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बीते वित्त वर्ष में भारत का सब्सिडी व्यय  4,53,854 करोड़ रुपए 

June 2, 2026

बीते वित्त वर्ष में भारत का सब्सिडी व्यय  4,53,854 करोड़ रुपए 

  • वित्तीय वर्ष Fy 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खाते (अनंतिम/अलेखापरीक्षित)

Posted Date:01 June, 2026 News Source PIB, New Delhi

  • वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खातों ( अस्थायी/अलेखापरीक्षितको समेकित किया गया है और रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:-

नई दिल्ली।भारत सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के में  33,85,982 करोड़ रुपये ( कुल प्राप्तियों के संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 99.4%) प्राप्त हुएजिसमें 26,23,264 करोड़ रुपये कर राजस्व (केंद्र के लिए शुद्ध), 6,78,961 करोड़ रुपये गैरकर राजस्व और 83,757 करोड़ रुपये गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियों में ऋण की वसूली (24,617 करोड़ रुपयेऔर विविध पूंजीगत प्राप्तियां (59,140 करोड़ रुपयेशामिल हैं। इस अवधि तक भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में 13,92,971 करोड़ रुपये जारी किए गए हैंजो पिछले वर्ष की तुलना में 1,06,086 करोड़ रुपये ज़्यादा है।

 

भारत सरकार का कुल व्यय 49,05,151 करोड़ रुपये (संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 98.8%) हैजिसमें से 38,36,032 करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 10,69,119 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते पर  है। कुल राजस्व व्यय में से12,42,575 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के लिए और 4,53,854 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के लिए हैं।

June 1, 2026

बिजनौर: सीएम ने विभाजन पीड़ितों को दिए भूमि के पट्टे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आलमपुर गांवड़ी में विभाजन विभीषिका के पीड़ित परिवारों एवं सैनिकों लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र किए गए प्रदान*

बिजनौर 01 जून 2026,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद के विकास खंड अफजलगढ़ स्थित ग्राम आलमपुर गांवड़ी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि भूमिधरी अधिकार मिलने से लाभार्थियों को न केवल भूमि पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुगमता से मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा चयनित 11 प्रेरणादायी लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे तथा अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने तथा सरकारी योजनाओं का सदुपयोग कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। विभाजन विभीषिका के शिकार विस्थापितों को भूमि आवंटन के मालिकाना अधिकार के अभिलेख पत्र प्रदान करने से पूर्व उन्होंने विभिन्न विभागों के तत्वावधान लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस‌ अवसर पर सांसद बिजनौर चंदन चौहान, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राजस्व विभाग सुरेन्द्र सिंह, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा क्षेत्राध्यक्ष श्सतेंद्र सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, विधायक बिजनौर श्रीमती सूचि चौधरी, धामपुर अशोक राणा, नहटौर ओम् कुमार, बढ़ापुर सुशांत सिंह, पूर्व सांसद बिजनौर व नगीना, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

एटा में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को मारी गोली

गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

एटा 01 जून उप्रससे। जिले के जसरथपुर थाना क्षेत्र के दहेलिया पूठ गांव में सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद महिला ने दो हमलावरों को पहचानने का दावा किया है। पुलिस ने घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंचाया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

घायल महिला साधना मिश्रा (40) पत्नी राजेश मिश्रा ने बताया कि वह रोज की तरह सोमवार को भी सुबह टहलने निकली थीं। गांव के सचिवालय के पास पहुंचने पर एक गाड़ी आकर रुकी, जिसमें से तीन-चार लोग उतरे और उनका पीछा करने लगे। कुछ दूरी पर पांच-छह अन्य लोग भी दिखाई दिए। जब पीछे मुड़कर देखा तो दो लोगों को पहचान लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और फिर गोली चला दी। उन्होंने एक मोटे व्यक्ति का नाम बल्लू और दूसरे पतले व्यक्ति का नाम गुलबहार बताया।

थाना जसरथपुर के थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि आज सुबह करीब 5:10 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों ने एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी अलीगंज भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

सीएचसी अलीगंज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शक्ति मीणा ने बताया कि सुबह करीब 5:40 बजे पुलिस द्वारा एक घायल महिला को अस्पताल लाया गया था। महिला के शरीर पर गोली लगने जैसे घाव पाए गए, जिससे यह मामला गन शॉट का प्रतीत हुआ। प्राथमिक उपचार देने के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

