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एलडीए ने 04 अवैध प्लाटिंग पर चलाया बुलडोजर

August 21, 2026

एलडीए ने 04 अवैध प्लाटिंग पर चलाया बुलडोजर

लखनऊ , लखनऊ विकास प्राधिकरण ने गुरूवार को बी0बी0डी0 थानाक्षेत्र में अभियान चलाकर 04 अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई प्रवर्तन जोन-1 की टीम ने की।

प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि बी0बी0डी0 थानाक्षेत्र के ग्राम-जुग्गौर, हासेमऊ, सराय शेख एवं बड़ी देवरिया में अभियान चलाया गया। इस दौरान बुधाना देवी, महादेव, संतोष यादव, रमावती, कामता प्रसाद, रामलखन, राम प्रसाद व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 04 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया।

स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस परियोजना से कर्मचारियों के हितों के संरक्षण एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होगी

कर्मचारी को बिना पूर्व नोटिस एवं सुनवाई का अवसर प्रदान किये सेवा से पृथक/निष्कासित नहीं किया जायेगा

कर्मचारी का एक जनपद/स्थान से दूसरे जनपद स्थान पर स्थानान्तरण मुख्यालय को सूचित/अनुमति के बिना नहीं किया जायेगा – श्री दयाशंकर सिंह

लखनऊ 21अगस्त 2026
स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस परियोजना के अंतर्गत तैनात कर्मचारियों के हितों के संरक्षण एवं पारदर्शी व्यवस्था के संबंध में परिवहन विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए है। स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं सेन्ट्रलाइज्ड कार्ड प्रिंटिंग सेन्टर (सी०सी०पी०सी०), मुख्यालय पर कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से तैनात कर्मचारियों के हितों के संरक्षण, सेवा संबंधी मामलों में पारदर्शिता तथा वेतन भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा।

यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गये हैं कि परियोजना के अंतर्गत तैनात किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व नोटिस एवं सुनवाई का अवसर प्रदान किये सेवा से पृथक/निष्कासित नहीं किया जायेगा। साथ ही, किसी भी कर्मचारी को मुख्यालय की पूर्व सूचना एवं अनुमति के बिना सेवा से पृथक/निष्कासित करने की कार्यवाही नहीं की जायेगी।

परिवहन मंत्री ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत नवीन मैनपावर की तैनाती के संबंध में भी कार्यदायी संस्थाओं को मुख्यालय स्तर पर सूचना उपलब्ध कराकर आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। नवीन तैनाती में अनुबन्ध की शर्तों तथा परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा मैनपावर तैनाती के संबंध में पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

परिवहन मंत्री ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत तैनात किसी भी कर्मचारी का एक जनपद/स्थान से दूसरे जनपद स्थान पर स्थानान्तरण मुख्यालय को सूचित/अनुमति के बिना नहीं किया जायेगा।
प्रत्येक कार्मिक के माहवार वेतन भुगतान का विवरण प्रत्येक माह की 07 तारीख तक मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए।

आधुनिक होती यूपी पुलिस: थ्री नॉट थ्री (.303) का जमाना गया, अब इंसास-ग्लॉक-एके-47 के साथ तकनीक का नया युग

उत्तर प्रदेश पुलिस आज उस पुरानी छवि से बहुत आगे निकल चुकी है, जब थानों और जेलों में ब्रिटिश काल की भारी-भरकम .303 ली-एनफील्ड राइफलें चलती थीं। अब पुलिसकर्मी इंसास राइफल, ग्लॉक पिस्तौल और एके-47 जैसी आधुनिक असॉल्ट राइफलों से लैस होकर मैदान में उतरते हैं।

राज्य सरकार लगातार पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है, जिससे कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा दोनों मजबूत हो रही हैं।

