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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

June 3, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ

Posted on 03/06/2026
Time 14:40 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

किसान तकनीक व अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 3 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में आए परिवर्तन के कारण अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। किसान समाज व राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं। देश की सबसे अच्छी उर्वरा भूमि और सर्वाधिक सिंचित भूमि (86 फीसदी) यूपी में है। रबी-खरीफ व जायद की तीनों फसलों से किसानों को अच्छा दाम भी मिल रहा है। यह किसानों की मेहनत का परिणाम है कि यूपी का बीमारूपन दूर हुआ और राज्य समृद्ध बना। किसानों ने कृषि विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित गोरखपुर, आजमगढ़ व बस्ती की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता संगोष्ठी-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें ट्रैक्टर की चाबी व केसीसी प्रमाण पत्र प्रदान किए। संगोष्ठी का संचालन चारूशीला सिंह ने किया।
सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पहले किसान आत्महत्या पर मजबूर थे। 2005 से 2014 के बीच देश में अलग-अलग स्थानों पर अनगिनत किसानों ने आत्महत्या की थी। इसके पीछे भी त्रासदी थी, उनके लिए अच्छी क्वालिटी के बीज, उचित एमएसपी, आपदा से बचाव के उपयुक्त प्रबंध नहीं थे। लागत अधिक-उत्पादन कम था। यदि किसान ने मेहनत से अन्न उत्पादन किया भी तो उसके क्रय की उचित व्यवस्था नहीं थी।
सीएम ने कहा कि पहली बार कोई सरकार कह रही है कि जैसे हम अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए हेल्थ चेकअप करवाते हैं, ऐसे ही धरती माता के स्वास्थ्य का भी परीक्षण होना चाहिए। पीएम मोदी ने 2014 से अनिवार्य रूप से फ्री में सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना लागू हुईं। दलहन-तिलहन आयात में सरकार को लाखों-करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन किसानों को अच्छे बीज देकर दलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष अभियान प्रारंभ किया।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया गया, जिससे अन्नदाता किसान साहूकार के सामने हाथ नहीं फैलाए और न ही कर्ज से दबे। मंडी में व्यापक रिफॉर्म किया गया। प्रदेश में जब डबल इंजन सरकार आई तो उसने भी इसे मजबूती से बढ़ाया। किसानों के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए। 2017 में पहली कैबिनेट मीटिंग में कर्ज से दबे किसानों को राहत दी गई। फसल ऋण की विशेष योजना प्रारंभ की गई। प्रयास रहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुना दाम प्राप्त हो। जगह-जगह सरकारी क्रय केंद्र खोलकर उनकी उपज को खरीदा गया।

दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हुईं

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्रारंभ करने के साथ बाणसागर, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बुंदेलखंड आदि से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा कराया गया। 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सरकार निजी नलकूप में भी किसानों को फ्री बिजली देती है और इसके लिए 3000 करोड़ रुपये का भुगतान भी करती है।

यूपी ने खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को किया प्राप्त

सीएम ने कहा कि यूपी क्षेत्रफल में देश में चौथे स्थान पर है, इसके बावजूद खाद्यान्न, चीनी, एथेनॉल, आलू, सब्जी व दुग्ध का सर्वाधिक उत्पादन कर रहा है। सरकार के साथ किसानों की मेहनत का परिणाम सामने है। सरकार रबी, खरीफ के समय गोष्ठी के माध्यम से किसानों को बीज, तकनीक, शासन की योजनाओं के बारे में बताती है और उनके सुझावों/परेशानियों की जानकारी लेती है।

आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त करने का माध्यम बनेगा किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम बनेगा। सरकार का काम है कि किसान शोषण-अभाव से मुक्त हो, उसके सामने चुनौती न हो, उनके कार्यों में बाधाओं को हटाया जाए। उन्हें अच्छा बीज मिल सके, सुविधा संपन्न करने के साथ उन्हें मंडी से जोड़ा जाए और समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए। उत्तर प्रदेश में यह सब संभव हो पा रहा है। यूपी के पास देश की कुल कृषि योग्य भूमि में केवल 11 फीसदी भूमि है, लेकिन वह कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 फीसदी योगदान कर रहा है। यूपी की आबादी देश की कुल जनसंख्या का 16-17 फीसदी है। खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसलों में यूपी देश को लीड कर रहा है, इसके बावजूद कई चुनौतियां भी हैं।

