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तालाब बना काल, पशु चराने गईं दो सगी बहनें डूबीं, ग्रामीणों ने एक बच्चे को बचाया

July 29, 2026

तालाब बना काल, पशु चराने गईं दो सगी बहनें डूबीं, ग्रामीणों ने एक बच्चे को बचाया

AGRA NEWS

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आगरा। जगनेर थाना क्षेत्र के बरिगवां खुर्द गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। घर के पास स्थित तालाब में डूबने से एक ही परिवार की दो मासूम सगी बहनों की मौत हो गई, जबकि तीसरे बच्चे की ग्रामीणों ने समय रहते जान बचा ली।

जानकारी के अनुसार, बरिगवां खुर्द निवासी मुरारी लाल का घर गांव के तालाब के समीप है। बुधवार सुबह रोज की तरह परिवार के तीन बच्चे पशुओं को चराने के लिए घर से निकले थे। पशु चराते-चराते वे तालाब के किनारे पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इसी दौरान किसी कारणवश तीनों बच्चों का संतुलन बिगड़ गया। आशंका है कि पैर फिसलने या गहरे पानी में चले जाने से तीनों बच्चे तालाब में डूबने लगे।

तालाब में बच्चों को डूबता देख कई ग्रामीण तालाब में कूद पड़े और बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, दोनों बच्चियां तब तक गहरे पानी में समा चुकी थीं। ग्रामीणों ने उन्हें भी बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हादसे में जान गंवाने वाली बच्चियों की पहचान पूनम (12 वर्ष) और टिंकल (8 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों सगी बहनें थीं और मुरारी लाल की बेटियां थीं। दोनों मासूम बेटियों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसीपी खेरागढ़ प्रीता सिंह ने बताया कि तीनों बच्चे घर के पास स्थित तालाब पर पशु चराने गए थे, जहां वे अचानक पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद बरिगवां खुर्द गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिलाधिकारी के निर्देशन में चकबंदी कार्यों में आई तेजी, वर्षों से लंबित दो ग्रामों की चकबंदी हुई पूर्ण

उप्रससे अजय बरया

ललितपुर। जनपद में जिलाधिकारी के सतत निर्देशन एवं नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप चकबंदी कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्षों से लंबित ग्राम बरौदी नकीब (तहसील ललितपुर) तथा मौगान (तहसील महरौनी) की चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इनमें बरौदी नकीब की चकबंदी लगभग आठ वर्ष तथा मौगान की चकबंदी लगभग इक्कीस वर्ष से लंबित थी।
जनपद में कुल 754 राजस्व ग्राम हैं, जिनमें अब तक 194 ग्रामों की चकबंदी पूर्ण हो चुकी है तथा वर्तमान में 75 ग्रामों में विभिन्न चरणों में चकबंदी कार्य प्रगति पर है। शासन स्तर पर शेष ग्रामों में चकबंदी प्रारंभ करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है, हालांकि किसानों द्वारा लगातार इसकी मांग की जा रही है।

वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में सर्वेक्षण, भू-चित्र संशोधन, पड़ताल, विनिमय अनुपात निर्धारण, अभिलेख शुद्धिकरण, चक सृजन तथा आपत्तियों के निस्तारण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। वहीं भगवाहा एवं बमरोला ग्रामों में किसानों को नए चकों पर कब्जा दिलाकर कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। सूरीकलां, मऊमाफी, भगवाहा, बमरोला एवं छायन ग्रामों में अंतिम अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिन्हें इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर धारा-52 का प्रकाशन प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक माह चकबंदी कार्यों की समीक्षा किए जाने से कार्यों की गति और गुणवत्ता में निरंतर सुधार आया है तथा किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जा रहा है।
चकबंदी स्टाफ की कमी के कारण कुछ ग्रामों में कार्य प्रभावित था, किन्तु अब जनपद के लिए 18 नए चकबंदी लेखपाल स्थानांतरित किए गए हैं, जिनमें 17 ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इनके माध्यम से लंबित एवं रुके हुए कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, जिला बंदोबस्त अधिकारी राकेश कुमार के विशेष प्रयासों से जनपद के सभी 16 सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालयों का भी कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है। अब सहायक चकबंदी अधिकारी न्यायालयों में भी CCCMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन वादों का निस्तारण किया जा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध हुई है। वर्तमान में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी एवं उपसंचालक चकबंदी न्यायालयों में तीन वर्ष से अधिक पुराना कोई भी वाद लंबित नहीं है।

पेपर लीक मामले के दोषियों पर कार्रवाई होगी लेकिन आरोप के आधार पर नहीं कानून के आधार पर

