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सिलिंडर नहीं मिला तो  दो बच्चों और पति को छोड़ मायके चली गयी पत्नी

March 19, 2026

सिलिंडर नहीं मिला तो  दो बच्चों और पति को छोड़ मायके चली गयी पत्नी

मैनपुरी। गैस सिलिंडर की लगातार समस्या अब घरों में विवाद का कारण बन रही है। ऐसे ही एक मामले में सिलिंडर नहीं मिलने से नाराज होकर एक महिला बच्चों और पति को छोड़कर मायके चली गई। यह घटना मैनपुरी जिले के बेवर कस्बा के जीटी सड़क निवासी शिव शंकर अग्रवाल के परिवार में हुई है।
     शिव शंकर अग्रवाल एक स्थानीय गैस एजेंसी के कनेक्शन धारक हैं। उन्होंने बताया कि उनका गैस सिलिंडर 12 मार्च को समाप्त हो गया था। वे अगले दिन यानी 13 मार्च को एजेंसी पर सिलिंडर लेने गए। जब उन्होंने गैस बुकिंग की, तो मोबाइल पर एक संदेश आया। संदेश में लिखा था कि उनकी पर्ची 2 मार्च को निकल चुकी है। शिव शंकर ने एजेंसी संचालक से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2 मार्च को न तो बुकिंग की थी और न ही सिलिंडर लिया था। फिर भी सिलिंडर कैसे और किसे दे दिया गया, यह सवाल उन्होंने उठाया।
पत्नी की नाराजगी और मायके जाना
    शिव शंकर ने यह पूरी बात अपनी पत्नी रचना अग्रवाल को बताई। रचना ने साफ कहा कि वह कुछ नहीं जानती और किसी भी तरह सिलिंडर लेकर आए। घर में खाना बनाने की समस्या के चलते पत्नी ने दो तीन दिन चूल्हे पर खाना बनाया। इसके बाद उनकी नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया। रचना अपने दो जुड़वां बच्चों और पति को छोड़कर अपने मायके सौरिख चली गईं।
गैस एजेंसी पर लापरवाही के आरोप
       शिव शंकर अग्रवाल ने गैस एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिना बुकिंग के सिलिंडर कैसे जारी किया गया। यह एजेंसी की आंतरिक गड़बड़ी या किसी और को गलत तरीके से सिलिंडर देने का मामला हो सकता है। इस प्रकार की अनियमितता से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलिंडर की उपलब्धता में पारदर्शिता की कमी भी इस समस्या को बढ़ा रही है।

March 18, 2026

कच्ची दीवार पर रखी टीन गिरने से तीन की मौत, तीन घायल

मैनपुरी। जनपद के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव आटपुरा में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कच्ची दीवार पर रखी टीन अचानक गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीती मंगलवार की रात 11.30 की है। गांव निवासी बृजेश पुत्र लाल सिंह जाटव के मकान की कच्ची दीवार पर रखी टीन अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिसकी चपेट में परिवार के सदस्य आ गए। हादसे में रूबी (40) पत्नी बृजेश, दिलीप (8) पुत्र बृजेश और देवी (13) पुत्री बृजेश की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना में बृजेश (50), गुड़िया (15) और पल्लवी (5) घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया। तहसीलदार कुरावली भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।

