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लोकसभा में लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित

July 29, 2026

लोकसभा में लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026, लोकसभा ने आज लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इस विधेयक से लोक परीक्षा-अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2024 में संशोधन किया गया है।

इस विधेयक में दस वर्ष तक के कारावास, दस करोड़ रुपये तक का जुर्माना और दोषी अपराधियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े दंड के प्रावधान शामिल हैं। मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए, विधेयक में प्रत्येक राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश को दैनिक सुनवाई के लिए विशेष त्वरित न्यायालय स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इसमें यह भी प्रावधान है कि अपराधों की जांच पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए। मुकदमे की सुनवाई आरोपपत्र दाखिल होने की तारीख से तीन महीने के भीतर पूरी होनी चाहिए।

विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कार्मिक, लोक शिकायत और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विधेयक में संशोधन कानून को और अधिक सख्त बनाने तथा त्वरित न्याय दिलाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि नया विधेयक विद्रयार्थियों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न दलों द्वारा शासित राज्यों में पेपर लीक होने की घटनाएं हुई हैं।

विपक्ष के आचरण पर निशाना साधते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि जब एक महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा हो रही है, तो विपक्ष सुझाव देने के बजाय राजनीति कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा असंसदीय भाषा का इस्‍तेमाल करने की भी आलोचना करते हुए इसे अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार ने बार-बार स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई और केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि चूंकि कोई गोली नहीं चलाई गई, इसलिए आदेश जारी करने का प्रश्न ही नहीं उठता, क्योंकि ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है।

इससे पहले, चर्चा में भाग लेते हुए जनता दल यूनाईटेड के दिलेश्वर कामायत ने संसद में विधेयक लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्‍होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। श्री कामायात ने कहा कि यह विधेयक विद्यार्थियों के हित में लाया गया है। उन्‍होंने कहा कि नए विधेयक में समयबद्ध जांच और कड़ी सजा का प्रावधान है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित होगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।

विधेयक का विरोध करते हुए रिवोल्‍यूनश्‍नरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह विधेयक अपने उद्देश्य को पूरा करने में अपर्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधेयक में किए गए बदलाव केवल दिखावटी हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अब बहुत महंगी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट-यूजी परीक्षा आयोजित करने पर खर्च की गई राशि देश के शिक्षा बजट से अधिक है। श्री गांधी ने कहा कि नीट मुद्दे पर छात्रों का विरोध हिंसा या घृणा नहीं, बल्कि युवाओं की गहरी भावनाओं की अभिव्यक्ति है और सभी राजनीतिक दलों को इस अभिव्यक्ति का सम्मान करना चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। श्री रिजिजू ने मांग की कि राहुल गांधी को सदन में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे केवल विधेयक पर ही बोलें और बिना किसी तथ्य के आरोप न लगाएं। चर्चा के दौरान सदन को दो बार स्थगित भी किया गया। विधेयक पारित करने के बाद श्री बिरला ने सदन को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

POK में पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने 40 लोगों को मारा

श्रीनगर, 29 जुलाई 2026, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्‍मू-कश्मीर में अशांति लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच, एक जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार निगरानी संस्था ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय से हस्तक्षेप करने की अपील की है। यह अपील उन खबरों के बाद की गई है जिनमें आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार निगरानी संस्था ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क को भेजी अपनी अपील में कहा कि यह घटना 27 जुलाई को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी-जेएएसी द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण मार्च’ के रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर दोबारा शुरू होने के बाद हुई।
उधर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के प्रवक्ता जेरेमी लॉरेंस ने जारी एक बयान में कहा कि किसी नागरिक समाज संगठन को अपराधी घोषित करना और शांतिपूर्ण सभाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकार के उल्लंघन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए जेएएसी के नेताओं को कानूनी प्रतिनिधित्व और अपने परिवारों से संपर्क का अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही, उनके विधिसम्मत प्रक्रिया और निष्पक्ष सुनवाई  के अधिकारों की पूरी तरह से गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला

वॉशिंगटन, 29 जुलाई 2026, अमरीका ने कहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कल रात पश्चिम एशिया क्षेत्र में तैनात अमरीकी बलों पर “अचानक हमले” के प्रयास में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, अमरीकी केंद्रीय कमान ने कहा कि सभी ईरानी मिसाइलों को  रोक दिया गया और अमरीकी बल सतर्क और उच्च स्तर की तैयारी में हैं। अमरीका ने यह भी दावा किया कि पिछले 72 घंटों में 30 से अधिक हवाई ड्रोन हमलों के साथ ही, अमरीका और सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई रसद और हथियार स्थलों पर हमले किए।
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालिया हमले अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात के कुछ घंटों बाद हुए।

एक करोड़ का इनामी नक्सली गिरफ्तार

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रांची, 29 जुलाई 2026, झारखंड में सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रमुख माओवादी नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को धनबाद-गिरिडीह सीमा से गिरफ्तार किया गया है। उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था। क्षेत्रीय समिति सदस्य मेहनत उर्फ मोछू, माओवादी कार्यकर्ता गौरव और दो ग्रामीणों को भी संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। मोछू पर 15 लाख रुपये का इनाम था। यह कार्रवाई कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर की।

दिल्ली सरकार ने लक्ष्मी योजना को दी मंजूरी, 25 सौ मिलेंगे प्रति माह

नई दिल्ली, दिल्‍ली सरकार ने दिल्‍ली लक्ष्‍मी योजना को स्‍वीकृति दे दी है। इस योजना का लक्ष्‍य महिलाओं का आर्थिक सशक्‍त‍िकरण और उन्‍हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। दिल्‍ली सचिवालय में कल मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता की अध्‍यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कल यह निर्णय लिया गया।
योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इस योजना के लिए 2026-27 के बजट में पांच हजार एक सौ दस करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने बताया कि इस योजना में पंजीकरण के लिए रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल एक अगस्‍त से खुल जाएगा। उन्‍होंने कहा कि 21 वर्ष से 60 वर्ष तक की उम्र की वे महिलाएं इस योजना का लाभ उठाने की पात्र होंगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख 50 हजार रुपये तक है।
मुख्‍यमंत्री ने कहा कि इस योजना का लक्ष्‍य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है बल्कि इसका उद्देश्‍य महिलाओं में शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, कौशल विकास, बचत और समाज में बड़े स्‍तर पर साझेदारी को बढ़ावा देना भी है।  उन्‍होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि इस पहल से 17 लाख से अधिक महि‍लाओं को लाभ होगा और उन्‍हें आत्‍मनिर्भर तथा सशक्‍त बनाने में सहायता मिलेगी।
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