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आगरा में सेना का हवलदार रहस्यमय ढंग से लापता, 4 दिन से बंद है मोबाइल, दोस्त ने पुलिस से लगाई गुहार

July 17, 2026

आगरा में सेना का हवलदार रहस्यमय ढंग से लापता, 4 दिन से बंद है मोबाइल, दोस्त ने पुलिस से लगाई गुहार

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

#Agra News Posted on 17.07.2026 Time 08.49 PM, Friday

आगरा। आगरा में सेना के एक हवलदार के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। सेना में तैनात हवलदार कुलदीप कुमार बीते चार दिनों से लापता हैं। बताया जा रहा है कि वह 10 जुलाई को दिल्ली से आगरा आए थे और उन्हें आगरा कैंट स्थित पैरा सेंटर पहुंचना था। हालांकि, इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लग सका है।

परिजनों और दोस्तों के मुताबिक, कुलदीप कुमार का मोबाइल फोन पिछले चार दिनों से बंद आ रहा है। उनसे किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिवार और करीबी लोग बेहद चिंतित हैं। हवलदार के एक दोस्त ने मामले में मदद की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद आगरा पुलिस कमिश्नरेट हरकत में आ गया है। पुलिस अधिकारियों ने सदर बाजार थाना पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस हवलदार के आगरा आने, उनके संभावित ठिकानों और आखिरी लोकेशन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने परिजनों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके पास कुलदीप कुमार से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी, दस्तावेज या हालिया संपर्क विवरण हो तो उसे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि उनकी तलाश में तेजी लाई जा सके। फिलहाल, पुलिस विभिन्न तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच कर रही है। हवलदार के अचानक लापता होने की घटना ने परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ा दी

भूजल संरक्षण महज सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी -जिलाधिकारी

#Agra News Posted on 17.07.2026 Time 08.45 PM Friday

—हरी झंडी दिखाकर ‘भूजल सप्ताह’ का किया शुभारंभ, कलेक्ट्रेट से प्रचार वाहन किया रवाना,२२तक भूजल सप्ताह

आगरा। जिलाधिकारी गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन को लेकर भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय 16 से 22 जुलाई तक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण सरकार की ही नहीं हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

“जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” थीम पर केंद्रित अभियान ग्रामीण , शहरी क्षेत्रों में जिले की सभी पंचायतों, नगरीय निकायों सभी विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा।
अभियान में नगर निगम, एडीए,विकास विभाग, पंचायती राज, लघु सिंचाई, सिंचाई, जल निगम, कृषि विभाग, उद्यान, बेसिक एवं माध्यमिक , उच्च शिक्षा तथा नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान का संचालन किया जाएगा

जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि यदि वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्भरण सुनिश्चित किया जाए तो भविष्य में जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन करने के निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 और 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव नोडल अधिकारी रहेंगे। विद्यालयों में जल संरक्षण विषय पर शपथ ग्रहण, निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।

18 और 19 जुलाई को विकास खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 20 और 21 जुलाई को नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान का समापन 22 जुलाई को जिला स्तरीय आयोजन के साथ होगा।
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल स्रोतों के संरक्षण, पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और भूजल रिचार्ज की तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

वरिष्ठ भू-भौतिकविद शशांक शेखर ने बताया कि शासन की कार्ययोजना के अनुरूप भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनभागीदारी के साथ अभियान चलाया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधनों की मजबूत नींव तैयार हो सके।

जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील जारी कर कहा कि “जल है तो कल है – भूजल बचाएं-जीवन बचाएं।”भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की भू-जल संरक्षण, संवर्धन एवं वर्षा जल संचयन का विषय सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हमारा जनपद भी कृषि, पेयजल एवं औद्योगिक आवश्यकताओं हेतु बड़े स्तर पर भूजल पर निर्भर है। वर्ष 2025 की भूजल संसाधन आंकलन के अनुसार 08 विकास खण्ड व आगरा शहर अतिदोहित, 03 विकास खण्ड क्रिटिकल एवं 04 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत हैं।

भूजल हम सबकी साझा धरोहर है। इसे बचाना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आइए, हम सब मिलकर इस संकल्प को साकार करें और अपने जनपद को जल-सुरक्षित बनाएं।

बुलंदशहर में सिपाही की आत्महत्या पर परिजनों का आगरा में हंगामा, वायरल ऑडियो से मचा बवाल

