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एटा में स्कूल से लौट रही 5 वर्षीय छात्रा की स्कूल बस से कुचलकर मौत, बस चालक फरार

August 22, 2026

एटा में स्कूल से लौट रही 5 वर्षीय छात्रा की स्कूल बस से कुचलकर मौत, बस चालक फरार

एटा 22 अगस्त उप्रससे। जनपद के अवागढ़ थाना क्षेत्र में आज शनिवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल बस की चपेट में आने से पांच वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब बच्ची स्कूल से पढ़कर घर के पास बस से उतर रही थी। बस से उतरते समय वह अचानक पहिए की चपेट में आ गई और टायर के नीचे दब गई। मासूम का खून से लथपथ शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। बस चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस बस को कब्जे में लेकर मामले का जांच शुरू कर दी है।

नगला गलुआ निवासी विवेक मजदूर हैं। पत्नी रूबी गृहणी है। विवेक के तीन बच्चे पिटू (9) जो दिव्यांग है। दूसरे नंबर पर 5 साल की बेटी डिंपल और तीन महीने की छोटी बेटी है। डिम्पल निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ती थी। आज शनिवार दोपहर करीब 12 बजे स्कूल छुट्टी होने पर वह बस से घर लौट रही थी। घर के पास पहुंचने पर वह बस से उतरी और घर की ओर जाने लगी। इसी दौरान बस चालक ने बस आगे बढाई। बस के सामने से गुजर रही डिंपल बस के चपेट में आ गई। बस का पहिया उसके उपर चढ़ गया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। लोगों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते करीब 60-70 ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

घटना की सूचना मिलते ही चौकी वसुंधरा प्रभारी शिवा जादौन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस भेज दिया। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बस को कब्जे में ले लिया गया है और चालक मौके से फरार है। हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

अवागढ़ थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फरार चालक की तालश की जा रही है।

बलिया में गंगा नदी ने मचाई तभी शहर का निचला हिस्से घुसा बाढ़ के पानी, बाढ़ पीढ़ियों की बढ़ी मुश्किलें

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 22/08/2026
बलिया  ।  गंगा नदी ने तबाही मचाना शुरू कर दिया गंगा नदी खतरा बिंदु को 57.61 से बढ़कर 58.75 तक पहुंच गई है गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बाद शहर के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी आने से लोगो के घरों में घुस गया है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसाने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ है बाढ़ पीड़ित अपने सामन को घरों के उपर सायकिल, और घर का पूरा सामान (छत) पर रखकर किसी तरह से समय काट रहे है यहां आने जाने वाले रास्ते पर बाढ़ का पानी आने से बाढ़ पीड़ित और मासूम बच्चे बाढ़ के पानी से होकर जाने को मजबूर है।यहां किसी तरह का जिला प्रशासन के द्वारा कोई सुविधा नहीं दी गई है जिसके चलते बाढ़ पीड़ित अपने सामानों को सुरक्षित जगह पहुंचा सकें।यहां पर कोई नाव की व्यवस्था तक नही है वही लोगों ने क्या कुछ कहा आइए सुनाते है।

संस्कार, तकनीक और राष्ट्रभावना के समन्वय से तैयार होगी नई पीढ़ी : डॉ. सौरभ मालवीय

उप्रससे 22 अगस्त
बस्ती। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य शिक्षा को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और नागरिक दायित्व की भावना विकसित करना है। यह बात विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामबाग-बस्ती में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।
डॉ. मालवीय ने बताया कि बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स और कोडिंग जैसी आधुनिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्ष प्रान्त के पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आईटी और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र सेवा कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर वर्षभर व्याख्यान, विचार गोष्ठियां, निबंध, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और समाज को संत रविदास जी के जीवन, दर्शन, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश से जोड़ा जाएगा।
वहीं वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सामूहिक वन्दे मातरम् गान, गायन एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जाएगा। वर्ष 2027 में विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव के व्यापक आयोजन की भी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें संस्था की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को समाज के सामने रखा जाएगा।
क्षेत्रीय मंत्री ने कहा कि विद्या भारती के कार्यों में ‘पंच परिवर्तन’ को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य बोध और स्वबोध के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए वर्तमान वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता से पूर्व विद्या भारती गोरक्ष प्रान्त की विषय संयोजक एवं प्रान्त प्रमुख (आयाम) बैठक दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ आयोजित हुई। बैठक में डॉ. सौरभ मालवीय एवं शिशु शिक्षा समिति, गोरक्ष प्रान्त के प्रदेश निरीक्षक राम सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह ने कराया।
बैठक में विभिन्न आयामों के प्रमुखों के साथ विभागीय कार्यों, आगामी कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार की रणनीति और पंच परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। अंत में संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक राम सिंह, संभाग निरीक्षक अजय कुमार दूबे, कन्हैया चौबे, प्रधानाचार्य गोविन्द सिंह, प्रचार संयोजक अंकित कुमार गुप्ता, सोशल मीडिया प्रमुख नरेन्द्र चन्द्र कौशिक, प्रेम शरण मिश्र सहित विभिन्न आयामों के प्रमुख बंधु-भगिनी उपस्थित रहे। जयंत कुमार मिश्रा संवाददाता

