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गंगा नदी की धारा मोड़ने के लिए चंदा लगाकर कर रहे ही प्रयास

June 18, 2026

गंगा नदी की धारा मोड़ने के लिए चंदा लगाकर कर रहे ही प्रयास

नौरंगा गांव के कटान पीड़ितों को सरकार का भी मिल रहा सहयोग, योगी सरकार को जताया आभार।

बलिया – बैरिया तहसील क्षेत्र के नौरंगा गांव में गंगा नदी के कटान से धारा को मोड़ने के लिए नौरंगा के कटान पीड़ितों ने चंदा लगाकर और बाढ़ विभाग के सहयोग से प्रयास कर रहे है।ग्रामीणों के द्वारा बांस का कैरेट बनाकर सरकारी बोरियों में बालू भरकर कैरेट में डाल दिया जा रहा है।जिससे गंगा नदी की धारा में कुछ कमी आई है और नदी का पानी अपना रुख मेन धारा की तरफ जाने लगी है। कटान पीड़ितों ने गंगा मइया की जयकारे लगाने लगे। और मुख्यमंत्री के कार्यों का जताया आभार।

वही कटान पीड़ितों ने बताया कि गंगा नदी की दो धारा है एक धारा हमारे गांव की तरफ जा रहा है और इसको रोकने के लिए बांस और बल्लियों के सहारे रोकने का प्रयास कर रहे है सरकार के कार्यों से हम लोग संतुष्ट है नौरंगा से लेकर चक्की नौरंगा तक काम चल रहा है हमारे गांव की तरफ नदी का बहाव था इस लिए इसे मोड़ने के लिए काम चल रहा है गांव के हर घर से सहयोग मिल रहा है हर घर से एक आदमी इसमें बोरियां डाल रहा है आज हमारे गांव में पांच पांच मुंडन संस्कार था इस लिए लोग आज व्यस्त थे।बोरियां डालने से हम लोगों को फायदा है क्योंकि यहां पर पांच फीट पानी था अब पानी खत्म हो गया है अब बालू दिखाई देने लगा है।हम लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह है कि हम लोगों के लिए एक पक्का पुल बन जाता तो हम लोग कटान से वंचित हो जाते।हम लोग आज तक बीजेपी को वोट देते आ रहे है हर सुविधा मिलने लगती और कटान से वंचित हो जाते।

उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों रुपए की प्रोजेक्ट बनाती है और बाढ़ आने के बाद गंगा नदी में बिलिन हो जाति है अगर बैरेज का कटान होता तो आज ढाही खत्म हो जाती सरकार को कटान से कितनी छती है वह सरकार खुद जानती है कटान रोधी कार्य को बंद कर अगर पक्का पुल का काम हो जाता तो कटान से मुक्ति मिल जाती।और यातायात का साधन भी हो जाती।हमारे गांव की आबादी लगभग बीस हजार की है हम लोग जिला मुख्यालय से कटे हुए है हमारे यहां कोई सुविधा तक नही है विद्यालय तो है लेकिन मास्टर कैसे आते है आज आप ख़ुद आकर देखे है कि कितनी दिक्कतों का सामना कारण पड़ता होगा।कोई अधिकारी यहां आने का नाम तक नही लेता है क्योंकि आने में काफी परेशानी है अब तो पानी बढ़ेगा और पुल हटाने का समय आ गया है हम लोग चार महिनातक क्या करेंगे अगर पुल बन जाता तो सरकार का पैसा भी बच जाता, हम लोगों का निवारण भी हो जाता। हमारे गांव के सभी लोग हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी से बिनती करते है योगी बाबा जिंदा बाद ,जिंदा बाद के नारे लगाए।

कटान पीड़ित उमाशंकर ठाकुर ने बताया कि जो हमारे गांव में काम चल रहा है वह यूपी सरकार के मुख्यमंत्री योगी बाबा का काम चल रहा है नौरंगा से लेकर चक्की नौरंगा 26 करोड़ की परियोजना चल रही है और उस काम से हम लोग बहुत संतुष्ट है एक नगी की धारा हमारे गांव की तरफ जा रही थी जिसको हम लोग मोड़ने का काम कर रहे है गांव के लोगो से चंदा लगाकर हम लोग बांस बली की सहायता से धारा को रोकने के प्रयास कर रहे है जिससे इधर का पानी मेन धारा की तरफ जाने लगी है इससे हमारे गांव का बहुत बचाव है सरकार हमरा सहयोग कर रही है हम लोग सरकार का सहयोग कर रहे है।

