Web News

www.upwebnews.com

रील बनाने का जुनून बना जानलेवा, राप्ती नदी में डूबे दो युवक; घंटों चले रेस्क्यू के बाद मिले शव

June 6, 2026

रील बनाने का जुनून बना जानलेवा, राप्ती नदी में डूबे दो युवक; घंटों चले रेस्क्यू के बाद मिले शव

Posted on 06/06/2026
Time 18:00 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 6 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) पीपीगंज थाना क्षेत्र के करतहरी घाट पर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। राप्ती नदी में रील (Reel) बनाने के चक्कर में नहाने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर गाही गांव के सात युवक शनिवार को राप्ती नदी के करतहरी घाट पर नहाने और वीडियो बनाने गए थे। सभी युवक नदी में मस्ती करते हुए मोबाइल से रील बना रहे थे। इसी दौरान, दो युवक नदी के उस हिस्से में चले गए जहाँ पानी गहरा था और बहाव भी काफी तेज था। अचानक संतुलन बिगड़ने से वे नदी में डूबने लगे। उनके साथियों ने बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन नदी की प्रबल धाराओं के आगे वे बेबस नजर आए।

घटना की सूचना पाकर पीपीगंज पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की गई, जिसके बाद पहले युवक शिवम कुमार का शव बरामद हुआ। दूसरे युवक, 19 वर्षीय गोलू कुमार की तलाश के लिए पीएसी की 26वीं वाहिनी के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया गया। कई घंटों के गहन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दूसरे युवक का शव भी बरामद कर लिया गया।

दोनों युवकों के शव मिलने की खबर सुनते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और हर किसी की आंखें नम थीं। सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रारंभिक जांच में नदी की गहराई और तेज बहाव को हादसे का मुख्य कारण माना गया है। प्रशासन ने लोगों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए कभी भी नदी या जलाशय के पास जोखिम न उठाएं। सुरक्षित रहें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

Lakhimpur Kheri निर्माणाधीन शोरूम में लगी भीषण आग लाखों का नुकसान मजदूरों ने भागकर बचाई जान

Posted on 06.06.2026 Time 05.54 PM

लखीमपुर खीरी 06 जून 2026, ।कोतवाली सदर क्षेत्र के रामापुर में आरटीओ ऑफिस के निकट स्थित ‘मूसाराम ऑटो सेल्स’ के पास बन रहे एक नए कार शोरूम में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते नव निर्मित बिल्डिंग से आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह शोरूम ‘किया’ कंपनी का बन रहा है जिसका निर्माण कार्य अभी चल रहा था। हादसे के समय बिल्डिंग के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। आग लगते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, सभी मजदूरों ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते बिल्डिंग से बाहर भागकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।शोरूम के कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली सदर पुलिस और फायर विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन मौके पर रहकर स्थिति का आकलन और नुकसान की जांच में जुटा है।फर्म के मालिक देश दीपक अग्रवाल द्वारा बताया गया कि निर्माण कार्य चल रहा था अज्ञात कारणों से शोरूम में आग लग जाने से काफी नुकसान उठाना पड़ा है।

अभिजीत दीपके के प्रदर्शन में लगे आजादी आजादी के नारे

Abhijeet Deepke

नई दिल्ली 06 जून 2026, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके की मौजूदगी में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आजादी आजादी के नारे लगाए गए। ये उसी शैली के नारे थे जैसे जेएनयू के कुछ संगठनों और सी ए ए आंदोलन के दौरान लगे थे।

इन नारों के बारे जब एक पत्रकार ने पूछा तो उसे गोदी मीडिया कह कर बाहर करने की कोशिश की गई।

अभिजीत दीपके पहुंचे दिल्ली, मिली प्रदर्शन की अनुमति

Cockroach Janata Party

नई दिल्ली, 06 जून 2026, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक संयोजक अभिजीत दीपके दिल्ली पहुंच गए है। उन्हें दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की भी अनुमति दे दी है।

