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बच्चों के विवाद में खूनी संघर्ष, 12 घायल

May 20, 2026

बच्चों के विवाद में खूनी संघर्ष, 12 घायल

महमूदपुर में दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे, 12 से ज्यादा घायल

सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम महमूदपुर में बुधवार सुबह बच्चों को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। देखते ही देखते गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट में महिलाओं समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल फैल गया। इस बवाल का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूटते दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी रोहित कुमार का बच्चों को लेकर गांव की महिला संत देवी से विवाद हो गया था। पहले कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों के लोग मौके पर जुट गए और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि दोनों ओर से जमकर लाठियां चलीं और लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।
मारपीट में एक पक्ष से रोहित कुमार, आदित्य, नेकपाल, सुरेन्द्री और प्रदीप घायल हुए हैं। वहीं दूसरे पक्ष से संत देवी, लवलेश, मिथलेश, मोहन, राहुल, सरवन, धनदेवी और अंग्रेज को चोटें आई हैं। कई लोगों के सिर फट गए, जबकि कुछ को गंभीर चोटों के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस गांव पहुंची और किसी तरह हालात को काबू में किया। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज जारी है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की तहरीर ली जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संतान का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म

“झाड़-फूंक के नाम पर हवस का खेल!”
– ‘कल्लू बाबा’ गिरफ्तार
मजार, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की आड़ में महिला की अस्मत से खिलवाड़ का आरोप

सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। तालगांव थाना क्षेत्र में अंधविश्वास और झाड़-फूंक की आड़ में महिला के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को तांत्रिक और इलाज करने वाला बताने वाले कथित मौलाना कल्लू अंसारी उर्फ ‘कल्लू बाबा’ पर आरोप है कि उसने संतान प्राप्ति का झांसा देकर महिला का शोषण किया। मामला सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया है।
सकरन क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि वह लंबे समय से संतान न होने की समस्या से परेशान थी। इसी दौरान उसका संपर्क तालगांव क्षेत्र के कमापुर निवासी कल्लू अंसारी से हुआ, जो खुद को झाड़-फूंक और तांत्रिक विद्या का जानकार बताता था। आरोपी महिला को जंगल में बनी एक मजार पर बुलाकर इलाज और झाड़-फूंक के नाम पर पैसे ऐंठता था। बताया जा रहा है कि रुपये लेने का वीडियो भी सामने आया है।
पीड़िता के मुताबिक, झाड़-फूंक के दौरान आरोपी कई बार उसके साथ अश्लील हरकतें करता रहा। महिला ने आरोप लगाया कि 15 मई को कल्लू बाबा ने उसे अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए तालगांव पुलिस ने आरोपी मौलाना के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रभारी निरीक्षक अनूप शुक्ला ने बताया कि पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।

बेटे के गम में टूटे वृद्ध ने लगाई फांसी, बिना पुलिस सूचना के कर दिया अंतिम संस्कार

सीतापुर(उप्र समाचार सेवा)। थाना संदना गेंधरिया गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 67 वर्षीय वृद्ध ने घर के छप्पर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनकी पत्नी घर के अंदर सो रही थी और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। जब परिजन जागे तो वृद्ध का शव फंदे से लटकता देख घर में कोहराम मच गया।
मृतक की पहचान मुन्नू सिंह के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार वह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में थे। बताया गया कि करीब दो वर्ष पहले उनके बेटे ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद से परिवार सदमे में था।
हैरानी की बात यह रही कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को फंदे से उतारकर आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है।

भारतीय संग्रहालय: इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के केन्द्र – डाॅ० राकेश सक्सेना