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#Agra News Posted on 17.07.2026, Time 08.41 PM, Friday

दोषियों पर पहले मुकदमा दर्ज करो, तभी होगा अंतिम संस्कार’

आगरा 17 July 2026। इरादतनगर के सिंगेचा गांव में सिपाही सुधीर सिंह का शव पहुंचा तो परिजनों ने दोषियों पर मुकदमे की मांग को लेकर हंगामा किया। मौके पर मौजूद ग्रामीण और उन्हें समझाते पुलिस अधिकारी।

आगरा के गांव सिंगेचा, थाना इरादतनगर निवासी 25 वर्षीय सुधीर सिंह वर्ष 2025 बैच के सिपाही थे और पिछले करीब तीन माह से बुलंदशहर के औरंगाबाद थाने में तैनात थे। बुधवार रात उनकी ड्यूटी लखावटी पुलिस चौकी के बैरियर पर लगी थी। उनके साथ सिपाही सौरभ शर्मा भी ड्यूटी पर मौजूद थे।

बताया गया कि देर रात सुधीर सिंह की किसी परिचित से फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद वह करीब तीन बजे लखावटी मध्य गंग नहर की पटरी पर पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे साथी सिपाही सौरभ शर्मा भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान सुधीर सिंह ने पहले सर्विस राइफल से हवाई फायर किया। सौरभ शर्मा तत्काल चौकी पहुंचकर पुलिस को सूचना देने चले गए। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सुधीर सिंह ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गर्दन में लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

—–शव गांव पहुंचते ही फूट पड़ा परिवार का दर्द

पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सुधीर सिंह का शव उनके पैतृक गांव सिंगेचा पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह बार-बार यही कहती रहीं, मेरा बेटा मुझे लौटा दो। परिजनों ने अंतिम संस्कार से साफ इनकार करते हुए मांग रखी कि पहले आत्महत्या के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाते रहे। पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह भी गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीजीपी से भी बात की गई है।

—-वायरल ऑडियो में प्रताड़ना के आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में सुधीर सिंह स्वयं को प्रताड़ना का शिकार बताते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में वह कह रहे हैं कि 13 जुलाई को उनके पेट में तेज दर्द था और उन्होंने इसकी जानकारी मुंशी अंकित गुर्जर को दी थी, लेकिन उनकी छुट्टी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अपनी समस्या थाना प्रभारी राहुल चौधरी को बताई तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

ऑडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रताड़ना से तंग आकर वह “इस नौकरी और जिंदगी से त्यागपत्र दे रहे हैं।” ऑडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है, जो उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

—एसएसपी ने की त्वरित कार्रवाई

वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राहुल चौधरी, मुंशी अंकित गुर्जर और मुंशी सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

July 14, 2026

कैंट स्टेशन कांड पर देशभर में हंगामा, रेलकर्मी सड़कों पर उतरे, आरपीएफ के खिलाफ खोला मोर्चा

–पीडित डिप्टी एस एस की पत्नी ने दी आत्मदाह की धमकी,बहन रेलवे ट्रैक पर बैठी

आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र चाहर के साथ कथित मारपीट और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटने का मामला अब पूरे देश में तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को आगरा, मथुरा, कोटा, झांसी और दिल्ली समेत देश के करीब 30 शहरों में रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रेलकर्मियों ने दोषी जवानों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

सुबह करीब साढ़े दस बजे आगरा में डीआरएम कार्यालय के बाहर सैकड़ों रेलकर्मी एकत्र हुए। प्रदर्शन में स्टेशन मास्टर्स, रेलवे कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं। कर्मचारियों ने “आरपीएफ मुर्दाबाद”, “गुंडागर्दी बंद करो” और “दोषियों को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान डीआरएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया था। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे रेलकर्मियों और आरपीएफ कर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि आरपीएफ के कुछ जवान आए दिन रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि अगर इस घटना में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि रविवार को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद ट्रेन को रोकने के मुद्दे पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद आरपीएफ के कुछ जवानों ने डीएसएस नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई। आगरा मंडल ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों से रेलवे संगठनों ने इस घटना का विरोध शुरू कर दिया। जो कर्मचारी आगरा नहीं पहुंच सके, उन्होंने अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

—-किए जा चुके हैं चार आरपीएफ जवान निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और कॉन्स्टेबल बदन सिंह तथा जितेंद्र को निलंबित कर दिया है। घटना की जांच जारी है और रेलवे प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अब तक इस विरोध-प्रदर्शन का रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

