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यातायात तिराहे से डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटने पर सियासत गरम, नगर निगम ने दी सफाई

August 22, 2026

यातायात तिराहे से डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा हटने पर सियासत गरम, नगर निगम ने दी सफाई

Posted on 22/08/2026
Time 11:45 A.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

सौंदर्यीकरण कार्य के चलते प्रतिमा अस्थायी रूप से हटाई गई, नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखी गई

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । शहर के यातायात तिराहे पर स्थापित देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य के चलते अस्थायी रूप से हटाए जाने के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी सामने आते ही शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि नगर निगम ने मामले में सफाई देते हुए कहा है कि प्रतिमा को स्थायी रूप से नहीं हटाया गया है, बल्कि सौंदर्यीकरण कार्य को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखा गया है।

नगर निगम की ओर से यातायात तिराहे का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। इसी क्रम में वहां स्थापित डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को फिलहाल हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद प्रतिमा की स्थापना को लेकर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

प्रतिमा हटाए जाने की जानकारी के बाद कुछ राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया है। चित्रगुप्त सभा के संयुक्त मंत्री विजय श्रीवास्तव ने मांग की है कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा को पुनः स्थापित नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।

वहीं नगर आयुक्त अजय जैन ने स्पष्ट किया कि यातायात तिराहे पर सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। कार्य के दौरान प्रतिमा को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाने के लिए नगर निगम परिसर में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिमा को न तो कहीं फेंका गया है और न ही क्षतिग्रस्त किया गया है।

नगर निगम का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों को बेहतर और आकर्षक स्वरूप देने के लिए लगातार सौंदर्यीकरण कार्य कराए जा रहे हैं। यातायात तिराहा भी इसी योजना का हिस्सा है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान प्रतिमा को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर रखना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

अब लोगों और संगठनों की नजर इस बात पर टिकी है कि सौंदर्यीकरण कार्य पूरा होने के बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा को लेकर नगर निगम क्या निर्णय लेता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिमा शहर की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय भावना से जुड़ी है, इसलिए इसे सम्मानजनक तरीके से पुनः स्थापित किया जाना चाहिए।

गोरखपुर जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी की इलाज के दौरान मौत

Posted on 22/08/2026
Time 12:00 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

दौरे पड़ने के बाद जिला अस्पताल में कराया गया था भर्ती, मजिस्ट्रेटीय प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम की तैयारी

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । जिला कारागार गोरखपुर में निरुद्ध करीब 30 वर्षीय विचाराधीन बंदी समीर शेख की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट को सूचना भेजी गई है।

जेल प्रशासन के अनुसार, समीर शेख पुत्र तहसील, निवासी जसवल बाजार, थाना पीपीगंज, को 19 अगस्त 2026 को घरेलू हिंसा अधिनियम से जुड़े एक मामले में न्यायालय के आदेश पर जिला कारागार में दाखिल किया गया था।

बताया गया कि बंदी पहले से लीवर और किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित था। 21 अगस्त की शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे दौरे पड़ने लगे। जेल में प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे तत्काल जिला चिकित्सालय गोरखपुर भेजा गया।

जिला अस्पताल के आकस्मिक विभाग में चिकित्सकों ने उसका परीक्षण कर उपचार के लिए भर्ती किया। जेल प्रशासन के पत्र के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे चिकित्सक ने बंदी को मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी बंदी के परिजनों को भी दे दी गई है। जेल प्रशासन ने शव का नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम कराए जाने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट को नामित करने का अनुरोध किया है। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।

एटा में बंदर के हमले से छत से गिरे युवक की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत

एटा 22 अगस्त उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मरथरा में आज शनिवार को सुबह 8 बजे एक व्यक्ति की छत से गिरकर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बंदर के झपटने के बाद व्यक्ति छत से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई।

कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मरथरा गांव में हबीब (40) पुत्र शौकत अली अपनी छत पर सो रहे थे। सुबह अचानक एक बंदर ने उन पर झपट्टा मारा, जिससे बचने की कोशिश में वह छत से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल हबीब को परिजन तुरंत मेडिकल कॉलेज ले गए।

परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड में उन्हें तत्काल इलाज नहीं मिला और डॉक्टर भी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उनकी जान चली गई।

भतीजे राहुल खां ने बताया कि उनके चाचा जब अस्पताल लाए गए थे, तब वह बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक कोई इलाज नहीं मिला। डॉक्टरों से इलाज के लिए कहा, लेकिन वे आपस में बातचीत करते रहे और कहा कि बड़े डॉक्टर साहब आकर देखेंगे। एक से डेढ़ घंटे इंतजार के बाद हबीब की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टर उन्हें आईसीयू ले जाने लगे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। इस मामले पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

