Santosh Kumar Singh Gorakhpur
25/04/2026
गोरखपुर में धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में पुलिस को सफलता मिली है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन बेचने के आरोप में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थाना चिलुआताल पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस टीम ने मु0अ0सं0 130/26 से संबंधित मामले में अभियुक्त विनोद सिंह और अनिल यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर वादी की जमीन को अवैध रूप से बेच दिया था। पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विनोद सिंह पुत्र परशुराम सिंह निवासी ग्राम रामूडीहा थाना एम्स और अनिल यादव पुत्र राधेश्याम यादव निवासी नारायनपुर थाना एम्स, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू
एटा 25 अप्रैल उप्रससे। जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में शनिवार को एक रिफाइंड गोदाम में भीषण आग लग गई। यह गोदाम एफसीआई गोदाम के सामने स्थित है। आग लगने से गोदाम में रखा लाखों रुपये का रिफाइंड तेल जलकर खाक हो गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थानीय लोग उस पर काबू नहीं पा सके। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की जानकारी मिलने पर अग्निशमन अधिकारी प्रशांत राणा भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
गोदाम बनारसी दास पुत्र प्रमोद और प्रशांत जैन पुत्र प्रमोद का बताया जा रहा है, जिसमें रिफाइंड ऑयल भरा था। आग बुझाने वाले फायर कर्मियों में निशांत शर्मा, जितेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, मानसिंह और जुगनू सहित कई अन्य कर्मी शामिल रहे।
Posted Date:- Apr 25, 2026, PIB
नऐ दिल्ली 25 अप्रैल 26, (पीआईबी), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारत मौसम विज्ञान विभाग ने लू की स्थिति को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश और सलाह जारी की है, क्योंकि देश के कई हिस्सों में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है और सामान्य से अधिक गर्मी की स्थिति बनी हुई है।
नवीनतम आकलन के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान वर्तमान में 40° सेल्सियस से 44° सेल्सियस के बीच है, जिसमें श्री गंगानगर (राजस्थान) में उच्चतम तापमान 44.5° सेल्सियस दर्ज किया गया है। कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 5° सेल्सियस या उससे अधिक देखा गया है, जो देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते तापीय तनाव की आशंका को दर्शाता है।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। साथ ही, तटीय और पूर्वी क्षेत्रों में गर्म और उमस भरे मौसम की आशंका है, जबकि उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहने की संभावना है, जिससे असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और बढ़ सकते हैं।
विभाग ने आगे अनुमान लगाया है कि उत्तर-पश्चिमी भारत में अधिकतम तापमान में 27 अप्रैल तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा, जिसके बाद धीरे-धीरे गिरावट आएगी , जबकि मध्य और अन्य क्षेत्रों में पूर्वानुमान अवधि के दौरान तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि और उसके बाद गिरावट देखी जा सकती है।
मौजूदा और पूर्वानुमानित परिस्थितियों को देखते हुए, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने लू से बचाव के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं और नागरिकों को आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें सीधे धूप में लंबे समय तक रहने से बचना, विशेष रूप से दोपहर के चरम समय में, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के और हवादार कपड़े पहनना और उच्च तापमान के दौरान कठिन बाहरी गतिविधियों से बचना शामिल है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही किसी स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित व्यक्तियों जैसे संवेदनशील समूहों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बात पर जोर दिया है कि गर्मी से होने वाली बीमारियों जैसे कि हीट एग्जॉस्टशन और हीट स्ट्रोक को कम करने के लिए प्रारंभिक जागरूकता और निवारक उपाय महत्वपूर्ण हैं। आईएमडी के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 7 दिनों तक कई क्षेत्रों में , विशेष रूप से निम्नलिखित भागों में, लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है:
इसके अलावा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सहित तटीय राज्यों में गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति रहने की उम्मीद है, जबकि उत्तरी मैदानी इलाकों में रात में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है, जिससे रात के समय लू लगने की समस्या और बढ़ जाएगी।
आईएमडी के अप्रैल से जून 2026 के मौसमी पूर्वानुमान के अनुसार , पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक लू चलने की संभावना है, जो मौजूदा गर्म मौसम के दौरान निरंतर तैयारी और शमन उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
आईएमडी ने लू से बचाव के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं , जिनमें क्या करें और क्या न करें, तैयारी के उपाय और क्षेत्र-विशिष्ट सलाह शामिल हैं। ये दिशानिर्देश आम जनता के लिए https://mausam.imd.gov.in/responsive/heatwave_guidance.php पर उपलब्ध हैं । इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य व्यक्तियों, समुदायों और स्थानीय प्रशासनों को स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और अत्यधिक गर्मी की स्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने में सहायता करना है।
मौसम विज्ञान विभाग तापमान के रुझानों पर लगातार नजर रख रहा है और समय पर पूर्वानुमान एवं चेतावनी जारी कर रहा है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी प्राप्त करते रहें और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन करें।
आगरा। आगरा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण कर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की भी हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया, जहां मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, साफ-सफाई और चिकित्सा व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को इलाज में देरी या असुविधा न हो।
इसके बाद डीएम का फोकस मेडिकल कॉलेज में चल रहे निर्माणाधीन फेज-1 प्रोजेक्ट पर रहा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाई जाए।
डीएम ने कहा कि निर्माण कार्य को “युद्ध स्तर” पर पूरा किया जाए, इसके लिए लेबर की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा होना चाहिए।