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एटा में डीएम कार्यालय में युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, थानाध्यक्ष पर न्याय न मिलने का आरोप लगाया

July 13, 2026

एटा में डीएम कार्यालय में युवक ने किया आत्मदाह का प्रयास, थानाध्यक्ष पर न्याय न मिलने का आरोप लगाया

Posted on 13.07.2026 Time 08.59 PM Monday, Etah News

एटा 13 जुलाई उप्रससे। जनपद में एक युवक ने कथित रूप से न्याय न मिलने से परेशान होकर डीएम कार्यालय में पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। उसने एक थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

न्याय की मांग को लेकर लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काट रहे राहुल कुमार पुत्र जयपाल सिंह, निवासी नगला हिमाचल, थाना मिरहची ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की सतर्कता से युवक को समय रहते रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना पर कलेक्ट्रेट परिसर मैं भारी पुलिस बल फायर ब्रिगेड की गाड़ी तथा सैकड़ो की संख्या में जनता की भीड़ जुट गई।

पीड़ित राहुल कुमार का आरोप है कि उसकी पत्नी की मौत के मामले में उसे बिना निष्पक्ष जांच के जेल भेज दिया गया, जहां वह करीब छह महीने तक बंद रहा। जेल से बाहर आने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिला। उसका कहना है कि उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी, एडीजी, डीआईजी, डीएम और एसपी सहित कई उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच (SIT/CB-CID) की मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उसे सिर्फ थाने से दुत्कार ही मिली।
युवक ने मिरहची की निवर्तमान थाना प्रभारी नीतू वर्मा जो दो दिन पूर्व महिला थाना प्रभारी बनाई गयी हैं उनपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के समय उसकी सीडीआर और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका नाम मुकदमे से हटाने और बचाने के नाम पर उसके पिता से 3 लाख 85 हजार रुपये रिश्वत ली गई। और सभी को जेल भेज दिया गया उसने थाने के एक सिपाही द्वारा रूपये देने के आरोप लगाये है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राहुल का कहना है कि आरोपी राजकुमार और अन्य लोगो को स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त है तथा उसके द्वारा दिए गए साक्ष्यों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। उसने मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर SIT या CB-CID को सौंपने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने तथा अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है उसने नीतू वर्मा से अपनी व परिवार की जान व माल का खतरा बताया गया है।
कलैक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह के प्रयास के दौरान राहुल ने कहा, “मैं न्याय की भीख मांगते-मांगते थक चुका हूं। मुझे न्याय नहीं मिल रहा है। अब मैं मरना चाहता हूं, लेकिन मुझे मरने भी नहीं दिया जा रहा। आखिर मैं क्या करूं?”
फिलहाल पुलिस ने युवक को सुरक्षित हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी हैअपर जिलाधिकारी प्रशासन ने युवक से बन्द कार्या लय में बात की किन्तु मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी गयी न तो फोन उठाया वही अपर पुलिस अधीक्षक का भी फोन नहीं उठा फिलहाल अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल ने क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप कुशवाहा को पीडित युवक सोंप दिया गया है। इस घटना के बारे में अभी तक मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

टीएमयू के डॉ. मुकुल सैन का पेटेंट बदल देगा ऊंटों की सूरत-सीरत

Posted on 13.07.2026 Time 07.21 PM, Monday, Teerthankar Mahaveer University (TMU) Moradabad, Dr Mukul Sain, College of Agriculture Sciences, Patent on Camel, News Source Prof Shyam Sundar Bhatia

मुरादाबाद, 13 जुलाई 2026, तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सैन प्रतिभा के धनी, नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल, 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड, इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं, कनाडा से 01 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार, डॉ. सैन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस है, देश-विदेश में 28 शोध पत्रों के संग-संग अब तक दो किताबें भी हो चुकी हैं प्रकाशित

