
-हरदोई में बालक को सुरक्षित आरपीएफ को सौंपा
Post on 2.5.26
Saturday Moradabad
Rajesh Bhatia
मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
बिहार से भटक कर ट्रेन में पहुंचे एक मासूम को असुरक्षित हाथों में पहुंचने से पहले बचा लिया गया। ट्रेन में चेकिंग स्टाफ ने हरदोई में बच्चे को आरपीएफ को सौंप दिया गया।
घटना गरीब रथ एक्सप्रेस की 12204 का है।अमृतसर से सहरसा जा रहीं ट्रेन के जी -3 कोच में एक 11 साल का बच्चा अकेला घूमता दिखा। चेकिंग ड्यूटी पर तैनात सीआईटी मनीष प्रकाश बाजपेई ने उसे देखा तो पूछताछ की। बच्चे ने अपना नाम बादल बताया। सहरसा के रहने वाले बच्चे के संग परिजन न होने से सीआईटी नेबच्चे के कहीं असुरक्षित जगह पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए मामले की सूचना कंट्रोल रूम को दी। सूचना के बाद रेलवे पुलिस एक्टिव हो गई। हरदोई में गाड़ी पहुंचने पर बच्चेको सीआईटी ने आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते रेलवे में मानवीय पहल की सराहना की गई। सतर्कता को सराहा गया।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
02/05/2026
बाजार का दबाव है, पर पत्रकारिता के मूल्य नहीं टूटने चाहिए
सूचना संकुल में जुटे पत्रकार,लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका पर बहस
फेक न्यूज, टीआरपी और गिरती विश्वसनीयता पर खुलकर चर्चा
30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर होगा भव्य समापन
गोरखपुर।सबसे पहले नहीं, सबसे सही होना जरूरी है,इस संदेश के साथ हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने की श्रृंखला में विमर्श की शुरुआत हुई। नारद दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने साफ कहा कि आज मीडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसकी विश्वसनीयता है और इसे बचाए रखना ही पत्रकारिता की असली परीक्षा है।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, गोरखपुर की ओर से शनिवार को शास्त्री चौक स्थित सूचना संकुल भवन में ‘लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका एवं चुनौतियां’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार कमलेश त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया पर बाजारवाद का असर दिख रहा है, लेकिन इसके सकारात्मक पहलू भी हैं। इससे संसाधन और तकनीक बढ़ी है, पत्रकारिता का दायरा विस्तृत हुआ है। हालांकि उन्होंने दो टूक कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में निष्पक्षता और विश्वसनीयता से समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्य वक्ता जगदीश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 30 मई 1826 को ‘उदन्त मार्तण्ड’ से हुई थी और आज यह 200 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता बाजार से अलग नहीं रह सकती, लेकिन उसकी आत्मा उसके मूल्यों में ही बसती है। संपादकीय स्वतंत्रता को सबसे जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि दबाव में लिए गए फैसले मीडिया की साख को कमजोर करते हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व संपादक सुजीत पांडेय ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदला है। पहले खबरें समाज के सरोकारों पर आधारित होती थीं, लेकिन अब कई बार खबरों के हिसाब से समाज को ढालने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। उन्होंने सनसनीखेज खबरों की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और पत्रकारों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की। वरिष्ठ पत्रकार राजेश सिंह बशर ने कहा कि आज खबर प्रकाशित होने के बाद भी उस पर भरोसा नहीं बन पा रहा है। फेक न्यूज और अधूरी जानकारी ने मीडिया की साख को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने साफ कहा कि सबसे पहले से ज्यादा सबसे सही होना पत्रकारिता की असली पहचान है।