फोटो- घटना स्थल का निरीक्षण करते पुलिस अधिकारी

March 17, 2026

डम्फर की टक्कर से दम्पति की मौत, आक्रोशित भीड ने किया हाइवे जाम

Posted on 17.03.2026 Tuesday, Time 07.13 PM
मैनपुरी 17 मार्च 2026 (उप्र समाचार सेवा)। किशनी मैनपुरी मार्ग पर गांव डांडेहार के सामने अज्ञात डम्फर ने बाइक सवार के टक्कर मार दी।जिससे दम्पति की मौके पर ही मौत हो गयी।स्थानीय लोगों ने रास्ते से निकल रहे दूसरे डम्फर को मार्ग पर ही खड़ा कर जाम लगा दिया।जाम खुलवाने गयी पुलिस से स्थानीय लोगों ने जमकर नोकझोंक व धक्का मुक्की कर दी। एक घण्टे बाद जाम खुलवाया जा सका।लेकिन शव उनके परिजनों के आने तक नही उठने दिए।
मंगलवार को सुबह  किशनी की ओर से अपनी बहन के यहां जा रहे दम्पति ध्रुव 45 पुत्र ज्ञानी चौहान व संतोषी देवी 43 निवासी नगरिया थाना भरथना इटावा बाइक से अपनी बहन सतोसे अलीगंज एटा के यहां जा रहे थे।10.30 बजे मैनपुरी की ओर से आ रहे डम्फर ने बाइक में टक्कर मार दी।स्थानीय लोगो ने जाम लगा दिया ।सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह मौके पर पहुंच गए और जाम खुलवाने व शव उठाने का प्रयास किया।स्थानीय लोग भड़क गए जमकर पुलिस से नोकझोंक कर धक्का मुक्की की । एक घण्टे जाम लगने के बाद में काफी समझाने पर जाम खोला जा सका।मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव को भाजपा नेता राहुल राठौर के कहने पर भी नही उठने दिया।

बीवी ने मिटाया सिंदूर: प्रेमी का प्यार पाने के लिए कातिल बनी सुनीति

अवैध संबंध में रोड़ा बना पति, पत्नी ने रची हत्या की साजिश
मैनपुरी 16 मार्च 26,  किशनी इलाके के गांव सुल्तानपुर निवासी डेयरीकर्मी कमलेश यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबंध में रोड़ा बने पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने ही हत्या की साजिश रची थी।
दरअसल, मैनपुरी के किशनी इलाके के गांव सुल्तानपुर निवासी कमलेश यादव कासगंज स्थित डेयरी पर काम करता था, उधर कमलेश की गैर मौजूदगी में 28 साल का सिथलेश घर पर आता था। कमलेश की पत्नी सुनीति(40) उम्र में सिथलेश से 12 साल बड़ी थी। उससे प्रेम संबंध हो गए थे।
यह सिलसिला चार साल से चल रहा था, मगर। सब कुछ जानते हुए भी कमलेश कुछ भी नहीं कर पा रहा था। इसके पीछे जो वजह बताई जा रही है वह थी कि सिथलेश और कमलेश का साथ उठना बैठना और शराब पीना था।
सिथलेश अच्छा खासा कमाता था और कमलेश को भी अपने साथ रखने के लिए कहता रहता था। कमलेश ने कुछ समय से पत्नी पर सख्ती कर दी थी, जिससे वह प्रेमी सिथलेश से नहीं मिल पा रही थी।
इसके बाद सुनीति ने 12 साल छोटे प्रेमी सिथलेश से कमलेश को रास्ते से हटाने के लिए कहा। इसके बाद सिथलेश ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर कमलेश की हत्या की साजिश रची थी।
तीन बार नाकाम हो चुका था आरोपी
एसपी सिटी ने बताया कि 14 फरवरी और 15 फरवरी को आरोपी सिथलेश कासगंज की डेयरी पर गया था। उसने हत्या करने के इरादे से कमलेश को बुलाया था। मगर वह नहीं आया। 16 फरवरी को जब कमलेश आया तो उसके साथ डेयरी का एक कर्मी था। इस वजह से आरोपी कामयाब नहीं हो सका। 20 फरवरी को कमलेश छुट्टी लेकर घर आ रहा था। इस पर आरोपी और उसके साथियों ने घर छोड़ने की बात कहते हुए उसे कार में बैठाया और रास्ते में हत्या कर डाली।
आपस में व्हाट्सएप कॉल पर बात करते थे आरोपी
प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने बताया कि कमलेश की हत्या करने के बाद सभी आरोपी सतर्क हो गए थे। वे आपस में बात करने के लिए व्हाट्सएप कॉल का प्रयोग करते थे। हत्या कर शव को जब खेत में फेंका गया, तब सभी के मोबाइल बंद थे।
आरोपियों के कब्जे से कार, मोबाइल और अन्य सामान बरामद
पुलिस ने कमलेश हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त कार, तमंचा-कारतूस, तीन मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है। सभी को जब्त कर पुलिस साक्ष्य के तौर पर पेश करेगी।
अवैध संबंध में रोड़ा बना पति, पत्नी ने रची हत्या की साजिश
गांव सुल्तानपुर निवासी डेयरीकर्मी कमलेश यादव की हत्या अवैध संबंध में रोड़ा बनने पर पत्नी ने कराई थी। इस वारदात को प्रेमी ने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। किशनी पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया है। पत्नी सहित सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