परिजनों को 24 घंटे में पांच लाख की सहायता

सीएम ने कहा कि यूपी में किसानों, सह किसानों (बटाईदारों) व उनके पारिवारिक सदस्यों को भी किसी हादसे की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना का लाभ दिया गया है। इस पर सरकार हर वर्ष एक हजार करोड़ रुपये खर्च करती है। किसान अतिवृष्टि, अनावृष्टि, लू, आकाशीय बिजली, वन्यजीव संघर्ष का शिकार हुआ तो सरकार 24 घंटे के अंदर पांच लाख रुपये की सहायता परिवार को उपलब्ध कराती है।

लखनऊ में सीड पार्क, कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण जारी

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर लखनऊ में सीड पार्क तथा कुशीनगर में कृषि व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र उत्तम तकनीक व बीज की क्वालिटी के बारे में जानकारी के माध्यम बने हैं। इसके बाद भी बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। जितना किसानों ने उत्पादन बढ़ाया है, इसमें अभी लगभग तीन गुना और वृद्धि कर सकते हैं। हमें बीज की क्वालिटी, तकनीक और समय पर खेतीबाड़ी-फसल चक्र को अपनाना पड़ेगा। इससे उत्पादन बढ़ेगा। किसान इस दिशा में कार्य प्रारंभ करें।

सीएम ने चुनौतियों पर भी चर्चा की

सीएम ने चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि उत्पादन का पहला चरण यह है कि किसानों को सही बीज प्राप्त हों। सीएम ने क्वालिटी पर जोर देते हुए कहा कि कितना भी उत्पादन कर लें, यदि उत्पाद एक्सपोर्ट के लायक नहीं तैयार किया गया तो उचित मुनाफा नहीं होगा। आम का यहां 40-50 रुपये दाम मिलेगा, जबकि यूरोप, अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में 800 से 1000 रुपये मिलता है। कार्गो का दाम डेढ़ सौ-200 रुपये होगा, फिर भी 600 रुपये प्रति किलो की बचत होगी। इसके लिए क्वालिटी जरूरी है। सरकार ने कार्गो के सेंटर विकसित किए हैं। सीएम ने अपील की कि खाद्यान्न, सब्जी, औद्यानिक फसल आदि में न्यूनतम केमिकल-पेस्टिसाइड का प्रयोग करें।

किसान को पता है कि कब क्या करना है

सीएम ने निर्यात के मानकों पर खरा उतरने पर जोर देते हुए प्राकृतिक खेती (गो आधारित खेती) पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे गोमाता की रक्षा भी होगी और केमिकल-पेस्टिसाइट से भी खेती का बचाव होगा। यह लागत को कम करने का भी माध्यम हो सकता है। किसान स्वयं वैज्ञानिक है। उसे पता है कि कब क्या करना है, बस तारतम्यता से जोड़ने की तैयारी करें। अतिवृष्टि व अनावृष्टि से बचने के लिए अभी से मौसम विभाग द्वारा दिए जाने वाले बुलेटिन के अनुरूप फसल चक्र को तैयार करें। यह कार्य बढ़ेंगे तो किसान की आमदनी भी बढ़ेगी।

सीएम ने सहफसली खेती पर भी दिया जोर

सीएम ने फसल के विविधीकरण की चर्चा करते हुए गन्ना, सब्जियों के साथ ही सहफसली खेती पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पिछले वर्ष मैंने व कृषि मंत्री ने मध्य यूपी के कई जनपदों में जाकर देखा कि किसान ने जैसे ही गेहूं की फसल काटी, तत्काल मक्का की खेती प्रारंभ की। इससे उन्हें एक लाख रुपये प्रति एकड़ की बचत भी हो रही है।

