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नमामि गंगे योजना के तहत एसटीपी परियोजनाओं का मण्डल आयुक्त ने किया निरीक्षण

April 25, 2026

नमामि गंगे योजना के तहत एसटीपी परियोजनाओं का मण्डल आयुक्त ने किया निरीक्षण

मथुरा, 24 अप्रैल 2026। नमामि गंगे योजना के अंतर्गत मथुरा जनपद में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं का शुक्रवार को मण्डल आयुक्त नगेन्द्र प्रताप ने निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त उमेशमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी सी. पी. सिंह, जलनिगम ग्रामीण के परियोजना प्रबंधक रविन्द्र प्रताप सिंह एवं उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सबसे पहले आयुक्त ने वृन्दावन स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यह 13 एमएलडी क्षमता का प्लांट है, जिसमें नगर के 13 में से 11 नालों को पहले ही टैप किया जा चुका है। शेष दो नालों—चैतन्य बिहार (सुनरख) एवं कालीदह क्षेत्र—के लिए एसटीपी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में तीन माह का ट्रायल चल रहा है। इस परियोजना का संचालन एवं अनुरक्षण आगामी 15 वर्षों तक कार्यदायी संस्था द्वारा किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए पिलर व प्लिंथ में पाई गई खामियों (हनीकॉम्बिंग) को सुधारने, भवन की फिनिशिंग व रंगाई कार्य पूरा करने तथा फर्श व सीढ़ियों पर लगी इंटरलॉकिंग टाइल्स में गैप को ठीक कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद छाता स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया गया। यहां 14 नालों को टैप कर 6 एमएलडी क्षमता का प्लांट प्रस्तावित है, जिसकी वर्तमान प्रगति लगभग 13 प्रतिशत है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि परियोजना सुनसान क्षेत्र में होने के कारण एक अभियंता की स्थायी तैनाती की जाए तथा उपजिलाधिकारी छाता साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित करें। साथ ही यमुना नदी की बाढ़ से सुरक्षा हेतु रिटेनिंग वॉल का निर्माण कर दिसंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अंत में कोसी कलां स्थित 12 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निरीक्षण किया गया, जिसकी भौतिक प्रगति लगभग 42.65 प्रतिशत बताई गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु से पूर्व सभी भूमिगत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं तथा जुलाई 2026 तक परियोजना को पूरा कर ट्रायल शुरू किया जाए।
आयुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि सभी एसटीपी से प्राप्त शोधित जल का उपयोग वनों की सिंचाई, कुंड/तालाबों को भरने और अन्य उपयोगों में सुनिश्चित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

April 24, 2026

रेलवे की रीढ़ रनिंग स्टाफ, अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि -महामंत्री

-शुक्रवार को मनोरंजन सदन में हुई लोको एवं ट्रैफिक रनिंग स्टाफ हुईं काँफ्रेंस

-एनआरएमयू की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय महामंत्री के अलावा डीआरएम, समेत तमाम पदाधिकारी और रेल कर्मी
Post on 25.4.26
Friday Moradabad
Rajesh Bhatia

मुरादाबाद।(उप्र समाचार सेवा)।
लोको एवं ट्रैफिक रनिंग स्टाफ की बैठक में रनिंग स्टाफ की समस्याओं और उसके निदान का हल तलाशने का संकल्प लिया गया। शुक्रवार को एनआरएमयू की ओर से आयोजित कार्यक्रम मनोरंजन सदन में हुआ।