वही नन्हक ठाकुर ने कहा कि नदी की मेन धारा हमारे गांव की तरफ जा रही थी जिसको हम लोगों ने मोड़ने का प्रयास कर रहे है हम लोगों को बाढ़ विभाग के ठेकेदार के द्वारा बोरी दी गई है दस हजार के करीब हम लोग बोरी डाल चुके है बीजेपी नेता है सूर्यभान सिंह पचास हजार रुपए चंदा के रूप में दिया है और बोले है कि अगर और जरूरत पड़ी तो और भी चंदा देंगे।

बाढ़ खंड अधिशासी अभियंता संजय मिश्रा ने बताया कि हमारा नौरंगा में कटान रोधी दो परियोजनाएं चल रही है जिसका काम बड़ी तेजी से चल रहा है गांव के लोग एक धारा को बंद करने के लिए प्रयास कर रहे है और हम लोगों को निर्देश मिल था कि गांव वालो ने हम लोग सहयोग करें जिसमे हम लोगों ने चार हजार बोरियां गांव वालो को दिया गया था सहयोग करने के लिए और भी को सहयोग होगा गांव वालों को दिया जाएगा।

एमडी हॉस्पिटल में सातवें बड़े मंगल पर भंडारा आयोजित

श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक प्रसाद ग्रहण किया, भक्तिमय माहौल रहा

लखीमपुर-खीरी।रमियाबेहड के एमडी हॉस्पिटल में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन हॉस्पिटल के डा सुमेर श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह विधि-विधान से भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली को सिंदूर, चोला, लड्डू और तुलसी अर्पित कर सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद विशाल भंडारे का प्रसाद वितरण शुरू हुआ। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं, मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर भारी भीड़ देखी गई और व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रही।
इस अवसर पर डॉ सुमेर श्रीवास्तव ने बताया कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किए जाते हैं।
इस आयोजन में डॉ. सुमेर श्रीवास्तव, मैनेजर दीपक श्रीवास्तव, अरविंद अवस्थी, पत्रकार शंकर, दुर्गेश श्रीवास्तव, विमल कुमार, शिवम, बबलू श्रीवास्तव, राजू मिश्रा, धीरज वर्मा, जाहिद, कपिल,राहुल राज और राजित सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
आयोजकों ने बताया कि भंडारे का उद्देश्य लोगों की सेवा और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था में जुटे लोगों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। उपस्थित लोगों ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का आभार जताया।

सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता – स्वस्थ जीवन के लिए योग को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा

लखीमपुर खीरी। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत बुधवार को सीएमओ कार्यालय परिसर के सभागार में सामूहिक योग पूर्वाभ्यास ‘वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल’ का आयोजन किया गया।

योग पूर्वाभ्यास में उत्साह, सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता के नेतृत्व में विभाग के नोडल अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों, पटल सहायकों व कर्मचारियों ने उत्साह से भाग लिया। आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक प्रिंस रंजन और योग शिक्षिका राज दीपिका तिवारी ने ताड़ासन, अध्र्व हस्तांथान, अर्धचक्रासन, स्कंध संचालन, भ्रामरी, प्राणायाम समेत कार्यस्थल तनाव मुक्ति वाले आसन कराए। प्रशिक्षकों ने हर आसन के शारीरिक-मानसिक लाभ भी बताए।

सीएमओ ने दी सलाह, सत्र के अंत में डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि योग शरीर के सभी अंगों व प्रणालियों के लिए प्राकृतिक औषधि है। “योग शुरू करना आसान है, पर इसे रोजाना बनाए रखने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति चाहिए”। उन्होंने सभी से नजदीकी योग केंद्र या प्रशिक्षक से संपर्क कर अपनी क्षमता अनुसार आसन चुनकर दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। इससे कार्यस्थल की कार्यकुशलता बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों से बचाव होगा।
कार्यक्रम में जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