पहले किसानों को नहीं मिलती थी सिंचाई, सुविधा और सुरक्षा

सीएम ने कहा कि पहले यूपी में सुरक्षा, सिंचाई, क्रय केंद्र समेत सरकारी सुविधाएं नहीं थीं तो किसान बमुश्किल एक से दो फसल करता था। अच्छे बीज नहीं मिल पाते थे। आज किसान तीन-तीन फसलें करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है। बिना टैक्स बढ़ाए सरकार ने एमएसपी के माध्यम से अच्छा पैसा दिया। 2016-17 में 300 रुपये गन्ना भुगतान था, आज 400 रुपये प्रति कुंतल दिया जा रहा है। तकनीक, अच्छी क्वालिटी के बीज अपनाएं, केमिकल-पेस्टिसाइड को न्यूनतम कर प्राकृतिक खेती पर जोर दें तो बेहतर लाभ मिलेगा।

किसानों को सही दिशा देगी खरीफ गोष्ठी

सीएम ने गोष्ठी की उपयोगिता पर बल दिया और कहा कि आत्मनिर्भर व विकसित भारत के लिए विकसित खेती आज की आवश्यकता है। किसान तीन फसलों का व्यापक पैमाने पर उत्पादन करता है। फसल चक्र से जुड़ी चुनौतियों का कैसे मुकाबला कर सकते हैं, इस पर ध्यान देना होगा। इस बार मानसून औसत से कम बताया जा रहा है। इसके लिए रणनीति तय होनी चाहिए। यह गोष्ठी किसानों को सही दिशा देगी। सीएम ने कोरोना के दौरान भी किसानों की ताकत का जिक्र किया।

इस दौरान कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने किया 208 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण

 

Posted on 03/06/2026
Time 14:45 P.M
GORAKHPUR
Santosh Kumar Singh

कहा- ‘अपराधियों के लिए जीरो टॉलरेंस’

​गोरखपुर: 03 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) में औद्योगिक विकास और जनसुविधाओं को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाते हुए 208 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन कर उद्यमियों को ‘प्लग एंड प्ले’ का बेहतरीन मॉडल सौंपा।
​सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं होगा। गरीबों का हक छीनने, व्यापारियों को धमकाने या बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को पाताल से भी खोजकर निकाला जाएगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा का माहौल होने के कारण ही आज यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
​गीडा बना रोजगार का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 9 वर्षों में गीडा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। यहाँ अब पेप्सिको, बिसलेरी जैसी बड़ी इकाइयाँ और नई डिस्टिलरी लग रही हैं। गीडा का विस्तार अब धुरियापार तक किया जा रहा है, जहाँ 7 हजार एकड़ में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बन रही है। उन्होंने कहा कि अकेले गीडा में ही 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
​एमएसएमई के लिए ‘फ्लैटेड फैक्ट्री’ क्रांतिकारी कदम
फ्लैटेड फैक्ट्री को छोटे उद्यमियों (MSME) के लिए वरदान बताते हुए सीएम ने कहा कि अब जिनके पास जमीन खरीदने का पैसा नहीं है, वे भी सीधे आकर यहाँ उत्पादन शुरू कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कामगारों के लिए निर्मित ईडब्ल्यूएस (EWS) और एलआईजी (LIG) आवासीय परिसरों का उद्घाटन कर श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के पास ही किफायती आवास की सौगात दी।
​भावुक पल: अन्नप्राशन और गोदभराई
विकास कार्यों के उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री ने एक मानवीय चेहरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने मासूम बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और उन्हें दुलारते हुए खिलौने भेंट किए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं की ‘गोदभराई’ रस्म पूरी कर उन्हें पोषण पोटली भी वितरित की।
​इस अवसर पर सांसद रवि किशन, विधायक प्रदीप शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

June 2, 2026

गोरखपुर के पर्यटन मानचित्र पर चमका ‘चिलूवाताल

Posted on 2/06/2026
Time 19:35 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

