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नो एंट्री’ सिर्फ कागजों में? गौशाला मार्ग पर भारी वाहनों की धमाचौकड़ी से शहर बेहाल

July 18, 2026

नो एंट्री’ सिर्फ कागजों में? गौशाला मार्ग पर भारी वाहनों की धमाचौकड़ी से शहर बेहाल

बिजली कॉटन मिल चौराहा बना भारी वाहनों का प्रवेश द्वार, रोजाना लगने वाले जाम से जनता त्रस्त; कार्रवाई न होने पर उठ रहे सवाल

हाथरस। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने के बावजूद गौशाला मार्ग पर रोजाना लगने वाला भीषण जाम प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल बसों से लेकर एंबुलेंस तक घंटों जाम में फंसी रहती हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ दिखाई देता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री होने के बावजूद बिजली कॉटन मिल चौराहे से ट्रक और अन्य बड़े वाहन बेरोकटोक शहर में प्रवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि गौशाला मार्ग दिनभर जाम की गिरफ्त में रहता है। बड़े वाहन जैसे ही इस संकरे मार्ग पर पहुंचते हैं, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा यातायात ठप हो जाता है।शहरवासियों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों को उठानी पड़ रही है। कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों की जान पर भी बन आती है।प्रशासन समय-समय पर शहर को जाम मुक्त बनाने और नो एंट्री का सख्ती से पालन कराने के दावे करता है, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, तो आखिर रोजाना दर्जनों ट्रक किसकी अनुमति से शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं?शहर में यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इन चर्चाओं ने यातायात व्यवस्था की निगरानी और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।नागरिकों  ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि बिजली कॉटन मिल चौराहे पर स्थायी पुलिस व्यवस्था की जाए, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए और नो एंट्री का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि केवल इस एक प्रवेश बिंदु पर प्रभावी निगरानी कर दी जाए तो गौशाला मार्ग का वर्षों पुराना जाम काफी हद तक समाप्त हो सकता है।अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा या फिर शहरवासी रोजाना इसी जाम का दंश झेलते रहेंगे। जनचर्चाओं और लगातार उठ रही शिकायतों ने पुलिस और प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

भूजल सप्ताह: डीएम ने दिलाई जल संरक्षण की शपथ, बोले— “जल है तो कल है”

मथुरा। ‘भूजल सप्ताह’ (16 से 22 जुलाई 2026) के तहत शनिवार को जिलाधिकारी 

जिलाधिकारी ने आमजन से वर्षा जल संचयन अपनाने, जल का सतत एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने तथा तालाब, कुएं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है”, इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल की एक-एक बूंद बचाने में योगदान दे।

उन्होंने बताया कि भूजल सप्ताह का उद्देश्य लोगों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान भूजल स्तर में गिरावट रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जल संसाधनों के सतत उपयोग के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में किसानों एवं आम नागरिकों को जल बचाने के उपायों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन, अनावश्यक जल बर्बादी रोकने, तालाब एवं कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।

शपथ ग्रहण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, अधिशासी अभियंता सिंचाई नवीन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्पूर्ण समाधान दिवस: गोवर्धन में डीएम-एसएसपी ने सुनीं फरियादें, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

मथुरा। जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से शनिवार को तहसील गोवर्धन के सभागार में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद अथवा अन्य जटिल मामलों में सभी पक्षों की मौजूदगी में मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर आमजन की समस्याएं सुनें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी फरियादी तहसील दिवस या किसी सरकारी कार्यालय से निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए।
समाधान दिवस के दौरान गोवर्धन तहसील में 45 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 का मौके पर निस्तारण किया गया। महावन तहसील में 41 शिकायतें आईं, जिनमें 2, सदर तहसील में 34 शिकायतों में से 5, छाता तहसील में 42 शिकायतों में से 4 तथा मांट तहसील में 47 शिकायतों में से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को शेष शिकायतों का भी नियमानुसार शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मतदेय स्थलों की सूची को मिला अंतिम रूप, राजनीतिक दलों से नहीं मिली कोई आपत्ति

अतुल कुमार जिंदल
मथुरा। आगामी निर्वाचन की तैयारियों के तहत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के साथ मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के उपरांत बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 4 जुलाई को प्रकाशित मतदेय स्थलों की सूची पर 16 जुलाई तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से कोई शिकायत या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में इसी सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का पुनर्संभाजन किया गया। इसके तहत 24 से 28 जून तक भौतिक सत्यापन, भवनों का निरीक्षण एवं नए मतदेय स्थलों के चिन्हांकन का कार्य पूरा किया गया। इसके बाद राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार किए गए और 4 जुलाई को आलेख्य सूची प्रकाशित की गई।
उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को सूची का अंतिम अनुमोदन किया जाएगा। इसके बाद 25, 27 और 28 जुलाई को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे जाएंगे, जबकि 31 जुलाई को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय आयोग के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव प्रेषित करेगा।
जनपद में विधानसभावार मतदेय स्थलों की स्थिति
छाता: 416 मतदेय स्थल, 190 मतदान केंद्र
मांट: 458 मतदेय स्थल, 302 मतदान केंद्र
गोवर्धन: 397 मतदेय स्थल, 206 मतदान केंद्र
मथुरा: 495 मतदेय स्थल, 122 मतदान केंद्र
बल्देव (अजा): 481 मतदेय स्थल, 287 मतदान केंद्र
जनपद में कुल 2,247 मतदेय स्थल तथा 1,107 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि सत्यापन के दौरान जिले में 30 मतदेय स्थल जर्जर पाए गए हैं। इनमें छाता में 5, मांट में 8, गोवर्धन में 8 तथा बल्देव में 9 मतदेय स्थल शामिल हैं, जिनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में बल्देव विधायक पूरन प्रकाश, सांसद प्रतिनिधि हेमंत अग्रवाल सहित भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा एवं आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा सहित विभिन्न उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं निर्वाचन से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।

एटा में स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे चले, एक दर्जन घायल

एटा 18 जुलाई उप्रससे। जनपद में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नगला मदी गांव में सरकारी स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडे चले, जिसमें दोनों पक्षों के लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घटना आज शनिवार दोपहर की है। मारपीट के बाद खून से लथपथ दोनों पक्षों के लोग कोतवाली देहात पहुंचे। पुलिस ने तत्काल घायलों का मेडिकल परीक्षण करवाया और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।

घायलों में एक पक्ष से यादराम (56 वर्ष), उनके पुत्र अनुज (26 वर्ष), पुत्री सुमन (18 वर्ष) और बांकेलाल (25 वर्ष) शामिल हैं। दूसरे पक्ष से राजेश, प्रीती, माखन देवी (38 वर्ष), सुमन, मनीष और ओमपाल घायल हुए हैं। एक पक्ष के अनुज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन गोबर डालने गई थी, तभी दूसरे पक्ष के लव कुश, मनीष और विनोद ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें, उनके पिता और बहन के साथ मारपीट कर दी।

कोतवाली देहात थाना प्रभारी के. के. लोधी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों से कुल छह लोग घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण करवाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह विवाद गांव में स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर होना बताया गया है।

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