बाढ़ क्षेत्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण दिए जरूर निर्देश

उप्रससे 22 अगस्त
बस्ती पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में भी नदियां उफान पर हैं जिसको लेकर शनिवार को तैयारी का जायजा लेने जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कलवारी-रामपुर तटबंध के किमी. 9.00 के निकट स्थित ग्राम बैराड़ी एहतमाली के पुरवॉ मदरहवा क्षेत्र का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तटबंध की स्थिति तथा आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पानी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, बाढ़ बचाओं/कटानरोधी कार्य कराये जा रहे है, जिससे ग्राम एवं तटबंध सुरक्षित है।
जिलाधिकारी ने तटबंध की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या अथवा क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि तटबंध एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियन्ता बाढ़ दिनेश कुमार, सहायक अभियन्ता सत्येन्द्र कुमार गौतम, बृजेश सोनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जयन्त कुमार मिश्र
संवाददाता

बलिया में गंगा और घाघरा नदी खतरे के निशान बह रही ऊपर

बलिया – बलिया में गंगा नदी खतरा बिन्दु के उपर बह रही है।शहर के नीचे इलाके के निहोरा नगर, कृष्णा नाथ नगर, महावीर घाट आदि जगहों पर बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।जिससे लोगों की परेशानियों में इजाफा शुरू हो गया है‌।गंगा नदी दो सेंटीमीटर प्रति घंटे तथा सरयू नदी में डीएसपी हेड पर घटाव लेकिन चांदपुर गेज पर मामूली बढ़ाव दर्ज किया गया है। जनपद की दोनों प्रमुख नदियों के तेवर देख तटबन्धीय इलाकाई लोगों की चिंताएं गहरी होती जा रही हैं।वहीं शहर के नीचे इलाकों में बाढ़ का पानी भरने लगा है।निहोरा नगर निवासी विजय ने बताया कि बीते तीन दिनों से पानी भर गया है।अब बिना नाव के आवागमन सम्भव नहीं होगा।अभी सरकार द्वारा नाव नहीं लगाया गया है। क्योंकि कि अभी रास्ता पर हल्का पानी आया है।लेकिन कल से बिना नाव के काम नहीं चलेगा।निहोरा नगर निवासी एक युवक ने कहा कि यहां दस से पन्द्रह दिनों तक पानी रहता है।कभी -कभी दोबारा भी पानी आ जाता है।बहुत परेशानियां होती है। जब नाव चलने लगती है तो आवागमन में कुछ सहूलियत होती है।नाव के सहारे ही मार्केटिंग आदि करते हैं।

सरयू नदी का रौद्र रूप ने गोपालनगर टाड़ी तथा भोजपुरवा गांव में तांडव मचा रहा है। नदी की कटान की वजह से न केवल कृषि योग्य भूमि लगातार नदी में समाहित हो रही है बल्कि लोग अपने आशियाने अपने ही हाथों उजाड़कर दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं।हालांकि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव कार्य निरन्तर जारी है।लेकिन नदी का तल्ख तेवर का प्रभाव बाढ़ बचाओ कार्य पर भी पड़ रहा है।
सरयू नदी का जल स्तर डीएसपी हेड पर शनिवार को खतरा बिन्दु 64.01 के सापेक्ष 64.50 मीटर दर्ज किया गया। वहीं चांदपुर गेज पर नदी का जल स्तर गुरुवार को खतरा बिन्दु 58.00 से 56 सेमी ऊपर 58.56 दर्ज किया गया।

नदी गंगा का जल स्तर भी तेजी से बढ़ते हुए गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को खतरा बिन्दु 57.615 मीटर के सापेक्ष 58.75 मीटर दर्ज किया गया।
वही बता दें कि नदी सरयू की लहरों के तांडव की वजह से बैरिया तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोपाल नगर टाड़ी तथा बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा आदि गांवों में 150 से अधिक परिवार बेघर हो चुके है।नदी सरजू का जल स्तर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर तटबन्धीय इलाकाई लोगों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी है।

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