ग्रामीणों और बघेल समाज में भारी रोष
एटा 02 जून उप्रससे। जनपद की जलेसर तहसील क्षेत्र के सकरौली थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत इसौली के गांव मोहनपुर में अराजक तत्वों द्वारा अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड पर कालिख पोते जाने की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और बघेल समाज के लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार गांव मोहनपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास लगे अहिल्याबाई होल्कर के बोर्ड पर किसी अज्ञात व्यक्ति अथवा अराजक तत्वों ने कालिख पोत दी। मंगलवार को जब ग्रामीणों की नजर बोर्ड पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। सूचना पर सकरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी।
थाना प्रभारी नित्यानंद पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और घटना की गहनता से जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव के मनीराम बघेल, जीवाराम बघेल, शैतान सिंह बघेल, नूर सिंह बघेल, श्याम सिंह बघेल, रामशंकर बघेल सहित बघेल समाज के कई लोगों ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर घटना का खुलासा करने और जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी हुई है। समाचार लिखे जाने तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस स्वयं संज्ञान के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
आगरा, उत्तर प्रदेश | 2 जून 2026
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस के एक पुलिसकर्मी द्वारा सड़क पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई। पोस्ट में पुलिस वाहन का नंबर “UP32 DG 4866” भी उल्लेखित किया गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। अनेक यूजर्स ने पुलिस के कथित व्यवहार पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की है। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि कई यूजर्स ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कई टिप्पणियों में आम नागरिकों और वाहन चालकों के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई। कुछ यूजर्स का कहना है कि यदि कानून लागू करने वाले ही कानून का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता का भरोसा प्रभावित होगा।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिख रही घटना का पूरा संदर्भ क्या है तथा घटना से पहले या बाद में क्या परिस्थितियाँ थीं। संबंधित पुलिस अधिकारियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियाँ सामने आ सकें।
यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है।
(अस्वीकरण: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री और सार्वजनिक टिप्पणियों के आधार पर तैयार किया गया है। वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।)
45 दिन से लंबित पेंशन आवेदनों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश*
बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा प्रोबेशन (महिला कल्याण) विभाग की पाक्षिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को पेंशन सत्यापन कार्य में तेजी लाने तथा छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। जिलाधिकारी ने पेंशन सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी रमेश कुमार, जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजन कुमार एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा के दौरान टेंडर प्रक्रिया में देरी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा आवश्यक होने पर वेतन रोकने के साथ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन अधिकारी को सभी पेंशनधारकों का ब्लॉकवार डाटा तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही अगली बैठक में कुल दिव्यांग पेंशनधारकों एवं पेंशन से वंचित पात्र व्यक्तियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। पेंशन सत्यापन की खराब प्रगति पर उन्होंने वेतन रोकने के निर्देश भी दिए।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मदरसों का शत-प्रतिशत सत्यापन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी की समीक्षा में पेंशन सत्यापन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन से संबंधित कोई भी आवेदन 45 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। जिन मामलों में 45 दिनों से अधिक की देरी हुई है, उनमें संबंधित तहसीलों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। साथ ही जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को शादी अनुदान योजना की प्रगति की समीक्षा कर आवेदन संख्या, स्वीकृत मामलों तथा लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीयअधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि अगली समीक्षा बैठक में प्रगति में सुधार स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ अमरेंद्र कुमार पौत्स्यायन एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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