बाघ के हमले में मृत महिला के घर पहुंचे विधायक रोमी साहनी

परिजनों को दी 25 हजार रुपये की तत्काल मदद और बेटी की शादी का उठाया जिम्मा

लखीमपुर खीरी। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
बीते दिनों ग्राम खालेपुरवा निवासी गेंदन लाल की पत्नी कोकिला देवी पर बाघ ने हमला कर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है। सूचना मिलते ही पलिया विधायक रोमी साहनी तुरंत मृतका के घर खालेपुरवा पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का वादा किया।विधायक रोमी साहनी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 25,000 (पच्चीस हजार रुपये) की नकद आर्थिक मदद प्रदान की। इसके साथ ही उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि वन विभाग और शासन स्तर से मिलने वाली सभी सरकारी सहायता व उचित मुआवजा जल्द से जल्द उनके खाते में ट्रांसफर कराया जाएगा। विधायक ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को कागजी कार्रवाई तेजी से पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।मृतका की बेटी ‘क्रांति’ की शादी की उठाई जिम्मेदारीइस दौरान विधायक ने एक और बड़ा और मानवीय कदम उठाया। उन्होंने मृतका की बेटी क्रांति की शादी की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाने का ऐलान किया। विधायक ने कहा कि मां के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है, ऐसे में बेटी के हाथ पीले करने की जिम्मेदारी अब उनकी है। विधायक के इस संवेदनशील और सहयोगात्मक कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव नेपाल में लखीमपुर के डॉ.अनुपम मौर्य को मिला अंतर्राष्ट्रीय सम्मान

Posted on 17.06.2026, Lakhimpur Kheri, Kathmandu Nepal, International Ayush Concave

कमलजीत सिंह

काठमांडू / लखीमपुर खीरी। काउंसिल ऑफ इंटेग्रेटिव वैद्य इन्नोवेशन एंड कोलेब्रेशन इंडिया एवं नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में नेपाल के काठमांडू में इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव आयोजित 4.0 नेपाल एडिशन आयोजित किया गया। जहां उत्तर प्रदेश के लखीमपुर शहर के प्रतिष्ठित आयुष विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मौर्य को आयुष क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।

नेपाल के काठमांडू में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल रहे, जबकि भारतीय दूतावास नेपाल के प्रतिनिधि सुमन शेखर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त लीजेंड वर्ल्ड रिकॉर्ड दुबई (यूएई) के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी ने भी कार्यक्रम में विशेष सहभागिता की।
इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के 25 से अधिक राज्यों के साथ-साथ नेपाल, मलेशिया, कनाडा, यूएई, बांग्लादेश और सिंगापुर से आए आयुष चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं मैन्युफैक्चरर्स सहित कुल 254 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण “ मोस्ट आयुआयुष डॉक्टर्स इन क्लीनिकल डायग्नोसिस सेशन” विषय पर आयोजित लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्डस अटेम्प्ट रहा, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण कर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया। इस उपलब्धि ने वैश्विक स्तर पर आयुष चिकित्सा प्रणाली की क्षमता, प्रभावशीलता और बढ़ती स्वीकार्यता को नई पहचान प्रदान की।
सम्मेलन के दौरान आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को आयुष लीजेंड अवार्ड, आयुष एक्सीलेंस अवार्ड तथा आयुष राइजिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इसमें लखीमपुर खीरी के डॉ. अनुपम मौर्य को यह सम्मान आयुष चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, शोध, नवाचार एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया। उन्हें यह सम्मान नेपाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल, सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी तथा लीजेंड्स वर्ल्ड रिकॉर्डस दुबई के प्रतिनिधि कुलदीप चतुर्वेदी द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया। इस अवसर पर सिविक के संस्थापक डॉ. एम. एम. कुरैशी ने कहा कि इंटरनेशनल आयुष कॉन्क्लेव का उद्देश्य विश्वभर के आयुष विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को एक साझा मंच पर लाकर ज्ञान, शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि नेपाल संस्करण की सफलता और विश्व रिकॉर्ड की उपलब्धि आयुष के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
यह सम्मान प्राप्त करने पर लखीमपुर खीरी के डॉ. अनुपम मौर्य ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आयुष चिकित्सा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

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