Dr. Mukul Sen of TMU will change the patent of camels Surat-Seerat

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज के डॉ. मुकुल सैन ने नवाचार में ऊंची छलांग लगाई है। डॉ. सैन ने घुमन्तू ऊंट पालकों के लिए जीवनदायिनी सरीखा डिजाइन पेटेंट यूके से प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है, इन दिनों राजस्थान में न केवल ऊंटों का जीवन संकट में है, बल्कि घुमन्तू पालकों की रोजी-रोटी पर भी दांव लगा है। यूं तो ऊंटों की संख्या राजस्थान में सर्वाधिक है। एक आंकड़ें के मुताबिक हिन्दुस्तान में कुल ऊंटों का 85 प्रतिशत ऊंट केवल राजस्थान में पाए जाते हैं। यह बात दीगर है, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, यूपी आदि में भी ऊंटों का पालन किया जाता है। एक दर्जन पेटेंट अपनी झोली में रखने वाले डॉ. सैन ने इनके दर्द को संजीदगी से समझा है। इस पेटेंट से उन्होंने रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों और उनके कारोबारियों के लिए आशा की किरण जगा दी है। डॉ. सैन को सोलर असिसटेड मोबाइल कैमल डेयरी मिल्किंग मशीन का यूके के इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स ऑफिस से डिजाइन पेटेंट मिला है। यदि यह जमीनी हकीकत में बदलता है तो डिजाइन की गई इस मशीन में रेगिस्तान में भी 04 डिग्री तापमान तक घुमन्तू ऊंटों का दूध स्टोर किया जा सकता है। 20 लीटर क्षमता के डिजाइन की लागत करीब 1 से 1.5 लाख तक रहेगी। इस मशीन में चराई के दौरान मिल्किंग के बाद दूध ऑटोमेटिक ही ठंडा और स्टोर हो जाएगा। यह सौर ऊर्जा पर आधारित है, जोकि रेगिस्तान में भरपूर मात्रा में मिलती है। टीएमयू के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन इस एक्सक्लूसिव पेटेंट डिजाइन पर डॉ. मुकुल सैन को बधाई देते हुए कहते हैं, यह पेटेंट ऊंटों और ऊंट पालकों के लिए बेशकीमती सौगात है। उन्होंने उम्मीद जताई, इस नवाचार से ऊंट के दूध का गुणवत्तापूर्ण संरक्षण के संग-संग बाजार का भी विस्तार होगा। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज़ के डीन प्रो. प्रवीन कुमार जैन कहते हैं, कॉलेज के लिए यह गौरव का विषय है। ऐसे प्रसंस्करण भविष्य में दूध के क्षेत्र में नई संभावनाएं और नवाचार के द्वार खोलेंगे।

पंजाब के अबोहर में जन्मे डॉ. सैन ने ऊंटों और ऊंट पालकों के दर्द को करीब से देखा है। छोटूपन में यह दंश तो वह नहीं समझ पाए लेकिन एग्रीकल्चर और डेयरी में उच्च शिक्षा-दीक्षा के दौरान उन्होंने ऊंटों के जीवन कल्याण की ठानी। सोचा एक ऐसा डिजाइन ईजाद किया जाए, जिससे इनके दिन बहुर जाएं। डॉ. सैन नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टिटयूट- एनडीआरआई, करनाल से डेयरी इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं। राजस्थान के बीकानेर में प्रवास के दौरान उन्होंने ऊंट के दूध की गुणवत्ता के संरक्षण की ठानी, क्योंकि इसमें औषधीय गुण हैं। जैसे ऊंट का दूध बेनिफिसियल एक्टिव प्रोटीन से भरपूर है। डायबिटीज और पेट के रोगों में वरदान है। इसका प्रयोग ऑटिज़्म रोगियों के लिए भी किया जाता है। अब तक इसका सर्वाधिक बाजार मिल्क पाउडर के रूप में है। अब उम्मीद की जाती है, यह लिक्विड रूप में भी मिल जाएगा। डॉ. सैन प्रतिभा के धनी हैं। नवाचार के प्रति उनका नज़रिया बेमिसाल है। 2024 से लेकर 2026 तक 12 आईपीआर ग्रांटेड हैं। इनमें से 10 आईपीआर भारतीय हैं, कनाडा से 01 कॉपीराइट भी उनकी उपलब्धियों में शुमार हैं। डॉ. सैन की झोली में आधा दर्जन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस हैं। 28 शोध पत्र देश-विदेश में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. सैन की 2020 में नेचुरल फाइबर कंपोजिस्ट्स, 2023 में फ्यूचरिस्टिक ट्रेंड्स इन एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एंड फूड साइंसेज़ पब्लिश हो चुकी हैं। इसके अलावा वेलेराइजेशन ऑफ वेस्ट राइस स्ट्रा और एडवांसेज़ इन इंडीजीनियस डेयरी प्रोडक्ट्स की पांडुलिपियां प्रकाशकों के पास हैं। इन पुस्तकों को स्प्रिंजर सरीखे इंटरनेशलन पब्लिशर्स प्रकाशित करेंगे। इसके अलावा आठ इंटरनेशनल बुक चौप्टर समेत एक लैब मैन्युअल भी उनकी झोली में है। डॉ. सैन भविष्य की प्लानिंग बताते हुए कहते हैं, दूध हमेशा से उनके चिंतन और मनन का विषय है। वह अब दूध के उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की तकनीकों पर भी रिसर्च करेंगे।

