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मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी, किसान बचेगा: शिवराज सिंह चौहान

June 2, 2026

मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी, किसान बचेगा: शिवराज सिंह चौहान

  • मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान
  • रायसेन से श्री शिवराज सिंह चौहान का देशभर को संदेश: स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत
  • संतुलित खाद, सॉयल हेल्थ कार्ड और वैज्ञानिक खेती पर श्री शिवराज सिंह का जोर
  • “धरती हमारी मां है”: मिट्टी संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का श्री शिवराज सिंह ने किया आह्वान
  • गांव-गांव पहुंचेंगे वैज्ञानिक, किसानों को देंगे खेती की नई तकनीक
Posted on 02.06. 2026, Time 01.23 PM , News Source PIB

रायसेन (मध्य प्रदेश), 01 जून 2026, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के ग्राम रमासिया से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ करते हुए किसानों को साफ संदेश दिया कि मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी, किसान मजबूत होगा और देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

 

1 से 30 जून तक देशभर में चलने वाले इस अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती हमारी माता है और इसकी सेहत बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग न करें, बल्कि मिट्टी की जांच के आधार पर जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि ज्यादा रासायनिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है और उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन और खेती की लागत पर पड़ता है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती माता को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प है। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी, कृषि विभाग की टीमें और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे। किसानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, आधुनिक बुवाई तकनीक, जल संरक्षण और उन्नत खेती के तरीके सिखाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हर किसान का सॉयल हेल्थ कार्ड बनना जरूरी है, ताकि किसान अपनी जमीन की जरूरत समझकर खाद का उपयोग करे। इससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहेगी। श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध करा रही है, लेकिन इसका मतलब जरूरत से ज्यादा उपयोग नहीं है। सही मात्रा में खाद का उपयोग ही टिकाऊ खेती की कुंजी है।

 

श्री चौहान ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन, धान और दलहन फसलों के लिए क्षेत्र में विशेष प्रदर्शन किए जाएंगे। किसानों को उन्नत बीज, वैज्ञानिक बुवाई, लेजर लेवलर जैसी आधुनिक तकनीक और पानी बचाने वाली खेती के तरीके सिखाए जाएंगे। कृषि विज्ञान केंद्रों और विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

 

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने महिला सशक्तिकरण को भी अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, आयवर्धन और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। पात्र महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसर दिए जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आय बढ़ा सकें।

युवाओं को लेकर भी श्री चौहान ने विशेष बात कही और कहा कि उनके लिए मार्गदर्शन और तैयारी के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, मकान और बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करना भी उतना ही जरूरी है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रमासिया गांव से शुरू हुआ यह अभियान आगे चलकर जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गांवों में पहुंचें, किसानों को तकनीकी सहायता दें और खेती को बचाने के इस संकल्प को जमीन पर उतारें। उन्होंने किसानों, महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे विकास अभियानों में सक्रिय भागीदारी करें, क्योंकि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही समृद्ध गांव, सशक्त किसान, आत्मनिर्भर महिलाएं और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी बहुत विज़नरी हैं, बहुत पहले बहुत दूर का सोचते हैं। ये धरती माता केवल हमारे लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है। तो इसकी हालत ऐसी ना हो जाए कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अन्न उत्पादित करने से इंकार कर दे, इसलिए माटी बची रहे, इसलिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, धरती के तत्वों की आवश्यकता देखते हुए करने की बात करेंगे। केवल इतना ही नहीं, नकली पेस्टीसाइड और खाद उसके खिलाफ भी अभियान चलेगा। हम इस दौरान किसानों को वहाँ की एग्रो-क्लाइमैटिक कंडीशन के हिसाब से कौन सी फसल और कौन से बीज ठीक रहेंगे, कृषि प्रणाली कैसी होनी चाहिए, बीजों का उपचार और बाकी चीजें, वो भी बताएँगे। धरती को बचाने के लिए हरित खाद भी जरूरी है, उसके बारे में भी जानकारी देंगे और विभिन्न योजनाओं का केंद्र सरकार की और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश में दिया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कुपोषित बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई।

