद नहीं हैं। प्रयोग में ये ई कोलाई बैक्टीरिया को नष्ट करने में पूरी तरह सफल रहे। भविष्य में इस तकनीक के प्रयोग से दवाएं और खासकर ऐसी दवाएं जो एंटीबायोटिक हैं और बेसर हो चुकी हैं, उनको फिर से कारगर करने या बनाने में प्रयोग किया जाएगा।

आम नागरिकों की जिज्ञासा यह है कि यह वायरस कम्यूटर ने कैसे तैयार कर लिया। इस बारे में गहराई से अध्ययन करने से पता चला कि कम्यूटर ने ए आई के माध्यम से सिर्फ जीनोम कोड तैयार किया। यह बहुत सारे पहले से मौजूद कोडों के अध्ययन के  बाद ए आई ने तैयार किया। ए आई ने एक नये वायरस का डीएनए कोड (ब्लू प्रिंट) तैयार किया। वैज्ञानिकों ने पहले ईवो नाम के ए आई माडल को लाखों जीवों के डीएनए कोड और आरएनए कोड की भाषा सिखायी। इससे ए आई ने यह समझ लिया कि एक वायरस को जीवित रहने और बैक्टीरिया पर हमला करने के लिए किस प्रकार के जैनेटिक कोड की जरूरत होती है। फिर ए आई ने खुद से 16 वायरस का जीनोम (जैनेटिक कोड) तैयार कर दिया। यह कोड एकदम नया था। फिर इस डिजिटल कोड को असली में बदला गया। इसके लिए प्रयोगशाला (लैब) का इस्तेमाल किया गया। यह कार्य मानवीकृत रूप से सम्पन्न हुआ। वैज्ञानिकों ने डिजीटल कोड को रसायनों के माध्यम से इसे जैविक और असली डीएनए में बदल दिया। इस कृत्रिम डीएनए को एक वायरस के खाली खोल (सेल) में डाल दिया गया। इसके बाद यह एक जीवित बैक्टीरियोफेज के रूप में काम करने लगा। प्रयोग के लिए इस बैक्टीरियोफेज को एक डिश में रखकर ई-कोलाई बैक्टीरिया के साथ छोड़ा गया तो इसने खतरनाक बैक्टीरिया की पहचान कर ली और यह उसकी दीवार को भेदकर उसके अंदर प्रवेश कर गया, यानि अपना डीएनए वहीं छोड दिया। यहां उसने लाखों वायरस के रूप में खुद को परिवर्तित किया । इसने अपने स्वरूप की लाखों की संख्या में बनी कापियों को एक साथ नष्ट किया जिससे बैक्टीरिया फट कर नष्ट हो गया।

ये तकनीक भविष्य की चिकित्सा सुविधाओं और चिकित्सा विज्ञान की दिशा बदल देगी। इसका सबसे बड़ा लाभ कैंसर चिकित्सा में हो सकता है। क्योंकि खराब कैंसर कोशिकाओं को ए आई की मदद से जन्मे बैक्टीरियोफेज आसानी से नष्ट कर सकते हैं। लेकिन, इस तकनीक और खोज के खतरे भी इतने ही बड़े हैं। यह तकनीक यदि आतंकवादियों और कुछ कमजोर राष्ट्रों के हाथों में पड़ गई तो जैविक हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। इससे जैविक युद्ध का नया खतरा जन्म ले रहा है। इसलिए सतर्कता जरूरी है। वर्ष 2019 में कोविड महामारी का एक महत्वपूर्ण कारक भी चीन की प्रयोगशाला में निर्मित कृत्रिम वायरस ही था। यह वायरस वैज्ञानिकों की असावधानी अथवा उनके द्वारा स्वयं ही लैब से बाहर निकाल दिया गया, यह अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन, इस महामारी ने पूरी दुनिया को हलकान कर दिया। कई लाख लोगों को इस महामारी से जान गंवानी पड़ी थी। इसलिए इस नई खोज का स्वागत करने के साथ-साथ इसकी सुरक्षा के उपायों पर भी गंभीरता से चिंतन और रणनीति बनाने की जरूरत है।

लेखक परिचयः स्वतंत्र पत्रकार, लखनऊ

August 7, 2026

प्रतापगढ़ में 12 लाख की लूट का खुलासा

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH (UP)

प्रतापगढ़,  पुलिस ने आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र में 2 अगस्त को हुई करीब 12 लाख रुपये के जेवरात की लूट का खुलासा कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया, जबकि दो अन्य को अलग कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। बरामद सामान में सोने का एक कंगन, चार अंगूठियां, दो जोड़ी टॉप्स, दो जोड़ी झुमके, एक मांग टीका, दो जोड़ी बालियां, तीन चेन, एक लॉकेट तथा बड़ी मात्रा में चांदी के आभूषण शामिल हैं।गौरतलब है कि 2 अगस्त की रात चार बदमाश एक घर में घुस गए थे। उस समय घर में एक महिला अकेली थी। आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर अलमारी का लॉकर तोड़ा और उसमें रखे जेवरात लूटकर फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की। गहन छानबीन और जुटाए गए सुरागों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा लूटे गए अधिकांश जेवरात भी बरामद कर लिए। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।