2019 में ही यूपी पुलिस ने .303 राइफलों को औपचारिक रूप से रिटायर कर दिया था। उस समय करीब 58 हजार पुरानी राइफलें प्रचलन में थीं। इनकी जगह 63 हजार इंसास और 23 हजार एसएलआर राइफलें थानों तक पहुंचाई गईं। जेल विभाग ने भी 2025 में पुरानी .303 की जगह हल्की और सटीक इंसास राइफलें अपनाईं। इससे जेल सुरक्षा कर्मियों की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ी है।

हथियारों के आधुनिकीकरण का सिलसिला लगातार जारी है। 2025 में तीन दिनों में ही 83 करोड़ रुपये से अधिक के आधुनिक हथियारों के ऑर्डर दिए गए। इनमें 3 हजार 9 मिमी पिस्तौल, 4 हजार 5.56 मिमी कार्बाइन, 405 असॉल्ट राइफल, सब-मशीन गन, कॉम्बैट शॉटगन और पंप-एक्शन गन शामिल हैं। एसटीएफ, एटीएस और स्पेशल यूनिट्स को ग्लॉक-17, ग्लॉक-19, बरेटा पिस्तौल, थर्मल वेपन साइट, सप्रेसर और नाइट विजन उपकरण दिए जा रहे हैं। एके-47 और उसके अपग्रेडेड वर्जन भी विशेष बलों के पास उपलब्ध हैं।

केवल हथियार ही नहीं, तकनीक भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा बन गई है। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रदेश में 11 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डायल-112 सेवा, यक्ष ऐप, एआई आधारित क्रिमिनल डेटा सिस्टम, फेसियल रिकग्निशन और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) जाँच को तेज और सटीक बना रहे हैं। सभी जिलों में साइबर थाने स्थापित हो चुके हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब की संख्या 4 से बढ़कर 12 हो गई है, और मोबाइल फॉरेंसिक वैन हर जिले में उपलब्ध हैं।

संचार व्यवस्था भी बदल रही है। पुराने वायरलेस सिस्टम की जगह डिजिटल नेटवर्क आ रहा है। लखनऊ कमिश्नरेट में नए रिपीटर्स से संचार रेंज 30 किलोमीटर से अधिक हो गई है। 12 जिलों में डिजिटल वायरलेस सेवा शुरू करने की योजना है। बॉडी-वॉर्न कैमरे, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और कमांड कंट्रोल सेंटर भी सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं।बजट में भी भारी वृद्धि हुई है। 2025-26 में पुलिस आधुनिकीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों के लिए आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई। नए भर्ती किए गए कर्मियों को हाइब्रिड मॉडल पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें साइबर क्राइम, एआई सिमुलेशन और आधुनिक हथियार संचालन शामिल हैं।

सरकार का दावा है कि ये बदलाव अपराधियों के लिए भय और आम नागरिकों के लिए विश्वास का माहौल बना रहे हैं। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों में तकनीक आधारित सुरक्षा ने सफलता दिखाई है।

यूपी पुलिस अब सिर्फ बल पर नहीं, बल्कि स्मार्ट पुलिसिंग पर भरोसा कर रही है। .303 का जमाना बीत चुका है। इंसास, ग्लॉक और एके-47 के साथ आधुनिक तकनीक से लैस खाकी बल प्रदेश की सुरक्षा को नई ऊंचाई पर ले जा रहा है।

शौच करने गए महात्मा को तालाब में मगरमच्छ खींच ले गया , शव वरामद

फिरोजाबाद। ‌जनपद के थाना एका क्षेत्र में तालाब किनारे शौच करने गये महात्मा को मगरमच्छ खींच ले गया। एनडीआरफ ने शव बरामद कर लिया शुक्रवार को शब का पोस्टमार्टम कराया गया
थाना एका क्षेत्र के गांव पवरई‌ निवासी महात्मा हरि शंकर सविता 55 वर्ष बुधवार की शाम को सोच के लिए गांव के बाहर तालाब किनारे गए हुए थे किंतु वापस नहीं लौटे ग्रामीण और परिजनो द्वारा उनकी तलाश की गई गुरुवार को सुबह हरिशंकर सविता के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी गई। संभावना तालाब में मगरमच्छ के द्वारा खींच दिए जाने की गई पुलिस द्वारा एनडीआरएफ टीम को बुलाकर तालाब मैं खोज की गई गुरुवार शाम को झाड़ियां में फंसा हुआ एक
शब बरामद हुआ जिसकी पहचान परि जनों द्वारा महात्मा हरि शंकर के रूप में कर ली गई। मगरमच्छ के आतंक से गांव में दहशत व्याप्त है। शुक्रवार को शब का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कराया गया।