कार्यक्रम में अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि जगदीश लाल श्रीवास्तव को ‘नारद सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय ने बताया कि यह श्रृंखला हर शनिवार को जारी रहेगी। 9, 16 और 23 मई को संगोष्ठियां आयोजित होंगी, जबकि 30 मई 2026 को हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य समापन होगा। कार्यक्रम का संचालन मृत्युंजय शंकर सिन्हा ने किया। इस अवसर पर सहायक सूचना निदेशक प्रशांत श्रीवास्तव,मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के उपाध्यक्ष गजेंद्र त्रिपाठी,कोषाध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता,गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी,महामंत्री पंकज श्रीवास्तव,कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, महेंद्र गौड़,वरिष्ठ पत्रकार टीपी शाही,पूर्व अध्यक्ष रीतेश मिश्रा,पूर्व उपाध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी, संतोष सिंह,मुनव्वर रिजवी,अजय राय,सूर्यप्रकाश गुप्ता,वेद प्रकाश पाठक,रवि राय,दीपक त्रिपाठी,मनोज मिश्रा,रामचंद्र शाही सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
Santosh Kumar Singh Gorakhpur
02/05/2026
शिक्षा विभाग में शोक की लहर
गोरखपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकान्त सिंह का शनिवार को लखनऊ में उपचार के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना दूरभाष के माध्यम से प्राप्त होते ही पूरे शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि डॉ. अमरकान्त सिंह का आज दिनांक 02 मई 2026 को अपरान्ह लगभग 12 बजे लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों में गहरा दुख व्याप्त है।
इस दुखद सूचना के बाद कार्यालय जिला विद्यालय निरीक्षक, गोरखपुर परिसर में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वह दिवंगत के परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि डॉ. अमरकान्त सिंह के निधन से शिक्षा विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है।
Posted on 02.05.2026 Time 09.50 PM , Agra News, Ashok Agnihotri Tau
जयमाल से पहले 2 घंटे ड्रामे के बाद बदला दूल्हा
आगरा। आगरा के एत्मादपुर में एक शादी उस समय फिल्मी कहानी में बदल गई, जब जयमाल से ठीक पहले ऐसा ट्विस्ट आया कि हर कोई हैरान रह गया। शुक्रवार रात, एक मैरिज हॉल में फिरोजाबाद के टूंडला से बारात पहुंची थी। मंगलम सिटी निवासी दूल्हा जितेंद्र बघेल पूरे धूमधाम से शादी करने आया था। लग्न और पक्की की रस्में पूरी हो चुकी थीं और अब सभी की नजरें जयमाल पर टिकी थीं। स्टेज पर दूल्हा-दुल्हन आमने-सामने खड़े थे। दोनों के हाथों में वरमाला थी। माहौल खुशियों से भरा हुआ था… लेकिन तभी अचानक सबकुछ बदल गया।
अचानक चार गाड़ियों से कुछ लोग पहुंचे और उनके साथ आई एक महिला सीधे स्टेज की ओर बढ़ी। जैसे ही दूल्हे की नजर उस महिला पर पड़ी, उसने वरमाला फेंकी और स्टेज से भाग खड़ा हुआ। महिला चिल्लाई- “ये मेरा पति है!” बस फिर क्या था… डीजे बंद, डांस रुक गया और पूरे पंडाल में सन्नाटा छा गया।
—बारात में भगदड़, मेहमानों में अफरा-तफरी
महिला के आरोप सुनते ही बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान कई बाराती चुपचाप खिसक लिए। दुल्हन पक्ष के लोग सकते में थे। किस पर भरोसा करें और क्या फैसला लें, कुछ समझ नहीं आ रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे के पिता और बड़े भाई को हिरासत में लेकर थाने ले गई। लेकिन असली ट्विस्ट तो थाने में सामने आया। दूल्हे के बड़े भाई नेम सिंह ने पुलिस के सामने दावा किया कि “वो महिला मेरी पत्नी है, दूल्हे की नहीं।”
नेम सिंह के मुताबिक, उसकी शादी 2018 में उस महिला से हुई थी। लेकिन पिछले कई सालों से उसकी पत्नी और उसके छोटे भाई (दूल्हे) के बीच अफेयर चल रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे नपुंसक बताकर छोटे भाई से शादी करना चाहती है।
—शादी टूटी, दुल्हन ने बदला दूल्हा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शादी समारोह में सन्नाटा पसर गया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और आखिरकार तय हुआ कि यह शादी नहीं होगी। दुल्हन घंटों तक शादी के जोड़े में बैठी रही। फिर परिवार ने बड़ा फैसला लिया। उसी समारोह में मौजूद एक परिचित युवक से उसकी शादी करा दी गई। सादगी से उसी परिसर के एक अलग स्थान पर नई शादी संपन्न हुई।
—पुलिस क्या कहती है?
एत्मादपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह के अनुसार, महिला की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। महिला ने दूल्हे पर दूसरी शादी का आरोप लगाया था। दूल्हा मौके से फरार हो गया। उसके पिता और भाई को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच जारी है। दुल्हन पक्ष की ओर से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।