May 31, 2026

Budhha: भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के अवशेष मंगोलिया में स्थापित

भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष मंगोलिया में स्थापित किए गए

गंडांटेगचेनलिंग  मठ में “वेसेल्स ऑफ लाइट” प्रदर्शनी का उद्घाटन

Posted on- May 31, 2026,

उलानबातर, 31 मई 2026, भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भगवान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के पवित्र अवशेषों को बुद्ध पूर्णिमा (बैसाखी) 2026 के अवसर पर मंगोलिया के उलानबातर स्थित गंडांटेगचेनलिंग मठ में विधिपूर्वक स्थापित किया गया।

31 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाली दस दिवसीय प्रदर्शनी के लिए भारत से लाए गए पवित्र अवशेषों को हजारों भक्तों और संघ के सदस्यों ने अत्यंत श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। प्रदर्शनी का उद्घाटन असम के माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सर्वे, मंगोलिया सरकार के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों, प्रख्यात बौद्ध नेताओं, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के प्रतिनिधियों, श्रीलंका के महाबोधि सोसाइटी और बौद्ध जगत के विभिन्न विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में किया गया।

इस प्रदर्शनी की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में मंगोलिया के राष्ट्रपति महामहिम श्री उखनागिन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान की थी। यह पहल भगवान बुद्ध की शिक्षाओं में निहित भारत और मंगोलिया के बीच साझा किए गए गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है।

सभा को संबोधित करते हुए असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने इस अवसर को ऐतिहासिक क्षण बताया और कहा कि ये पवित्र अवशेष ज्ञान के जीवंत प्रकाश का प्रतीक हैं, जो शांति, करुणा और सद्भाव का सार्वभौमिक संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि सांची के पवित्र स्तूपों में सदियों से संरक्षित अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष भारत की सबसे अनमोल सभ्यतागत धरोहरों में से हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मंगोलिया में इनका प्रदर्शन दोनों देशों के बीच विश्वास, आदर और मित्रता का एक गहरा प्रतीक है।

भारत-मंगोलिया की अटूट साझेदारी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को याद किया कि भारत और मंगोलिया सदियों से बौद्ध धर्म के माध्यम से जुड़े हुए “आध्यात्मिक पड़ोसी” हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रदर्शनी ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हो रही है जब दोनों देश राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष और रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, मंगोलिया में भारत के राजदूत महामहिम श्री अतुल मलहारी गोत्सुर्वे ने भगवान बुद्ध की शांति, सद्भाव, सामाजिक न्याय और तर्कसंगत चिंतन की शिक्षाओं की शाश्वत प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया, रणनीतिक साझेदार और आध्यात्मिक भाई-बहन के रूप में, पवित्र कंजूर पांडुलिपियों के उपहार, वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन, एशियाई बौद्ध शिखर सम्मेलन, बौद्ध पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और नालंदा विश्वविद्यालय और गंडांटेगचेनलिंग मठ के बीच अकादमिक सहयोग जैसी पहल के माध्यम से बौद्ध विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं।

राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामोग्गलाना के अवशेष इससे पहले केवल एक बार 2024 में थाईलैंड गए थे, इसलिए मंगोलिया में यह प्रदर्शनी एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रोटोकॉल और सुरक्षा के लिहाज से राष्ट्राध्यक्ष का दर्जा प्राप्त ये अवशेष भारतीय वायु सेना के विशेष IL-76 (गजराज) विमान से मंगोलिया पहुंचे थे।

Sacred Relics of Major Disciples of Lord Buddha Inauguration of “Vessels of Light” Exhibition at Gandantegchenling Monastery in Mongolia

Posted on – May 31, 2026,

Ulaanbaatar, 31 May 2026 As a significant achievement in Indo-Mongolian cultural and spiritual relations, the sacred relics of two major disciples of Lord Buddha, Arhat Sariputra and Arhat Mahamoggalana, were ceremoniously installed at Gandantegchenling Monastery in Ulaanbaatar, Mongolia on the occasion of Buddha Purnima (Baisakhi) 2026. The holy relics brought from India for the ten-day exhibition running from 31 May to 10 June 2026 were received with utmost reverence by thousands of devotees and members of the Sangha. The exhibition was inaugurated by the Hon’ble Governor of Assam, Shri Laxman Prasad Acharya, Ambassador of India to Mongolia,