सार्थक पहल

Editorial 07.08.2026 Time 09.37 AM, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News , UP News, UP Samachar Sewa

सर्वेश कुमार सिंह

गुरुवार को युवाओं से संवाद और युवा नीति विषयक सार्थक पहल हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने मुंबई में 2000 जेन जी और जेन अल्फा से संवाद किया। संवाद का आयोजन आईआईएम यूएस कैंपस की ओर से किया गया। इसमें 11 से 19 वर्ष के छात्रों को देश भर से आमंत्रित किया गया। इस पहल को करने का श्रेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को ही है, क्योंकि उनकी पहल पर ही यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।

संघ के सरसंघचालक डॉ भागवत ने खुलकर अपने विचार रखे और प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा आज की युवा पीढ़ी हमारी पीढ़ी से अधिक ईमानदार और देशभक्त है। आंदोलन और प्रदर्शन संविधानिक अधिकार है। उन्होंने आरक्षण पर भी अपना मत प्रकट किया। डा मोहन भागवत ने कहा आरक्षण असमानता दूर करने के लिए लागू किया गया था। अत: जब तक समाज में आर्थिक, सामाजिक असमानता है तब तक आरक्षण जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आरक्षण से सक्षम हो गए हैं उन्हें स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ लेना छोड़ना चाहिए।

दूसरी पहल उत्तर प्रदेश से हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवा नीति बनाने और राज्य युवा आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों की बैठक बुलाकर निर्देश दिए कि युवा नीति बनाने के लिए विद्यार्थियों, युवा पेशेवरों, खिलाड़ियों, उद्यमियों से वार्ता की जाय। उन्होंने युवा आयोग बनाकर नीति निर्धारण की रूपरेखा प्रस्तुत करने की जानकारी दी। अब उम्मीद है कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में युवा आयोग का गठन होगा। इसके बाद युवाओं के हितों के लिए युवा नीति बनाई जाएगी।

युवाओं से जुड़ी ये दोनों पहल सामयिक हैं। आज युवा उद्वेलित है। इसके कई कारण है। पहला कारण है सूचना का तीव्र प्रवाह। दूसरा है ऊंची उड़ान के सपने देखना। तीसरा तत्काल परिणाम की अभिलाषा। हालांकि ये सभी सार्थक और अपेक्षित हैं, किंतु इन्हें संतुलित होना चाहिए। हाल का नीट परीक्षा से जुड़ा आंदोलन और रांची का छात्र आंदोलन इन्हीं कारकों के परिणाम है। इन पर गंभीरता और ईमानदारी से चिंतन, मनन और निर्णय की आवश्यकता है। ये काम केंद्र सरकार को यथाशीघ्र आरम्भ करना चाहिए। लेकिन केंद्र सरकार किन्तु, परंतु में उलझी है। वह आंदोलनकारियों के सहयोगियों और मददगारों की खोज में लगी है। जबकि तत्काल कारण के मूल में जाने की जरूरत है। यह कार्य आरएसएस और यूपी सरकार ने शुरू कर दिया है। इसके लिए डा मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि पूर्ण पहल सराहनीय है। युवाओं को सही दिशा देना, उनके भविष्य के बारे में सोचना राज्य की जिम्मेदारी है।

आज जो सूचना युवा ग्रहण कर रहे हैं उसका स्रोत डिजिटल है। ये स्रोत अनियंत्रित और अप्रमाणित सूचनाओं के प्रवाह का समुद्र है। इसपर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। सरकार, समाज, संगठनों को ऐसे प्रयास करने होंगे कि युवाओं को प्रमाणित और सत्य सूचना मिले। ताकि वे उसी पर धारणा बनाएं। इसके लिए युवाओं में समाचार पत्र, पत्रिकाएं, पुस्तकें पढ़ने की प्रवृत्ति जगाने के लिए कार्य योजना बनानी होगी।

ऊंची उड़ान के सपने देखना हमेशा अच्छा होता है। इसलिए इसे सही दिशा देने की सार्थक रणनीति बनानी होगी। सपना कैसे पूरा हो इसके लिए उन्हें दक्ष बनाना होगा। तीसरा तत्काल परिणाम की लालसा को नियंत्रित करने के लिए युवाओं को बताना पड़ेगा कि कोई भी लक्ष्य मार्ग पर चलकर ही प्राप्त किया जा सकता है। तेज दौड़ या छलांग लगाकर नहीं।