July 12, 2026

यूपी में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, 58 लाइसेंस रद्द, 9 एफआईआर

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

News Posted on 12.07.2026 Time 07.34 PM, Lucknow, Agra, Madicine Market, Dr Roshan Jaicab IAS

  • एफएसडीए आयुक्त के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने 13 फर्मों पर मारे एक साथ छापे, अंतरराज्यीय नेटवर्क का हुआ खुलासा
  • बड़ी कार्रवाई के दौरान 14 संचालकों पर 3 नई एफआईआर, अब तक 58 थोक लाइसेंस निरस्त/निलंबित
  • सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, नकली दवाएं, फर्जी बिलिंग और री-लेबलिंग का संगठित नेटवर्क बेनकाब
  • अब तक हुई कार्रवाई में कुल 9 मुकदमे दर्ज और ₹3.63 करोड़ की दवाएं जब्त
  • एफएसडीए अब अवैध वसूली करने वालों पर भी कस रहा शिकंजा

लखनऊ/आगरा, 11 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आगरा में अब तक की सबसे बड़ी और सबसे निर्णायक कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संगठित दवा सिंडिकेट की परतें खोल दी हैं।

एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में 15 ड्रग इंस्पेक्टरों की विशेष टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर नकली दवाओं, सरकारी अस्पतालों की जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी, फर्जी बिलिंग, अवैध री-लेबलिंग, फिजीशियन सैंपलों की बिक्री और अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के बाद 14 संचालकों के खिलाफ तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या 9 और निरस्त अथवा निलंबित थोक लाइसेंसों की संख्या 58 पहुंच गई है।

15 ड्रग इंस्पेक्टरों ने एक साथ मारे छापे
आयुक्त डॉ रोशन जैकब के नेतृत्व में गठित 15 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने आगरा के कम्बूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार (शू मार्केट), कृष्णा कॉम्प्लेक्स, नवबिया मार्केट और कोतवाली क्षेत्र में एक साथ कार्रवाई की। जिन 13 फर्मों पर छापेमारी हुई उनमें मोहन ट्रेडर्स (कम्बूटोला), मनी मेडिकल (मुबारक महल), नीलकंठ (कृष्णा कॉम्प्लेक्स), वंश फार्मा (कम्बूटोला), प्रशांत मेडिकल (कम्बूटोला), पोरवाल मेडकेयर (शू मार्केट), एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस (मुबारक महल), डॉली ड्रग हाउस (कम्बूटोला), मनु फार्मा (कोतवाली के सामने), आरडीएम फार्मास्युटिकल्स (नवबिया मार्केट), इनाया फार्मा (कम्बूटोला) और नूर फार्मा (कम्बूटोला) शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान मोहन ट्रेडर्स और मनी मेडिकल के परिसरों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि नीलकंठ, कृष्णा कॉम्प्लेक्स स्थित प्रतिष्ठान और मनु फार्मा पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 22(1)(d) के तहत रोक लगा दी गई। टीम ने मौके से 35 संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए।

विभोर मेडिकल एजेंसी से खुला नकली दवाओं का अंतरराज्यीय नेटवर्क

एफएसडीए की ताजा जांच टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की Chymoral Forte और Shelcal के नकली होने संबंधी शिकायत से शुरू हुई। 7 नवंबर 2025 को अंशिका फार्मा के मालिक मनोज गुप्ता की जांच में पता चला कि उन्होंने Chymoral Forte की खेप विभोर मेडिकल एजेंसी से खरीदकर पाल ब्रदर्स (कोलकाता) को बेची थी। विभोर मेडिकल एजेंसी के प्रो. संजीव कुमार गुप्ता के यहां जांच में खरीद के बिल फर्जी मिले। उन्होंने दवाएं गुप्ता मेडिकल एजेंसी (गोरखपुर) और हर्षित ट्रेडर्स (आगरा) से खरीदने का दावा किया, लेकिन दोनों फर्मों ने इससे इनकार कर दिया।