कार्यक्रम में एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा और डीआरएम समेत अधिकारी और मंडल भर से रेल कर्मियों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि रनिंग स्टाफ रेलवे की रीढ़ है। उन्होंने उनके अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता करार दिया। कहा कि रनिंग स्टाफ की आवाज ही संगठन की असली ताकत है।इसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सका।
इस दौरान मौजूद डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने भी रनिंग स्टाफ की रेलवे में भूमिका को अहम मानते हुए कहा कि स्टाफ रेल संचालन व्यवस्था कीधुरी है। आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर हरसंभव प्रयास को कहा।
कार्यक्रम में प्रवीणा सिंह, सुहैल खालिद, अमित भागवत, मनोज शर्मा, मोहित गुप्ता आदि ने विचार व्यक्त किए।
नरमू के मंडल अध्यक्ष राजेश चौबे ने हमारी एकता ही ताकत है। संगठित होकर अपने अधिकारों की मजबूत आवाज बने।
कार्यक्रम में कर्मचारियों ने कैडर, से जुड़ी समस्याएं और प्रमुख बिंदुओं को रखा। तीस सूत्रीय मांगों में ड्यूटी पर काम का दबाव,पर्याप्त रेस्ट की कमी,48 घंटे कासाप्ताहिक अवकाश देने समेत अन्य बिंदु रहे।
महामंत्री ने इससे पहले रेलवे प्राइमरी कोआपरेटिव बैंक के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन भी किया।
कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय महामंत्री, डीआरएम,ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशनकी राष्ट्रीय महिला संयोजिका प्रवीणा सिंह के अलावा एडीआरएम, सीनियर डीओएम, सीनियर डीईई के अलावा केंद्रीय उपाध्यक्ष एमपी चौबे,आर के बाली,शिवराज सिंह, दीपक यादव,नरेंद्र त्यागी, विजयंत शर्मा,पंकज सक्सेना,
नफीस खां,आरके कन्नौजिया, डायरेक्टर सुनील सिंह, संजय वर्मा और आईवन एडिशन, राजेश दुबे,राजपाल सिंह, सलीम सौरभ,नरेश गुरुंग, अनिल सोनी रहे। कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष मनोज शर्मा ने किया।

