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अखंड भारत संकल्प दिवस पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

August 11, 2026

अखंड भारत संकल्प दिवस पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

भारत माता के प्रति समर्पण का लिया संकल्प, जय श्रीराम और भारत माता के जयघोष से गूंजा सासनी

हाथरस। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल प्रखंड सासनी के तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस स्टैंड पर अखंड भारत संकल्प दिवस उत्साह और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं, प्रबुद्धजनों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं संतों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि विहिप जिला संगठन मंत्री देवराज ने कहा कि अखंड भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का विषय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक जागरण और समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए।मुख्य वक्ता विहिप जिला उपाध्यक्ष डॉ. अमित भार्गव ने अखंड भारत के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य और विभाजन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से राष्ट्र एवं संस्कृति के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इतिहास को याद रखने का उद्देश्य केवल अतीत का स्मरण करना नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक सुरक्षा और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना को जीवंत रखना है। संगठित और जागरूक समाज ही मजबूत भारत का निर्माण कर सकता है।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि समाज में समरसता और आपसी एकता की भावना मजबूत होनी चाहिए। सभी वर्गों के लोग मिल-जुलकर रहेंगे तो देश की एकता और अखंडता और मजबूत होगी।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने हाथ उठाकर अखंड भारत के निर्माण तथा राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए संकल्प लिया। इसके बाद ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।इस अवसर पर प्रांत सेवा टोली सदस्य विद्याभूषण गर्ग, प्रखंड अध्यक्ष योगेश, प्रखंड मंत्री जगदीश प्रसाद शर्मा, प्रखंड उपाध्यक्ष हेमंत कौशल, देदामई खंड अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अंकित शर्मा, अमन भार्गव सहित विहिप एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शराब के नशे में भिड़े दो पक्ष, जमकर पथराव और मारपीट

सोखना गांव में देर रात मचा हड़कंप, पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

हाथरस। थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सोखना में बीती रात शराब के नशे में दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट और पथराव में बदल गया। गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए पथराव से गांव में हड़कंप मच गया और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।बताया जाता है कि देर रात दोनों पक्षों के कुछ लोग शराब के नशे में आपस में गाली-गलौज करने लगे। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद मारपीट के साथ पथराव शुरू हो गया। सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गांव में शांति व्यवस्था कायम कराई।पुलिस के अनुसार एक पक्ष में कालू, प्रशांत उर्फ छोटू, पुष्पेंद्र पौरुष, विप्पो उर्फ विपिन, आकाश, कमलेश देवी, आशा देवी और जगवीर सिंह समेत 10-12 अज्ञात लोग शामिल थे। वहीं दूसरे पक्ष में गोविंद, शान, रिंकू और रफीक समेत 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।विवाद में दोनों पक्षों के कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। परिजन घायलों को उपचार के लिए ले गए। घटना को लेकर उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह की ओर से दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।घटना के बाद गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि दोबारा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने तीन कांवड़ियों को मारी टक्कर, हालत गंभीर

ACCIDENT

सोरों जी से कांवड़ लेकर राजस्थान लौट रहे थे तीनों, प्राथमिक उपचार के बाद किए गए रेफर

हाथरस। गंगाघाट सोरों जी से कांवड़ लेकर लौट रहे तीन कांवड़ियों को कासगंज रोड स्थित गांव हबीबपुर के निकट तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों कांवड़िए गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने तीनों को रेफर कर दिया।बताया जाता है कि राजस्थान के दौसा जिले के गांव बाजा बीड़ा निवासी रामकिशोर, महेश और हेतराम आज सुबह गंगाघाट सोरों जी से कांवड़ लेकर अपने गांव लौट रहे थे। कासगंज रोड पर हबीबपुर के समीप पहुंचते ही विपरीत दिशा से तेज गति में आ रही फॉर्च्यूनर कार ने तीनों कांवड़ियों को टक्कर मार दी।टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों कांवड़िए सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया।पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

वेतन एवं सेवा-शर्तों में न्यायसंगत सुधारों की मांग, आठवें वेतन आयोग से मिला शैक्षिक महासंघ

