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जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर करें निस्तारण- जिलाधिकारी

August 17, 2026

जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर करें निस्तारण- जिलाधिकारी

मैनपुरी। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर तहसील करहल में जन-शिकायतें सुनने के दौरान कहा कि एक बार कब्जा हटवाने के बाद पुनः कब्जा करने की जो शिकायतें प्राप्त हुई है उन्हें ’’मिशन समाधान’’ में प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए, मौके पर यदि शिकायत सही पाई जाए तो दोबारा कब्जा करने वालों को भू-माफिया में चिन्हित कर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए, जिन ग्रामों में भूमि विवाद से संबंधित ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुयीं है, उन्हें ’’विशेष मिशन समाधान’’ दिवस के दिन गांव में चौपाल आयोजित कर निस्तारित किया जाए, विशेष मिशन समाधान में गांव में कम से कम 10 लेखपालों के साथ उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार में से कोई एक राजस्व अधिकारी, पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहे, प्राप्त शिकायतों में दोनों पक्षों की मौजूदगी में शिकायत का निराकरण किया जाए यदि किसी पक्ष द्वारा कार्यवाही में अवरोध, व्यवधान उत्पन्न किया जाए तो उसे 151 में भारी मचलके में पाबंद किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ किया जाए, भूमि संबंधी जो प्रकरण किसी भी न्यायालय में विचाराधीन है, उन पर मौके पर निर्णय न होने तक यथा स्थिति रखी जाए।
           श्री त्रिपाठी ने सार्वजनिक भूमि, चक-मार्गों पर अवैध कब्जे, जल निकासी न होने के कारण जल-भराव की स्थिति उत्पन्न होने से संबंधित प्राप्त शिकायतों पर संबंधित राजस्व निरीक्षक, लेखपाल को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल मौके पर जाकर प्रभावी कार्यवाही करें, चकमार्गों की पैमाइश कर जहां भी अनाधिकृत कब्जे हो, उन्हें हटवाकर संबंधित सचिव के माध्यम से मिट्टी का कार्य करायें साथ ही जहां जल-भराव की समस्या है, वहां स्थाई-अस्थाई नाली बनाकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विरासत दर्ज करने संबंधी शिकायतों पर कहा कि जनपद में ’’मिशन संवेदना’’ के अंतर्गत मृत्यु के पश्चात तेरहवीं से पूर्व संबंधित लेखपाल द्वारा अविवादित फौती के प्रकरण दर्ज कर उसके वारिसान को खतौनी की नकल, संवेदना पत्र एवं एक फलदार पौधा उपलब्ध कराया जा रहा है, नई फौती दर्ज होने के प्रकरण कहीं लंबित नहीं है, जिन लोगों की पूर्व में फौती दर्ज नहीं हो सकी है, उनकी फौती अभिवादित होने की दशा में प्राथमिकता पर दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने लेखपालों से कहा कि फौती दर्ज के जो भी पुराने प्रकरण लंबित हैं, उन्हें अविवादित होने की दशा में तत्काल दर्ज करना सुनिश्चित करें, फौती दर्ज होने में किसी भी स्तर पर विलंब न हो सुनिश्चित किया जाए।
            संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने पुलिस से संबंधित शिकायतों को सुन अधीनस्थों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। आज संपूर्ण समाधान दिवस में तहसील करहल क्षेत्र के ग्राम बुझिया नि. राजेन्द्र सिंह ने विक्रेता द्वारा बैनामा की गयी भूमि पर अवैध निर्माण कर कब्जा किये जाने, अहलादपुर नि. अनिल कुमार ने अनियमित दुकान के ऊपर बने तीन मंजिला मकान को सील करने, तखरऊ नि. अवधेश सिंह ने चकरोड संख्या-752 को खुलवाये जाने, सराय भटोला नि. प्रमोद कुमारी ने गलत विद्युत बिल को ठीक कराने, नगला उरथान नि. बालकराम शाक्य ने ग्राम के पुराने तालाब में उपलब्ध मगरमच्छ को पकड़वाकर किसी सुरक्षित स्थान पर छुड़वाये जाने, नगला नगू नि. मीरा देवी ने पट्टे की भूमि को संक्रमणीय कराने, मो. बाग वृन्दावन नि. गीता देवी ने विपक्षी द्वारा गाली-गलौच कर मारपीट किये जाने, नगला दौलत नि. सोनकली ने पुलिस, राजस्व टीम की मौजूदगी में चकरोड़ की पुनः पैमाइश कराये जाने की मांग अपने शिकायती प्रार्थना पत्रों के माध्यम से की, जिन्हें सम्बन्धित अधिकारियों को पृष्ठाकिंत कर निस्तारण हेतु उपलब्ध कराया।

एटा में सड़क हादसे में घायल हुए चालक की मौत

परिजनों ने ट्रक मालिक पर इलाज न कराने का लगाया आरोप

एटा 17 अगस्त उप्रससे। जनपद में सड़क हादसे में थाना बागवाला क्षेत्र के गांव शियपुर निवासी ट्रक चालक देवेंद्र सिंह (52) की मौत हो गई है। उनके परिजनों ने ट्रक मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मालिक ने घायल देवेंद्र को उचित इलाज मुहैया कराने के बजाय दूसरे ट्रक से एटा हाईवे पर भिजवा दिया था।