अभिजीत के दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर भारी सुरक्षा के बीच उन्हें जंतर मंतर पर लाया गया है। यहां पहले से ही उनके समर्थक जमा थे। पुलिस ने जंतर मंतर पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए है।

#CJP #Abhijit_deepke

दिल्ली होटल अग्निकांड जिम्मेदार कौन

Editorial 06.06.2026 Time 09.51 AM, by Sarvesh Kumar Singh Editor UP Web News

संपादकीय

दिल्ली होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। आखिर 21 लोगों की मृत्यु के लिए जिम्मेदार कौन है? लापरवाही कहां कहा हुई, किस किस ने नियमों की अनदेखी की । नियमों का पालन कराने वाले क्या कर रहे थे। ये अनेक प्रश्न है। जांचे होंगी, रिपोर्टें आएंगी, लेकिन क्या इन पर सख्ती से अमल होगा। दिल्ली के अग्निकांड वाले होटल में नियमों का उल्लंघन साफ दिखाई दे रहा है। होटल निर्माण से लेकर, अग्नि सुरक्षा मानकों तक घनघोर लापरवाही हुई है। बिल्डिंग में सिर्फ एक निकास होना, एक लिफ्ट और एक ही जीना होना, पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरणों का न होना बताता है कि जिम्मेदार कितनी गहरी नींद में सोए थे। डीडीए और दिल्ली नगर निगम ने कैसे निर्माण और होटल चलाने का लाइसेंस दे दिया। फायर ब्रिगेड विभाग ने पहले से कोई चेकिंग अभियान क्यों नहीं चलाया। इस अग्निकांड में मृतकों की संख्या में 13 विदेशी भी शामिल है। एक परिवार के 8 सदस्यों का जिंदा जल जाना हृदय विदारक है। एक महिला का बच्चे को सीने से चिपका कर खिड़की से कूद जाना सिहरन पैदा करता है।

दिल्ली के मालवीय नगर में होटल फ्लोरिस स्टे में 3 जून को लगी आग साधारण नहीं है। ये आग वहां लगी है, जहां तीन सरकारें बैठी हैं। दिल्ली नगर निगम, दिल्ली प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार सभी का मुख्यालय भी दिल्ली ही है। सभी में भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ है। इसलिए लापरवाही का अंदाजा लगाइये किस हद तक है। दिल्ली में ये अकेला होटल नहीं है जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ी है। कई हजार होटल ऐसी तंग गलियों में चल रहे हैं जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती। इनमें इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। फायर फाइटिंग के पुख्ता इंतजाम नहीं है। हालांकि ये स्थिति कमोवेश पूरे देश के होटलों की है। बेसमेंट में एक साथ किचेन और डाइनिंग की व्यवस्था आम हो गई है जो बेहद खतरनाक है। दिल्ली ने कभी अग्निकांडों से सबक नहीं लिया , 1997 में ग्रीनपार्क का उपहार सिनेमा अग्नि कांड हुआ। इसमें 46 दर्शकों की जिंदा जलकर मृत्यु हुई थी। इसके बाद एक बिल्डिंग में आग से 27 लोग जल गए थे। बड़ी बड़ी बातें हुई, रिजल्ट वही ढाक के तीन पात। एक साथ फिर 21 की जिंदा जलने की घटना की पुनरावृत्ति।

होटल में आग के बाद गिरफ्तार मालिक का बयान देखिए, कहता है दिल्ली में सब चलता है। दिल्ली सरकार, प्रशासन, नगर निगम की घनघोर लापरवाही और कुछ हद तक मिलीभगत को उजागर करता है। चलता है मतलब, इसे चलाने में सब शामिल है। पुलिस ने इस मामले में गैर इरादत्तन हत्या का मुकदमा कायम किया है। इसे सीधे हत्या में तरमीम किया जाना चाहिए। मुकदमे में लापरवाह अफसरों, कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए तो सिस्टम कुछ सचेत होगा।

Sarvesh Kumar Singh Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

Sarvesh Kumar Singh
Senior Journalist, Lucknow Uttar Pradesh

« Newer PostsOlder Posts »