20.35 करोड़ की परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण

​गोरखपुर। 2 जून 2026 ( उप्र समाचार सेवा) शहर के उत्तरी क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में, चिलूवाताल अब पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। रामगढ़ ताल की तर्ज पर विकसित किए गए इस नए पर्यटन स्थल का विधिवत लोकार्पण किया गया। 20.35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटन की नई संभावनाएं खुल गई हैं।
​अब तक शहर में पर्यटन के लिए मुख्य रूप से रामगढ़ ताल का ही नाम लिया जाता था, लेकिन चिलूवाताल के विकास के साथ ही अब उत्तरी क्षेत्र के पर्यटकों को भी नौकाविहार और अन्य मनोरंजक सुविधाओं का लाभ उनके घर के पास ही मिल सकेगा। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल सौंदर्यकरण करना है, बल्कि इसे एक व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाना भी है।
​लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने भजन संध्या भवन का निरीक्षण किया और परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। चिलूवाताल लगभग 400 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष यहां आने वाले साइबेरियन पक्षी इस स्थान को पर्यटकों के लिए और भी अधिक आकर्षक बना देते हैं।
​प्रशासन का मानना है कि चिलूवाताल का यह कायाकल्प क्षेत्र के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
​गोरखपुर के पर्यटन मानचित्र पर चिलूवाताल की यह नई पहचान न केवल शहर की खूबसूरती में चार चांद लगाएगी, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट और सुकून का केंद्र भी बनेगा।

May 29, 2026

दुकान में 2 करोड़ के गबन का आरोपी गिरफ्तार, कूटरचना कर दिया था घटना को अंजाम

Posted on 29/05/2026
Time 19:30 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर: 29 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) कैंट पुलिस ने दुकान में बतौर कर्मचारी काम करते हुए लाखों-करोड़ों का गबन करने वाले एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना कैंट में एक मामला (मु0अ0सं0 03/2026) दर्ज किया गया था। आरोप है कि दुकान में काम करने वाले आरोपियों ने वहां कैशियर और सेल्समैन की भूमिका निभाते हुए बिलों में बड़े स्तर पर कूटरचना (फर्जीवाड़ा) की। इस जालसाजी के जरिए उन्होंने दुकान मालिक को करीब 02 करोड़ रुपये का चूना लगाया और गबन की घटना को अंजाम दिया।

अपराधों पर अंकुश लगाने और फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। स0पु0अ0/क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक कैण्ट के नेतृत्व में उ0नि0 गिरीश मिश्रा की टीम ने दबिश देकर वांछित आरोपी रवि प्रताप विश्वकर्मा पुत्र राजाराम विश्वकर्मा, निवासी- ग्राम रामपुर जंगल छितौनी, थाना हनुमानगंज, जनपद कुशीनगर को गिरफ्तार कर लिया।

इस बड़े गबन के मामले में पुलिस अब तक कुल 03 लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि इस मामले से जुड़े 02 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (भा0न्या0सं0) की धारा 306, 316(4), 319(2), 352, 351(3), 338 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 65, 66ग और 66घ के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

May 28, 2026

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग पर बड़ी कार्रवाई, 18 सीनियर छात्र सस्पेंड, लगा भारी जुर्माना

Posted on 28/05/2026
Time 19:25 P.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर: 28 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा) बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 2025 बैच के जूनियर छात्रों को प्रताड़ित करने के आरोप में कॉलेज प्रशासन ने 18 सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है और उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

​शिकायत के अनुसार, 12 से 14 मई की रात राजेंद्र हॉस्टल में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित छात्रों ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्र अक्सर हॉस्टल में आकर उन्हें घंटों तक जबरन खड़ा रखते हैं, उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और उन्हें डराते-धमकाते हैं।

​यह गंभीर मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित छात्रों ने नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) और यूजीसी (UGC) को ईमेल के जरिए लिखित शिकायत भेजी। ईमेल में रैगिंग करने वाले 18 छात्रों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज थे। इस शिकायत के बाद NMC ने कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

NMC के सख्त निर्देशों के बाद प्रिंसिपल डॉ. रामकुमार जायसवाल की अध्यक्षता में एंटी-रैगिंग कमेटी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। घटना की पुष्टि होने और पूछताछ के बाद प्रशासन ने दोषी पाए गए 18 सीनियर छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज से सस्पेंड कर दिया गया। इनमें 2024 बैच के 10 छात्र, तथा 2023 और 2022 बैच के छात्र शामिल हैं। प्रत्येक दोषी छात्र पर 25,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। इसी मामले में सीनियरों का साथ देने वाले 5 अन्य छात्रों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वहीं, दो रेजिडेंट छात्राओं को चेतावनी नोटिस (Warning Notice) जारी किया गया है।
कॉलेज प्रशासन ने सभी आरोपी छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर उन्हें सख्त हिदायत दी है और चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
​बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संस्थान में रैगिंग के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और छात्रों के अनुशासन व सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ​

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