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Lakhimpur Kheri पुलिस दुर्व्यवहार से आहत भाजपा मंडल महामंत्री ने दिया इस्तीफा

June 11, 2026

Lakhimpur Kheri पुलिस दुर्व्यवहार से आहत भाजपा मंडल महामंत्री ने दिया इस्तीफा

भाजपा मंडल महामंत्री ने पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगा दिया इस्तीफा,निघासन कोतवाली प्रभारी पर गंभीर आरोप

निघासन खीरी, 11 जून 2026, निघासन में राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री शिवकुमार पाल ने पुलिस उत्पीड़न और बदसलूकी से क्षुब्ध होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निघासन कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और गंभीर धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
शिवकुमार पाल के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह की है। वे अपने गांव के एक भाजपा कार्यकर्ता के काम के सिलसिले में निघासन कोतवाली गए थे। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया और उनके साथ अमर्यादित व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। विरोध करने पर उन्हें धक्का देकर कमरे से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़ित भाजपा नेता ने बताया कि कोतवाली प्रभारी ने सत्ता और पद के अहंकार में आकर उन्हें चुनौती दी। उन्होंने कहा जिला और प्रदेश स्तर पर जहां चाहो शिकायत कर दो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। इस बर्ताव से आहत होकर शिवकुमार पाल ने कहा कि वे पाल समाज (अति पिछड़ा वर्ग) से आते हैं और इस घटना से उनका सामाजिक व व्यक्तिगत अपमान हुआ है। इसी ग्लानि के कारण उन्होंने भाजपा मंडल महामंत्री पद से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया है।शिवकुमार पाल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। सत्ताधारी दल के पदाधिकारी के साथ पुलिस के इस तरह के व्यवहार के बाद क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी के द्वारा बताया गया कि स्वयं को भाजपा मंडल महामंत्री बताने वाले शिवकुमार पाल ने संबंधित प्रपत्र तत्काल देने की मांग की थी। मना किए जाने पर उन्होंने कथित तौर पर पद से इस्तीफा देकर पत्र वायरल करने की धमकी दी थाना प्रभारी का दावा है कि वायरल किए गए आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं।

अपनी ही बुलेरो चोरी कराने की साज़िश में भाजपा मंडल अध्यक्ष गया जेल

Posted on 11.06.2026, Time 06.34 PM

आगरा, 11 जून 2026, थाना कागारौल क्षेत्र में चर्चित बोलेरो चोरी कांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले में आरोपी बनाए गए जगनेर क्षेत्र के भाजपा मंडल अध्यक्ष देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति ने बोलेरो वाहन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वही कथित तौर पर पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया है कि वाहन को योजनाबद्ध तरीके से चोरी कराया गया था।

पुलिस के अनुसार देवकी नंदन शर्मा ने अपनी बोलेरो पहले बेच दी थी, लेकिन बाद में उसे वापस हासिल करने के उद्देश्य से चोरी की झूठी कहानी रची गई। आरोप है कि वाहन को गायब कराने के लिए नकली चाबी तैयार कराई गई और साजिश के तहत वाहन को पार कराया गया। इस मामले में उनके भाई को भी आरोपी बनाया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने टोल प्लाजा के रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाला। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की परतें खुलती चली गईं। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट किया है।
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने करीब 400 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की है। चार्जशीट में साजिश, वाहन चोरी और अन्य संबंधित आरोपों का उल्लेख किया गया है।

आरोपी पक्ष ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद देवकी नंदन उर्फ सोनू शर्मा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि आरोप एक प्रमुख राजनीतिक दल के स्थानीय पदाधिकारी पर लगे हैं। अब आगे की सुनवाई में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।

June 10, 2026

Firozabad मस्जिद में किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार

फिरोजाबाद 10 जून 2026, थाना रामगढ़ पुलिस टीम ने बुधवार को मस्जिद में किशोरी से दुष्कर्म के अभियुक्त मौलाना को मुठभेड में गिरफ्तार किया है। पैर में गोली लगने से घायल अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
थाना रामगढ़ क्षेत्र अन्तर्गत 7 जून की दोपहर एक नाबालिग मस्जिद में लगे ठंडे पानी के वाटर कूलर से पानी भरने के लिए गई थी, तभी मस्जिद में मौजूद जाकिर हाफिज पुत्र बाबू खाँ निवासी दीदामई नूरनगर थाना रामगढ़ ने नाबालिग को अकेला देखकर उसे जबरन पकड़ लिया और मुँह दबाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता की मां ने थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त की तलाश शुरू कर दी।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि थाना प्रभारी रामगढ़ संजीव कुमार दुबे पुलिस टीम के साथ बुधवार को क्षेत्र में गश्त पर थे तभी सूचना मिली कि जाकिर हाफिज अपराधी कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ना चाहा तो अभियुक्त हाफिज जाकिर ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम के ऊपर फायर किया। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गयी जबावी कार्यवाही में अभियुक्त पैर में गोली लगने से घायल हो गया। घायल अभियुक्त के कब्जे से 01 अवैध तमंचा 315 बोर, 02 खोखा कारतूस व 02 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित अभियुक्त है। घायल को अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है। अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

शिव मंदिर के सरोवर में रील बनाने के दौरान गहराया संकट, नहाने उतरे किशोर की डूबकर मौत

Posted on 10/06/2026
Time 18:10 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर : 10 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) बेलीपार थाना क्षेत्र के भौवापार स्थित शिव मंदिर परिसर में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। मंदिर के सरोवर में नहाने उतरे दो किशोरों में से एक की डूबने से मौत हो गई। घटना के समय साथ आए अन्य दोस्त मंदिर परिसर में रील बनाने में व्यस्त थे। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

