Web News

www.upwebnews.com

Pratapgarh: खीरीबीर घाट पर बड़ा हादसा, नदी में डूबे तीन किशोर, तलाश अभियान जारी

July 19, 2026

Pratapgarh: खीरीबीर घाट पर बड़ा हादसा, नदी में डूबे तीन किशोर, तलाश अभियान जारी

प्रतापगढ़ में 2 भाइयों समेत 3 किशोर नदी में डूबे,स्कूटी से 30 ग्राम सोना मिला, एक का शव बरामद

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH

Three teenagers drowned in the river.

प्रतापगढ़, 19 जुलाई। सई नदी में नहाने गए तीन किशोर गहरे पानी में डूब गए। डूबने वालों में दो सगे भाई और उनका एक रिश्तेदार शामिल हैं। तीनों की उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है। रविवार सुबह करीब 9 बजे हुए हादसे के बाद चले रेस्क्यू में एक किशोर का शव निकाला गया है। तीनों किशोर एक स्कूटी से नदी पर आए थे। नहाते समय वे अचानक गहरे पानी की तरफ चले गए और डूबने लगे। किनारे पर मौजूद मछुआरों ने उन्हें डूबते देखा तो बचाने की कोशिश में शोर मचाया। साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। अयोध्या और प्रयागराज से भी NDRF की टीमें पहुंची हैं। पुलिस को घटनास्थल से किशोरों की चप्पलें और स्कूटी मिली है। स्कूटी की तलाशी लेने पर उसमें से करीब 30 ग्राम सोना भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है। मामला नगर कोतवाली इलाके में किशनदासपुर पुल का बताया जा रहा है।नगर कोतवाली के अचलपुर के रहने वाले दो सगे भाई – कृष्ण सोनी (13) और अनुराग सोनी (15) अपने रिश्तेदार अमित सोनी (17) के साथ सुबह करीब 9 बजे स्कूटी से सई नदी में नहाने के लिए निकले थे। तीनों दुकान जाने से पहले सई नदी में नहाने चले गए। हादसे के बाद कई घंटे चले रेस्क्यू में अमित सोनी का शव बरामद हुआ है। अमित सोनी के पिता राजू सोनी सर्राफा व्यापारी हैं। ठठेरी बाजार में उनकी दुकान हैं। परिजनों ने बताया कि तीनों किशोर घर में दुकान जाने की बात बोलकर घर से स्कूटी से निकले थे। नदी किनारे पहुंचे और पानी में नहाने उतरे। नहाते-नहाते वे कब गहरे पानी की तरफ चले गए। कुछ देर बाद मछली पकड़ रहे मछुआरों ने मछली उन्हें डूबते देखा। जिसके बाद शोर मचाया और उन्हें बचाने के लिए दौड़े। लेकिन जब तक कोई कुछ कर पाता, तब तक तीनों किशोर गहरे पानी में पूरी तरह समा चुके थे।घटनास्थल से मिली स्कूटी और 30 ग्राम सोना हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस को घटनास्थल से तीनों किशोरों की चप्पलें और वह स्कूटी बरामद हुई है जिससे वे नदी पर आए थे। जब पुलिस ने स्कूटी की जांच की, तो उसमें से करीब 30 ग्राम सोना भी बरामद हुआ है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।स्थानीय गोताखोरों व एसडीआरएफ टीम तलाश में जुटी सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों व एसडीआरएफ टीम को बुलाया और नदी में खोजबीन शुरू कराई। करीब एक घंटे तक चले सर्च अभियान के बावजूद तीनों किशोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन भी मौजूद हैं। घंटों से चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद दो किशोरों का कुछ पता नहीं चल पाया था। नदी के किनारे भारी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के रोते-बिलखते परिजन इकट्ठा हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तलाश अभियान लगातार जारी है और बच्चों को ढूंढने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।सूचना मिलते ही अयोध्या से NDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई है। वहीं प्रयागराज से भी NDRF की दूसरी यूनिट राहत और बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। दोनों टीमें नदी में लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। घटना के बाद से नदी किनारे ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है।एसडीआरएफ टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी सीओ सिटी आशुतोष मिश्रा ने बताया – आज सुबह 11 बजे सूचना मिली कि अचलपुर गांव के तीन किशोर किशनदासपुर पुल के पास सई नदी में नहाने गए थे। जहां तीनों गहरे पानी में डूब गए। जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों व एसडीआरएफ टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच में पता चला है कि डूबने वाले तीनों किशोर एक ही परिवार के हैं। जिनकी पहचान कृष्णा सोनी, अनुराग सोनी और अमित सोनी के रूप में हुई है और उनकी उम्र लगभग 13 से 16 वर्ष के बीच है। पुलिस और गोताखोरों द्वारा उन्हें तलाशने का प्रयास लगातार जारी है।

