Web News

www.upwebnews.com

सरकार भारत में ग्रीन यूरिया उत्पादन का सपना साकार करने की रूपरेखा तैयार कर रही है

June 28, 2026

सरकार भारत में ग्रीन यूरिया उत्पादन का सपना साकार करने की रूपरेखा तैयार कर रही है

प्रविष्टि तिथि: 26 JUN 2026 2:13PM by PIB Delhi

नई दिल्ली। सरकार ने सतत कृषि, कार्बन तटस्थता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में उर्वरक विभाग ने भारत के पीडीआईएल में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए उच्च-स्तरीय ‘प्री-एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (ईओआई) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता डॉ. के.के. पाठक – संयुक्त सचिव (उर्वरक विभाग) ने की, जो पीडीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में, उर्वरक विभाग ने भारत में ग्रीन यूरिया प्लांट लगाने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ -ईओआई) के लिए निमंत्रण जारी किया था। पीडीआईएल मुख्यालय, नोएडा में आयोजित प्री-ईओआई बैठक ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के कई हितधारकों के लिए बेहतरीन मंच प्रदान किया। इनमें एनटीपीसी, भारतीय सौर ऊर्जा निगम, अमोनिया-यूरिया टेक्नोलॉजी सप्लायर्स, प्रमुख भारतीय उर्वरक कंपनियां और इलेक्ट्रोलाइज़र, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया बनाने वाली कंपनियां शामिल थीं। पूरी वैल्यू चेन से संभावित कंपनियों की बड़ी संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इसमें शामिल सभी लोग इस पहल को निकट भविष्य में हकीकत बनाने के लिए कितने उत्सुक हैं।

नीति और परिचालन संबंधी मुख्य बातें

1. मंत्रालयों के बीच समन्वित सरकारी सहयोग: चर्चाओं में ग्रीन प्रोडक्शन को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए कई मंत्रालयों से मिलने वाले वित्तीय आवंटन पर ज़ोर दिया गया। बड़े स्तर पर फंडिंग की प्रतिबद्धताओं में ये शामिल हैं:

  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय: महत्वपूर्ण ग्रीन ऊर्जा अवसंरचना को तेज़ी से बढ़ाने और भारत की स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी को मज़बूत करने के लिए ₹19,744 करोड़।
  • उर्वरक विभाग: ग्रीन अमोनिया को राष्ट्रीय उर्वरक निर्माण शृंखला में आसानी से शामिल करने के लिए संस्थागत और बाज़ार-समानता ढांचा तैयार करने का काम सौंपा गया।

2. अलगअलग कीमत मैकेनिज़्म के ज़रिए निर्माताओं की सुरक्षा: लागत की चुनौतियों से निपटने और स्थानीय उर्वरक इकाइयों की सुरक्षा के लिए, मज़बूत ‘ऑफटेकर-साइड डिफरेंशियल प्राइसिंग मैकेनिज़्म’ (खरीददार-पक्ष की अलग-अलग कीमत व्यवस्था) की रूपरेखा तैयार की गई:

  • चुनौती: पारंपरिक ग्रे अमोनिया की तुलना में ग्रीन अमोनिया के उत्पादन में अभी ज़्यादा लागत आती है, जिससे बिना मदद के ग्रीन यूरिया प्रतिस्पर्धी नहीं रह पाता।
  • समाधान: भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) ने उत्पादकों से ग्रीन अमोनिया खरीदने के लिए निविदा पहले ही जारी कर दी हैं। इसे घरेलू उर्वरक कंपनियों को स्टैंडर्ड मार्केट-लिंक्ड ग्रे अमोनिया की कीमतों (Platts और Argus इंडेक्स के दो हफ़्ते के औसत, साथ ही सीमा शुल्क और स्थानीय परिवहन  लागत के आधार पर) पर सप्लाई किया जाएगा। ग्रीन यूरिया के लिए भी कुछ इसी तरह के सिस्टम पर विचार किया जा सकता है।

3. धीरेधीरे कम होने वाली मदद के साथ उत्पादकपक्ष के लिए प्रोत्साहन: निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए, एनजीएचएम (ग्रीन अमोनिया मोड 2A) के तहत प्रत्यक्ष वित्तीय प्रोत्साहन योजना का विवरण दिया गया। एसईसीआई द्वारा प्रबंधित पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी ई-रिवर्स नीलामी के ज़रिए कुल 7.24 लाख एमटी/वर्ष ग्रीन अमोनिया की खरीद का लक्ष्य तय किया जाएगा। परियोजना के स्पष्ट चरणों में मदद दी जाएगी:

  • विकास चरण: नई ग्रीनफील्ड परियोजनाओं या निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए।
  • परिचालन चरण: वाणिज्यिक आपूर्ति की तारीख से नकद प्रोत्साहन शुरू होंगे।
  • दीर्घावधि निश्चितता: एक बाध्यकारी निश्चित समझौते (GAPA/GASA) के ज़रिए 10 वर्ष की अवधि के लिए लाभ सुरक्षित किए जाते हैं, जिससे डेवलपर्स को बाज़ार में मज़बूत भरोसा मिलता है।

