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खून का प्यासा हुआ बड़ा भाई, अवैध संबंध के शक में छोटे भाई को मारी गोली

May 15, 2026

खून का प्यासा हुआ बड़ा भाई, अवैध संबंध के शक में छोटे भाई को मारी गोली

Posted on 15/05/2026
Time 11:26 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर | 15 मई, 2026 ( उप्र समाचार सेवा)
​गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी बड़े भाई ने अपनी ही पत्नी के साथ अवैध संबंध के शक में अपने छोटे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने छोटे भाई को गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भाई को हिरासत में ले लिया है।

​मिली जानकारी के अनुसार, बेलीपार इलाके के एक गांव में रहने वाले बड़े भाई को काफी समय से यह शक था कि उसके छोटे भाई के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं। इसी बात को लेकर घर में अक्सर कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी रहती थी। ​बृहस्पतिवार की देर रात विवाद इतना बढ़ गया कि आवेश में आकर बड़े भाई ने अवैध असलहे से छोटे भाई पर फायर झोंक दिया। गोली की आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।

​गोली लगने से लहूलुहान छोटे भाई को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
​घटना की सूचना मिलते ही बेलीपार पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी बड़े भाई रोशन को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल किया गया असलहा भी बरामद करने की कोशिश शुरू कर दी है।

​इस संबंध मे सीओ बांसगांव का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद और शक का लग रहा है। घायल की हालत पर नजर रखी जा रही है और तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मैगी और तरबूज का ‘कॉम्बिनेशन’ पड़ा भारी, एक ही परिवार के 11 लोग अस्पताल में भर्ती

Posted on 15/05/2026
Time 9:45 A.M
Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

​गोरखपुर | 15 मई, 2026 ( उप्र समाचार सेवा)
​गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव में बुधवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ही परिवार के 11 सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि परिवार ने रात में पहले मैगी खाई और उसके तुरंत बाद तरबूज का सेवन किया, जिसके कुछ ही देर बाद सभी की हालत खराब होने लगी।

​मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात मलाव गांव के एक परिवार ने घर में मैगी बनाई थी। मैगी खाने के कुछ ही देर बाद गांव में साइकिल पर तरबूज बेच रहे एक फेरीवाले से उन्होंने तरबूज खरीदा और उसका सेवन किया। तरबूज खाने के चंद मिनटों बाद ही परिवार के सदस्यों को, ​तेज उल्टी और दस्त, ​जी मिचलाना, ​सांस लेने में तकलीफ, ​जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं। एक साथ 11 लोगों की हालत बिगड़ते देख गांव में अफरा-तफरी मच गई।

​परिजन आनन-फानन में सभी बीमार सदस्यों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया और सभी को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने के कारण सभी मरीज फिलहाल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

​अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक दृष्टि में यह फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) का मामला लग रहा है। हालांकि, इसकी सटीक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
​मैगी (कार्बोहाइड्रेट और मसाले) के तुरंत बाद तरबूज (साइट्रस और पानी की अधिकता) का सेवन पेट में रिएक्शन कर सकता है। गर्मी के मौसम में खान-पान में बरती गई जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।

May 14, 2026

रामगढ़ताल की लहरों पर बेटियों का दमखम

Posted on 14/05/2026
Time 17:13 P.M
GORAKHPUR
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर में अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग का आगाज़

​गोरखपुर 14 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा ) : गोरखपुर शहर का प्रसिद्ध रामगढ़ताल इन दिनों देश की बेटियों के जोश और चप्पू की गूँज से सराबोर है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित पाँच दिवसीय अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग में देशभर से आई महिला खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और साहस का परिचय दे रही हैं।

​इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न कोनों से 16 टीमें और लगभग 275 महिला खिलाड़ी शिरकत कर रही हैं। सुबह से ही ताल के शांत पानी को चीरती नौकाएं और खिलाड़ियों के बीच का अद्भुत तालमेल दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूर्वांचल के इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर महिला रोइंग प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है, जिससे स्थानीय खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।