July 18, 2026

20 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार, तहसील परिसर में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

हाथरस। जनपद की सिकंदराराऊ तहसील में शनिवार को एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कानूनगो को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों में हड़कंप फैल गया।जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता धर्मवीर बघेल ने आरोप लगाया था कि जमीन की पैमाइश एवं नापतौल से संबंधित कार्य कराने के बदले कानूनगो नरेंद्र तिवारी 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इसकी शिकायत एंटी करप्शन संगठन से की गई। शिकायत का सत्यापन होने के बाद अलीगढ़ से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने तहसील परिसर स्थित कैंटीन में जाल बिछाया।पूर्व निर्धारित योजना के तहत जैसे ही कानूनगो ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेकर अपनी जेब में रखे, टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी कानूनगो को अपने साथ ले गई और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।एंटी करप्शन टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नो एंट्री’ सिर्फ कागजों में? गौशाला मार्ग पर भारी वाहनों की धमाचौकड़ी से शहर बेहाल

बिजली कॉटन मिल चौराहा बना भारी वाहनों का प्रवेश द्वार, रोजाना लगने वाले जाम से जनता त्रस्त; कार्रवाई न होने पर उठ रहे सवाल

हाथरस। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद गौशाला मार्ग पर रोजाना लगने वाला भीषण जाम प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल बसों से लेकर एंबुलेंस तक घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ दिखाई देता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री होने के बावजूद बिजली कॉटन मिल चौराहे से ट्रक और अन्य बड़े वाहन बेरोकटोक शहर में प्रवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि गौशाला मार्ग दिनभर जाम की गिरफ्त में रहता है। बड़े वाहन जैसे ही इस संकरे मार्ग पर पहुंचते हैं, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा यातायात ठप हो जाता है।शहरवासियों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आती है।प्रशासन समय-समय पर शहर को जाम मुक्त बनाने और नो एंट्री का सख्ती से पालन कराने के दावे करता है, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो आखिर रोजाना दर्जनों ट्रक किसकी अनुमति से शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं?शहर में यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इन चर्चाओं ने यातायात व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।नागरिकों  ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बिजली कॉटन मिल चौराहे पर स्थायी पुलिस व्यवस्था की जाए, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए और नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि केवल इस एक प्रवेश बिंदु पर प्रभावी निगरानी कर दी जाए तो गौशाला मार्ग का वर्षों पुराना जाम काफी हद तक समाप्त हो सकता है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा या फिर शहरवासी रोजाना इसी जाम का दंश झेलते रहेंगे। जनचर्चाओं और लगातार उठ रही शिकायतों ने पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

भूजल सप्ताह: डीएम ने दिलाई जल संरक्षण की शपथ, बोले— “जल है तो कल है”

मथुरा। ‘भूजल सप्ताह’ (16 से 22 जुलाई 2026) के तहत शनिवार को जिलाधिकारी 

जिलाधिकारी ने आमजन से वर्षा जल संचयन अपनाने, जल का सतत एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने तथा तालाब, कुएं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है”, इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल की एक-एक बूंद बचाने में योगदान दे।

उन्होंने बताया कि भूजल सप्ताह का उद्देश्य लोगों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान भूजल स्तर में गिरावट रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जल संसाधनों के सतत उपयोग के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में किसानों एवं आम नागरिकों को जल बचाने के उपायों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन, अनावश्यक जल बर्बादी रोकने, तालाब एवं कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, अधिशासी अभियंता सिंचाई नवीन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्पूर्ण समाधान दिवस: गोवर्धन में डीएम-एसएसपी ने सुनीं फरियादें, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

मथुरा। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से शनिवार को तहसील गोवर्धन के सभागार में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद अथवा अन्य जटिल मामलों में सभी पक्षों की मौजूदगी में मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आमजन की समस्याएं सुनें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी फरियादी तहसील दिवस या किसी सरकारी कार्यालय से निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए।
समाधान दिवस के दौरान गोवर्धन तहसील में 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण किया गया। महावन तहसील में 41 शिकायतें आईं, जिनमें 2, सदर तहसील में 34 शिकायतों में से 5, छाता तहसील में 42 शिकायतों में से 4 तथा मांट तहसील में 47 शिकायतों में से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को शेष शिकायतों का भी नियमानुसार शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
« Newer PostsOlder Posts »