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तहसील दिवस के दौरान आई 139 शिकायतें में से 19 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण

July 18, 2026

तहसील दिवस के दौरान आई 139 शिकायतें में से 19 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण

 

आगरा। तहसील सदर में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस मौके पर आई 139 शिकायतों में से केवल 39 का ही तत्काल प्रभाव से निस्तारण किया गया।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्धारित समय सीमा के अंदर गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों को राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करने के उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण करने के साथ-साथ सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता से संपर्क करें तथा उनसे वार्ता कर शिकायत को निस्तारण कराना सुनिश्चित करें, साथ ही स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण होने के बाद शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए, जिससे उनको भी निस्तारण स्थिति का पता चल सके और निस्तारण आख्या में सम्पूर्ण घटनाक्रम को अंकित करते हुए पोर्टल पर अपलोड की जाए।
तहसील दिवस के दौरान कुल 139 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिसमें से 19 शिकायतों का मौके पर ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा तत्काल निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों में मुख्यतः विद्युत, पेंशन, राशन, भूमि विवाद, चकरोड निर्माण/अतिक्रमण, नाली निर्माण, अवैध अतिक्रमण आदि से सम्बन्धित थीं, जो कि 42 राजस्व विभाग, 28 पुलिस विभाग, 18 नगर निगम, 09 आगरा विकास प्राधिकरण, 04 विकास खंड, 01 शिक्षा विभाग, 08 टोरेंट पावर/ विद्युत, तथा 29 अन्य से सम्बंधित शिकायतें प्राप्त हुई।
संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, डीसीपी सैयद अली अब्बास, उप जिलाधिकारी सदर विक्रम सिंह राघव, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार, नायब तहसीलदार प्रियंका चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी श्री विनोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।

July 17, 2026

आगरा में सेना का हवलदार रहस्यमय ढंग से लापता, 4 दिन से बंद है मोबाइल, दोस्त ने पुलिस से लगाई गुहार

UP Web News

यूपी वेब न्यूज

#Agra News Posted on 17.07.2026 Time 08.49 PM, Friday

आगरा। आगरा में सेना के एक हवलदार के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। सेना में तैनात हवलदार कुलदीप कुमार बीते चार दिनों से लापता हैं। बताया जा रहा है कि वह 10 जुलाई को दिल्ली से आगरा आए थे और उन्हें आगरा कैंट स्थित पैरा सेंटर पहुंचना था। हालांकि, इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लग सका है।

परिजनों और दोस्तों के मुताबिक, कुलदीप कुमार का मोबाइल फोन पिछले चार दिनों से बंद आ रहा है। उनसे किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे परिवार और करीबी लोग बेहद चिंतित हैं। हवलदार के एक दोस्त ने मामले में मदद की गुहार लगाते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद आगरा पुलिस कमिश्नरेट हरकत में आ गया है। पुलिस अधिकारियों ने सदर बाजार थाना पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस हवलदार के आगरा आने, उनके संभावित ठिकानों और आखिरी लोकेशन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने परिजनों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके पास कुलदीप कुमार से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी, दस्तावेज या हालिया संपर्क विवरण हो तो उसे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि उनकी तलाश में तेजी लाई जा सके। फिलहाल, पुलिस विभिन्न तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच कर रही है। हवलदार के अचानक लापता होने की घटना ने परिवार और परिचितों की चिंता बढ़ा दी

भूजल संरक्षण महज सरकार की नहीं बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी -जिलाधिकारी

#Agra News Posted on 17.07.2026 Time 08.45 PM Friday

—हरी झंडी दिखाकर ‘भूजल सप्ताह’ का किया शुभारंभ, कलेक्ट्रेट से प्रचार वाहन किया रवाना,२२तक भूजल सप्ताह

आगरा। जिलाधिकारी गिरते भूजल स्तर को रोकने और वर्षा जल संचयन को लेकर भूजल सप्ताह के तहत सात दिवसीय 16 से 22 जुलाई तक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण सरकार की ही नहीं हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

“जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” थीम पर केंद्रित अभियान ग्रामीण , शहरी क्षेत्रों में जिले की सभी पंचायतों, नगरीय निकायों सभी विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा।
अभियान में नगर निगम, एडीए,विकास विभाग, पंचायती राज, लघु सिंचाई, सिंचाई, जल निगम, कृषि विभाग, उद्यान, बेसिक एवं माध्यमिक , उच्च शिक्षा तथा नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान का संचालन किया जाएगा

जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि भूजल संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर दिया कि यदि वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्भरण सुनिश्चित किया जाए तो भविष्य में जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय कार्ययोजना के अनुसार कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन करने के निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 और 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव नोडल अधिकारी रहेंगे। विद्यालयों में जल संरक्षण विषय पर शपथ ग्रहण, निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।

18 और 19 जुलाई को विकास खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 20 और 21 जुलाई को नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान का समापन 22 जुलाई को जिला स्तरीय आयोजन के साथ होगा।
रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल स्रोतों के संरक्षण, पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और भूजल रिचार्ज की तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

वरिष्ठ भू-भौतिकविद शशांक शेखर ने बताया कि शासन की कार्ययोजना के अनुरूप भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनभागीदारी के साथ अभियान चलाया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़े और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल संसाधनों की मजबूत नींव तैयार हो सके।

जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील जारी कर कहा कि “जल है तो कल है – भूजल बचाएं-जीवन बचाएं।”भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की भू-जल संरक्षण, संवर्धन एवं वर्षा जल संचयन का विषय सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हमारा जनपद भी कृषि, पेयजल एवं औद्योगिक आवश्यकताओं हेतु बड़े स्तर पर भूजल पर निर्भर है। वर्ष 2025 की भूजल संसाधन आंकलन के अनुसार 08 विकास खण्ड व आगरा शहर अतिदोहित, 03 विकास खण्ड क्रिटिकल एवं 04 विकास खण्ड सेमी क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत हैं।