​प्रतियोगिता को और भी प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भारी भरकम पुरस्कार राशि रखी गई है । ​कुल पुरस्कार राशि: ₹26,32,500 की विशाल राशि खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए तय की गई है। ​प्रथम पुरस्कार प्रत्येक वर्ग में विजेता टीम को ₹1,55,500 दिए जाएंगे , दूसरे स्थान के लिए ₹1,45,500 और तीसरे स्थान के लिए ₹1,35,500 निर्धारित हैं। ​यहाँ तक कि आठवें स्थान तक आने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कार राशि (₹50,000) प्रदान की जाएगी।

​यह लीग महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यह प्रतियोगिता 12 से 16 मई तक संचालित की जा रही है।
​भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सहयोग से इसका आयोजन रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन और खेल विभाग इस आयोजन को प्रशासनिक और बुनियादी समर्थन दे रहे हैं।

​“अस्मिता” नाम की यह पहल न केवल महिला खिलाड़ियों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रही है, बल्कि पूर्वांचल की बेटियों के लिए खेल की दुनिया में नई राहें भी खोल रही है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से जमीनी स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को नई पहचान मिलेगी।

अनोखा है गीता प्रेस का मुख्य द्वार, यहां एक साथ होते हैं अनेक तीर्थों के दर्शन

Posted on 14/05/2026 Time 12.57 P.M Gorakhpur
Santosh Kumar Singh

गोरखपुर, 14 मई 2026 ( उप्र समाचार सेवा )
गीताप्रेस के मुख्य द्वार पर कई तीर्थों के दर्शन एक साथ हो जाते हैं। दुनिया में ऐसा कोई दूसरा द्वार नहीं है जिसमें एक साथ इतने तीर्थ के दर्शन हो सके। चारों दिशाओं से यह द्वार अनूठा दिखता है। वैसे तो गीता प्रेस की ख्याति उसकी पुस्तकों की वजह से पूरे विश्व में है, लेकिन जो लोग गीता प्रेस आते हैं वह इसके मुख्य द्वार के सामने शीश नवाना नहीं भूलते हैं।

गीता प्रेस के मुख्य द्वार पर हिंदू के साथ बौद्ध, जैन एवं सिख धर्मों के पूजा स्थलों का समावेश है। गीता प्रेस का प्रवेश द्वार भूमि से शिखर तक 13 मीटर ऊंचा है। इसकी चौड़ाई 12 मीटर है। यह द्वार खंडों में बनाया गया है। प्रथम खंड में भूमि पर स्थित खंभे हैं, जो दक्षिणभारत के सुप्रसिद्ध गुफा मंदिर, एलोरा के खंभों के आधार पर बने हैं। इसी खंड के ऊपर प्रेस का नाम तथा स्थापना काल हिंदी एवं अंग्रेजी में लिखा गया है।

दूसरा खंड द्वार का मुख्य खंड है। द्वार का मुख्य आकर्षण इस खंड पर बना संगमरमर से बनाया चार घोड़ों का रथ है, जिस पर भगवान श्रीकृष्ण एवं अर्जुन विराजमान हैं। इस रथ का वजन लगभग 15 कुंतल है। यह मूर्ति जयपुर से बनवाकर मंगाई गई थी। तीसरे खंड में चंद्रमा के चित्र के साथ तमाम मंदिरों के दर्शन होते हैं।

गीता प्रेस के मुख्य द्वार में अजंता जलगांव, एलोरा औरंगाबाद, दक्षिणेश्वर कोलकाता, काशी विश्वनाथ वाराणसी, द्वारिकाधीश मंदिर मथुरा, जगन्नाथ मंदिर पुरी उड़ीसा, लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर, श्रीराम जानकी मंदिर जनकपुर, सूर्य मंदिर कोणार्कं, मीनाक्षी मंदिर मदुरा, स्वर्ण मंदिर अमृतसर, खजुराहो, सांची, आबू राजस्थान, महाकाल उज्जैन, केदारनाथ उत्तराखंड, बुद्ध गया बिहार के दर्शन लोगों को होते हैं।

फरियादियों की समस्याएं सुनकर डीएम ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

Santosh Kumar Singh Gorakhpur
13/05/2029

गोरखपुर। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधित मामलों, पेंशन, आवास, बिजली, जलनिकासी, सड़क तथा अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं।
जिलाधिकारी ने एक-एक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम दीपक मीणा ने यह भी निर्देशित किया कि जिन मामलों में जांच की आवश्यकता है, उनमें पारदर्शिता के साथ जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित न्याय और राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए और शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए। साथ ही फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी स्वयं पहल करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

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