शहीद अविनाश यादव की अंतिम यात्रा में उमड़ा देश भक्ति का सैलाब

मैनपुरी, 16 मार्च 26 जनपद के लाल सूबेदार अविनाश यादव जम्मू कश्मीर में सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हो गए। रविवार को शहीद सूबेदार का शव गांव पहुंचा। यहां शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हजारों की भीड़ ने शहीद के जयकारे लगाए। पैतृक गांव करुआमई नगरिया में सैन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
बेवर क्षेत्र के गांव करुआमई नगरिया निवासी सेवानिवृत्त हवलदार गिरीश चंद्र का छोटे पुत्र अविनाश यादव मई 2003 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में सियाचिन में उनकी तैनाती थी। यहां सेना के ऑपरेशन मेघदूत के दौरान आठ मार्च की देर शाम उनकी हालत बिगड़ गई। सेना के अधिकारियों के अनुसार उन्हें हार्टअटैक आया, जिसके चलते पहले उनका लेह स्थित अस्पताल में उपचार चला। सुधार न होने पर उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान 13 मार्च को उनका निधन हो गया। जैसे ही यह दुखद सूचना उनके परिवार और गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार की दोपहर जैसे ही सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। हजारों की संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और आसपास के लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। लोगों ने भारत माता की जय और शहीद अविनाश यादव अमर रहें के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। सेना के जवानों ने शहीद के शव को सशस्त्र सलामी दी। बेटे कर्तव्य यादव ने शहीद के शव को मुखाग्नि दी।
डीएम, एसपी सहित जन प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
शहीद सूबेदार अविनाश यादव के शव को गांव करुआमई नगरिया में आगरा से सेना के अधिकारी कैप्टन अनुभव सुमन और कैप्टन एसपी मन्हास के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी लेकर पहुंची। यहां श्रद्धांजलि देने वालों में भोगांव से भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, एसपी गणेश प्रसाद साहा, सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ग्रुप कैप्टन आरके शर्मा, नरेंद्र यादव व सैनिक कल्याण बोर्ड का स्टाफ मौजूद रहा।
ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा भी रहे अविनाश यादव
सूबेदार अविनाश यादव अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा रहे थे। भाई आलोक ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में अविनाश यादव सेना के ज्वाइंट ऑपरेशन के सदस्य थे। आलोक के आंसू नहीं थम रहे थे बार-बार वह यही कह रहे थे कि भाई हमेशा कहता था कि देश हित के लिए कभी पीछे नहीं हटूंगा और वह अपने कर्तव्य का पालन करते हुए शहीद हो गया।
मां से किया था 20 मार्च को छुट्टी पर आने का वादा
शहीद अविनाश की पत्नी साधना अपनी बेटी अंशिका यादव और बेटा कर्तव्य यादव उर्फ कृष्णा के साथ वर्तमान में जयपुर में निवास करते हैं। साधना दोनों बच्चों की वहां पढ़ाई करा रही थी। दो फरवरी को बेटी का झांसी में बीईएमएस में एडमिशन कराने के लिए अविनाश अपने बड़े भाई आलोक के साथ झांसी पहुंचे थे। इसी दौरान मां बीना देवी से फोन पर बात हुई तो अविनाश ने कहा था कि वह 20 मार्च को छुट्टी पर घर आएंगे। ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था दिए गए समय से पांच दिन पहले तिरंगे में लिपटकर अविनाश का शव गांव पहुंचा। मां बीना देवी बार-बार रो-रोकर यही कह रही थी कि बेटा तुम्हें तो 20 मार्च को घर आना था पांच दिन पहले कैसे आ गए।
फोटो परिचय- शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए अधिकारी व अन्य
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