रिपोर्ट – संजय कुमार तिवारी
स्थान – बलिया यूपी
डेट – 29/07/2026

बलिया, डॉकबंगला पहुंची उत्तरप्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी का बड़ा बयान, कहा योगी सरकार में चाहें कोई भी किसी मामले में संलिप्त है और दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी रूप से कार्रवाई होगी न कि आरोपों के आधार पर होगी। दरअसल योगी सरकार की सहयोगी पार्टी सुभासपा के विधायक बेदी राम और निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे पेपर लीक मामले में आरोपी होने वाले विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी का एजेंडा है देश की सेवा करना और जनता की जवाबदेही करना, उस पर हमारी पार्टी काम करती है कि जनता क्या कह रही और जनता क्या कर रही है उसके लिए हमारी सरकार को क्या करना है और हमको क्या करना है यहीं पार्टी का एजेंडा है और ये सब करते करते चुनाव आ जाते हैं। योगी जी के नेतृत्व में चुनाव पुनः जीतेंगे। तत्कालीन सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि दुर्भाग्य का समय हमलोगों ने देखा है कि तुम हमें वोट दो हम नकल का अधिकार देंगे।
वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने वाले सवाल पर कहा कि युवाओं की बीजेपी सरकार किसी अहम से घिरी हुई नहीं है। युवाओं की आकांक्षाएं और युवाओं के कहने के आधार पर शिक्षा मंत्री ने स्वयं से इस्तीफा दिया। धर्मेंद्र प्रधान का बड़कपन है कि उनको लगा कि हमारा देश सबसे पहले है हमारा युवा सबसे पहले है अगर युवा ऐसा कह रहा है तो हमको इस्तीफा देना चाहिए। कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के कामों में कोई त्रुटि नहीं थी उनके आने से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आई बहुत अच्छे अच्छे कार्य हुए। कुछ विरोधी ताकतें थी जो ये प्रोटेस्ट करवाया।

July 28, 2026

रात्रि में सड़कों पर उतरीं पालिकाध्यक्ष, सफाई व्यवस्था और पंपिंग स्टेशन का लिया जायजा

जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, मशीनें हर समय चालू रखने पर जोर

फोटो –सफाई व्यवस्था का जायजा लेती पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी

हाथरस। बरसात के मौसम में शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाए रखने के लिए नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्वेता चौधरी लगातार रात्रिकालीन निरीक्षण कर रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने देर रात शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद पंपिंग स्टेशन पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था, मशीनों की कार्यप्रणाली और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान पालिकाध्यक्ष ने रात्रिकालीन सफाई, कूड़ा उठान, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव या गंदगी की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं पूरी सतर्कता और गुणवत्ता के साथ संचालित की जाएं।पंपिंग स्टेशन पर उन्होंने मशीनों के संचालन की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी पंप हर समय पूर्ण क्षमता के साथ क्रियाशील रहें, ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी में किसी प्रकार की बाधा न आए और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी ने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वह स्वयं देर रात तक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सफाई व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।उन्होंने अधिकारियों को रात्रिकालीन निरीक्षण नियमित रूप से जारी रखने तथा सफाई और जल निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। नगरवासियों ने भी पालिकाध्यक्ष की इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित हाथरस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

एम्स रायबरेली के डॉक्टरों ने महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम का गर्भाशय ट्यूमर निकाला।

रायबरेली, सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए, रायबरेली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक जटिल बहु-विभागीय सर्जिकल प्रक्रिया के ज़रिए 46 साल की महिला के शरीर से 7.5 किलोग्राम वज़न का एक बहुत बड़ा गर्भाशय ट्यूमर सफलतापूर्वक बाहर निकाला। मरीज़ के पेट में लगातार सूजन बढ़ रही थी और जांच में पता चला कि उनके गर्भाशय में एक बहुत बड़ा ट्यूमर है, जिसका आकार लगभग 30 × 30 × 20 सेमी था और जिसने पेट के लगभग पूरे हिस्से को घेर रखा था। विस्तृत जांच में गर्भाशय में फाइब्रॉएड और अम्बिलिकल हर्निया (नाभि के पास हर्निया) होने का भी पता चला। मरीज़ को पहले से ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी, जिससे सर्जरी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
यह जटिल सर्जरी प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा, डॉ. पारुल सिन्हा और एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. अपाला प्रियदर्शिनी की देख-रेख में सफलतापूर्वक की गई। अम्बिलिकल हर्निया के इलाज के लिए जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. शिरीष ने टीम की मदद की, जबकि एनेस्थिसिया विभाग के डॉ. कालीचरण दास ने एनेस्थीसिया का काम बखूबी संभाला।
ऑपरेशन तीन घंटे से ज़्यादा समय तक चला, जिसके दौरान पूरे ट्यूमर और उससे जुड़ी अन्य विकृतियों को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज़ की रिकवरी बिना किसी परेशानी के हुई और अब उन्हें स्वस्थ और स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफ़ेसर और विभागाध्यक्षा ने बताया कि इतने जटिल मामले का सफल इलाज यह दिखाता है कि संस्थान महिलाओं की गंभीर गायनेकोलॉजिकल समस्याओं के लिए आधुनिक, सबूत-आधारित और मल्टी-डिसिप्लिनरी देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफल परिणाम एम्स रायबरेली में मौजूद एडवांस्ड सर्जिकल विशेषज्ञता, बेहतर टीम वर्क और मरीज़-केंद्रित दृष्टिकोण को उजागर करता है।
विभाग ने कार्यकारी निदेशक (डॉ.) अमिता जैन का उनके दूरदर्शी नेतृत्व, लगातार प्रोत्साहन और संस्थान में मरीज़ों की बेहतर देखभाल और सर्जिकल सेवाओं को मज़बूत करने में अटूट सहयोग के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। विभाग ने अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज श्रीवास्तव का भी उनके लगातार प्रशासनिक सहयोग, मार्गदर्शन और त्वरित मदद के लिए धन्यवाद दिया, जिन्होंने इस जटिल मामले के सुचारू प्रबंधन और मरीज़ों को अच्छी देखभाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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