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अखिलेश यादव आगरा से कर गए चुनाव अभियान का श्रीगणेश

June 14, 2026

अखिलेश यादव आगरा से कर गए चुनाव अभियान का श्रीगणेश

  • अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक, धर्म, विकास और पीडीए के सहारे साधे 2027 के समीकरण
  • आगरा में सपा प्रमुख ने खोला चुनावी मोर्चा, राम मंदिर चढ़ावा विवाद से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और नदियों की सफाई तक योगी सरकार को घेरा

Posted on 14.06.2026 Time 06.44 PM, Sunday, Agra, Samajwadi Party, Report by Ashok Agnihotri Tau, Agra
आगरा 14 जून 2926 । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगरा से भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक हमला तेज कर दिया। व्यापारियों, उद्योगपतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच संवाद करते हुए उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और नदियों की सफाई जैसे मुद्दों पर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के सवाल पर अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंदिर और धर्म से जुड़े मामलों की जांच अधिकारियों को करनी पड़ रही है। उनके अनुसार सनातन धर्म के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे को लेकर कोई विवाद या गड़बड़ी हुई है तो उसे सार्वजनिक विवाद बनाने के बजाय आपसी स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कैमरे बंद कर दीजिए, आंखें बंद कर लीजिए और जो भी चढ़ावा गलत तरीके से लिया गया है, उसे प्रभु श्रीराम के चरणों में वापस रख दीजिए, भगवान सबको माफ कर देंगे। लेकिन अधिकारियों से जांच कराना धार्मिक आस्था का अपमान है।

—भाजपा की राजनीति पर निशाना

योगी आदित्यनाथ के समर्थकों और भाजपा नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि वह उस विषय को छेड़ना नहीं चाहते क्योंकि नकारात्मक राजनीति भाजपा की पहचान बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है।

—–पीडीए की उन्होंने बताई नई परिभाषा

सपा प्रमुख ने अपने चर्चित पीडीए फार्मूले को नया सामाजिक अर्थ देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि पीडीए केवल पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ का राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि इसका अर्थ प्रेम, दया और अपनापन भी है। उन्होंने कहा कि समाज में जितना अधिक प्रेम, दया और अपनापन बढ़ेगा, उतना ही सामाजिक सौहार्द और भाईचारा मजबूत होगा। यही भावनाएं प्रदेश को विकास और समृद्धि की ओर ले जा सकती हैं।

—शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगरा में प्राथमिक शिक्षा और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जिले में 2090 प्राथमिक विद्यालय थे, जो अब घटकर 1637 रह गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी चिकित्सा ढांचे को कमजोर किया गया है, जबकि निजी अस्पतालों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक थीं, वहीं अब निजी स्वास्थ्य संस्थानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।

—-पेठा उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प

आगरा के प्रसिद्ध पेठा उद्योग को लेकर भी अखिलेश यादव ने बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मैकडॉनल्ड्स और पिज्जा हट जैसे ब्रांड दुनिया के सैकड़ों देशों तक पहुंच चुके हैं, उसी तरह आगरा का पेठा भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि बचपन में जब वह आगरा आते थे तब पंछी पेठा की गिनी-चुनी दुकानें होती थीं, लेकिन आज शहर की पहचान ही पेठा उद्योग से जुड़ गई है। उनका मानना है कि उचित ब्रांडिंग, पैकेजिंग और सरकारी सहयोग मिलने पर पेठा विश्व बाजार में बड़ा उत्पाद बन सकता है।

—-आगरा से अखिलेश दे गये यह चुनावी संदेश

उन्होंने भाजपा सरकार की आलोचना ही नहीं की, बल्कि 2027 के लिए अपना वैकल्पिक विजन भी प्रस्तुत किया। राम मंदिर विवाद पर धार्मिक भावनाओं को छूने की कोशिश, पीडीए के जरिए सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने का संदेश, स्वास्थ्य और शिक्षा पर सवाल तथा उद्योग और रोजगार को लेकर बड़े वादे, इन सभी के जरिए उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल बनाने का प्रयास किया। आगरा से दिया गया यह संदेश साफ संकेत देता है कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में विकास, सामाजिक न्याय, उद्योग और धार्मिक मुद्दों के संतुलित मिश्रण के साथ भाजपा को चुनौती देने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।