एटा 01 अगस्त उप्रससे। जनपद में मलावन थाना क्षेत्र के गांव जोगपुरा में तालाब किनारे खेत में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। ग्रामीण अजय यादव ने मानवता दिखाते हुए बच्ची को सुरक्षित अपने घर पहुंचाया और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई।
जनपद के थाना मलावन क्षेत्र के ग्राम जोगपुरा में आज शनिवार को मां की ममता और इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। तालाब के पास खेत में एक नवजात बच्ची रोती हुई लावारिस हालत में मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर गांव ले आए। नवजात के मिलने की सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
जानकारी के अनुसार, जोगपुरा गांव में तालाब के समीप खेत की ओर से ग्रामीणों को नवजात बच्ची के रोने की आवाज गांव वालों को सुनाई दी। आवाज का पीछा करते हुए ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां एक नवजात बच्ची पड़ी मिली। बच्ची के आसपास कोई परिजन मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने तत्काल उसे सुरक्षित उठाया और गांव लेकर आए। वहीं लावारिस बच्ची को ग्रामीण अजय यादव ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बच्ची को अपने घर ले जाकर उसे कपड़े पहनाए तथा उसकी देखभाल शुरू कर दी। उन्होंने बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाने की इच्छा भी जताई। अजय यादव के इस कदम की ग्रामीणों ने सराहना की। ग्रामीणों के मुताबिक, बच्ची को जन्म देने के बाद खेत के पास छोड़कर चले जाने की आशंका है।
हालांकि, बच्ची को किसने और किन परिस्थितियों में वहां छोड़ा, इसका अभी पता नहीं चल सका है।
सूचना मिलने पर थाना मलावन पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बच्ची की बरामदगी के बाद चाइल्ड केयर टीम को भी सूचना दी है। पुलिस अब नवजात के परिजनों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची को खेत में किसने छोड़ा था। क्षेत्राधिकार सकीट नितेश गर्ग ने कहा फिलहाल बच्ची गांव के एक व्यक्ति के हाथों में सुरक्षित है। उसने पालन पोषण की जिम्मेदारी ली है कानूनी कार्रवाई हेतु सूचना दी गई है फिलहाल नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। घटना ने जहां लोगों को झकझोर दिया है, वहीं अजय यादव द्वारा मासूम की मदद के लिए आगे आने के कदम की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। चाइल्ड केयर टीम का कोई सदस्य नहीं पहुंचा है।