बीते वित्त वर्ष में भारत का सब्सिडी व्यय  4,53,854 करोड़ रुपए 

  • वित्तीय वर्ष Fy 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खाते (अनंतिम/अलेखापरीक्षित)

Posted Date:01 June, 2026 News Source PIB, New Delhi

  • वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए भारत सरकार के खातों ( अस्थायी/अलेखापरीक्षितको समेकित किया गया है और रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:-

नई दिल्ली।भारत सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के में  33,85,982 करोड़ रुपये ( कुल प्राप्तियों के संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 99.4%) प्राप्त हुएजिसमें 26,23,264 करोड़ रुपये कर राजस्व (केंद्र के लिए शुद्ध), 6,78,961 करोड़ रुपये गैरकर राजस्व और 83,757 करोड़ रुपये गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। गैरऋण पूंजीगत प्राप्तियों में ऋण की वसूली (24,617 करोड़ रुपयेऔर विविध पूंजीगत प्राप्तियां (59,140 करोड़ रुपयेशामिल हैं। इस अवधि तक भारत सरकार द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में 13,92,971 करोड़ रुपये जारी किए गए हैंजो पिछले वर्ष की तुलना में 1,06,086 करोड़ रुपये ज़्यादा है।

 

भारत सरकार का कुल व्यय 49,05,151 करोड़ रुपये (संबंधित संशोधित अनुमान 2025-26 का 98.8%) हैजिसमें से 38,36,032 करोड़ रुपये राजस्व खाते पर और 10,69,119 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते पर  है। कुल राजस्व व्यय में से12,42,575 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के लिए और 4,53,854 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के लिए हैं।

June 1, 2026

बिजनौर: सीएम ने विभाजन पीड़ितों को दिए भूमि के पट्टे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आलमपुर गांवड़ी में विभाजन विभीषिका के पीड़ित परिवारों एवं सैनिकों लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र किए गए प्रदान*

बिजनौर 01 जून 2026,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद के विकास खंड अफजलगढ़ स्थित ग्राम आलमपुर गांवड़ी में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों एवं लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि भूमिधरी अधिकार मिलने से लाभार्थियों को न केवल भूमि पर वैधानिक स्वामित्व प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें सम्मान, सुरक्षा एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुगमता से मिल सकेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा चयनित 11 प्रेरणादायी लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे तथा अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने ने लाभार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने तथा सरकारी योजनाओं का सदुपयोग कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। विभाजन विभीषिका के शिकार विस्थापितों को भूमि आवंटन के मालिकाना अधिकार के अभिलेख पत्र प्रदान करने से पूर्व उन्होंने विभिन्न विभागों के तत्वावधान लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस‌ अवसर पर सांसद बिजनौर चंदन चौहान, मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राजस्व विभाग सुरेन्द्र सिंह, राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्द्र प्रताप सिंह, भाजपा क्षेत्राध्यक्ष श्सतेंद्र सिसोदिया, भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, विधायक बिजनौर श्रीमती सूचि चौधरी, धामपुर अशोक राणा, नहटौर ओम् कुमार, बढ़ापुर सुशांत सिंह, पूर्व सांसद बिजनौर व नगीना, जिलाधिकारी जसजीत कौर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

एटा में मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला को मारी गोली

गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर

एटा 01 जून उप्रससे। जिले के जसरथपुर थाना क्षेत्र के दहेलिया पूठ गांव में सोमवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद महिला ने दो हमलावरों को पहचानने का दावा किया है। पुलिस ने घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज पहुंचाया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

घायल महिला साधना मिश्रा (40) पत्नी राजेश मिश्रा ने बताया कि वह रोज की तरह सोमवार को भी सुबह टहलने निकली थीं। गांव के सचिवालय के पास पहुंचने पर एक गाड़ी आकर रुकी, जिसमें से तीन-चार लोग उतरे और उनका पीछा करने लगे। कुछ दूरी पर पांच-छह अन्य लोग भी दिखाई दिए। जब पीछे मुड़कर देखा तो दो लोगों को पहचान लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उन्हें पकड़ लिया और फिर गोली चला दी। उन्होंने एक मोटे व्यक्ति का नाम बल्लू और दूसरे पतले व्यक्ति का नाम गुलबहार बताया।

