Web News

www.upwebnews.com

ऑपरेशन दहन के तहत पुलिस ने करोड़ों के मादक पदार्थ किए नष्ट

May 12, 2026

ऑपरेशन दहन के तहत पुलिस ने करोड़ों के मादक पदार्थ किए नष्ट

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाये जा रहे “ऑपरेशन दहन” अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस द्वारा मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों का विधिवत निस्तारण किया गया। यह कार्रवाई थाना कोतवाली, दन्नाहार एवं थाना घिरोर पुलिस द्वारा संयुक्त रुप से की गई।
क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने कुल 129 अभियोगों से संबंधित लगभग 1472.436 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया। इनमें गांजा 1458.123 किलोग्राम, स्मैक 270 ग्राम, चरस 1257 ग्राम, डोडा 8.575 किलोग्राम, डायजापाम 3.596 किलोग्राम तथा हेरोइन 615 ग्राम शामिल है। इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ 68 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस विभाग के अनुसार न्यायालय के आदेशानुसार जब्त किए गए इन अवैध मादक पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, ज्योति रोड, घिरोर में निर्धारित मानकों के अनुरुप किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। सम्पूर्ण प्रक्रिया नगर क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार सिंह व डीसीआरबी प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार एवं गठित डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में पारदर्शिता के साथ संम्पन्न्न कराई गई। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

हत्या के 45 दिन बाद भी औंछा पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा, भटक रहा परिवार

मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र के ग्राम नगला कंचन निवासी एक परिवार ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनके पुत्र गौरव कुमार की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिस ने मामले में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की है। परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे हैं और न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
पीड़ित पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया कि उनका पुत्र गौरव कुमार नगला दुर्जन स्थित श्रीजी पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करता था। आरोप है कि होली के दिन 4 मार्च 2026 को दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोग पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद जब गौरव ने पैसे मांगे तो आरोपियों ने तमंचा निकालकर उसकी कनपटी पर लगा दिया और जान से मारने की धमकी दी। बताया गया कि उस समय गौरव ने चौकी पुलिस बुलाकर चारों लोगों को पकड़वा दिया था, जिसका वीडियो भी परिवार के पास मौजूद है।
परिजनों का आरोप है कि इसी घटना की रंजिश में 27 मार्च 2026 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से उसका मोबाइल फोन भी पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फायर आर्म इंजरी से मौत की पुष्टि होने का दावा परिवार कर रहा है।
परिवार का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामले में पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इतने गंभीर मामले को लगातार क्यों टाला जा रहा है।
अब परिवार ने पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा से मामले में  मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच करा कर परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

मासूम पर मौत बनकर गिरा आश्रम का गेट

मैनपुरी। शहर के खरगजीत नगर मोहल्ले में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पिता के साथ ऋषि आश्रम घूमने गए पांच वर्षीय मासूम आरव उर्फ शनी की लोहे का भारी गेट गिरने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के खरगजीत नगर निवासी शिव कुमार स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मी हैं। वह अपने बेटे आरव को साथ लेकर पास स्थित ऋषि आश्रम गए थे। आश्रम परिसर में कई बच्चे खेल रहे थे और आरव भी खेलते-खेलते अहाते में लगे लोहे के गेट के पास पहुंच गया। इसी दौरान अचानक भारी लोहे का गेट पिलर समेत मासूम के ऊपर पलट गया। बेटे की चीख सुनते ही पिता शिव कुमार दौड़ पड़े। आश्रम में मौजूद लोगों की मदद से किसी तरह गेट हटाकर बच्चे को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर पहुंचते ही मोहल्ले में भी मातम पसर गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पिता सदमे में दिखाई दिए। घटना की सूचना मिलने के बाद शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
मृतक के पिता शिव कुमार ने हादसे के पीछे निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गेट को सही तरीके से नहीं लगाया गया था। गेट में मजबूत पिलर और सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि सिर्फ ईंट और सीमेंट के सहारे उसे खड़ा कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान चली गई।
परिजनों का कहना है कि अगर गेट मजबूत तरीके से लगाया गया होता तो यह हादसा नहीं होता। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों के आरोपों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है

May 10, 2026

मैनपुरी पुलिस ने दबोचे तीन साइबर ठग

नौकरी इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग के नाम पर करते थे ठगी
मैनपुरी
साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नौकरी, ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर लोगों से ठगी करते थे। इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज थीं जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के पुरूलिया निवासी सौरभ बनर्जी की शिकायत सामने आई, जिसमें उनके एचडीएफसी बैंक खाते से साइबर ठगी की रकम निकाले जाने की जानकारी मिली थी।पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की, जिसमें मैनपुरी के कई खातों का इस्तेमाल सामने आया। इसी आधार पर साइबर सेल ने ग्राम गढ़िया जाने वाले रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रियांशू तोमर, अमन तोमर और अवनीश के रूप में हुई है, जो सभी थाना बेबर क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों से एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कई शिकायतें जुड़ी मिली हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित तरीके से देशभर के लोगों को नौकरी लगवाने, ऑनलाइन ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। ठगी से प्राप्त रकम को वे अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट लेते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 हजार 180 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इस मामले में थाना साइबर क्राइम मैनपुरी पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोग किसी भी लुभावने ऑफर, ऑनलाइन नौकरी, ट्रेडिंग:
या इनवेस्टमेंट के नाम पर बिना जांच-पड़ताल के पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

