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किराएदार की हत्या में मकान मालिक को उम्रकैद

May 29, 2026

किराएदार की हत्या में मकान मालिक को उम्रकैद

शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 ने दोषी ठहराया
शहर में अशोक नगर की घटना
नशे में धुत हत्यारे ने सिर पर ईटों के प्रहार से की हत्या

Post on 29.5.29
Friday Moradabad
Rajesh Bhatia,Time 4.45 pm

मुरादाबाद,उप्र समाचार सेवा

15 साल पहले शहर के अशोक नगर मुहल्ले में एक युवक की हत्या में उसके मकान मालिक को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 धीरेन्द्र सिंह ने सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मृतक सहारनपुर का रहने वाला था। मुरादाबाद में किराए के मकान पर रहकर काम कर रहा था।

घटना की रिपोर्ट अशोक नगर के ही निवासी रमेश सिंह ने दर्ज कराई। वादी ने अपनी तहरीर में कहा कि 29 सितंबर,2011 की शाम को उसके साले उदय सिंह का अपने मकान मालिक मुकेश से किराए के रुपये के लेनदेन को लेकर झगड़ा हुआ।तब उसने समझाकर शांत कर दिया। इसके बाद अगले दिन साला उदय सिंह उसके घर मिलने नहीं आया।जबकि वह रोजाना चाय पीने के लिए बहन के घर आता। उसके न आने पर ही 30 सितंबर को उसे देखने गया जहां उदय सिंह की लाश पड़ी थी।मकान मालिक मुकेश उसकी हत्या कर भाग गया।
वादी की तहरीर पर पुलिस ने हत्‍या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी।
मृतक की बहन राजरानी ने बयान में पुलिस को बताया कि उसका भाई जून,11 से मुकेश के मकान में किराए पर रहकर पुताई आदि का काम करता।मुकेश शराब पीने के लिए उससे पैसे मांगता।इसी को लेकर शराब के नशे में ही दोनों में झगड़ा हुआ। एक दिन पहले शाम को जीजा ने दोनों को झगड़ा निबटा दिया। इससे रंजिश रखते हुए मुकेश ने उदय को मार दिया। आरोपी मुकेश ने ईट-अद्धे उसके सिर पर मारे जिससे उसकी मौत हो गई।आरोपी ने पुलिस को ईट भी बरामद कराई।
केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 की अदालत में हुई।एडीजीसी महेन्द्र सिंह कश्यप ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई।कोर्ट में आठ गवाहों के बयान हुए।एफटीसी कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर मुकेश सैनी को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

वाराणसी में साइबर ठगी: पेंटर बनकर घर में घुसा शातिर, उड़ाए 12 लाख

 

Posted on 29.05.2026 Time 05.03 PM, Varanasi

*सिम स्वैप और फर्जी UPI से बुजुर्ग के खाते से उड़ाए ₹12 लाख, 2 गिरफ्तार*

*CSP काउंटर से एक महीने में किस्तों में निकाली रकम। पुलिस ने ₹8 लाख कराए फ्रीज, 3 मोबाइल, ₹70 हजार नकद और 4 फर्जी आधार बरामद। ACP बोले – आरोपी विनय-सुरेंद्र पहले भी टावर फ्रॉड और फर्जी चेक केस में जा चुके हैं जेल।*

*रिपोर्ट:प्रज्ञा मिश्रा*
*वाराणसी*। पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹12 लाख की साइबर ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने सर्विलांस की मदद से 27 मई को बलिया निवासी विनय कुमार और गाजीपुर निवासी सुरेंद्र कुमार को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया।

एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि घटना की कड़ियां एक महीना पहले से जुड़ी हैं। गिरफ्तार आरोपी विनय कुमार पेशे से पेंटर है। वह करीब एक महीने पहले सेवानिवृत्त कर्मी शिवदत्त हरिजन के घर पेंटिंग का काम करने गया था। शिवदत्त वर्तमान में इंजीनियर हाल पुलिस लाइन, वाराणसी में रहते हैं। काम के दौरान विनय ने बड़ी चालाकी से बुजुर्ग के मोबाइल से उनका सिम कार्ड निकाल लिया। साथ ही घर में रखे उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की तस्वीरें खींच लीं और उसकी डुप्लीकेट कॉपियां तैयार कर लीं।

विनय ने यह सिम कार्ड और दस्तावेज अपने साथी सुरेंद्र कुमार को सौंप दिए। इसके बाद दोनों ने एक नए मोबाइल में सिम कार्ड डालकर पीड़ित के नाम पर Paytm, PhonePe और G-Pay जैसे यूपीआई अकाउंट एक्टिवेट कर लिए। चूंकि सिम और केवाईसी के दस्तावेज इनके पास थे, इसलिए वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत नहीं हुई। आरोपियों ने पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग जनसेवा केंद्रों और सीएसपी काउंटरों पर जाकर फर्जी पहचान पत्रों के सहारे किस्तों में कुल ₹12 लाख की निकासी कर ली।