थाना जसरथपुर के थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि आज सुबह करीब 5:10 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों ने एक महिला को गोली मारकर घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार के लिए सीएचसी अलीगंज भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

सीएचसी अलीगंज के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शक्ति मीणा ने बताया कि सुबह करीब 5:40 बजे पुलिस द्वारा एक घायल महिला को अस्पताल लाया गया था। महिला के शरीर पर गोली लगने जैसे घाव पाए गए, जिससे यह मामला गन शॉट का प्रतीत हुआ। प्राथमिक उपचार देने के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

May 31, 2026

संकल्प: खेत बचाओ अभियान एक जून से

  • धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’
  • केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के कृषि तंत्र को किया आह्वान, बोले- कर्मकांड नहीं, पूरी अंतरात्मा से उतरें खेतों में

Posted Date:- May 31, 2026 New Delhi

नई दिल्ली, 31 मई 2016, एक जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ के राष्ट्रीय शुभारंभ से पूर्व, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों तथा किसान हित में कार्यरत साथियों से वर्चुअल संवाद कर अभियान को जनभागीदारी, वैज्ञानिक दृष्टि और राष्ट्रीय दायित्व के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। शिवराज सिंह ने इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर चर्चा की है, वहीं वे केंद्रीय मंत्रियों और अन्य सभी जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपील कर रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने, खेती का भविष्य सुरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य में गिरावट और बदलते जलवायु संकट खेती के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं, इसलिए समय रहते व्यापक जागरूकता और व्यवहारिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

श्री चौहान ने बताया कि 1 जून को रायसेन जिले के रामसिया गांव से प्रारंभ हो रहा राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, फसल चयन, जल संरक्षण, हरी खाद, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कृषि पद्धतियों तथा नकली खाद-बीज और पेस्टिसाइड की पहचान जैसे विषयों पर जागरूक करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल सलाह देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि खेत स्तर पर डेमो, वैज्ञानिक प्रमाण और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से किसानों का विश्वास मजबूत करना होगा। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि देशभर में 30 जून तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कौन अधिकारी, वैज्ञानिक, संस्थान या टीम किस तिथि को किस गाँव में जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले का कार्यक्रम पूर्व नियोजित हो, डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग हो, स्थानीय स्तर पर समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित हों और अभियान के हर चरण में प्रभावी समन्वय दिखाई दे।

श्री चौहान ने राज्यों के कृषि विभागों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र, राज्य, आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और किसान हितैषी संस्थाएँ एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा प्राकृतिक खेती व टिकाऊ कृषि के व्यवहारिक नमूने प्रस्तुत करने पर बल दिया।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि अभियान को बहुउद्देश्यीय स्वरूप देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट, दलहन-तिलहन मिशन तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं का लाभ भी किसानों तक पहुँचाया जाए, इससे खेत बचाने के साथ-साथ किसान की आय, जागरूकता और कृषि प्रबंधन क्षमता को भी मजबूत किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने प्रचार-प्रसार पर जोर देकर इसे अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह देशहित का कार्यक्रम है और इसकी जानकारी जितनी तेजी से गाँव-गाँव पहुँचेगी, अभियान उतना ही प्रभावशाली बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और वैज्ञानिकों से कहा कि वे बिना संकोच मीडिया से संवाद करें, क्योंकि यह अभियान धरती, खेती और अन्नदाता के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि जैसे पूर्व में विकसित कृषि संकल्प अभियान ने व्यापक प्रभाव छोड़ा, उसी प्रकार ‘खेत बचाओ अभियान’ भी देशव्यापी जनजागरण और कृषि सुधार का सफल अध्याय बनेगा। उन्होंने सभी साथियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, तैयारी और संवेदनशीलता के साथ गाँव-गाँव पहुँचकर किसानों को सही जानकारी दें और धरती माँ के संरक्षण का यह संकल्प जनआंदोलन में बदलें। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह स्वयं भी इस अभियान के दौरान विभिन्न राज्यों में गांवों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे।

इस वर्चुअल संवाद के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री अतिश चंद्र, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, आईसीएआर संस्थानों के निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, राज्यों के कृषि विभागों के अधिकारी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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