ट्रक चालक देवेंद्र सिंह 13 अगस्त को वाराणसी में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। परिजनों के अनुसार, 15 अगस्त की रात एक ट्रक चालक घायल देवेंद्र सिंह को एटा क्षेत्र के कुसाड़ी हाईवे के पास छोड़कर चला गया। ट्रक चालक ने बाद में परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और देवेंद्र सिंह को घर ले गए, जहां उनका उपचार किया गया। हालांकि, गंभीर रूप से घायल देवेंद्र सिंह की हालत लगातार बिगड़ती गई और आज 17 अगस्त को उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही थाना बागवाला पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक के भाई ने बताया कि देवेंद्र सिंह ट्रक चालक थे और उनका एक्सीडेंट वाराणसी में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद ट्रक मालिक ने ट्रक का माल उतरवाकर देवेंद्र को दूसरे ट्रक से एटा हाईवे पर भिजवा दिया। इसके बाद परिजन उन्हें घर लेकर आए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
देवेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक के चार बच्चे हैं। बड़ा बेटा जतिन 20 वर्ष का है और बीए की पढ़ाई कर रहा है। बेटी हिमांगी 18 वर्ष की है और कक्षा 12 में पढ़ती है। बेटी मुस्कान 15 वर्ष की है और कक्षा 10 की छात्रा है, जबकि बेटा नैतिक 13 वर्ष का है और कक्षा 8 में पढ़ रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा लिया है। हादसे की परिस्थितियों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

एटा नहर में 17 वर्षीय किशोर का उतराता मिला शव, तीन दिन पहले गया था नहाने

एटा 17 अगस्त उप्रससे। जनपद के पिलुआ थाना क्षेत्र में सुन्ना नहर से एक 17 वर्षीय किशोर का शव तैरता हुआ मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। मृतक की शिनाख्त होने के बाद परिजन एटा स्थित मोर्चरी पहुंचे।

जानकारी के अनुसार, 17 वर्षीय धीरज तीन दिन पहले अपने दोस्तों के साथ कासगंज जनपद के नदरई स्थित नहर में नहाने गया था। नहाते समय वह डूब गया था। घटना के बाद से स्थानीय प्रशासन और गोताखोर स्टीमर की मदद से नहर में धीरज की तलाश कर रहे थे।
तीन दिन की तलाश के बाद धीरज का शव पिलुआ थाना क्षेत्र की सुन्ना नहर में तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक के बाबा राजवीर सिंह ने बताया कि उनका नाती धीरज तीन दिन पहले दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था और वहीं डूब गया था। गोताखोर उसकी तलाश कर रहे थे, और आज उसका शव पिलुआ थाना क्षेत्र की सुन्ना नहर में मिला है।

पिलुआ थाना प्रभारी संदीप राणा ने बताया कि पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बारिश में मकान गिरने से बालक समेत दो की मृत्यु

शाहजहांपुर, 17 अगस्त 2026( संजीव गुप्त द्वारा ) ग्राम मुड़िया कुर्मी यात में आज प्रातः लगभग 8:00 बजे लगातार हो रही बरसात के कारण एक पक्का मकान गिर गया। हादसे में राजन कोरी पुत्र सकते, उम्र लगभग 20 वर्ष तथा आरव पुत्र अरविंद, उम्र लगभग 2 वर्ष की मौके पर मृत्यु हो गई।

हादसे में काजल पत्नी अरविंद, उम्र लगभग 26 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल महिला को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल, शाहजहांपुर भेजा गया।

घटना की सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा उप जिलाधिकारी पुवायां द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा राहत एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

गंभीर रूप से घायल काजल पत्नी अरविंद का हाल जानने एवं उपचार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने हेतु जिलाधिकारी शाहजहांपुर एवं पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर द्वारा मेडिकल कॉलेज पहुंचकर चिकित्सकों से घायल की स्थिति एवं उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा जनपदवासियों से अपील की गई है कि लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों से सावधानी बरतें तथा आवश्यकता होने पर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

एनईपी-2020 के क्रियान्वयन हेतु प्रो. आदित्य बने नोडल अधिकारी

नोडल अधिकारी एवं अकादमिक समन्वयक नामित किया गया है।

शाहजहांपुर, 17 अगस्त।( संजीव गुप्त द्वारा )
स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।कुलपति प्रो पुष्पेंद्र बहादुर सिंह के आदेशानुसार प्रो. आदित्य कुमार सिंह को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की प्रगति एवं क्रियान्वयन के लिए
कुलसचिव की ओर से जारी कार्यालय-ज्ञाप के अनुसार प्रो. आदित्य कुमार सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 से संबंधित कार्यों के समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही वे विश्वविद्यालय के समस्त अकादमिक कार्यों के साथ-साथ समय-समय पर होने वाली अकादमिक गतिविधियों का भी संपादन एवं समन्वय करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों को संस्थागत स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना तथा शैक्षणिक गतिविधियों में आवश्यक समन्वय स्थापित करना है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति उच्च शिक्षा में बहुविषयक एवं समग्र शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण को बढ़ावा देने पर विशेष बल देती है। इस महत्वपूर्ण पहल से विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

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