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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से अधिकाधिक बीमा कराने की अपील

August 5, 2026

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से अधिकाधिक बीमा कराने की अपील

लखीमपुर खीरी, दिनांक 5 अगस्त, 2026।

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026-27 के खरीफ एवं रबी मौसम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को प्रदेश में प्रभावी रूप से संचालित किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शासनादेश के अनुसार वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक चयनित बीमा कंपनियों के माध्यम से ही वर्ष 2026-27 में भी योजनाओं का संचालन किया जाएगा तथा सभी जनपदों में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी, खीरी ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे खरीफ 2026 की अधिसूचित फसलों का समय से बीमा कराकर प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम एवं अन्य अधिसूचित जोखिमों से होने वाली संभावित क्षति के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करें।जनपद हेतु यूनिवर्सल सैमपू लिमिटेड कंपनी अधिकृत की गई है ।
खरीफ फ़सलो हेतु 2% प्रीमियम , रबी फ़सलो हेतु 1.5 % प्रीमियम ब वाणिज्यिक फ़सलो हेतु 5% प्रीमियम की राशि कृषकों द्वारा देय की जाएगी , अवशेष धनराशि सरकार द्वारा देय होगी ।

कृषकों की सुविधा एवं अधिकाधिक किसानों को योजना का लाभ हेतु ऋणी किसानों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 तथा गैर-ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त, 2026 निर्धारित की गई है।

जनपद के किसान अपने निकटतम बैंक, जन सेवा केंद्र (CSC), नामित बीमा कंपनी से संपर्क कर समय रहते अपना फसल बीमा अवश्य कराएं। बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि अभिलेख एवं बोई गई फसल का विवरण साथ रखें।

जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने समस्त विकास खंड स्तरीय कृषि अधिकारियों एवं बीमा कंपनी को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए प्रत्येक पात्र किसान तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक कृषक फसल बीमा योजना से आच्छादित होकर प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकें।

चिलबिला में रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP
MO –9919606061-

प्रतापगढ़ , नगर कोतवाली क्षेत्र के चिलबिला स्थित आदर्श ढाबा के पीछे रेलवे ट्रैक पर बुधवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी प्रतापगढ़ व नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल अज्ञात युवक की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिकारियों को वेतन रोकने की चेतावनी

मुख्यमंत्री की शिकायतों को गंभीरता से लें, नहीं तो रुकेगा वेतन: डीएम

*सीएम डैशबोर्ड में खराब रैंकिंग पर डीएम नाराज, अधिकारियों से मांगा जवाब*

*सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारें, नहीं तो होगी जवाबदेही तय: डीएम*

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईजीआरएस पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिला पंचायत राज, समाज कल्याण, सहकारिता, चकबंदी, विद्युत एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का समय पर अवलोकन तक नहीं किया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 85 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग का अधिकारी अनुपस्थित मिलने पर जिलाधिकारी ने उसका वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर लंबित एवं ऑनलाइन प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा अगली समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन रोकने सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का शत-प्रतिशत फीडबैक लिया जाए तथा कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में न पहुंचे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाने वाली आख्या पर केवल एल-1 स्तर के अधिकारी ही हस्ताक्षर करेंगे। यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर किए गए तो संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया जाएगा। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग की रैंकिंग ‘डी’ पाए जाने पर जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की रैंकिंग ‘सी’ तथा सेतु निर्माण की रैंकिंग ‘डी’ होने पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए रैंकिंग में शीघ्र सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिले में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए अधिकारियों को नामित किया जाए और एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की संवेदनशील पहल बनी निराश्रित बच्चों का संबल

उप्रससे अजय बरया
ललितपुर। प्रशासन तभी सार्थक है जब उसकी संवेदनशीलता अंतिम पंक्ति में खड़े सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुंचे। जनपद ललितपुर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की कार्यशैली इस भावना को निरंतर साकार कर रही है, नियमित जनता दर्शन एवं जनसुनवाई के दौरान जब भी उनके समक्ष निराश्रिम महिलाओं, अनाथ एवं असहाय बच्चों के प्रकरण पहुंचे, उन्होंने उन्हें केवल एक आवेदन के रूप में नहीं बल्कि एक परिवार की पीड़ा के रूप में देखा।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण में गहरी मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए स्वयं बच्चों एवं उनकेे परिजनों की पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। पात्रता सुनिश्चित होने पर सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन कराने के निर्देश दिये, जिससे पात्र बच्चों को बिना अनावश्यक विलंब के उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिल सके। यही कारण है कि अनेक ऐसे परिवार जिन्हें वर्षों से योजना की जानकारी अथवा पहुंच नहीं थी, आज सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की सहायता प्राप्त कर जीवन के प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहे हैं।
जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश के मात्र 10 माह के कार्यकाल में उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य के अंतर्गत 1073 नये बच्चों को योजना से लाभान्वित कराया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व कोविड काल से संचालित इस योजना में कुल 739 बच्चे ही लाभान्वित हुए थे। वर्तमान में जनपद में इस योजना के अंतर्गत कुल 1812 बच्चे लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह उपलब्धी केवल प्रशासनिक आंकड़ा नहीं, बल्कि सैकड़ों निराश्रित एवं असहाय बच्चों के जीवन में आयी नई आशा और सुरक्षा का प्रतीक है।
जिलाधिकारी ने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव या पारिवारिक विपत्ति के कारण अपने भविष्य से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ऐसे बच्चों का सक्रिय रूप से चिन्हांकन किया जाए, जिन्होंने 01 मार्च 2020 के बाद अपने अभिभावक, माता-पिता दोनो अथवा किसी एक को खो दिया है और जो जीवित हैं उनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक न हो, उन्हें समयबद्ध ढंग से उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य सहित शासन की अन्य सभी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड-19 श्रेणी के अंतर्गत पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4 हजार तथा उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य श्रेणी के बच्चों को प्रतिमाह 2500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई निराश्रित अथवा पात्र बच्चा है, जो अभी तक योजना से लाभान्वित नहीं हो सका है, तो योजना की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं या उसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय अथवा सम्बंधित विभाग को दें। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र बच्चा शासन की इस संवेदनशील योजना से वंचित न रहने पाये।
ललितपुर में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश की संवेदनशील सोच और मानवीय प्रशासन की जीवंत उदाहरण बनकर उभरी है, जिसने सैकड़ों बच्चों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और नई उम्मीद का दीप प्रज्वलित किया है।

डीएम ने एआरटीओ कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, बाहरी व्यक्तियों पर दी कार्रवाई की चेतावनी

एटा 05 अगस्त उप्रससे। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और कर्मचारियों से बातचीत किया।

जिलाधिकारी ने आम जनता को ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन फिटनेस और दस्तावेज हस्तांतरण जैसी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि लोगों को किसी प्रकार का उत्पीड़न न झेलना पड़े।
जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों से संबद्ध आउटसोर्स कंपनियों की भी जानकारी जुटाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आम जनता को कोई परेशानी न हो और सभी कार्य समय पर निपटाए जाएं। उन्होंने लापरवाही और शिकायतों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाते हुए पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण पत्रावलियों, रिकॉर्ड रजिस्टरों और फाइलों की स्थिति की गहनता से जांच की। उन्होंने कार्यालय में साफ-सफाई, कर्मचारियों की उपस्थिति और उनकी कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया।

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