हकीकत यह है, ऊंटों और पालकों की दुश्वारियां जग जाहिर हैं। देश में सर्वाधिक ऊंटों की संख्या राजस्थान में है। राजस्थान के ख़ासकर बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर सरीखे जिलों में पुरसा हाल नहीं है। कड़वी सच्चाई यह है, राजस्थान सरकार की आंख मूंदु नीति के चलते ऊंट पालन कारोबार मुनाफे का सौदा कभी नहीं रहा है। इस पेटेंट के बाद न केवल ऊंट पालक अपना दूध बेच सकेंगे, बल्कि इनके प्रति मुहब्बत में भी इजाफा होगा, क्योंकि सरकार की मौजूदा नीति के मुताबिक ऊंट को न तो वध के लिए नहीं बेचा जा सकता है और न ही अवैध ट्रैफिकिंग की जा सकती है। राजस्थान की रीढ़ की हड्डी समझे जाने वाले ऊंट मशीनीकरण और परिवहन के आधुनिक साधनों के चलते ऊंटों की उपयोगिता में भारी गिरावट आई है। शोध रिपोर्टस के मुताबिक साढ़े चार दशक में राजस्थान में ऊंटों की संख्या 15 लाख से घटकर केवल एक लाख ही रह गई है। अंदेशा है, डायनासोर की मानिंद एक दिन ऊंट भी कागजों तक सिमट कर रह जाएंगे। ऐसे में डॉ. मुकुल सैन का पेटेंट ऊंटों और उनके पालकों के लिए भगवान सरीखा है। इस पेटेंट के बाद ऊंट से लेकर घुमन्तू पालकों तक की सूरत-सीरत बदल जाएगी। ऑटोमिल्किंग के संग-संग इमिडेट कूलिंग मिलेगी। हयूमन टच एक्सक्लूड हो जाएगा और दूध हाइजीन रहेगा। कोल्ड चेन मैनेजमेंट के कारण दूध की गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। दूध उपलब्धता में बेहतर वृद्धि हो जाएगी। ऊंट के दूध में थैरेप्यूटिक गुण होने के कारण एक्सपोर्ट के वैश्विक द्वार खुल जाएंगे। अंततः ऊंटों की तेजी से गिरती संख्या का ग्राफ भी रूक जाएगा।

Exclusive News

Dr. Mukul Sen of College of Agricultural Sciences, Tirthankar Mahavir University, Moradabad, is a man of talent, his approach to innovation is unparalleled, 12 IPRs granted from 2024 to 2026, out of which 10 IPRs are Indian, 01 copyright from Canada is also among his achievements, Dr. Sen has half a dozen international conferences in his pocket, 28 research papers published at home and abroad as well as two books so far. Dr. Mukul Sen of College of Agricultural Sciences, Tirthankar Mahavir University, Moradabad has taken a leap in innovation. Dr. Sain has received a design patent from the UK for a lifeline for nomadic camel herders. Significantly, these days not only the life of camels is in crisis in Rajasthan, but the livelihood of nomadic herders is also at stake. Rajasthan has the highest number of camels. According to a statistic, 85% of the total camels in India are found in Rajasthan alone. Camels are also reared in Gujarat, Haryana, Punjab, UP, etc. Dr. Sain, who holds a dozen patents in his pocket, has understood their pain intimately. With this patent, he has given a ray of hope to the camels and their traders who are called the ship of the desert. Dr. San has received a design patent for a solar assisted mobile camel dairy milking machine from the Intellectual Property Rights Office, UK. The designed machine can store milk of nomadic camels up to 04 ° C even in the desert if it changes to the ground reality. 20 liters capacity