यूपी में कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : 24 अप्रैल, 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केन्द्रीय कृषि, किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण एवं विपणन को गति प्रदान कर अन्नदाता किसान की आय में वृद्धि हेतु 09 राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, कृषक उत्पादक संगठन एवं प्रगतिशील किसानों के महासंगम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर क्षेत्र) का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन एक व्याहारिक दृष्टिकोण स्थापित कर रहा है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों के एग्रोक्लाइमेटिक जोन व भौगोलिक तथा क्षेत्रीय परिस्थितयों के अनुसार कृषि क्षेत्र के लिये लक्ष्य तय करना अत्यन्त आवश्यक है। इस प्रकार की संगोष्ठियों के माध्यम से कृषि क्षेत्र के कल्याण के लिये व्यापक रोडमैप तैयार करने सहायता मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष ‘विकसित कृषि अभियान’ और ‘खेती की बात खेत में’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदों में किसानों का उत्साह तथा कृषि वैज्ञानिकों व कृषि शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षुओं के मन में बेहतरीन जिज्ञासा देखने को मिली। इस दौरान किसानों को पहली बार इनोवेशन को व्यवहारिक धरातल पर उतारने का बेहतरीन अवसर प्राप्त हुआ। लैब को लैण्ड तक पहुँचाने का अभिनव प्रयास पहली बार हुआ है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने इस अभियान को देश के धरातल पर व्यवहारिक रूप से उतारने का कार्य किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 69 कृषि विज्ञान केन्द्र थे। ज्यादातर कृषि विज्ञान केन्द्र बन्दी के कगार पर थे। आज प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित हो चुके हैं। प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र में इनोवेशन हो रहे हैं। कृषि विज्ञान केन्द्रों ने प्रदेश के सभी एग्रोक्लाइमेटिक जोन में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से बहुत कुछ बेहतरीन करने का कार्य किया है। इनसे जुड़े वैज्ञानिक स्थानीय स्तर पर किसानों के साथ बैठते हैं। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश में कृषि विकास की दर 08 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच गयी है। हम इससे भी बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
आजादी के समय भारत की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर का योगदान लगभग 41 से 42 प्रतिशत था। कृषि का योगदान लगातार कम होता गया। एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग में बेहतर समन्वय हो, तो विकास तेजी से होता है। हमारे यहां अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का योगदान अभी भी 15 से 16 प्रतिशत है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था में एग्रीकल्चर का योगदान 41 से 42 प्रतिशत से घटकर 20 से 21 प्रतिशत हो गया। प्रदेश सरकार ने इसको वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ने की पहल को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज के समय में तकनीक बहुत ही निर्णायक साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग प्रोडक्ट के कुछ इण्टरनेशनल सेण्टर उपलब्ध कराए हैं। वाराणसी में इण्टरनेशनल राइस रिसर्च इन्स्टीट्यूट का साउथ एशिया रीजनल सेण्टर बेहतर परिणाम दे रहा है। इस संस्थान ने चावल की कई नई प्रजातियां दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्लाइमेटिक जोन में कौन सी प्रजाति प्रभावी हो सकती है और कौन सी तकनीक अपनाई जानी है, तकनीक का क्या प्रभाव हो सकता है, समय पर बुआई का उत्पादन पर क्या असर पड़ता है, और क्वालिटी सीड उत्पादन को कैसे आगे बढ़ा सकता है, यह सारे परिणाम हमें देखने को मिले हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में धान का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 100 कुन्तल तक पहुंचा है, जो पहले 50 से 60 कुन्तल तक सीमित था। अल-नीनो के नाते गेहूं की फसल पर असर पड़ा है। औद्यानिकी में आम की फसल को भी इसने प्रभावित किया है। हमें लागत को कम करके उत्पादन को बढ़ाना है। अच्छा सीड समय पर उपलब्ध कराना है। केमिकल फर्टिलाइजर एण्ड पेस्टिसाइड की खपत को कम करते हुए नेचुरल फार्मिंग को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास करना है। विकसित कृषि अभियान के अन्तर्गत गत वर्ष बाराबंकी निवासी प्रगतिशील किसान पद्म श्री रामसरन वर्मा के खेत में जाने का अवसर मिला था। इनके खेत में पूरी तरह व्यवहारिक चीजें देखने को मिलती हैं। रामसरन जी ने वैज्ञानिक पद्धति से खेती करके कम लागत में अच्छा उत्पादन प्राप्त करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की पहल के परिणामस्वरूप, प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पहले वर्ष में एक फसल होती थी, वहां तीन-तीन फसलें हो रही हैं। उत्तर प्रदेश की भूमि अत्यन्त उर्वरा है। यहां 85 से 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। यहां बेहतरीन कनेक्टिविटी है। प्रदेश सरकार किसानों के खेतों में 10 से 12 घण्टे बिजली उपलब्ध करा रही है। यह स्थितियां हमारे लिए बेहतरीन अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अकेले उत्तर प्रदेश में 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन धान, 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है। दलहन और तिलहन के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश ने प्रगति की है। आज उत्तर प्रदेश में लगभग 48 लाख मीट्रिक टन तिलहन का उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार सब्जी, अलसी, जौ, बाजरा के उत्पादन में भी प्रदेश ने ऊंची छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री जी ने आगरा के लिए इण्टरनेशनल पोटैटो सेण्टर स्वीकृत किया है, जो शीघ्र ही प्रारम्भ होने वाला है। सेण्ट्रल यू0पी0 का पूरा क्षेत्र आलू उत्पादन के लिए जाना जाता है। किसान यहां दो फसलों के साथ आलू का अच्छा उत्पादन करता है। उसको वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि डिमाण्ड के अनुसार मांग की आपूर्ति में अन्नदाता किसान सहभागी बन सके। इण्टरनेशनल पोटैटो सेण्टर से सेण्ट्रल यू0पी0 के जनपदों में फूड प्रोसेसिंग की अनेक यूनिट लगनी प्रारम्भ हो गयी हैं। इन प्रयासों से अब किसान को उनके उत्पाद का बेहतरीन दाम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से मिलना प्रारम्भ होगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कर्मठ और यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में विकास और जन कल्याण का एक नया इतिहास रचा है। आज उत्तर प्रदेश अनेक क्षेत्रों में देश में नम्बर वन राज्य है। यह दूसरी रीजनल कॉन्फ्रेंस है। पहली जयपुर में हुई थी। यह कॉन्फ्रेंस हमारे लिये अत्यन्त उपयोगी है। एक तरफ यहां पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों के प्रतिनिधि हैं, हरित क्रांति की शुरुआत इन्हीं राज्यों से हुई थी। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश देश में खाद्यान्न उत्पादन में नम्बर एक पर है। यहां की माटी, जलवायु और मेहनती किसान इस राज्य की शोभा बढ़ाते हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य का कृषि रोड मैप बनना चाहिये, क्योंकि जब तक लक्ष्य तय नहीं होगा और लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम रोड मैप नहीं बनाएंगे तब तक हम पूरी तरह से खेती और किसान का भला नहीं कर पाएंगे। देश में फार्मर आई0डी0 बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कुछ राज्य बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। फार्मर आई0डी0 किसान की अलग पहचान बनाती है। इस आई0डी0 के माध्यम से किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर व भागीरथ चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री  सूर्य प्रताप शाही, उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ओलख, हिमाचल प्रदेश के उद्यान मंत्री जगत सिंह नेगी, जम्मू कश्मीर के कृषि उत्पादन मंत्री जाविद अहमद डार, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, पंजाब के उद्यान मंत्री मोहिन्दर भगत एवं उत्तराखण्ड के कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