वहीं वरदान मेडिकल एजेंसी में “ESI SUPPLY NOT FOR SALE” अंकित दवाएं मिलीं और लैब जांच में Chymoral Forte अधोमानक तथा ACILOC नकली पाई गई, जिसकी टोरेंट फार्मा ने भी पुष्टि की। पूछताछ में अंकुर अग्रवाल ने स्वीकार किया कि उसने नकली दवाएं संजीव कुमार गुप्ता से बिना वैध बिल के खरीदी थीं। जांच में विभोर मेडिकल एजेंसी, वरदान मेडिकल एजेंसी, हर्षित ट्रेडर्स, गुप्ता मेडिकल एजेंसी और पाल ब्रदर्स का अंतरराज्यीय सिंडिकेट सामने आने पर संजीव कुमार गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, प्रियंका बंसल, अरुण कुमार गुप्ता और पाल ब्रदर्स के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 276, 277, 278, 316 और 318 में एफआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

अस्पताल की दवाओं की री-लेबलिंग से लेकर फर्जी बिलिंग तक, कई परतों में खुला सिंडिकेट

एफएसडीए की जांच में अस्पताल और सरकारी आपूर्ति की जीवनरक्षक दवाओं की री-लेबलिंग, फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 21 मई को युग फार्मा के प्रो. सचिन गुप्ता के यहां बिना कोल्ड-चेन रखे इंसुलिन इंजेक्शन और री-लेबलिंग मिली। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई शारदा फार्मा के शिवम गुप्ता और आरएमडी फार्मा के राजेश गुप्ता तक पहुंची, जिसके बाद तीनों फर्में सील कर दी गईं। बाद में शारदा फार्मा के सीसीटीवी में नबील खान और सोनू बघेल संदिग्ध दवाएं हटाते दिखे। एसटीएफ गाजियाबाद की पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे मोहित गुप्ता (महादेव फार्मा) से अस्पताल व सरकारी आपूर्ति की दवाएं बिना बिल खरीदकर उन पर लगी ‘Not for Sale’ पहचान हटाकर फर्जी लेबल और नई एमआरपी के साथ बाजार में बेचते थे। इस मामले में सचिन गुप्ता, शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, राजेश गुप्ता, मोहित गुप्ता और हितेन्द्र अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं 1 से 3 जुलाई की जांच में वी.ए. मेडिकोज में Jardiance, Telma-H, Thyrox और Gluconorm PG-2 जैसी दवाओं की री-लेबलिंग, नकली Telma-H और फर्जी खरीद बिल मिले। शोभित अग्रवाल ने दवाएं लाइसेंस निरस्त हो चुके हर्षित ट्रेडर्स से लेने की बात स्वीकार की, जबकि जांच में वरदान मेडिकल एजेंसी के पुराने बिलों से करीब ₹1.88 करोड़ की फर्जी बिलिंग, अंकुर अग्रवाल द्वारा संजीव गुप्ता (विभोर मेडिकल एजेंसी) से बिना बिल नकली दवाएं खरीदने और सबूत मिटाने के प्रयास का खुलासा हुआ। साथ ही मोहित बंसल (रुद्रा एंटरप्राइजेज) और प्रवीण अग्रवाल (श्री भगवती मेडिकल एजेंसी, मथुरा) द्वारा फर्जी बिल, UP-80 EL-0069 वाहन व ऑटो-रिक्शा के जरिए नकली दवाओं को वैध दिखाने का खेल सामने आया। इसके आधार पर वी.ए. मेडिकोज, शोभित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मोहित बंसल और प्रवीण अग्रवाल समेत संबंधित आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

₹3.63 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त, कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की परतें खुलीं

एफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आगरा में नकली और अवैध दवा कारोबार के खिलाफ मई 2026 से लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक ₹3.63 करोड़ से अधिक मूल्य की नकली, अवैध तथा सरकारी और डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट की आर्थिक और आपराधिक श्रृंखला को तोड़ने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि पूरे अभियान के दौरान अनियमितताओं और अवैध कारोबार में संलिप्तता पाए जाने पर अब तक 58 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस निरस्त अथवा निलंबित किए जा चुके हैं। इस सिंडिकेट के खिलाफ पहले ही 6 नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। अब 10 जुलाई की कार्रवाई के आधार पर तीन नई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आगरा के कोतवाली फव्वारा थाने में तहरीर दी गई है। इसके साथ ही पूरे अभियान में दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नकली दवाओं, अवैध री-लेबलिंग, फिजिशियन सैंपलों की कालाबाजारी और अंतरजनपदीय मूवमेंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके अलावा विभाग को ड्रग एसोसिएशनों द्वारा कुछ दवा व्यापारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं। आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि जांच में किसी व्यापारी के आर्थिक शोषण की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एक्सटॉर्शन का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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