अपात्र को प्रधानमंत्री आवास दिलाने में लेखपाल दोषी, कार्रवाई शुरु

Mainpuri samachar UP Web News
Posted on 13.07.2026 Time 07.10 PM Monday, UP News, Mainpuri
मैनपुरी, 13 जुलाई 2026 (उप्र समाचार सेवा) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में अनियमितता का मामला सामने आने पर कार्रवाई की गई है। अपात्र लाभार्थी को योजना का लाभ दिए जाने पर जहां लाभार्थी से एक लाख रुपये की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू हुई है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
       आशा देवी निवासी सदर बाजार, कन्या प्राइमरी पाठशाला के निकट किशनी ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि सुनीता को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) का लाभ नियमों के खिलाफ दिया गया। उप जिलाधिकारी (न्यायिक) किशनी संध्या शर्मा से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि लाभार्थी सुनीता प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता की श्रेणी में नहीं आती हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) ने लाभार्थी के विरुद्ध योजना के तहत मिले एक लाख रुपये की धनराशि की रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर दिया है। तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल वीरेंद्र कठेरिया की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही लाभार्थी को पात्र घोषित किया गया था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उप जिलाधिकारी किशनी ने लेखपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि गलत जांच आख्या के कारण अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिला। इसके बाद उप जिलाधिकारी किशनी ने 4 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से लेखपाल वीरेंद्र कठेरिया के खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पत्र भेजकर शिकायतकर्ता को बताया गया कि उनकी शिकायत सही पाए जाने पर अपात्र लाभार्थी से सरकारी धन की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित लेखपाल के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई संचालित की जा रही है।

पीएम मोदी ने 56वें ​​अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने पर भारतीय दल को बधाई दी

 

PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Posted Date:- Jul 13, 2026 News PIB

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें ​​अंतरराष्‍ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 International Physics Olympiad 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय दल के कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी को बधाई दी है। #Kanish Jain #Ridhhesh Anant Bendale #Rishit Garg #Shresth Surayia #Swarit Joshi

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी यह उपलब्धि देश की युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण है।

श्री मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक दशक में भारतीय छात्रों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा:

“हमारे युवाओं का शानदार प्रदर्शन!”

कोलंबिया के बुकारामंगा में आयोजित 56वें ​​अंतरराष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (आईपीएचओ) 2026 में स्वर्ण पदक जीतने के लिए कनिष्क जैन, रिद्धेश अनंत बेंडाले, ऋषित गर्ग, श्रेष्ठ सुरैया और स्वरित जोशी के भारतीय दल को हार्दिक बधाई।

उनकी यह उपलब्धि हमारे युवा शक्ति की असीमित क्षमता और विज्ञान एवं अनुसंधान के प्रति उनके जुनून का एक और उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह तथ्य भी उतना ही सराहनीय है कि पिछले दशक में हमारे छात्रों ने इस मंच के विभिन्न संस्करणों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है।

An outstanding performance by our youngsters!

Congratulations to the Indian contingent of Kanishk Jain, Riddhesh Anant Bendale, Rishit Garg, Shresth Suraiya and Svarit Joshi for winning Gold Medals at the 56th International Physics Olympiad (IPhO) 2026 held in Bucaramanga,… pic.twitter.com/oiAVLy110P

— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2026

July 12, 2026

अमेरिकी हमलों के विरोध में ईरान ने हार्मुज बंद किया

Posted on 12.07.2026 Time 11.22 PM, Tehran, Hormuj strait

ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमले

तेहरान, 12 जुलाई 2026, अमरीका ने आज सुबह ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। ये हमले ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक पोत पर हमला किए जाने के बाद किए गए। ईरान के हमले में पोत में आग लग गई थी और चालक दल को उसे छोड़ना पड़ा था।

अमरीकी सेंट्रल कमान ने बताया कि हमलों में ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें मिसाइल, ड्रोन और संचार ढांचा शामिल हैं।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कतर और कुवैत ने कहा कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को बीच में ही मार गिराया, जबकि बहरीन ने भी मिसाइल अलर्ट जारी किया। ईरान ने जॉर्डन स्थित एक अमरीकी सैन्य अड्डे पर भी हमला करने का दावा किया है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है और चेतावनी दी है कि यदि अमरीकी हमले जारी रहे तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा।

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