वैक्सीन लगाने के बाद मासूम की मौत,जांच करने पहुंची टीम

मैनपुरी/बिछवा। थाना क्षेत्र के गांव देवगंज में एएनएम और आशा द्वारा एक 10 माह के बच्चे का वैक्सीनेशन किया गया जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टी शुरू हो गई बाद में उसकी मौत हो गई। मामले में जिला स्तरीय चिकित्सा टीम में पहुंचकर जानकारी की है। परिजनो ने  पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गांव देवगंज निवासी शिवानी पत्नी अरविंद कुमार ने गांव की आशा और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनके 10 माह का पुत्र आरव जिसका कानपुर काफी दिनों तक इलाज चला था। उसे गांव की आशा हुआ एएनएम ने उनके मना करने के बाद भी तीन डोज वैक्सीन दिया। उसके बाद उनके पुत्र की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई उन्होंने विभाग को सूचना दी लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई। बाद में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ने परिजनों से मुलाकातकी। मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके इसलिए उन्होंने पोस्टमार्टम करने की बात कही। लेकिन मृतक की मां शिवानी ने पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। थाना अध्यक्ष आशीष दुबे ने भी परिजनों को समझाया लेकिन पोस्टमार्टम के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। वही किसी भी प्रकार की कार्रवाई से भी इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग अपने हिसाब से जो कार्रवाई करना है करें वह किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। टीम में डॉक्टर अजय कुमार डॉक्टर पपेंद्र कुमार प्रभारी चिकित्सा अधिकारी हरिभान सिंह नारायण सिंह पंकज अभिषेक प्रताप सिंह आदि लोगों ने पहुंच कर मामले को बारीकी से जांचा। टीम ने जो भी मासूम का इलाज कानपुर के अस्पताल में हुआ है सभी के कागज एकत्रित किए हैं। पहुंची टीम के सदस्यों ने बताया कि जांच की जा रही है जांच के बाद जिसका भी दोष आएगा वह बक्सा नहीं जाएगा।


 

शहीद स्मारक में लटका मिला तीन दिन से लापता युवक का शव

मैनपुरी, दन्नाहार थाना क्षेत्र में तीन दिन से लापता एक युवक का शव शहीद स्मारक पर लटका मिला है। गुरुवार देर रात करीब 8 बजे ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मृतक की पहचान विकास उर्फ विक्की (35 वर्ष) पुत्र कुशल पाल निवासी ग्राम विघरई के रूप में हुई है।
परिजनों ने युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दन्नाहार थाने में दर्ज कराई थी और तब से उसकी तलाश कर रहे थे। तीन दिन बाद गुरुवार देर शाम ग्रामीणों को शहीद सुनील स्मारक पर उसका शव लटका हुआमिला। शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे यह 1-2 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था।
घटना ग्राम कंजाहार में श्री हर्ष (28 वर्ष) के खेत में बने शहीद फौजी सुनील कुमार स्मारक के अंदर हुई। विकास उर्फ विक्की ने स्मारक के गेट के ऊपर बनी लोहे की ग्रिल से लोहे के तार का इस्तेमाल कर फांसी लगाई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को बुलाया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल मैनपुरी भेज दिया गया है।सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लापता युवक का शव स्मारक पर लटका मिला है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
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