जिलाधिकारी ने आमजन से वर्षा जल संचयन अपनाने, जल का सतत एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने तथा तालाब, कुएं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है”, इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल की एक-एक बूंद बचाने में योगदान दे।
उन्होंने बताया कि भूजल सप्ताह का उद्देश्य लोगों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान भूजल स्तर में गिरावट रोकने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और जल संसाधनों के सतत उपयोग के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में किसानों एवं आम नागरिकों को जल बचाने के उपायों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन, अनावश्यक जल बर्बादी रोकने, तालाब एवं कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, अधिशासी अभियंता सिंचाई नवीन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