नई दिल्ली/लखनऊ, 10 अगस्त 2026।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना देसाई, सदस्य सचिव श्री पंकज जैन एवं अन्य अधिकारियों से नई दिल्ली स्थित आयोग कार्यालय में भेंटवार्ता की। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता एवं महामंत्री प्रो. गीता भट्ट शामिल रहे। महासंघ ने देशभर से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार विस्तृत ज्ञापन के विभिन्न बिंदुओं पर आयोग के समक्ष चर्चा की।

महासंघ ने मांग की कि वेतन पुनरीक्षण में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत, वास्तविक क्रय शक्ति तथा सेवा एवं सेवानिवृत्ति के दौरान आर्थिक सुरक्षा को प्रमुख आधार बनाया जाए। ज्ञापन में फिटमेंट फैक्टर 3.6 से बढ़ाकर 3.8, वार्षिक वेतनवृद्धि 5 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत, उच्च वेतन स्तरों में अतिरिक्त चरण, वन स्टेप अप व्यवस्था की पुनर्बहाली तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग रखी गई।
महासंघ ने महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत होने पर मूल वेतन में स्वतः समायोजन, मकान किराया भत्ते में वृद्धि, यात्रा भत्ते का वर्तमान लागत के अनुरूप पुनरीक्षण तथा आधिकारिक यात्राओं के पूर्ण व्यय की प्रतिपूर्ति का सुझाव दिया।
शिक्षकों एवं कर्मचारियों के व्यावसायिक विकास और शोध के लिए वित्तीय सहायता, डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों हेतु पृथक भत्ता, गृह निर्माण अग्रिम में वृद्धि तथा अवकाश सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी गई।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 20-25 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, समूह बीमा सुरक्षा में वृद्धि तथा एलटीसी नकदीकरण बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया। पूरे सेवाकाल में कम से कम चार पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करने तथा कृत्रिम अवरोध समाप्त करने पर भी जोर दिया गया।
सेवानिवृत्ति सुरक्षा के तहत अंतिम आहरित वेतन के 60-67 प्रतिशत तक सुनिश्चित पेंशन, पारिवारिक पेंशन में वृद्धि, ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने तथा पेंशन आंशिकीकरण की पुनर्बहाली अवधि घटाने की मांग की गई।
महासंघ ने आयोग से आग्रह किया कि आठवां केंद्रीय वेतन आयोग केवल वेतन संशोधन तक सीमित न रहकर वेतन, भत्ते, सेवा-शर्तों, पदोन्नति, अवकाश, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की समग्र समीक्षा करे। महासंघ ने लगभग पांच वर्ष के नियमित वेतन पुनरीक्षण चक्र अथवा महंगाई से जुड़ी स्वचालित पुनरीक्षण व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावीप्रदेश महामंत्री जोगेंद्र पाल सिंह, शिवशंकर सिंह, डॉ. उदयन मिश्राडॉ. कमल कौशिकप्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंहड. अनूप शर्माडॉ. स्वदेश कुमार सिंहडॉ. श्वेताप्रो. अनिल कुमारडॉ. संतोष कुमार शुक्लप्रदीप तिवारीसुनील कुमार मिश्र आदि पदाधिकारियों ने शिक्षक और शिक्षा हित में की गयी माँगों का समर्थन किया है।