बीती 24 मई 2026 को जब पीड़ित शिवदत्त हरिजन को उनके खाते से रकम गायब होने की भनक लगी तो उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और 27 मई को दोनों आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन जिनमें दो कीपैड फोन हैं, ₹70,000 नकद और 4 फर्जी कूट रचित डुप्लीकेट आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने फ्रॉड से जुड़े खातों में ₹8 लाख होल्ड भी करा दिए हैं। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास है। ये दोनों पहले भी मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने और एक फर्जी चेक के मामले में संलिप्त रहे हैं, जिसके आरोप में ये जेल की हवा भी खा चुके हैं।

साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने घर में काम करने वाले बाहरी लोगों जैसे पेंटर, प्लंबर, कारपेंटर पर नजर रखें। अपने मोबाइल, सिम कार्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे आधार, पैन, पासबुक कभी भी खुले में न छोड़ें।

Hamirpur बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरा, 6 मजदूरों की मृत्यु

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Posted 29.05.2026 time 04.51 PM, Hamirpur News

हमीरपुर, 29 मई 2026, बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल रात करीब 2 बजे गिर गया। इससे 6 मजदूरों की मृत्यु हो गई। सभी मजदूर बुंदेलखंड के ही निवासी थे।

जानकारी के अनुसार रात 2 बजे तेज आंधी और तूफान के बीच नदी पर बनाए जा रहे पुल का स्लेव नीचे गिर गया। इससे 6 मजदूर दब गए सभी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में बांदा के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत और हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान, राजेश पाल शामिल है।

दुर्घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की है। साथ ही दुर्घटना के जांच के आदेश दिए हैं।

Lucknow चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्री शेड गिरा, तीन घायल

Posted on 29.05.2026 Time 04.42 PM Charbagh Railway Station Lucknow

लखनऊ, 29 मई 2026, चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्री शेड गिरने से आज टीटीई समेत 3 लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार चारबाग के मुख्य स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 5 का टीन का यात्री शेड गिर गया। इससे टीटीई भूपेंद्र और दो यात्री चपेट में आ कर घायल हो गए। यात्री शेड गिरने की सूचना पर तत्काल आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौके पर पहुंचे।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर आ रही देहरादून एक्सप्रेस को तत्काल रुकवाया गया। डीआरएम ने क्रेन मंगाकर टीन शेड को हटाने का कार्य शुरू कराया है।

समीपुर पीएचसी के नोडल अफसर डॉक्टर का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल

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Posted on 29.05.2026 Time 04.05 PM

बिजनौर , 29 मई 2026, स्वास्थ्य विभाग में ‘सेवा’ के नाम पर मेवा’ खाने की चर्चाएं तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन बिजनौर के नजीबाबाद से जो खबर सामने आई है, उसने महकमे की साख को तार-तार कर दिया है। समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नोडल अफसर डॉ. प्रमोद देशवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें साहब सरेआम एक झोलाछाप डॉक्टर से ‘सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) की डील करते और पैसे लेते हुए कैद हो गए हैं।​

वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि साहब बड़ी बेबाकी से कह रहे हैं— “तेरे पास मुझे तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।” मतलब साफ है, साहब का यह ‘चक्कर’ कोई इलाज के लिए नहीं, बल्कि अपनी जेब गर्म करने के लिए था। 5 हजार रुपये की यह रकम रिश्वत की है या ‘हफ्ता-वसूली’, यह तो जाँच का विषय है, लेकिन जिस तरह से एक जिम्मेदार अफसर एक झोलाछाप डॉक्टर के साथ पैसे का लेन-देन कर रहा है, वह सिस्टम के मुंह पर एक बड़ा तमाचा है।
​​जब वीडियो वायरल हुआ और मामला तूल पकड़ा, तो आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल ने अपना बचाव करते हुए बड़ा ही दिलचस्प तर्क दिया। साहब का कहना है कि उन्होंने तो बस अपना ‘उधार’ दिया हुआ पैसा वापस लिया था।
उन्होंने इसे अपने खिलाफ एक ‘गहरी साजिश’ करार दिया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी अस्पताल के नोडल अफसर का काम अस्पताल में बैठकर अपना ‘उधार’ वसूलना है
इस पूरे ‘घूसकांड’ ने प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तुरंत जाँच के आदेश दे दिए हैं। अब देखना यह है कि जाँच की आंच में कौन-कौन झुलसता है और क्या डॉक्टर साहब की ‘उधार वाली दलील’ जाँच टीम को हजम होती है या नहीं।
सवाल यह उठता है कि अगर एक नोडल अफसर खुद झोलाछाप डॉक्टरों से ऐसे डील करेगा, तो आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा कौन करेगा? क्या ये महज एक इत्तेफाक है या बिजनौर स्वास्थ्य विभाग के अंदर पनप रहे एक बड़े भ्रष्टाचार का छोटा सा हिस्सा है।

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