तकनीकी आधार: पुदिमाडाका 150 TPD पायलट प्लांट

बातचीत में तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी ध्यान दिया गया, जिसमें आंध्र प्रदेश के पुदिमाडाका में स्थित 150 TPD ग्रीन यूरिया पायलट प्लांट को बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया गया। इस प्लांट को एनईटीआरए (एनटीपीसी की अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ) ने विकसित किया है। यह सुविधा एडवांस्ड कार्बन कैप्चर और यूटिलाइज़ेशन (सीसीयूएस) सिस्टम को वॉटर इलेक्ट्रोलेसिस के साथ जोड़ने का उदाहरण पेश करती है। इससे कार्बोनेटेड फ्लाई ऐश, फूड-ग्रेड मटीरियल और सिंथेटिक फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलता है।

यह पहल कार्बन-न्यूट्रल फर्टिलाइज़र प्रोडक्शन, तकनीकी आत्मनिर्भरता और भारतीय कृषि के लिए हरित भविष्य की दिशा में सोच-समझकर उठाया गया और अच्छी तरह से तैयार किया गया कदम है।

Hathras सीएम ने किया 548 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

Posted on 28.06.2026 Time 06.30 PM Sunday, CM Yogi Adityanath

हाथरस, 28 जून 2026, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज जनपद हाथरस में ₹548 करोड़ से अधिक लागत की 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक व आवास की चाबी, स्मार्टफोन एवं आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय ही ‘नए उत्तर प्रदेश’ की पहचान है। विकास की प्रक्रिया को निरंतर मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की प्रथम बैठक 12 जुलाई को मथुरा में बैठक

LOGO BJP

Posted on 28.06.2016 Time 06.08 Sunday, BJP, Mathura

लखनऊ, 28 जून 2026, अयोध्या और काशी के बाद भाजपा ने अब मथुरा को नया राजनीतिक शक्ति केंद्र बनाने पर पूरा फोकस कर दिया है। मिशन-2027 और 2029 की रणनीति के तहत 12 जुलाई को मथुरा में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें आगामी चुनावों और संगठन विस्तार पर मंथन होगा। भाजपा ओबीसी वोट बैंक को साधने के साथ ब्रज क्षेत्र को संगठन और सरकार में विशेष महत्व दे रही है। योगी मंत्रिमंडल में ब्रज क्षेत्र से 12 मंत्री शामिल हैं, जबकि प्रदेश संगठन में 9 नेताओं को अहम जिम्मेदारी मिली है। कृष्ण जन्मभूमि मुद्दे, धार्मिक राष्ट्रवाद और आरएसएस की सक्रियता के चलते भी मथुरा का राजनीतिक महत्व बढ़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 38 बार मथुरा-वृंदावन का दौरा कर चुके हैं। भाजपा अब मथुरा से मिशन-2027 और 2029 को नई धार देने की तैयारी में है।

प्रतापगढ़ में भाजपा के पूर्व नगर मंत्री समेत दो लोग स्मैक के साथ गिरफ्तार

VIKAS GUPTA
PRATAPGARH UP

प्रतापगढ़, 28 जून 2026, ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसपी दीपक भूकर के नेतृत्व में नगर कोतवाली इलाके में चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में भाजपा के पूर्व नगर मंत्री दीपांशु सिंह और रतन केसरवानी शामिल हैं। दोनों के पास से 100 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 से 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस का बयान

ऑपरेशन प्रहार के तहत जिले में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज चेकिंग के दौरान दीपांशु सिंह और रतन केसरवानी को 100 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा गया है। बरामद स्मैक की कीमत 10 से 15 लाख के बीच है। दोनों आरोपियों के नेटवर्क और अन्य साथियों की जांच की जा रही है। प्रतापगढ़ पुलिस नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”

June 27, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए विक्‍टोरिया पहुंचे

विक्टोरिया (सेशेल्स) 27 जून 2926, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी तीन दिन की सेशेल्‍स यात्रा पर विक्‍टोरिया पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे पर सेशेल्‍स के राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने उनका हार्दिक स्‍वागत किया। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने इसके लिए राष्‍ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्‍स हिंद महासागर में भारत का महत्‍वपूर्ण समुद्री साझेदार और करीबी मित्र है। श्री मोदी ने दोनों देशों के लोगों के लाभ के लिए भारत और सेशेल्‍स के दीर्घकालिक संबंधों और सहयोग को बढावा देने के लिए सार्थक यात्रा की उत्‍सुकता प्रकट की।

प्रधानमंत्री बोटैनिकल गार्डन्‍स देखने गए और पौध रोपण समारोह में शामिल हुए। इस दौरान श्री मोदी ने डॉक्‍टर हर्मिनी की उपस्थिति में कोको-डे-मेर का पौधा रोपा। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह प्रधानमंत्री की एक पेड़ मां के नाम पहल का अंग था। इससे पर्यावरण स्थिरता के प्रति भारत और सेशेल्‍स की साझा प्रतिबद्धता का पता चलता है।

श्री मोदी ने बोटैनिकल गार्डन में विशाल कछुआ भी देखा। सोशल मीडिया पोस्‍ट में श्री मोदी ने कहा कि इस विशाल अल्डाब्रा कछुए का संबंध भारत और सेशेल्‍स के बीच विशेष मैत्री से भी है। उनमें से दो कछुए 2014 में कोलकाता के अलीपुर प्राणी उद्यान को उपहार में दिए गए थे।

प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्‍यों के साथ बातचीत भी की। उन्‍होंने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच जीवंत पुल के रूप में कार्य करता है और लोगों के बीच साझेदारी को समृद्ध तथा मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री सेशेल्‍स के पचासवें स्‍वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि होंगे। वे सेशेल्‍स के राष्‍ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे।

« Newer PostsOlder Posts »