August 10, 2026

क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर
काकोरी शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
लखनऊ : 09 अगस्त, 2026  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं पावन तिथि है। 09 अगस्त, 1925 को भारत माता के महान सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी कि भारत की धरती गुलामी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। महान क्रान्तिकारियों ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से भारत छोड़ो आन्दोलन तक आजादी की लड़ाई के लिए कार्यक्रमों की लम्बी श्रृंखला खड़ी की थी। मुख्यमंत्री जी ने क्रान्तिकारियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए सभी महानायकों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ काकोरी शहीद स्मारक में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने वन्दे मातरम् तथा काकोरी के शहीदों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री जी ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया तथा फोटो बूथ पर सेल्फी ली। कार्यक्रम के दौरान भारतेन्दु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 09 अगस्त, 1925 को काकोरी में पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी जैसे महान क्रान्तिकारियों ने उस खजाने को अपने कब्जे में लेने का कार्य किया, जिस गाढ़ी कमाई को अंग्रेजों ने हड़प लिया था। जिन क्रान्तिकारियों ने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर दिया था, उनमें काशी में जन्में श्री शचीन्द्रनाथ बख्शी तथा श्री मनमोहननाथ गुप्त को आजीवन कारावास की सजा हुई। उनकी जागीर ब्रिटिश शासन ने जब्त कर ली थी। पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ और राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी, इन सभी महान क्रान्तिकारियों को क्रमशः गोरखपुर, प्रयागराज, फैजाबाद तथा गोण्डा में फांसी दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद ने कहा था कि ‘आजाद हमेशा आजाद रहेगा।’ वह अंतिम दम तक वे अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते प्रयागराज की धरती पर शहादत को प्राप्त हुए। क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था। काकोरी में घटित इस घटना को ब्रिटिश शासन ने डकैती कहा था। दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में भी जिन लोगों के हाथों में सत्ता आयी, उन्होंने भी काकोरी डकैती काण्ड के नाम पर इस घटना के क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ऐसे ही गुलाम नहीं हुआ। भारत की गुलामी के कारण हमारी आपसी फूट व षड्यंत्र थे। आज भारत को कमजोर करने वाली ताकतें जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर लगातार फूट डालने का कार्य कर रही हैं। इन राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों ने आपको अपने क्रांतिकारियों व नायकों से दूर रखा, उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया। नायकों पर गौरव की अनुभूति का अवसर न देना युवा पीढ़ी को आदर्श, गौरव और प्रेरणा से विमुख करने जैसा है। आजादी के बाद जिन लोगों ने सत्ता सम्भाली, उन लोगों ने क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का पाप किया। काकोरी के शहीदों के अलावा चन्द्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदादेवी पासी, अवन्तीबाई, झलकारीबाई के नाम पर कोई स्मारक न बने, लोग इनका नाम भी न जानने पाएं, इसलिए इन क्रान्तिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नाम नहीं रखा गया। आजादी के बाद भी इसके लिए लगातार साजिशें की गईं।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के नायकों को सम्मान देने का कार्य किया। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ के स्मारकों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया। काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रान्तिकारियों को सम्मान दिया। इन क्रान्तिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने जनता का आह्वान किया कि हम सभी क्रान्तिकारियों को खोजें। हमारे गाँव, क्षेत्र, जनपद आदि में अनेक गुमनाम नायक होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित किया। आजादी के बाद सत्तालोलुप लोगों ने अपने वैभव को देखा। क्रान्तिकारियों को भुला दिया गया, उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया गया। देश, समाज के खिलाफ षड्यंत्र हुआ और फिर से बाँटने की साजिश प्रारम्भ कर दी गई। मुख्यमंत्री जी ने अपील की कि क्रान्तिकारियों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनसे जुड़े स्मारकों की मरम्मत-सौन्दर्यीकरण से जुड़ें और पुष्पांजलि देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों के लिए देश की आजादी की लड़ाई सर्वोपरि थी। उनकी स्मृति को जीवन्त बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। एक वर्ष में क्रान्तिकारियों की स्मृतियों में अनेक कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मान दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने आह्वान किया कि विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब साकार होगी, जब सभी के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। अपनी मातृभूमि, भाषा, स्वदेशी उत्पादों को लेकर लोगों को जागरूक करें। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस है। इस दौरान हर घर में तिरंगा फहराना चाहिए और प्रत्येक संस्था में वन्दे मातरम् का गान होना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों और सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश अंग्रेजों की पराधीनता से मुक्त हुआ है। 09 अगस्त सम्पूर्ण क्रान्ति की शुरुआत का दिन है। अनेक बलिदानों की श्रृंखला इसी दिन से प्रारम्भ हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के लिए सर्व समाज के लोगों ने बलिदान दिया। काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के इस भव्य एवं गरिमामय समारोह में उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग का स्मरण करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को आजादी दिलाई। प्रत्येक बच्चे और विद्यार्थी को यहां से यह प्रण लेकर जाना चाहिए कि जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर देश को आजादी दिलाई, उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि काकोरी की यह वही पवित्र भूमि है, जहाँ अमर बलिदानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। काकोरी ट्रेन एक्शन में देश के सपूतों ने भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। नई पीढ़ी तक राष्ट्रीय गौरव और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संदेश पहुंचाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रतिवर्ष 09 अगस्त को इस पावन धरती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का कार्य किया जाता है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शहीदों के परिजन, छात्र-छात्राएँ सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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