मिली जानकारी के अनुसार, बेलीपार क्षेत्र के बगही गांव निवासी 16 वर्षीय शिवम गुप्ता पुत्र भोला गुप्ता अपने दोस्तों के साथ भौवापार स्थित शिव मंदिर परिसर में घूमने गया था। मंदिर में दर्शन के दौरान शिवम और उसका एक दोस्त सरोवर में नहाने के लिए उतर गए, जबकि बाकी दो साथी मंदिर परिसर में ही खड़े होकर सोशल मीडिया के लिए रील (वीडियो) बनाने में मशगूल थे।
​गहरे पानी में समाया शिवम
सरोवर में नहाते समय शिवम अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देख साथ आए दोस्तों और आसपास के लोगों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह पानी की गहराइयों में समा गया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बेलीपार पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से सरोवर में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद शिवम को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों के लिए यह सदमा असहनीय है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के अन्य पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन से सरोवर के किनारे सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

एटा पंचायत चुनाव पर घमासान, नेता और प्रधान आए आमने सामने

Posted on 10.06.2026 Time 19.42PM Etah, Panchayat elections

एटा 10 जून उप्रससे। जनपद में पंचायत चुनावों को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाईकोर्ट की टिप्पणी, शासन द्वारा जारी नए आदेश और पंचायत चुनाव में संभावित देरी को लेकर निवर्तमान ग्राम प्रधानों, राजनीतिक दलों के नेताओं तथा ग्रामीणों के बीच व्यापक चर्चा चल रही है। जहां कुछ लोग चुनाव होने तक प्रशासक व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में हैं, वहीं अधिकांश जनप्रतिनिधि जल्द चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

भाजपा का पक्षः न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान, समयबद्ध चुनावों की वकालत

भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रो. राहुल गुप्त ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के अंतिम आदेश के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी कानूनी या प्रशासनिक कारण से चुनाव प्रक्रिया में विलंब होता है तो विकास कार्य और जनहित योजनाएं बाधित न हों, इसके लिए सरकार द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों में ही निहित है, इसलिए परिस्थितियां अनुकूल होते ही पंचायत चुनाव कराना आवश्यक है।


सपा का आरोप: चुनाव टालना लोकतंत्र के खिलाफ

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं एटा-कासगंज प्रभारी लोधी राकेश राजपूत ने भाजपा सरकार पर पंचायत चुनाव टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में देरी लोकतंत्र और संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार जनता के बीच बढ़ते असंतोष के कारण चुनावों से बच रही है। सपा नेता ने कहा चुनाव टालना लोकतंत्र के खिलाफ है। किसान, नौजवान, मजदूर और व्यापारी वर्ग सरकार की नीतियों से नाराज है और चुनाव होने पर इसका असर दिखाई देगा।

शीतलपुर ब्लॉक के ग्राम लभैटा के युवा प्रधान विवेक मिश्रा का कहना है कि अधिकांश निवर्तमान प्रधान चुनाव होने तक प्रशासक व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में हैं ताकि पंचायतों के प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। हालांकि उनका मानना है कि चुनाव में अत्यधिक देरी गांवों के विकास के लिए उचित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है। संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं तथा चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।

निधौली कलां ब्लॉक के ग्राम झिनवार की ग्राम प्रधान श्रीमती कृष्णा उपाध्याय का कहना है कि यदि पंचायतों का संचालन प्रशासकों के माध्यम से होगा और प्रत्येक कार्य के लिए प्रशासनिक अनुमति लेनी पड़ेगी तो विकास कार्यों की गति प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, सफाई और अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े कार्य समय पर नहीं हो पाएंगे। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका सीमित होने से लोकतांत्रिक व्यवस्था भी कमजोर होगी।

गांवों में चुनावी माहौल गर्म

जनपद के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं। संभावित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ सक्रिय हो गए हैं। कई गांवों में सामाजिक बैठकों, जनसंपर्क अभियानों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है।
ग्रामीणों का मानना है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी। निवर्तमान प्रधान भी अपने कार्यकाल के विकास कार्यों को जनता के सामने रखने में जुटे हुए हैं।

आरक्षण और आयोग की रिपोर्ट पर भी चर्चा

पिछड़ा वर्ग आरक्षण तथा आयोग की रिपोर्ट को लेकर जनपद में अलग-अलग राय सामने आ रही है। प्रधान संगठनों और संभावित प्रत्याशियों का एक वर्ग वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता महसूस कर रहा है, जबकि कुछ लोग सरकार और आयोग के अंतिम निर्णय का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। राजनीतिक दल भी आरक्षण के मुद्दे को लेकर अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

चुनाव टलने के संभावित प्रभाव

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पंचायत चुनाव अगले कुछ महीनों तक और टलते हैं तो विकास योजनाओं की गति धीमी पड़ सकती है। नई योजनाओं के प्रस्ताव, निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले कई निर्णय प्रभावित हो सकते हैं। इसके साथ ही राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ेगी और गांवों में लंबे समय तक चुनावी माहौल बना रहेगा। हालांकि प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक जनहित कार्य जारी रखे जा सकते हैं, लेकिन अधिकांश जनप्रतिनिधियों का मानना है कि स्थायी समाधान केवल समयबद्ध पंचायत चुनाव ही हैं।
एटा जनपद में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। भाजपा जहां न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक प्रतीक्षा की बात कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी चुनाव में देरी को लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बता रही है। दूसरी ओर अधिकांश ग्राम प्रधान प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता के साथ-साथ जल्द पंचायत चुनाव कराने के पक्षधर दिखाई दे रहे हैं। गांवों में चुनावी माहौल पूरी तरह बन चुका है और सभी की निगाहें अब शासन, आयोग तथा न्यायालय के आगामी निर्णयों पर टिकी हैं।

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