इटावा सफारी में प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू

लखनऊ, 21 अगस्त 2026,इटावा सफारी पार्क में प्रवासी पक्षियों का आगमन प्रतिवर्ष बढ़ रहा है। हरियाली और प्राकृतिक आवास के कारण रूस और कजाकिस्तान से पक्षी यहां पहुंचने शुरू हो गए हैं। ये संख्या हर साल बढ़ रही है।

पार्क के अंतर्गत जैवविविधता अत्यधिक होने के कारण यहाँ पर प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षियों का आवागमन वर्ष भर होता रहता है। वर्तमान में सफारी क्षेत्र में गुलाबी मैना (Rosy Starling) का प्रवास चल रहा है। यहाँ हजारों की संख्या में गुलाबी मैना अपने कलरव से सफारी को गुलजार किये हुए हैं। ये पक्षी मुख्यतः कजाकिस्तान व रूस (मध्य एशिया) में पाए जाते है तथा जुलाई-अगस्त में भारत मे आ जाते हैं और लगभग 6 से 8 माह तक भारत के घास के मैदानों या समतली क्षेत्रों में खेतों के आस-पास पेड़ों पर रहते है। इटावा सफारी में इस वर्ष इनकी संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बहुत ही अधिक है।
राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर आज दिनाँक 21.08.2026 को अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के 19 वरिष्ठ सदस्यों को श्री हरिशंकर पटेल समाजसेवी एवं डॉ श्रीकांत, योगाचार्य भारतीय योग संस्थान, इटावा यूनिट के सहयोग से सफारी का भ्रमण कराया गया। भ्रमण करने वाले लोगों में सेवानिवृत्त शिक्षक, व्यापारी, समाजसेवी एवं अन्य क्षेत्रों में अपना महती योगदान देने वाले लोग शामिल थे। पहली बार 80-90 वर्ष की आयु में सफारी पार्क भ्रमण का अनुभव प्राप्त करने के उपरांत सभी लोग अत्यंत प्रसन्न हुए। सफारी के रख रखाव एवं वन्य जीवों के स्वास्थ्य की प्रसंशा करते हुए सभी लोगों द्वारा इस सफारी के वृहद प्रचार प्रसार में योगदान देने की बात कही गई तथा कुछ लोगों द्वारा सफारी भ्रमण का अपना अनुभव साझा किया गया।
इसके अतिरिक्त सफारी के सभी वन्य जीवों के स्वास्थ्य का अनुश्रवण वन्य जीव चिकित्सकों द्वारा निरंतर किया जा रहा है। शेरनी राधिका जिसकी पूंछ को दूसरी शेरनी ने लगभग एक माह पूर्व काट लिया था और बाद में उसके पूंछ को विशेषज्ञों की टीम द्वारा काट कर अलग करना पड़ा था, की स्तिथि स्थिर बनी हुई है। वह बहुत ही अल्प मात्रा में अपना आहार ग्रहण कर रही है। उसकी नियमित रूप से निगरानी की जा रही है तथा विशेषज्ञों के सलाह के अनुसार उसका उपचार किया जा रहा है। मुरादाबाद से रेसक्यू कर 04 तेंदुए (02 शावक और 02 वयस्क) के सफारी पार्क में आ जाने के बाद अब यहाँ पर तेंदुओं की संख्या 31 हो गई है जबकि वर्तमान में 23 शेर इटावा सफारी में हैं जिसमें से 17 यहीं पर पैदा हुए हैं।

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