भूजल हम सबकी साझा धरोहर है। इसे बचाना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आइए, हम सब मिलकर इस संकल्प को साकार करें और अपने जनपद को जल-सुरक्षित बनाएं।

बुलंदशहर में सिपाही की आत्महत्या पर परिजनों का आगरा में हंगामा, वायरल ऑडियो से मचा बवाल

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#Agra News Posted on 17.07.2026, Time 08.41 PM, Friday

दोषियों पर पहले मुकदमा दर्ज करो, तभी होगा अंतिम संस्कार’

आगरा 17 July 2026। इरादतनगर के सिंगेचा गांव में सिपाही सुधीर सिंह का शव पहुंचा तो परिजनों ने दोषियों पर मुकदमे की मांग को लेकर हंगामा किया। मौके पर मौजूद ग्रामीण और उन्हें समझाते पुलिस अधिकारी।

आगरा के गांव सिंगेचा, थाना इरादतनगर निवासी 25 वर्षीय सुधीर सिंह वर्ष 2025 बैच के सिपाही थे और पिछले करीब तीन माह से बुलंदशहर के औरंगाबाद थाने में तैनात थे। बुधवार रात उनकी ड्यूटी लखावटी पुलिस चौकी के बैरियर पर लगी थी। उनके साथ सिपाही सौरभ शर्मा भी ड्यूटी पर मौजूद थे।

बताया गया कि देर रात सुधीर सिंह की किसी परिचित से फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद वह करीब तीन बजे लखावटी मध्य गंग नहर की पटरी पर पहुंच गए। उनके पीछे-पीछे साथी सिपाही सौरभ शर्मा भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान सुधीर सिंह ने पहले सर्विस राइफल से हवाई फायर किया। सौरभ शर्मा तत्काल चौकी पहुंचकर पुलिस को सूचना देने चले गए। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही सुधीर सिंह ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गर्दन में लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

—–शव गांव पहुंचते ही फूट पड़ा परिवार का दर्द

पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही सुधीर सिंह का शव उनके पैतृक गांव सिंगेचा पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह बार-बार यही कहती रहीं, मेरा बेटा मुझे लौटा दो। परिजनों ने अंतिम संस्कार से साफ इनकार करते हुए मांग रखी कि पहले आत्महत्या के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाते रहे। पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह भी गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीजीपी से भी बात की गई है।

—-वायरल ऑडियो में प्रताड़ना के आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो में सुधीर सिंह स्वयं को प्रताड़ना का शिकार बताते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में वह कह रहे हैं कि 13 जुलाई को उनके पेट में तेज दर्द था और उन्होंने इसकी जानकारी मुंशी अंकित गुर्जर को दी थी, लेकिन उनकी छुट्टी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अपनी समस्या थाना प्रभारी राहुल चौधरी को बताई तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

ऑडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रताड़ना से तंग आकर वह “इस नौकरी और जिंदगी से त्यागपत्र दे रहे हैं।” ऑडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है, जो उन्हें समझाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

—एसएसपी ने की त्वरित कार्रवाई

वायरल ऑडियो का संज्ञान लेते हुए बुलंदशहर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने थाना प्रभारी राहुल चौधरी, मुंशी अंकित गुर्जर और मुंशी सुधीर कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

July 14, 2026

कैंट स्टेशन कांड पर देशभर में हंगामा, रेलकर्मी सड़कों पर उतरे, आरपीएफ के खिलाफ खोला मोर्चा

–पीडित डिप्टी एस एस की पत्नी ने दी आत्मदाह की धमकी,बहन रेलवे ट्रैक पर बैठी

आगरा। कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (डीएसएस) नरेंद्र चाहर के साथ कथित मारपीट और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटने का मामला अब पूरे देश में तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को आगरा, मथुरा, कोटा, झांसी और दिल्ली समेत देश के करीब 30 शहरों में रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रेलकर्मियों ने दोषी जवानों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

सुबह करीब साढ़े दस बजे आगरा में डीआरएम कार्यालय के बाहर सैकड़ों रेलकर्मी एकत्र हुए। प्रदर्शन में स्टेशन मास्टर्स, रेलवे कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हुईं। कर्मचारियों ने “आरपीएफ मुर्दाबाद”, “गुंडागर्दी बंद करो” और “दोषियों को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान डीआरएम कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में आरपीएफ जवानों को तैनात किया गया था। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे रेलकर्मियों और आरपीएफ कर्मियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी हुई।

रेल कर्मचारियों का आरोप है कि आरपीएफ के कुछ जवान आए दिन रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। उनका कहना है कि अगर इस घटना में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि रविवार को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर एक यात्री के चोटिल होने के बाद ट्रेन को रोकने के मुद्दे पर डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद आरपीएफ के कुछ जवानों ने डीएसएस नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर घसीटते हुए ले गए। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई। आगरा मंडल ही नहीं, बल्कि देश के कई शहरों से रेलवे संगठनों ने इस घटना का विरोध शुरू कर दिया। जो कर्मचारी आगरा नहीं पहुंच सके, उन्होंने अपने-अपने कार्यस्थलों पर प्रदर्शन कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।

—-किए जा चुके हैं चार आरपीएफ जवान निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और कॉन्स्टेबल बदन सिंह तथा जितेंद्र को निलंबित कर दिया है। घटना की जांच जारी है और रेलवे प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, अब तक इस विरोध-प्रदर्शन का रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

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