चीनी की किल्लत की अफवाहों पर न दें ध्यान, जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध: डीएम

Posted on 22/08/2026
Time 12:30 P.M
Santosh Kumar Singh
Gorakhpur

डीएम दीपक मीणा ने कहा, जरूरत के मुताबिक खुले बाजार से खरीदें चीनी

जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई, थोक व्यापारियों को स्टॉक ऑनलाइन घोषित करने के निर्देश

गोरखपुर ( उप्र समाचार सेवा ) । जिले में चीनी की किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर जिला प्रशासन ने आमजन से ध्यान न देने की अपील की है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्पष्ट किया है कि गोरखपुर में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और लोगों को घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

डीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही खुले बाजार से चीनी खरीदें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों के आधार पर अधिक मात्रा में खरीदारी और भंडारण करने से बचें। उन्होंने कहा कि चीनी की उपलब्धता और बाजार में आपूर्ति की स्थिति पर जिला प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

जिला प्रशासन ने जनपद के सभी थोक चीनी व्यापारियों को भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के फूड स्टॉक पोर्टल पर अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की स्थिति तत्काल घोषित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही व्यापारियों से कहा गया है कि वे स्टॉक संबंधी जानकारी को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि बाजार में उपलब्ध चीनी की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके।

प्रशासन की ओर से थोक व्यापारियों के चीनी स्टॉक की आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई व्यापारी या व्यक्ति जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत स्टॉक रखने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम दीपक मीणा ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भ्रामक सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि अधिकृत माध्यमों से जरूर करें।

जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अफवाहों के जरिए कृत्रिम संकट पैदा करने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई बस्ती में अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण से रास्ता ठप, कैंसर मरीज को अस्पताल ले जाने में हो रही भारी किल्लत

(एपी सिंह उप्र समाचार सेवा)
लखीमपुर खीरी।शहर के कोतवाली सदर अंतर्गत नई बस्ती मोहल्ले में दबंगों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण और मानक विहीन अवैध निर्माण के कारण स्थानीय निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। मोहल्ले की मुख्य गली पर अवैध रूप से दुकानें बढ़ाने, कपड़े की गाठें और गाड़ियां खड़ी करने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से एक गंभीर रूप से बीमार कैंसर पीड़ित मरीज को इलाज के लिए समय पर अस्पताल ले जाने में परिजनों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों के आदेश भी बेअसर, नहीं हुई कोई कार्रवाई

पीड़ित दीपक ग्रोवर पुत्र गुलशन कुमार (निवासी मकान संख्या 679, नई बस्ती, लखीमपुर) ने जिला प्रशासन को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर 4 नवंबर 2025 को उपजिलाधिकारी सदर और उसके बाद 11 मार्च 2026 को जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में अधीनस्थों को उचित कार्रवाई के लिए आदेश भी जारी किए गए थे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।

कैंसर और दिल के मरीज को चार पहिया वाहन से ले जाना नामुमकिन

पीड़ित दीपक ग्रोवर ने बताया कि उनके छोटे भाई के मुंह में कैंसर है, जिसका इलाज कैंसर इंस्टीट्यूट लखनऊ से चल रहा है। इसके साथ ही पीड़ित को स्वयं पीलिया है और उनके पिता भी हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित हैं। बीमारी की इस गंभीर स्थिति में मरीजों को समय-समय पर लखनऊ ले जाना पड़ता है। गली में विपक्षी दानिश एण्ड सन्स, समीउल्ला शफीउल्ला एण्ड सन्स, एम०डी० होजरी शाने आलम, शान्ती होजरी और आरिफ बेग आदि द्वारा किए गए अवैध कब्जे के कारण कोई भी चार पहिया वाहन गली के अंदर नहीं आ पाता है। मरीज को पैदल या बेहद मुश्किल से मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है, जिससे उसकी जान को हमेशा खतरा बना रहता है। जब भी इस अतिक्रमण को हटाने का अनुरोध किया जाता है, तो विपक्षी फौजदारी और विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं।

आग लगने पर मचेगी बड़ी तबाही, फायर ब्रिगेड आने का रास्ता नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह से कपड़ों के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। करोड़ों रुपये का कपड़ा और होजरी का सामान यहां दुकानों में रखा रहता है। गली इतनी संकरी कर दी गई है कि यदि कभी कोई आकस्मिक आग लग जाती है, तो फायर ब्रिगेड (दमकल) की गाड़ी का अंदर आना पूरी तरह असंभव है। ऐसे में किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी या जान-माल की भारी तबाही हो सकती है।पीड़ित परिवार और मोहल्ले वासियों ने एक बार फिर जिला प्रशासन से जनहित में इस गली को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर गुहार लगाई है।

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