देश और समाज ने इन विषयों पर समय रहते चिंतन कर लिया जाए और युवाओं को सदी दिशा दे दी तो ये ऊर्जा राष्ट्र निर्माण करेगी। भारत का चतुर्दिक विकास होगा। यदि विलम्ब या चूक हुई तो स्थिति प्रतिकूल भी हो सकती है।

सुकून की बात यह है कि विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और देश के सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये पहल कर दी है।

August 6, 2026

घुमन्तू एवं विमुक्त जातियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करेगी सरकार: योगी आदित्यनाथ

  • मुख्यमंत्री ने घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु विमुक्त एवं घुमन्तू समाज द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनन्दन कार्यक्रम को सम्बोधित किया
  • प्रधानमंत्री जी का सबका साथ-सबका विकास मंत्र समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना, घुमन्तू विकास बोर्ड उत्थान की इसी कहानी की नई कड़ी का नाम : मुख्यमंत्री
  • अंग्रेजों ने इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइब इसलिए घोषित किया, क्योंकि इन्होंने अंग्रेजों का जीना मुश्किल कर दिया था
  • इन जातियों ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों की चूलें हिला दीं, भारत की आजादी के लिए बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लड़ाई लड़ी
  • विमुक्त जातियों को अब कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता, इन विमुक्त जातियों के लोग भारत के स्वाधीनता संग्राम सेनानी
लखनऊ : 06 अगस्त, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देशवासियों से कहा था कि बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक तबके को दिया जाएगा। उनका सबका साथ-सबका विकास का मंत्र आज समाज के प्रत्येक तबके के उत्थान का कारण बना है। घुमन्तू विकास बोर्ड उत्थान की इसी कहानी की नई कड़ी का नाम है। डबल इंजन सरकार प्रधानमंत्री जी के विज़न के अनुरूप घुमन्तू एवं विमुक्त जातियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान करेगी। अब उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। हम सभी मिलकर समाज की मुख्यधारा के साथ जुड़कर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री जी आज यहां घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु विमुक्त एवं घुमन्तू समाज द्वारा आयोजित आभार एवं अभिनन्दन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में घुमन्तू जातियांं को अंग्रेजों ने अपराधिक श्रेणी में रखकर क्रिमिनल ट्राइब्स के रूप में वर्ष 1871 में अधिसूचित कर दिया था। अंग्रेजों ने इन जातियों को क्रिमिनल ट्राइब इसलिए घोषित किया, क्योंकि इन्होंने अंग्रेजों का जीना मुश्किल कर दिया था।
इन्होंने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। यह जातियां भारत की आजादी के लिए बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके लड़ाई लड़ रही थी। अंग्रेजों को एहसास होने लगा कि वह अब बहुत दिनों तक भारत में शासन नहीं कर पाएंगे। अंग्रेजों ने सन् 1857 के स्वातंत्र्य समर में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भागीदार जातियों को चिन्हित करना प्रारम्भ कर दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सत्य, सत्य होता है। यदि सोना मिट्टी में मिल जाए, तो उसका सोनापन खराब नहीं होता। यदि कुछ पल के लिए सूर्य के सामने बादल आ जाए, तो सूर्य की ऊष्मा के सामने बहुत देर तक वह टिक नहीं पाते। स्वतंत्र भारत में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर जी ने क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 को समाप्त किया तथा वर्ष 1952 में इन्हें देश में विमुक्त जाति के रूप में घोषित करते हुए सम्मान दिया। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ी जातियों के लोग विमुक्त जाति के रूप में आज भी समाज में अपना योगदान दे रहे हैं। इनके विकास और उत्थान के लिए जो कार्य प्रारम्भ से होने चाहिए थे, वह नहीं हो पाए।


मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जी ने इन जातियों के लिए एक आयोग का गठन किया। गत वर्ष जब मुख्यमंत्री जी को घुमन्तू जाति सम्मेलन में सम्मिलित होने का अवसर मिला था, तो उन्होंने प्रदेश में घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन करने की घोषणा की थी। अब घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। विगत 12 वर्षों से प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार सम्पूर्ण देश तथा विगत 09 वर्षों से डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश में इन जातियों के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। इसके अन्तर्गत इन जातियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ा गया है।
पहली बार वनटांगिया गांव को राजस्व गांव के रूप में मान्यता दी गई। हजारों की संख्या में लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया। पहले मुसहर जाति के लोगों का कोई पुरसाहाल नहीं था। डबल इंजन सरकार द्वारा उन्हें सभी प्रकार की सुविधाओं से युक्त करने का कार्य किया गया। थारू, गोंड, चेरो, बुक्सा, कोल, सहरिया आदि जातियों के लोगों को शासन की योजनाओं से आच्छादित किया गया है। उन्हें राशन कार्ड जमीन के पट्टे, आवास, आयुष्मान कार्ड, बिजली कनेक्शन, निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन, निराश्रित, वृद्धावस्था तथा दिव्यांगजन पेंशन आदि सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे लिए जनता केवल वोट बैंक का माध्यम नहीं, बल्कि वह जनार्दन भी है। सरकार ने जनता को जनार्दन के रूप में हमेशा सम्मान दिया है। भारतीय लोकतंत्र में बिना भेदभाव प्रत्येक जनता को शासन की सुविधा का लाभ मिलना चाहिए। इसलिए वनटांगिया, मुसहर, कोल, बक्ुसा, सहरिया, गोंड, थारू, चेरो सहित अन्य जातियों का उत्थान करते हुए उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने का कार्य किया गया है। आज का यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम के साथ गले मिलते हुए निषादराज की भव्य प्रतिमा की स्थापना की गयी है। यह प्रतिमा सैकड़ों किलोमीटर दूर से दिखाई देती है। महाराज सुहेलदेव का विजय स्मारक बहराइच में बनकर तैयार है। बलरामपुर के इमलिया कोडर में ट्राइबल म्यूजियम बन गया है। इसी प्रकार मीरजापुर और सोनभद्र में भी तैयारी चल रही है। महाराज सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में विश्वविद्यालय तथा बहराइच में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया गया है। बदायूँ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी, लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर महिला पुलिस बटालियन का गठन किया गया है। बांदा मेडिकल कॉलेज महारानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है। पहले कोई नहीं सोचता था कि यह सभी कार्य सम्भव होंगे, लेकिन आज सम्भव हुए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार ने घुमन्तू जातियों के साथ-साथ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालय प्रारम्भ किये हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां उनके लिए लॉजिंग-फूडिंग की निःशुल्क व्यवस्था है। श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किए गए हैं। इन विद्यालयों के माध्यम से बच्चों अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार श्रमिकों, स्ट्रीट वेण्डरों, विद्यार्थियों, युवाओं तथा विमुक्त एवं घुमन्तू समाज सहित प्रत्येक वर्ग के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विमुक्त जातियों को अब कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता। यह विमुक्त जातियां भारत के स्वाधीनता संग्राम सेनानी है। स्वाधीनता संग्राम सेनानी होने के नाते उन्हें जो सम्मान प्राप्त होना चाहिए था, डबल इंजन सरकार विमुक्त जातियों को सम्मान देने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। सपेरा समुदाय के लोग गोरखनाथ जी के अनुयायी हैं। प्राचीन काल में यह लोग विदेशी हमलों के समय लोगों को सतर्क करते थे। प्रदेश सरकार इनके पुनर्वास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ संकल्पित होकर कार्य करेगी। साथ ही, घुमन्तू एवं विमुक्त जाति के लोगों को बुनियादी सुविधाओं से आच्छादित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि घुमन्तू विकास बोर्ड इन सभी जातियों को चिन्हित कर उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगा। उन्हें सभी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उनके जीवन स्तर को उठाने का प्रयास करेगा। घुमन्तू विकास बोर्ड शीघ्र कार्य करना प्रारम्भ करेगा। इसके कार्यरूप एवं गठन के स्वरूप में थोड़ा परिर्वतन किया जाएगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि गठन में प्रत्येक जाति का प्रतिनिधित्व रहे।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने घुमन्तू विकास बोर्ड का गठन कर विकासरूपी नहर बनाने का कार्य किया है। इस विकासरूपी नहर के माध्यम से घुमन्तू एवं विमुक्त समाज के लोगों को विभिन्न जनकल्याकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। राजस्व विभाग के माध्यम से कृषि तथा आवासीय पट्टा मिलेगा। विकास की नहर के ज़रिए प्रवाह बहुत तेज़ी से आगे बढ़ेगा। विकास के लिए तीन कुंजियां आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र तथा आय प्रमाण पत्र चाहिए। इसके माध्यम से तीव्र गारण्टी के साथ विकास की नहर आपके पास आएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आपने एक-एक पल घुमन्तू समाज के विकास की चिंता की है। अब यह समाज घुमन्तू नही,ं बल्कि टिकन्तू अर्थात टिककर रहना चाहती है। यह लोग उस समाज के प्रतिनिधि हैं, जिसने भारत माँ की लाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उस समय बहुत लोगों ने हथियार डाल दिए, लेकिन इस समाज ने कभी हथियार नहीं डाले।
कार्यक्रम में घुमन्तू तथा विमुक्त समाज के लोगों ने घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन हेतु मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने अपनी भावनांए व्यक्त करते हुए इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आज सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आवास, शौचालय, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि बुनियादी सुविधाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही है। इस बोर्ड के माध्यम से उनका समग्र विकास होगा।
इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव गोंड, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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