डिजिटल होते युग के बावजूद पेपर लेस कार्य संभव नहीं: अरविंद कुमार सिंह

*भावी पीढ़ी का पुस्तकों से दूर होना चिंताजनक: डॉ.मंजूषा*

*वरिष्ठ पत्रकार विवेकानन्द पाण्डेय की पुस्तक उठान के दिन का हुआ समारोहपूर्वक विमोचन*

अयोध्या।
हिंदी पत्रकारिता के 200 गौरवशाली वर्ष के अवसर पर शहर के सिविल लाइंस स्थित एक होटल के सभागार में वरिष्ठ पत्रकार विवेकानन्द पाण्डेय की “उठान के दिन” पुस्तक का विमोचन समारोहपूर्वक आयोजित हुआ। इस दौरान पत्रकारिता परिचर्चा और संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
सोशल एक्शन फॉर प्रोग्रेसिव नेशन फाउंडेशन (सपना फाउंडेशन) की ओर से आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार व लेखक अरविंद कुमार सिंह ने कहा की संदर्भ, इतिहास और संस्मरणों को संजोने का सशक्त माध्यम पुस्तक होती है। किसी संस्मरणों को जब संजोया जाता है तब वह जीवंत हो उठते हैं। पत्रकारिता समाज के साथ इतिहास को गढ़ने का कार्य करती है। उन्होंने अपने कई संस्मरणों को साझा करते हुए विमोचित पुस्तक “उठान के दिन” को भविष्य के लिए मिल का पत्थर बताया। कहा कि डिजिटल होते युग में लेस पेपर तो संभव है, पर पेपर लेस कार्य संभव नहीं हैं। जिस दिन लेखन और पठन-पाठन बंद होगा समाज में अस्थिरता पैदा हो जाएगी।


अध्यक्षता कर रहीं राजा मोहन गर्ल्स पीजी कॉलेज (मनूचा) की प्राचार्या डॉ. मंजूषा मिश्रा ने कहा कि आज के दौर में हम पुस्तकों से दूर हो रहे हैं। जो भावी पीढ़ी के लिए बड़ी समय होगा। पुस्तकों का लेखन साहित्य के प्रति प्रेम को सहज ही प्रकट करता है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार त्रियुग नारायण तिवारी ने पुस्तक और पत्रकारिता के कई आयामों की विस्तार से चर्चा की। आकाशवाणी अयोध्या केंद्र के सहायक निदेशक (अभियांत्रिकी) अनिल सिंह, कार्यक्रम प्रमुख संजय धर द्विवेदी, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मणि शंकर तिवारी और एसएसवी इंटर कॉलेज के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य शिक्षाविद डॉ. वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने भी समारोह को संबोधित किया।


इसके पहले आपस प्रकाशन के संपादक- प्रकाशक डॉ. विंध्यमणि ने उठान के दिन पुस्तक की विस्तार से चर्चा की। राज्य पुरस्कार से सम्मानित अध्यापक अनूप मल्होत्रा ने स्वागत और सपना फाउंडेशन अध्यक्ष डॉ.स्वदेश मल्होत्रा ने धन्यवाद व्यक्त किया। समारोह का संचालन उठान के दिन पुस्तक के लेखक वरिष्ठ पत्रकार विवेकानंद पाण्डेय विवेक ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। अतिथियों को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समारोह में प्रमुख रूप से वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उपेंद्र मणि त्रिपाठी, एडवोकेट शीतला पांडेय, पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय में कार्यरत खाकी वाले गुरु उप निरीक्षक रणजीत यादव, आर्ट ऑफ़ लिविंग के शिक्षक अनुज कुमार वैश्य भज्जा, शिक्षक वारिज नयन शर्मा, नंद किशोर उपाध्याय, रमाकांत पाण्डेय, शीला पाण्डेय, व्यवसायी विवेक जैन, रविंद्र कुमार पाण्डेय, भास्कर पाण्डेय, अभिज्ञान यादव, सचिन त्रिपाठी, रामकृष्ण सेवा फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष आकाश गुप्ता, बृजेंद्र दुबे, गायत्री पाण्डेय, सोनी पाण्डेय, प्रज्ञा, श्रद्धा, श्रेया, प्रिया, शशांक मिश्रा, शिवम मिश्रा, सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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