May 8, 2026

जिलाधिकारी ने 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन परियोजनाओं का किया स्थलीय निरीक्षण  

Mainpuri samachar UP Web News

Posted on 08.05.2026 Time 10.48 PM, Friday, News Source: DS Tiwari Correspondent UP Samachar Sewa, Manipuri

मैनपुरी।  जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने रु. 24.61 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन बहुद्देशीय हॉल, प्रेक्षागृह, सांस्कृतिक केंद्र एवं रू. 38 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन संग्रालय के कार्य का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था सी.एन.डी.एस. के सहायक परियोजना प्रबंधक को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता, मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता से फॉल सीलिंग कार्य में प्रयुक्त जीआई शीट, रबर वॉशर एवं जीआई वॉशर की गुणवत्ता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पॉइंट पर उच्च गुणवत्ता वाले रबर, जीआई वॉशर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, जिससे भविष्य में पानी के रिसाव एवं सीपेज की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होने कहा कि छोटे-छोटे ड्रिल होल से कुछ समय बाद पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे पूरी फॉल सीलिंग प्रभावित होती है, निर्माण कार्य में एंटी-रस्ट कोटिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, बिना उचित एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट एवं प्राइमर कोटिंग के लोहे की संरचनाओं में जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे संपूर्ण संरचना की मजबूती प्रभावित हो सकती है इसलिए लोहे के गाटर, सपोर्ट एवं फिक्सिंग पार्ट्स को पूर्ण एंटी-रस्ट ट्रीटमेंट के बाद ही स्थापित किया जाए, जिन हिस्सों में वेल्डिंग हुई है, वहां विशेष रूप से दोबारा एंटी-रस्ट कोटिंग करायी जाए।
       श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण में कुछ स्थानों पर टाई बार की असमान स्थिति एवं टेढ़े-मेढ़े एलाइनमेंट पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी टाई बार की पुनः जांच कर आवश्यकता अनुसार सुधार कराया जाए, टाई बार ही संपूर्ण भार को संतुलित एवं वितरित करने का कार्य करते हैं, इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी भविष्य में गंभीर संरचनात्मक समस्या उत्पन्न कर सकती है। उन्होने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अभियंता को आदेशित करते हुए कहा कि कार्य में केवल स्वीकृत एवं मानक गुणवत्ता की सामग्री का ही उपयोग किया जाए, किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो। उन्होने कहा कि निर्माण कार्य केवल वर्तमान उपयोग को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्थायित्व को ध्यान में रखते हुए किया जाए, सभागार में बैठने की क्षमता, दृश्यता को लेकर भी तकनीकी परीक्षण कराया जाये, अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को भी स्टेज स्पष्ट रूप से दिखाई दे, कुर्सियां लगाकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण कराया जाये यदि आवश्यक हो तो स्टेज की ऊंचाई, एलीवेशन में तकनीकी संशोधन कर दर्शकों के लिए बेहतर दृश्यता सुनिश्चित की जाए।
             उन्होने कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देश दिए कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मल्टीपर्पज उपयोग, वॉल पैनलिंग, ग्लास स्ट्रक्चर, पर्दा व्यवस्था एवं अन्य इंटीरियर कार्यों का समन्वित प्लान तैयार किया जाए, जिससे भवन उपयोगी, सुरक्षित एवं आकर्षक स्वरूप में विकसित हो सके। उन्होने कहा कि वीआईपी मूवमेंट एवं विशेष अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी रूम, प्रवेश मार्ग एवं संबंधित सुविधाओं हेतु वीआईपी रूम के आसपास उपलब्ध अतिरिक्त स्थान का बेहतर उपयोग किया जाये, उक्त क्षेत्र में सुव्यवस्थित पेंट्री एवं वॉशिंग एरिया विकसित किया जाए, जिससे आगंतुकों एवं विशिष्ट अतिथियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें साथ ही ग्रीन रूम, कलाकारों के चेंजिंग रूम तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी व्यवस्थित एवं कार्यात्मक बनाने के निर्देश दिए। उन्होने प्रेक्षागृह, बहुद्देशीय हॉल के निरीक्षण के दौरान पाया कि अनुबन्ध लागत् के सापेक्ष कार्यदायी संस्था को अब तक रू. 15 करोड़ अवमुक्त किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक रू. 14.50 करोड़ की धनराशि व्यय हो चुकी है, प्रस्तावित कार्य मुख्य भवन, ऑडिटोरियम एवं बहुद्देशीय हॉल का निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत 800 क्षमता का ऑडिटोरियम, साउण्ड सिस्टम, स्टेज लइटिंग, कर्टेन, स्टेप लाइटिंग, कार्पेट फ्लोरिंग, स्टेज पर बुडिंग फ्लोरिंग, जलापूर्ति, विद्युतीकरण एवं बहुद्देशीय हॉल सम्मिलित है, संग्रालय हेतु स्वीकृत रू. 38 करोड़ के सापेक्ष अब रू. 20 करोड़ अवमुक्त हो चुका है। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र सिंह, कार्यदायी संस्था के अभियंता आदि उपस्थित रहे।
« Newer PostsOlder Posts »