Rakesh Saxena

एटा 20 मई उप्रससे। संग्रहालय ऐसी इमारतें या संस्थाएँ हैं जिनमें विविध कलात्मक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पारम्परिक और वैज्ञानिक वस्तुओं को रखकर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाता है और यह बताया जाता है कि समय के साथ मानवता अपने परिवेश में कैसे जीवित रही है। ये हमारी विरासत के प्रचार और सोच-समझ को बढ़ाने में सहायता प्रदान करते हैं। इन संग्रहालयों को इतिहास का भंडार, सभ्यता की स्मृति तथा ज्ञान का जीवंत केन्द्र कहा जाता है। भारत विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। यहाँ सिन्धु घाटी की सभ्यता से लेकर वैदिक, मौर्य, गुप्तकालीन, मुगल आदि समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराएँ रहीं हैं। इस धरोहर को सुरक्षित रखने में संग्रहालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत में इस संग्रहण परम्परा के केन्द्र राजदरबार, किले, मंदिर-मठ, नालंदा, तक्षशिला आदि होते थे किन्तु पुरातत्व विषय अवशेषों को संग्रहित करने की सबसे पहले 1796 ई० में आवश्यकता महसूस की गई जब बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी ने पुरातत्वीय, नृजातीय, भूवैज्ञानिक, प्राणिविज्ञान दृष्टि से महत्व रखने वाले विशाल संग्रह को एक स्थान पर एकत्र करने की आवश्यकता महसूस की। यह पहला संग्रहालय 1814 ई० में प्रारम्भ किया गया तदन्तर अनेक राज्यों में इनकी स्थापना हुई।
भारत में ये संग्रहालय पुरातात्विक, कला, विज्ञान, लोक एवं जनजातीय, स्मारक, प्राकृतिक आदि विभिन्न विषयों पर स्थापित किए गए हैं। दिल्ली, सारनाथ, मथुरा के राष्ट्रीय संग्रहालयों में प्राचीन सभ्यताओं, मूर्तियों, सिक्कों व शिलालेखों के संरक्षण, सालारजंग, राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालयों में चित्रकला, मूर्तिकला, वस्त्रकला, आधुनिक कला को, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, नेहरू विज्ञान केन्द्र मुम्बई में विज्ञान व तकनीक को, शिल्प संग्रहालय दिल्ली, जनजातीय संग्रहालय भोपाल में लोक संस्कृति, जनजातीय जीवन आदि परम्पराओं को सुरक्षित रखने हेतु स्थापना हुई। इसी भाँति गाँधी स्मृति, नेता जी संग्रहालय दिल्ली में महापुरुषों व ऐतिहासिक घटनाओं के लिए बनाए गए,जिनमें उपलब्ध सामग्री अनुसंधान व अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है। भारत के स्थापित इन संग्रहालयों में रखी मोहन जोदड़ो की नृत्यांगना प्रतिमा, अशोक स्तंभ, बुद्ध की प्राचीन मूर्तियाँ, मुगलकालीन चित्रकला, राजस्थानी लघुचित्र, प्राचीन सिक्के, ताड़पत्र पांडुलिपियाँ , जनजातीय कलाकृतियाँ आदि धरोहर भारत जैसे गौरवशाली देश के अतीत की साक्षी हैं। आज की आधुनिक तकनीक में अनेक संग्रहालय अपनी सामग्री को डिजिटल रूप में उपलब्ध करा रहे हैं। इन संग्रहालयों के समक्ष वित्तीय अभाव, तकनीक सुविधाओं का न होना, प्रशिक्षित कर्मचारियों का अभाव एवं आम जनमानस में मनोरंजन स्थलों की अपेक्षा संग्रहालयों में कम रुचि लेने जैसी आज भी अनेक चुनौतियाँ हैं, जिनकी ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
सारत: भारतीय संग्रहालय इतिहास, संस्कृति और ज्ञान संरक्षण के महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। ये समाज को उसकी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं तथा ये शिक्षा,अनुसंधान, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक संवाद के सशक्त माध्यम भी हैं। आज के युग में जब वैश्वीकरण और तकनीक परिवर्तन के कारण सांस्कृतिक मूल्यों पर संकट उत्पन्न हो रहा है तब अपनी धरोहर और विरासत को सुरक्षित रखने व सशक्त बनाने की हम सभी की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी बन जाती है।

एटा में कृषि भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा व्यक्ति

, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

एटा 20 मई उप्रससे। जिला मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर एक व्यक्ति अपनी कृषि भूमि से अवैध कब्जा हटाए जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। पीड़ित का आरोप है कि प्रशासन ने उसकी पूर्व की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

फिरोजाबाद जिले के जोधपुर गांव निवासी उमेश कुमार (38 वर्ष) पुत्र भूरे सिंह ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जा और जबरन फसल काटने का आरोप लगाया है। यह भूमि एटा जिले की मुजफ्फरपुर हिरौती, परगना एटा सकीट, तहसील एवं जिला एटा में स्थित है। उमेश कुमार ने कहा है कि वह इस भूमि का असली स्वामी है और राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का समतलीकरण भी कराया और अपने खेत में गेहूं की फसल बोई थी। कुछ लोगों ने खेत में घुसकर जबरन गेहूं की फसल काट ली।

इस मामले में प्रवीन पुत्र लज्जाराम, पिंकी पत्नी प्रवीन, हरदेवी पत्नी लज्जाराम (निवासी शीतलपुर, थाना कोतवाली नगर एटा) तथा सचिन पुत्र रायसिंह और संदेश पुत्र रायसिंह (निवासी शाह आलमपुर) पर खेत पर कब्जा करने और फसल काटने का आरोप लगाया गया है।
उमेश कुमार का आरोप है कि उसने इस संबंध में जिलाधिकारी एटा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार एटा, क्षेत्राधिकारी सकीट और थाना मलावन प्रभारी सहित कई संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। विपक्षी लोग खेत को जबरन जोत रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि यदि जमीन उनके नाम नहीं की गई तो वे खेत नहीं छोड़ेंगे।
पीड़ित ने जिला प्रशासन से अवैध कब्जाधारियों को हटाकर उसे उसकी वैध भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की है। उसने चेतावनी भी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह धरना जारी रखेगा। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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